Monday, 13 Apr 2026 | 08:09 PM

Trending :

EXCLUSIVE

ट्रम्प-पुतिन के समर्थन के बावजूद हंगरी में चुनाव हारे ऑर्बन:16 साल बाद सत्ता से बाहर, पुराने साथी पीटर मग्यार भारी बहुमत से जीते

ट्रम्प-पुतिन के समर्थन के बावजूद हंगरी में चुनाव हारे ऑर्बन:16 साल बाद सत्ता से बाहर, पुराने साथी पीटर मग्यार भारी बहुमत से जीते

विक्टर ऑर्बन हंगरी का प्रधानमंत्री चुनाव हार गए हैं। वे 16 साल से सत्ता में थे। विपक्षी तिस्जा पार्टी के पीटर मग्यार अगले प्रधानमंत्री बनेंगे। मग्यार पहले ऑर्बन की पार्टी फिदेस से जुड़े थे, लेकिन पार्टी में भ्रष्टाचार के खिलाफ उनसे अलग हो गए थे। ऑर्बन दुनिया के गिने-चुने नेताओं में हैं, जिनकी करीबी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से है। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, इस बार के चुनाव में करीब 80% रिकॉर्ड वोटिंग हुई थी। नतीजों को बड़े राजनीतिक उलटफेर के रूप में देखा जा रहा है। इसका असर यूरोप और ग्लोबल राजनीति पर पड़ेगा। तिस्जा पार्टी की 138 सीटों के साथ बड़ी जीत BBC के मुताबिक, शुरुआती नतीजों में तिस्जा पार्टी ने 199 में 138 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं, ऑर्बन की फिदेस पार्टी को सिर्फ 55 सीटें ही मिली हैं। तिस्जा को करीब 53% और फिदेस को करीब 37% वोट मिले। इन चुनाव नतीजों के बाद हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में देर रात तक जश्न चलता रहा। डेन्यूब नदी किनारे हजारों लोग जुटे। कारों के हॉर्न, झंडे और नारेबाजी के बीच जश्न चलता रहा। कई जगह लोगों ने रूसियों घर जाओ जैसे नारे लगाए। हंगरी में जश्न की 4 तस्वीरें… ट्रम्प और पुतिन के करीबी माने जाते हैं ऑर्बन ऑर्बन ने अपनी हार स्वीकार कर ली है और अपने समर्थकों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि अब वे विपक्ष से देश की सेवा करेंगे। ऑर्बन को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का करीबी सहयोगी माना जाता रहा है। हाल ही में उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने चुनाव से पहले हंगरी का दौरा किया था और उनका समर्थन किया था। ऑर्बन यूरोप में ट्रम्प के सबसे भरोसेमंद सहयोगी रहे हैं। 2016 में ट्रम्प के पहली बार चुनाव लड़ने की घोषणा पर ऑर्बन पहले यूरोपीय नेता थे जिन्होंने उन्हें समर्थन दिया था। ऑर्बन को पुतिन का भी समर्थक माना जाता है ऑर्बन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी माने जाते रहे हैं। उनकी राजनीति रूस से करीबी और यूरोपीय यूनियन से दूरी पर आधारित रही है। उन्होंने रूस पर लगे प्रतिबंधों का कई बार विरोध किया और यूक्रेन युद्ध जल्दी खत्म करने की बात कही। उनके आलोचकों का कहना है कि यह रुख रूस को खुश करने के लिए है। ऑर्बन ने रूस के बड़े हमले के खिलाफ यूक्रेन को समर्थन देने की यूरोपीयन यूनियन की कोशिशों में बार-बार बाधा डाली। साथ ही उन्होंने पुतिन से करीबी रिश्ते बनाए रखे और रूस से ऊर्जा आयात पर हंगरी की निर्भरता खत्म करने से इनकार किया पीटर मग्यार का राजनीतिक एजेंडा और वादे जीत के बाद पीटर मग्यार ने कहा कि जनता ने झूठ पर सच्चाई को चुना है। उन्होंने यूरोपीयन यूनियन (EU) और NATO के साथ रिश्ते मजबूत करने का वादा किया। EU यह देखेगा कि मग्यार यूक्रेन को लेकर हंगरी की नीति में क्या बदलाव करते हैं। माना जा रहा है कि विदेश नीति में बड़ा बदलाव आ सकता है। मग्यार ने भ्रष्टाचार खत्म करने, न्यायपालिका की स्वतंत्रता बहाल करने और शिक्षा-स्वास्थ्य में सुधार की बात कही। साथ ही उन्होंने ऑर्बन काल की ‘पैट्रोनेज सिस्टम’ (NER) खत्म करने का वादा किया। ऑर्बन के न जीतने की क्या वजह? विक्टर ऑर्बन 2010 में पहली बार हंगरी की सत्ता में आए और तब से उन पर कई आरोप लगते रहे हैं। आरोप है कि सत्ता में आते ही उन्होंने सिस्टम अपने हिसाब से बदलना शुरू किया। उन्होंने चुनाव के ऐसे नियम तय किए कि फायदा उनकी फिदेस पार्टी को मिले। उन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने देश की करीब 80% मीडिया और सरकारी संस्थाओं को कंट्रोल में रखा था। उन्होंने EU में अपने करीबियों के लिए कई मुश्किलें पैदा की, जिससे हंगरी के कई फैसले विवादों में आ गए। ————————- ये खबर भी पढ़ें… युगांडा आर्मी चीफ ने तुर्किये से सबसे खूबसूरत महिला मांगी:कहा- शादी करूंगा, नहीं मिली तो डिप्लोमेटिक रिश्ते तोड़ेंगे, तुर्किश एयरलाइंस पर भी रोक लगा देंगे युगांडा के आर्मी चीफ और राष्ट्रपति के बेटे मुहूजी कैनेरुगाबा ने तुर्किये से 1 अरब डॉलर (₹9000 करोड़) और देश की ‘सबसे खूबसूरत महिला’ को अपनी पत्नी बनाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं हुई तो तुर्किये से कूटनीतिक संबंध खत्म कर दिए जाएंगे और तुर्किश एयरलाइन पर रोक लगाई जा सकती है। कैनेरुगाबा ने X पर लिखा कि अगर तुर्किये ने हमारी समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो 30 दिन में संबंध तोड़ दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि या तो वे भुगतान करें या हम उनका दूतावास बंद कर देंगे। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Bangladesh India Relations; Sports Minister Aminul Haque BCCI

