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अतीक की मौत के 3 साल…पत्नी शाइस्ता का पता नहीं:STF-ATS खोज रही; परिवार की 2 और महिलाएं भी फरार

अतीक की मौत के 3 साल...पत्नी शाइस्ता का पता नहीं:STF-ATS खोज रही; परिवार की 2 और महिलाएं भी फरार

अतीक की पत्नी शाइस्ता को यूपी पुलिस 3 साल में पकड़ नहीं सकी है। उसकी तलाश में 9 राज्यों में छापेमारी की गई। पुलिस की स्पेशल टीम के साथ ATS की मदद ली गई। अंडरग्राउंड हो गई शाइस्ता का पता बताने वाले को 50 हजार रुपए देने का इनाम रखा गया है। शाइस्ता UP पुलिस की मोस्ट-वांटेड महिला अपराधियों की लिस्ट में शामिल है। लेकिन, पुलिस के पास उसकी लोकेशन का कोई क्लू नहीं है। अतीक के परिवार में उसकी बहन आयशा नूरी और भाई अशरफ की पत्नी जैनब को भी पुलिस ढूंढ रही है। तीनों महिलाओं को उमेश पाल हत्याकांड में साजिश रचने और हमलावरों को मदद देने का आरोपी बनाया गया था। जैनब और आयशा पर भी 25-25 हजार रुपए का इनाम रखा गया है। शुरुआत में इन महिलाओं के दुबई भागने की आशंका जताई गई, लेकिन बाद में पुलिस ने इससे इनकार किया था। अतीक अहमद की हत्या 3 साल पहले आज ही के दिन 15 अप्रैल, 2023 को हुई थी। उमेश पाल मर्डर की साजिश करने वाली तीनों महिलाओं को पुलिस अब तक क्यों नहीं पकड़ सकी? 3 साल में क्या-कुछ हुआ? इस स्टोरी में पढ़िए… 24 फरवरी, 2023 को प्रयागराज के धूमनगंज इलाके में इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकील उमेश पाल और उनके दो गनर की गोली और बम मारकर हत्या कर दी गई थी। CCTV में अतीक अहमद का बेटा असद और गुड्‌डू मुस्लिम हमला करते हुए दिखे थे। गुड्डू लगातार बम फेंक रहा था। गैंग के दूसरे साथी गुलाम, शाबिर, उस्मान फायरिंग कर रहे थे। अतीक इस हमले के वक्त गुजरात की साबरमती जेल में बंद था। आरोप लगा कि जेल से ही अतीक ने हत्या की साजिश रची। अतीक, उसके भाई अशरफ, बेटे असद समेत 9 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया। जांच होने पर 2-3 दिनों में अतीक की पत्नी शाइस्ता, उसकी बहन आयशा नूरी और अतीक के भाई अशरफ की पत्नी जैनब को आरोपी बनाया गया। खास बात यह कि उमेश की हत्या के 2 दिन बाद तक शाइस्ता समेत सभी महिलाएं धूमनगंज में ही थीं। शाइस्ता ने CM योगी और इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को चिट्‌ठी लिखी थी। इसमें उसने अपने पति अतीक, देवर अशरफ और बेटों पर लगे आरोपों को गलत बताया था। CBI से जांच कराने की मांग रख दी थी। उसने लिखा था- उमेश पाल की हत्या एक राजनीतिक साजिश है। एक BJP कैबिनेट मंत्री चाहते थे कि प्रयागराज मेयर का पद अपने पास रहे, इसलिए अतीक और उनके परिवार को चुनाव से दूर रखने के लिए ये साजिश रच दी गई। बेटे असद के गोली मारने का VIDEO आते ही सब भागे प्रयागराज पुलिस ने 26 फरवरी, 2023 को उमेश पाल की हत्या से जुड़ा CCTV जारी किया। इसमें अतीक का बेटा असद सरेआम गोली चलाते हुए नजर आया था। इसके बाद शाइस्ता परवीन, जैनब और नूरी फरार हो गईं। 27 फरवरी को हत्याकांड में शामिल ड्राइवर अरबाज को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था। 1 मार्च को अतीक के चकिया वाले घर पर बुलडोजर चला दिया गया। 