Sunday, 12 Apr 2026 | 08:03 PM

Trending :

EXCLUSIVE

इस उम्र के लिए लोगों के लिए होम्योपैथी ट्रीटमेंट सबसे सुरक्षित ! साइड इफेक्ट का भी कोई खतरा नहीं

authorimg

Last Updated:

Homeopathy Treatment for Kids: होम्योपैथी बच्चों के लिए एक सुरक्षित और हल्का इलाज माना जाता है, क्योंकि इसकी दवाइयां शरीर के अनुरूप होती हैं. इन दवाओं से साइड इफेक्ट का डर कम रहता है. यह बार-बार होने वाली सर्दी-जुकाम, खांसी या पेट की समस्याओं में मदद करती है और बच्चों की इम्यूनिटी को मजबूत करने में असरदार होता है. हालांकि गंभीर मामलों में हमेशा डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी होता है.

Zoom

होम्योपैथी ट्रीटमेंट बच्चों के लिए काफी सुरक्षित माना जाता है.

Homeopathy and Child Immunity: होम्योपैथी एक तरह की चिकित्सा प्रणाली है, जिसे जर्मनी के डॉक्टर सामुएल हैनेमैन ने खोजा था. होम्योपैथी में बीमारियों को ठीक करने के लिए छोटी-छोटी गोलियां दी जाती हैं, जिन्हें बच्चे भी आसानी से खा लेते हैं. कई लोग इस ट्रीटमेंट को सबसे कारगर मानते हैं. होम्योपैथी एक्सपर्ट्स की मानें तो होम्योपैथी में दवाइयां बहुत हल्की मात्रा में दी जाती हैं, जो आमतौर पर पौधे, खनिज या जानवरों से बनाई जाती हैं. होम्योपैथी का मकसद सिर्फ बीमारी के लक्षण दबाना नहीं है, बल्कि शरीर की खुद की हीटिंग और इम्यूनिटी को मजबूत करके स्वस्थ करना है. इसे बच्चों, बुजुर्गों और संवेदनशील लोगों के लिए सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि इसके साइड इफेक्ट बहुत कम होते हैं.

आजकल पैरेंट्स अपने बच्चों का इलाज कराने के लिए होम्योपैथी का रुख कर रहे हैं. जरा-सी खांसी, बुखार या पेट दर्द होते ही हम तुरंत एलोपैथी ट्रीटमेंट की ओर भागते हैं, लेकिन अंग्रेजी दवाइयों के कई साइड इफेक्ट भी होते हैं. ऐसे में होम्योपैथी एक ऐसा विकल्प है, जिसे कई लोग सुरक्षित इलाज के रूप में देखते हैं. होम्योपैथी की सबसे खास बात यह मानी जाती है कि इसमें दवाइयां बहुत हल्की और शरीर के अनुरूप होती हैं. यही वजह है कि बच्चों के लिए इसे अक्सर पसंद किया जाता है. छोटे बच्चों का शरीर नाजुक होता है, इसलिए माता-पिता चाहते हैं कि इलाज ऐसा हो जो असरदार भी हो और नुकसानदायक भी न हो. होम्योपैथी इस जरूरत को काफी हद तक पूरा करती है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

बचपन में बच्चों को बार-बार सर्दी-जुकाम, खांसी, पेट की गड़बड़ी या दांत निकलने के समय परेशानी जैसी कई छोटी-छोटी समस्याएं होती रहती हैं. ऐसे मामलों में कई परिवार होम्योपैथी पर भरोसा करते हैं. माना जाता है कि यह सिर्फ बीमारी को दबाने के बजाय शरीर की अंदरूनी इम्यूनिटी को बेहतर बनाने पर ध्यान देती है. एक और वजह जिससे लोग होम्योपैथी की ओर आकर्षित होते हैं, वह है इसका आसान सेवन. इसकी दवाइयां अक्सर मीठी गोलियों के रूप में होती हैं, जिन्हें बच्चे बिना किसी परेशानी के ले लेते हैं. यह बात भी माता-पिता के लिए राहत भरी होती है, क्योंकि बच्चों को कड़वी दवा खिलाना मुश्किल होता है.