February 19, 2026/
11:36 am

स्पोर्ट्स डेस्क2 दिन पहले कॉपी लिंक बांग्लादेश क्रिकेट टीम इस वर्ल्डकप में नहीं खेल रही है। टीम ने सुरक्षा करणों...

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर बालाघाट में चर्चा:महिलाएं बोलीं- संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण से बढ़ेगी राजनीतिक भागीदारी, 16 अप्रैल से विशेष सत्र

April 11, 2026/
6:45 pm

केंद्र सरकार की ओर से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के उद्देश्य से लाए जा...

धीरेंद्र शास्त्री बोले- सेवादार 'लौंडियाबाजी' के चक्कर में जुड़े:बागेश्वर धाम में 'माल-पानी' के लिए चेले बने; इनकी नजर सेवा पर नहीं, भौकाल पर है

March 8, 2026/
2:54 pm

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने रविवार को दरबार में अपने सेवादारों और चेलों को जमकर फटकार लगाई।...

हार्दिक ने मिहिका को ₹1.7 करोड़ की कार गिफ्ट की:दोनों शोरूम पर साथ दिखे, अक्टूबर में अपने रिश्ते का खुलासा किया था

March 30, 2026/
8:29 am

मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या ने अपनी गर्लफ्रेंड मिहिका शर्मा को करीब 1.7 करोड़ रुपए की मर्सिडीज बेंज वी...

केरल चुनाव 2026: 'केरल में त्रिकोणीय हो सकता है मुकाबला', सीपीआई नेता का विश्वासनामा, बीजेपी को लेकर कर दी ये भविष्यवाणी

March 22, 2026/
4:45 pm

इस बार केरल में विधानसभा चुनाव के दौरान त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है। सी. सर्वेक्षण नेता हन्नान मोल्लाह...

Ricky Martin will perform at the ICC Men's T20 World Cup closing ceremony before the final match between India and New Zealand (PTI)

March 8, 2026/
2:36 pm

आखरी अपडेट:मार्च 08, 2026, 14:36 ​​IST केंद्र और पश्चिम बंगाल के बीच तनाव बढ़ने के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने...

हेल्थ & फिटनेस

राजनीति

ट्रम्प-पुतिन के समर्थन के बावजूद हंगरी में चुनाव हारे ऑर्बन:16 साल बाद सत्ता से बाहर, पुराने साथी पीटर मग्यार भारी बहुमत से जीते

ट्रम्प-पुतिन के समर्थन के बावजूद हंगरी में चुनाव हारे ऑर्बन:16 साल बाद सत्ता से बाहर, पुराने साथी पीटर मग्यार भारी बहुमत से जीते