11 मार्च को पुलिस ने शाइस्ता पर 25 हजार का इनाम घोषित किया, बाद में बढ़ाकर 50 हजार कर दिया। शाइस्ता, जैनब के साथ उमेश पाल हत्याकांड से जुड़े बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की 22 टीमें बनाई गईं। पुलिस ने प्रयागराज, कौशांबी, लखनऊ, बरेली, नोएडा, मेरठ समेत 13 जिलों में छापेमारी की। कामयाबी नहीं मिलने पर सर्च ऑपरेशन का दायरा बढ़कर 9 राज्यों तक पहुंच गया। यूपी के साथ बिहार, मध्यप्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र समेत 9 राज्यों में पुलिस की टीम गईं। करीब डेढ़ महीने के अंदर पुलिस ने 500 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी की थी। कई पकड़े गए, लेकिन शाइस्ता और जैनब का कुछ पता नहीं चल सका। बेटे के बाद पति की हत्या, लेकिन शाइस्ता सामने नहीं आई 13 अप्रैल, 2023 को झांसी के पारीक्षा डैम के पास अतीक के बेटे असद का एनकाउंटर हो गया। उसके साथ गुलाम भी मारा गया। जब यह एनकाउंटर हुआ था, तब अतीक और अशरफ को प्रयागराज की जिला कचहरी में पेश किया गया था। जैसे ही इसकी जानकारी अतीक को लगी थी, वो रोने लगा था। 14 अप्रैल को असद का अंतिम संस्कार हुआ था। इसमें न अतीक शामिल हुआ और न शाइस्ता परवीन। 15 अप्रैल की रात अतीक अहमद और अशरफ को प्रयागराज के कॉल्विन हॉस्पिटल में मेडिकल के लिए लेकर आया गया था। यहां तीन लड़कों ने दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। तीनों हत्यारों को मौके पर ही पकड़ लिया गया था। रात में ही यह अफवाह उड़ी थी कि हत्या के बाद शाइस्ता परवीन और जैनब सामने आई हैं, लेकिन ये पुष्ट नहीं हो सका था। अगले दिन कसारी-मसारी कब्रिस्तान में अतीक-अशरफ का अंतिम संस्कार होना था। संभावना थी कि दोनों महिलाएं अपने पति को आखिरी बार देखने और मिट्टी देने जरूर आएंगी। महिला पुलिसकर्मियों और इंटेलिजेंस की टीम की तैनाती कर दी गई थी। हर आने-जाने वाले पर नजर रखी, लेकिन शाइस्ता, जैनब और नूरी आखिरी वक्त पर भी नहीं आई थीं। कौशांबी में इनपुट मिला तो ड्रोन से ढूंढा
19 अप्रैल, 2023 को पुलिस को इनपुट मिला कि शाइस्ता कौशांबी के पल्हाना गांव में है। यह गांव गंगा के कछार में है। पुलिस सक्रिय हुई। एक-एक घर में छापेमारी हुई। ड्रोन से गंगा के किनारों को देखा गया, लेकिन कहीं कुछ पता नहीं चल सका। 6 दिन बाद फिर इनपुट मिला कि शाइस्ता कौशांबी जिले के हटवा गांव में है। यहां अशरफ की ससुराल थी। पुलिस इस बार ज्यादा तैयारी से पहुंची। यहां भी ड्रोन से खोजा गया। घरों में तलाशी ली गई, लेकिन पुलिस को कामयाबी नहीं मिली। शाइस्ता पर पहले से भी कई मुकदमे दर्ज थे, 7 FIR थीं। इन मुकदमों में उमेश पाल हत्याकांड की साजिश करना, ठगी, आर्म्स एक्ट के केस शामिल थे। एक तरफ शाइस्ता फरार थी, दूसरी तरफ पुलिस ने अतीक की संपत्तियां जब्त करना शुरू किया। तब पता चला कि करीब 200 करोड़ की बेनामी संपत्तियां तो शाइस्ता के ही नाम पर हैं। प्रशासन ने उसके दो मकान भी गिरा दिए। आयशा की ससुराल की CCTV में दिखा था गुड्‌डू मेरठ में अतीक की बहन आयशा नूरी की ससुराल है। पुलिस को उस घर की CCTV मिली। इससे यह बात साबित हो रही थी कि उमेश पाल की हत्या के बाद गुड्डू मुस्लिम यहां रहा था। इसके बाद आयशा नूरी के पति डॉ. अखलाक को गिरफ्तार कर लिया गया। आयशा नूरी फरार हो गई थी। पहले शाइस्ता की लोकेशन ओडिशा, फिर दिल्ली मिली जिन लड़कों ने अतीक को मारा, उनके परिजन कभी कोर्ट नहीं आए
अतीक-अशरफ की हत्या तीन लड़कों ने की थी। इनमें कासगंज का अरुण मौर्य, बांदा का लवलेश तिवारी और हमीरपुर जिले का सनी सिंह शामिल है। लवलेश और अरुण चित्रकूट की जिला जेल और सनी सिंह आगरा सेंट्रल जेल में बंद है। 3 साल हो गए, इन लोगों ने जमानत के लिए एक बार भी कोर्ट में अर्जी नहीं दी। इस केस में क्या कुछ चल रहा, इसे समझने के लिए हमने इन आरोपियों के सरकारी वकील मृत्युंजय तिवारी से बात की। सवाल. अतीक-अशरफ मर्डर केस में क्या चल रहा है?