बच्चों के विकास के दौरान उनकी इम्यूनिटी मजबूत होना बहुत जरूरी होता है. होम्योपैथी को कुछ लोग एक सहायक विकल्प के रूप में अपनाते हैं, जिससे बार-बार होने वाली बीमारियों की आवृत्ति कम करने में मदद मिल सके. इसके साथ संतुलित आहार, साफ-सफाई और सही दिनचर्या भी उतनी ही जरूरी है. हालांकि यह समझना भी जरूरी है कि हर तरह की बीमारी के लिए एक ही तरीका सही नहीं होता. होम्योपैथी को कई लोग हल्की और शुरुआती समस्याओं में उपयोगी मानते हैं, लेकिन गंभीर या आपात स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है. सही इलाज वही है, जो बच्चे की स्थिति के अनुसार चुना जाए.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

About the Author

authorimg

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
पोहरी बस स्टैंड के पीछे 7 फीट का मगरमच्छ:वन विभाग ने सफलतापूर्वक किया रेस्क्यू; राहगीर भयभीत होकर दूर से निकले

April 6, 2026/
11:47 am

शिवपुरी शहर के पोहरी बस स्टैंड के पीछे स्थित तालाब के पास सोमवार सुबह करीब 9 बजे एक विशाल मगरमच्छ...

20 करोड़ टैक्स वसूली के लिए सड़क पर उतरे अधिकारी:बस संचालकों पर कार्रवाई, दो बसें जब्त; ₹1.60 लाख वसूले

April 1, 2026/
7:31 pm

जिले में लंबे समय से टैक्स चोरी कर रहे बस मालिकों के खिलाफ बुधवार को प्रशासन ने कार्रवाई की है।...

ईरान का सऊदी ऑयल पाइपलाइन पर मिसाइल अटैक:इसे होर्मुज बायपास करने के लिए बनाया था; लेबनान पर इजराइली हमले में 254 की मौत

April 9, 2026/
6:39 am

ईरान ने सऊदी अरब की अहम ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन पर बुधवार को ड्रोन और मिसाइल से हमला किया। यह पाइपलाइन...

गिरफ्तारी से नाराज पारदी महिलाओं ने किया चक्काजाम:बच्चे को जमीन पर पटकने की कोशिश की; अधेड़ बस के पहिए के नीचे लेट गया

March 30, 2026/
8:05 am

गुना के कैंट थाने के सामने रविवार रात पारदी समाज की महिलाओं ने चक्काजाम कर दिया। वह लूट के एक...

RPSC SI Recruitment 2025 Exam Dates & Admit Card Upload Update

March 26, 2026/
8:22 am

राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से उप निरीक्षक/प्लाटून कमांडर संयुक्त प्रतियोगी (गृह विभाग) परीक्षा-2025 का आयोजन 5 एवं 6...

supreme court on NOTA in election voting leader quality

February 24, 2026/
10:08 pm

नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को NOTA (इनमें से कोई नहीं) विकल्प की उपयोगिता और...

बंगाल चुनाव में AIMIM की शुरुआत, ओवैसी ने बाबरी मस्जिद वाले हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन की घोषणा की

March 23, 2026/
8:28 am

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीतिक तस्वीरें और जटिलताएं सामने आई हैं। एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी...

हेल्थ & फिटनेस

राजनीति

इस उम्र के लिए लोगों के लिए होम्योपैथी ट्रीटमेंट सबसे सुरक्षित ! साइड इफेक्ट का भी कोई खतरा नहीं

authorimg

Last Updated:

Homeopathy Treatment for Kids: होम्योपैथी बच्चों के लिए एक सुरक्षित और हल्का इलाज माना जाता है, क्योंकि इसकी दवाइयां शरीर के अनुरूप होती हैं. इन दवाओं से साइड इफेक्ट का डर कम रहता है. यह बार-बार होने वाली सर्दी-जुकाम, खांसी या पेट की समस्याओं में मदद करती है और बच्चों की इम्यूनिटी को मजबूत करने में असरदार होता है. हालांकि गंभीर मामलों में हमेशा डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी होता है.