विक्टर ऑर्बन हंगरी का प्रधानमंत्री चुनाव हार गए हैं। वे 16 साल से सत्ता में थे। विपक्षी तिस्जा पार्टी के पीटर मग्यार अगले प्रधानमंत्री बनेंगे। मग्यार पहले ऑर्बन की पार्टी फिदेस से जुड़े थे, लेकिन पार्टी में भ्रष्टाचार के खिलाफ उनसे अलग हो गए थे। ऑर्बन दुनिया के गिने-चुने नेताओं में हैं, जिनकी करीबी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से है। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, इस बार के चुनाव में करीब 80% रिकॉर्ड वोटिंग हुई थी। नतीजों को बड़े राजनीतिक उलटफेर के रूप में देखा जा रहा है। इसका असर यूरोप और ग्लोबल राजनीति पर पड़ेगा। तिस्जा पार्टी की 138 सीटों के साथ बड़ी जीत BBC के मुताबिक, शुरुआती नतीजों में तिस्जा पार्टी ने 199 में 138 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं, ऑर्बन की फिदेस पार्टी को सिर्फ 55 सीटें ही मिली हैं। तिस्जा को करीब 53% और फिदेस को करीब 37% वोट मिले। इन चुनाव नतीजों के बाद हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में देर रात तक जश्न चलता रहा। डेन्यूब नदी किनारे हजारों लोग जुटे। कारों के हॉर्न, झंडे और नारेबाजी के बीच जश्न चलता रहा। कई जगह लोगों ने रूसियों घर जाओ जैसे नारे लगाए। हंगरी में जश्न की 4 तस्वीरें… ट्रम्प और पुतिन के करीबी माने जाते हैं ऑर्बन ऑर्बन ने अपनी हार स्वीकार कर ली है और अपने समर्थकों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि अब वे विपक्ष से देश की सेवा करेंगे। ऑर्बन को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का करीबी सहयोगी माना जाता रहा है। हाल ही में उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने चुनाव से पहले हंगरी का दौरा किया था और उनका समर्थन किया था। ऑर्बन यूरोप में ट्रम्प के सबसे भरोसेमंद सहयोगी रहे हैं। 2016 में ट्रम्प के पहली बार चुनाव लड़ने की घोषणा पर ऑर्बन पहले यूरोपीय नेता थे जिन्होंने उन्हें समर्थन दिया था। ऑर्बन को पुतिन का भी समर्थक माना जाता है ऑर्बन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी माने जाते रहे हैं। उनकी राजनीति रूस से करीबी और यूरोपीय यूनियन से दूरी पर आधारित रही है। उन्होंने रूस पर लगे प्रतिबंधों का कई बार विरोध किया और यूक्रेन युद्ध जल्दी खत्म करने की बात कही। उनके आलोचकों का कहना है कि यह रुख रूस को खुश करने के लिए है। ऑर्बन ने रूस के बड़े हमले के खिलाफ यूक्रेन को समर्थन देने की यूरोपीयन यूनियन की कोशिशों में बार-बार बाधा डाली। साथ ही उन्होंने पुतिन से करीबी रिश्ते बनाए रखे और रूस से ऊर्जा आयात पर हंगरी की निर्भरता खत्म करने से इनकार किया पीटर मग्यार का राजनीतिक एजेंडा और वादे जीत के बाद पीटर मग्यार ने कहा कि जनता ने झूठ पर सच्चाई को चुना है। उन्होंने यूरोपीयन यूनियन (EU) और NATO के साथ रिश्ते मजबूत करने का वादा किया। EU यह देखेगा कि मग्यार यूक्रेन को लेकर हंगरी की नीति में क्या बदलाव करते हैं। माना जा रहा है कि विदेश नीति में बड़ा बदलाव आ सकता है। मग्यार ने भ्रष्टाचार खत्म करने, न्यायपालिका की स्वतंत्रता बहाल करने और शिक्षा-स्वास्थ्य में सुधार की बात कही। साथ ही उन्होंने ऑर्बन काल की ‘पैट्रोनेज सिस्टम’ (NER) खत्म करने का वादा किया। ऑर्बन के न जीतने की क्या वजह? विक्टर ऑर्बन 2010 में पहली बार हंगरी की सत्ता में आए और तब से उन पर कई आरोप लगते रहे हैं। आरोप है कि सत्ता में आते ही उन्होंने सिस्टम अपने हिसाब से बदलना शुरू किया। उन्होंने चुनाव के ऐसे नियम तय किए कि फायदा उनकी फिदेस पार्टी को मिले। उन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने देश की करीब 80% मीडिया और सरकारी संस्थाओं को कंट्रोल में रखा था। उन्होंने EU में अपने करीबियों के लिए कई मुश्किलें पैदा की, जिससे हंगरी के कई फैसले विवादों में आ गए। ————————- ये खबर भी पढ़ें… युगांडा आर्मी चीफ ने तुर्किये से सबसे खूबसूरत महिला मांगी:कहा- शादी करूंगा, नहीं मिली तो डिप्लोमेटिक रिश्ते तोड़ेंगे, तुर्किश एयरलाइंस पर भी रोक लगा देंगे युगांडा के आर्मी चीफ और राष्ट्रपति के बेटे मुहूजी कैनेरुगाबा ने तुर्किये से 1 अरब डॉलर (₹9000 करोड़) और देश की ‘सबसे खूबसूरत महिला’ को अपनी पत्नी बनाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं हुई तो तुर्किये से कूटनीतिक संबंध खत्म कर दिए जाएंगे और तुर्किश एयरलाइन पर रोक लगाई जा सकती है। कैनेरुगाबा ने X पर लिखा कि अगर तुर्किये ने हमारी समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो 30 दिन में संबंध तोड़ दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि या तो वे भुगतान करें या हम उनका दूतावास बंद कर देंगे। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.