वकील. अभी केस में ट्रायल चल रहा है। सबूत इकट्ठे किए जा रहे हैं। सवाल. क्या कभी इन लोगों को कोर्ट में लाया गया?
वकील. शुरुआत में एक बार कोर्ट में पेश किया गया था। इसके बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हुई। क्योंकि इनकी सुरक्षा का भी खतरा रहता है। सवाल. क्या आरोपियों के परिवार इस केस में पैरवी कर रहे ?
वकील. इन तीन सालों में कभी भी इन लड़कों के घरवाले हमसे मिलने नहीं आए। कभी इस केस में कोई पैरवी नहीं की। हालांकि, वो लोग जेल में अपने बेटों से मुलाकात करते हैं। अतीक की 3 हजार करोड़ की संपत्ति जब्त
अतीक अहमद के परिवार की अब तक करीब 3 हजार करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त हुई है। ये जमीनें यहां पर हैं- अतीक ने ज्यादातर संपत्तियां अपने नौकरों और गैंग के बदमाशों के नाम पर खरीदी थीं। जांच करने वाले अधिकारी दावा करते हैं कि अतीक की बेनामी संपत्तियां 10 हजार करोड़ रुपए तक की हो सकती हैं। अतीक के दो बेटे जेल में, दो बुआ के पास अतीक अहमद के कुल 5 बेटे थे। तीसरे नंबर वाले बेटे असद का एनकाउंटर हो चुका है। सबसे बड़ा उमर अहमद लखनऊ जेल में और दूसरे नंबर का अली अहमद झांसी जेल में बंद है। उमर पर रंगदारी, अपहरण जैसे कई मामले दर्ज हैं। अली पर उमेश पाल हत्याकांड में साजिश रचने का आरोप है। अतीक के चौथे नंबर वाले बेटे का नाम अहजम है, पांचवें नंबर वाले का नाम आबान है। जिस वक्त अतीक की हत्या हुई थी, उस वक्त ये दोनों नाबालिग थे। इन्हें राजरूपपुर चाइल्ड प्रोटेक्शन होम में रखा गया था। लेकिन, अक्टूबर, 2023 को इन दोनों लड़कों को अतीक अहमद की बहन शाहीन अहमद को सौंप दिया गया। शाहीन का घर अतीक के चकिया वाले घर से करीब 3 किलोमीटर दूर हटवा गांव में है। शुरुआत में यहां पुलिस की सुरक्षा भी रही, बाद में जवानों को हटा लिया गया। ——————————- भास्कर एक्सक्लूसिव खबर भी पढ़िए- यूपी में आगजनी के 26 मामलों की आतंकी जांच होगी, NIA ने तीन आतंकियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉड (ATS) यूपी में हुई आगजनी की करीब 26 घटनाओं की आतंकी एंगल से जांच करेगी। ऐसा पिछले दिनों लखनऊ में पकड़े गए 4 आतंकियों के इनपुट के आधार पर किया जा रहा है। यूपी के अलग-अलग जिलों में गाड़ियों में आग लगने की इन घटनाओं को हादसा बताकर केस बंद कर दिया गया था। अब इनकी गहराई से तफ्तीश की जाएगी। नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) भी मामले में तफ्तीश करेगी। पढ़िए पूरी खबर…

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अतीक की मौत के 3 साल…पत्नी शाइस्ता का पता नहीं:STF-ATS खोज रही; परिवार की 2 और महिलाएं भी फरार

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अतीक की पत्नी शाइस्ता को यूपी पुलिस 3 साल में पकड़ नहीं सकी है। उसकी तलाश में 9 राज्यों में छापेमारी की गई। पुलिस की स्पेशल टीम के साथ ATS की मदद ली गई। अंडरग्राउंड हो गई शाइस्ता का पता बताने वाले को 50 हजार रुपए देने का इनाम रखा गया है। शाइस्ता UP पुलिस की मोस्ट-वांटेड महिला अपराधियों की लिस्ट में शामिल है। लेकिन, पुलिस के पास उसकी लोकेशन का कोई क्लू नहीं है। अतीक के परिवार