Zoom

होम्योपैथी ट्रीटमेंट बच्चों के लिए काफी सुरक्षित माना जाता है.

Homeopathy and Child Immunity: होम्योपैथी एक तरह की चिकित्सा प्रणाली है, जिसे जर्मनी के डॉक्टर सामुएल हैनेमैन ने खोजा था. होम्योपैथी में बीमारियों को ठीक करने के लिए छोटी-छोटी गोलियां दी जाती हैं, जिन्हें बच्चे भी आसानी से खा लेते हैं. कई लोग इस ट्रीटमेंट को सबसे कारगर मानते हैं. होम्योपैथी एक्सपर्ट्स की मानें तो होम्योपैथी में दवाइयां बहुत हल्की मात्रा में दी जाती हैं, जो आमतौर पर पौधे, खनिज या जानवरों से बनाई जाती हैं. होम्योपैथी का मकसद सिर्फ बीमारी के लक्षण दबाना नहीं है, बल्कि शरीर की खुद की हीटिंग और इम्यूनिटी को मजबूत करके स्वस्थ करना है. इसे बच्चों, बुजुर्गों और संवेदनशील लोगों के लिए सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि इसके साइड इफेक्ट बहुत कम होते हैं.

आजकल पैरेंट्स अपने बच्चों का इलाज कराने के लिए होम्योपैथी का रुख कर रहे हैं. जरा-सी खांसी, बुखार या पेट दर्द होते ही हम तुरंत एलोपैथी ट्रीटमेंट की ओर भागते हैं, लेकिन अंग्रेजी दवाइयों के कई साइड इफेक्ट भी होते हैं. ऐसे में होम्योपैथी एक ऐसा विकल्प है, जिसे कई लोग सुरक्षित इलाज के रूप में देखते हैं. होम्योपैथी की सबसे खास बात यह मानी जाती है कि इसमें दवाइयां बहुत हल्की और शरीर के अनुरूप होती हैं. यही वजह है कि बच्चों के लिए इसे अक्सर पसंद किया जाता है. छोटे बच्चों का शरीर नाजुक होता है, इसलिए माता-पिता चाहते हैं कि इलाज ऐसा हो जो असरदार भी हो और नुकसानदायक भी न हो. होम्योपैथी इस जरूरत को काफी हद तक पूरा करती है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

बचपन में बच्चों को बार-बार सर्दी-जुकाम, खांसी, पेट की गड़बड़ी या दांत निकलने के समय परेशानी जैसी कई छोटी-छोटी समस्याएं होती रहती हैं. ऐसे मामलों में कई परिवार होम्योपैथी पर भरोसा करते हैं. माना जाता है कि यह सिर्फ बीमारी को दबाने के बजाय शरीर की अंदरूनी इम्यूनिटी को बेहतर बनाने पर ध्यान देती है. एक और वजह जिससे लोग होम्योपैथी की ओर आकर्षित होते हैं, वह है इसका आसान सेवन. इसकी दवाइयां अक्सर मीठी गोलियों के रूप में होती हैं, जिन्हें बच्चे बिना किसी परेशानी के ले लेते हैं. यह बात भी माता-पिता के लिए राहत भरी होती है, क्योंकि बच्चों को कड़वी दवा खिलाना मुश्किल होता है.

बच्चों के विकास के दौरान उनकी इम्यूनिटी मजबूत होना बहुत जरूरी होता है. होम्योपैथी को कुछ लोग एक सहायक विकल्प के रूप में अपनाते हैं, जिससे बार-बार होने वाली बीमारियों की आवृत्ति कम करने में मदद मिल सके. इसके साथ संतुलित आहार, साफ-सफाई और सही दिनचर्या भी उतनी ही जरूरी है. हालांकि यह समझना भी जरूरी है कि हर तरह की बीमारी के लिए एक ही तरीका सही नहीं होता. होम्योपैथी को कई लोग हल्की और शुरुआती समस्याओं में उपयोगी मानते हैं, लेकिन गंभीर या आपात स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है. सही इलाज वही है, जो बच्चे की स्थिति के अनुसार चुना जाए.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

About the Author

authorimg

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.