12 ज्योतिर्लिंगों में से एक उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को समय-समय पर सुदृढ़ किया जाता है। रविवार को महाकाल लोक में सुरक्षाकर्मियों को फायर एक्सटिंग्विशर के संचालन और आपातकालीन प्रतिक्रिया का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। एसडीईआरएफ टीम ने उन्हें आग से बचाव और सुरक्षा के व्यावहारिक तरीके सिखाए। यह प्रशिक्षण महाकालेश्वर मंदिर परिसर स्थित महाकाल लोक में सुरक्षा व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। वरिष्ठ अधिकारियों ने मंदिर में तैनात सुरक्षा कर्मियों को अग्निशमन उपकरणों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। शॉट सर्किट जैसी घटनाओं पर नजर कुछ दिन पहले ही महाकाल लोक के पास बेगमबाग कॉलोनी में एक घर में आग लग गई थी, हालांकि वो मंदिर के बाहर था लेकिन महाकाल लोक की दीवार के पास था उसमें कोई हताहत नहीं हुआ था। इस घटना के बाद से मंदिर की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मंदिर में बड़ी मात्रा में लाइटिंग व्यवस्था है कहीं कोई शॉर्ट सर्किट न हो उस पर भी ध्यान दिया जाता है। फायर एक्सटिंग्विशर की नियमित जांच, रखरखाव के तरीके बताए प्रशिक्षण के दौरान मंदिर परिसर में लगे फायर एक्सटिंग्विशर की नियमित जांच, रखरखाव और आपात स्थिति में उनके सही उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। सुरक्षाकर्मियों को विभिन्न प्रकार की आग लगने की स्थिति में त्वरित और सुरक्षित प्रतिक्रिया देने के व्यावहारिक तरीके भी सिखाए गए। इस कार्यक्रम का संचालन एसडीईआरएफ (SDERF) के प्रभारी पुष्पेंद्र त्यागी और उनकी टीम द्वारा किया गया। इस अवसर पर मंदिर सुरक्षा अधिकारी दिलीप बामनिया, सुरक्षा प्रभारी अनुराग चौबे, वैदिक प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान के प्रभारी निदेशक पीयूष त्रिपाठी सहित कोर कंपनी के सुपरवाइजर और सुरक्षाकर्मी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मंदिर परिसर में किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सुरक्षा कर्मियों को तैयार करना था, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।















