में उसकी बहन आयशा नूरी और भाई अशरफ की पत्नी जैनब को भी पुलिस ढूंढ रही है। तीनों महिलाओं को उमेश पाल हत्याकांड में साजिश रचने और हमलावरों को मदद देने का आरोपी बनाया गया था। जैनब और आयशा पर भी 25-25 हजार रुपए का इनाम रखा गया है। शुरुआत में इन महिलाओं के दुबई भागने की आशंका जताई गई, लेकिन बाद में पुलिस ने इससे इनकार किया था। अतीक अहमद की हत्या 3 साल पहले आज ही के दिन 15 अप्रैल, 2023 को हुई थी। उमेश पाल मर्डर की साजिश करने वाली तीनों महिलाओं को पुलिस अब तक क्यों नहीं पकड़ सकी? 3 साल में क्या-कुछ हुआ? इस स्टोरी में पढ़िए… 24 फरवरी, 2023 को प्रयागराज के धूमनगंज इलाके में इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकील उमेश पाल और उनके दो गनर की गोली और बम मारकर हत्या कर दी गई थी। CCTV में अतीक अहमद का बेटा असद और गुड्‌डू मुस्लिम हमला करते हुए दिखे थे। गुड्डू लगातार बम फेंक रहा था। गैंग के दूसरे साथी गुलाम, शाबिर, उस्मान फायरिंग कर रहे थे। अतीक इस हमले के वक्त गुजरात की साबरमती जेल में बंद था। आरोप लगा कि जेल से ही अतीक ने हत्या की साजिश रची। अतीक, उसके भाई अशरफ, बेटे असद समेत 9 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया। जांच होने पर 2-3 दिनों में अतीक की पत्नी शाइस्ता, उसकी बहन आयशा नूरी और अतीक के भाई अशरफ की पत्नी जैनब को आरोपी बनाया गया। खास बात यह कि उमेश की हत्या के 2 दिन बाद तक शाइस्ता समेत सभी महिलाएं धूमनगंज में ही थीं। शाइस्ता ने CM योगी और इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को चिट्‌ठी लिखी थी। इसमें उसने अपने पति अतीक, देवर अशरफ और बेटों पर लगे आरोपों को गलत बताया था। CBI से जांच कराने की मांग रख दी थी। उसने लिखा था- उमेश पाल की हत्या एक राजनीतिक साजिश है। एक BJP कैबिनेट मंत्री चाहते थे कि प्रयागराज मेयर का पद अपने पास रहे, इसलिए अतीक और उनके परिवार को चुनाव से दूर रखने के लिए ये साजिश रच दी गई। बेटे असद के गोली मारने का VIDEO आते ही सब भागे प्रयागराज पुलिस ने 26 फरवरी, 2023 को उमेश पाल की हत्या से जुड़ा CCTV जारी किया। इसमें अतीक का बेटा असद सरेआम गोली चलाते हुए नजर आया था। इसके बाद शाइस्ता परवीन, जैनब और नूरी फरार हो गईं। 27 फरवरी को हत्याकांड में शामिल ड्राइवर अरबाज को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था। 1 मार्च को अतीक के चकिया वाले घर पर बुलडोजर चला दिया गया। 11 मार्च को पुलिस ने शाइस्ता पर 25 हजार का इनाम घोषित किया, बाद में बढ़ाकर 50 हजार कर दिया। शाइस्ता, जैनब के साथ उमेश पाल हत्याकांड से जुड़े बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की 22 टीमें बनाई गईं। पुलिस ने प्रयागराज, कौशांबी, लखनऊ, बरेली, नोएडा, मेरठ समेत 13 जिलों में छापेमारी की। कामयाबी नहीं मिलने पर सर्च ऑपरेशन का दायरा बढ़कर 9 राज्यों तक पहुंच गया। यूपी के साथ बिहार, मध्यप्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र समेत 9 राज्यों में पुलिस की टीम गईं। करीब डेढ़ महीने के अंदर पुलिस ने 500 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी की थी। कई पकड़े गए, लेकिन शाइस्ता और जैनब का कुछ पता नहीं चल सका। बेटे के बाद पति की हत्या, लेकिन शाइस्ता सामने नहीं आई 13 अप्रैल, 2023 को झांसी के पारीक्षा डैम के पास अतीक के बेटे असद का एनकाउंटर हो गया। उसके साथ गुलाम भी मारा गया। जब यह एनकाउंटर हुआ था, तब अतीक और अशरफ को प्रयागराज की जिला कचहरी में पेश किया गया था। जैसे ही इसकी जानकारी अतीक को लगी थी, वो रोने लगा था। 14 अप्रैल को असद का अंतिम संस्कार हुआ था। इसमें न अतीक शामिल हुआ और न शाइस्ता परवीन। 15 अप्रैल की रात अतीक अहमद और अशरफ को प्रयागराज के कॉल्विन हॉस्पिटल में मेडिकल के लिए लेकर आया गया था। यहां तीन लड़कों ने दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। तीनों हत्यारों को मौके पर ही पकड़ लिया गया था। रात में ही यह अफवाह उड़ी थी कि हत्या के बाद शाइस्ता परवीन और जैनब सामने आई हैं, लेकिन ये पुष्ट नहीं हो सका था। अगले दिन कसारी-मसारी कब्रिस्तान में अतीक-अशरफ का अंतिम संस्कार होना था। संभावना थी कि दोनों महिलाएं अपने पति को आखिरी बार देखने और मिट्टी देने जरूर आएंगी। महिला पुलिसकर्मियों और इंटेलिजेंस की टीम की तैनाती कर दी गई थी। हर आने-जाने वाले पर नजर रखी, लेकिन शाइस्ता, जैनब और नूरी आखिरी वक्त पर भी नहीं आई थीं। कौशांबी में इनपुट मिला तो ड्रोन से ढूंढा
19 अप्रैल, 2023 को पुलिस को इनपुट मिला कि शाइस्ता कौशांबी के पल्हाना गांव में है। यह गांव गंगा के कछार में है। पुलिस सक्रिय हुई। एक-एक घर में छापेमारी हुई। ड्रोन से गंगा के किनारों को देखा गया, लेकिन कहीं कुछ पता नहीं चल सका। 6 दिन बाद फिर इनपुट मिला कि शाइस्ता कौशांबी जिले के हटवा गांव में है। यहां अशरफ की ससुराल थी। पुलिस इस बार ज्यादा तैयारी से पहुंची। यहां भी ड्रोन से खोजा गया। घरों में तलाशी ली गई, लेकिन पुलिस को कामयाबी नहीं मिली। शाइस्ता पर पहले से भी कई मुकदमे दर्ज थे, 7 FIR थीं। इन मुकदमों में उमेश पाल हत्याकांड की साजिश करना, ठगी, आर्म्स एक्ट के केस शामिल थे। एक तरफ शाइस्ता फरार थी, दूसरी तरफ पुलिस ने अतीक की संपत्तियां जब्त करना शुरू किया। तब पता चला कि करीब 200 करोड़ की बेनामी संपत्तियां तो शाइस्ता के ही नाम पर हैं। प्रशासन ने उसके दो मकान भी गिरा दिए। आयशा की ससुराल की CCTV में दिखा था गुड्‌डू मेरठ में अतीक की बहन आयशा नूरी की ससुराल है। पुलिस को उस घर की CCTV मिली। इससे यह बात साबित हो रही थी कि उमेश पाल की हत्या के बाद गुड्डू मुस्लिम यहां रहा था। इसके बाद आयशा नूरी के पति डॉ. अखलाक को गिरफ्तार कर लिया गया। आयशा नूरी फरार हो गई थी। पहले शाइस्ता की लोकेशन ओडिशा, फिर दिल्ली मिली जिन लड़कों ने अतीक को मारा, उनके परिजन कभी कोर्ट नहीं आए
अतीक-अशरफ की हत्या तीन लड़कों ने की थी। इनमें कासगंज का अरुण मौर्य, बांदा का लवलेश तिवारी और हमीरपुर जिले का सनी सिंह शामिल है। लवलेश और अरुण चित्रकूट की जिला जेल और सनी सिंह आगरा सेंट्रल जेल में बंद है। 3 साल हो गए, इन लोगों ने जमानत के लिए एक बार भी कोर्ट में अर्जी नहीं दी। इस केस में क्या कुछ चल रहा, इसे समझने के लिए हमने इन आरोपियों के सरकारी वकील मृत्युंजय तिवारी से बात की। सवाल. अतीक-अशरफ मर्डर केस में क्या चल रहा है?
वकील. अभी केस में ट्रायल चल रहा है। सबूत इकट्ठे किए जा रहे हैं। सवाल. क्या कभी इन लोगों को कोर्ट में लाया गया?
वकील. शुरुआत में एक बार कोर्ट में पेश किया गया था। इसके बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हुई। क्योंकि इनकी सुरक्षा का भी खतरा रहता है। सवाल. क्या आरोपियों के परिवार इस केस में पैरवी कर रहे ?
वकील. इन तीन सालों में कभी भी इन लड़कों के घरवाले हमसे मिलने नहीं आए। कभी इस केस में कोई पैरवी नहीं की। हालांकि, वो लोग जेल में अपने बेटों से मुलाकात करते हैं। अतीक की 3 हजार करोड़ की संपत्ति जब्त
अतीक अहमद के परिवार की अब तक करीब 3 हजार करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त हुई है। ये जमीनें यहां पर हैं- अतीक ने ज्यादातर संपत्तियां अपने नौकरों और गैंग के बदमाशों के नाम पर खरीदी थीं। जांच करने वाले अधिकारी दावा करते हैं कि अतीक की बेनामी संपत्तियां 10 हजार करोड़ रुपए तक की हो सकती हैं। अतीक के दो बेटे जेल में, दो बुआ के पास अतीक अहमद के कुल 5 बेटे थे। तीसरे नंबर वाले बेटे असद का एनकाउंटर हो चुका है। सबसे बड़ा उमर अहमद लखनऊ जेल में और दूसरे नंबर का अली अहमद झांसी जेल में बंद है। उमर पर रंगदारी, अपहरण जैसे कई मामले दर्ज हैं। अली पर उमेश पाल हत्याकांड में साजिश रचने का आरोप है। अतीक के चौथे नंबर वाले बेटे का नाम अहजम है, पांचवें नंबर वाले का नाम आबान है। जिस वक्त अतीक की हत्या हुई थी, उस वक्त ये दोनों नाबालिग थे। इन्हें राजरूपपुर चाइल्ड प्रोटेक्शन होम में रखा गया था। लेकिन, अक्टूबर, 2023 को इन दोनों लड़कों को अतीक अहमद की बहन शाहीन अहमद को सौंप दिया गया। शाहीन का घर अतीक के चकिया वाले घर से करीब 3 किलोमीटर दूर हटवा गांव में है। शुरुआत में यहां पुलिस की सुरक्षा भी रही, बाद में जवानों को हटा लिया गया। ——————————- भास्कर एक्सक्लूसिव खबर भी पढ़िए- यूपी में आगजनी के 26 मामलों की आतंकी जांच होगी, NIA ने तीन आतंकियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉड (ATS) यूपी में हुई आगजनी की करीब 26 घटनाओं की आतंकी एंगल से जांच करेगी। ऐसा पिछले दिनों लखनऊ में पकड़े गए 4 आतंकियों के इनपुट के आधार पर किया जा रहा है। यूपी के अलग-अलग जिलों में गाड़ियों में आग लगने की इन घटनाओं को हादसा बताकर केस बंद कर दिया गया था। अब इनकी गहराई से तफ्तीश की जाएगी। नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) भी मामले में तफ्तीश करेगी। पढ़िए पूरी खबर…

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