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वह IPS जिसने कांपते हाथों से उठाया था बंदूक, वही बना देश का सबसे बड़ा एनकाउंटर स्पेशलिस्ट | ips navneet sikera first bullet firing incident trembling hands became country biggest encounter specialist

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IPS Success Story: कहानी देश के बड़े राज्यों में से एक का सबसे बड़े ‘सुपर कॉप’ की, जिसे कभी अंग्रेजी नहीं आने के कारण दिल्ली के बड़े कॉलेजों से एक में नहीं मिल सका था दाखिला. वह लड़का जो बाद में खुद से पढ़कर क्रैक किया आईआईटी जैसा एग्जाम और पहले ही प्रयास में यूपीएससी में झंडा गाड़कर बन गया आईपीएस अधिकारी. जिस शख्स का पुलिस की नौकरी में आने के बाद पहली बार बंदूक चलाने में कांप गया था हाथ, बाद में वही बन गया देश के सबसे बड़े एनकाउंटर स्पेशलिस्ट में से एक. आज कहानी उस आईपीएस अधिकारी की करेंगे, जो फिलहाल पुलिस सेवा में तो है, लेकिन लाइमलाइट से दूर रहकर सिर्फ नौकरी कर रहा है. जानेंगे कैसे वह लड़का अपने पिता का अपमान का बदला लेने के लिए बना था आईपीएस अधिकारी, जो आज भी हजारों युवाओं का बना हुआ है रोल मॉडल.

देश का एक ऐसा आईपीएस अधिकारी, जिसके पिता किसान थे. जिसका फर्स्ट च्वाइस आईपीएस नहीं था. लेकिन एक घटना ने उसे बना दिया देश का चर्चित आईपीएस अधिकारी. कहानी उस आईपीएस अधिकारी की, जिसने क्राइम और क्राइम करने वालों पर नकेल कसा. एक ऐसा आईपीएस अधिकारी जिसका सिर्फ नाम सुनकर ही अपराधियों के पसीने छूटने लगते थे. खौफ ऐसा कि जहां पोस्टिंग होती थी वहां से पहले ही अपराधी भाग जाते. हम बात कर रहे हैं यूपी पुलिस के सबसे डायनमिक सुपर कॉप नवनीत सिकेरा की, जिनके खौफ की चर्चा आज भी यूपी में होता है.

कहानी यूपी के एख दबंग आईपीएस अधिकारी की

आज भी पश्चिमी यूपी का बच्चा-बच्चा इस पुलिसवाले के नाम से अंजान नहीं है. नवनीत सिकेरा का वह दौर आज भी लोगों के जुबां पर है. कहा जाता है कि नवनीत सिकेरा अपराधियों के लिए जितने सख्त थे आम जनता के लिए उतने ही नरम और मददगार थे. यूपी कैडर का 1996 बैच के इस आईपीएस अधिकारी की कहानी बेहद दिलचस्प है. 22 अक्टूबर 1971 को एटा जिले के एक गांव में नवनीत का जन्म हुआ. नवनीत के पिता एक साधारण किसान थे. उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में उन्होंने हिंदी मीडियम के स्कूल से अपनी पढ़ाई पूरी की. स्कूलिंग करने के बाद वो एडमिशन लेने के लिए दिल्ली के हंसराज कॉलेज में आए. लेकिन अंग्रेजी नहीं आने के कारण फॉर्म नहीं मिला. बस ये बात उन्हें इतनी चुभी कि उन्होंने आईआईटी में एडमिशन लेने की ठान ली. पहले ही प्रयास में आईआईटी एग्जाम पास कर ली.

नवनीत सिकेरा की चर्चा आज भी क्यों होती है?

कैसे बना बड़ा सबसे बड़ा एनकाउंटर स्पेशलिस्ट?

माता-पिता गांव में ही थे तो अक्सर उनका गांव जाना होता रहता. गांव की जमीन पर कुछ दबंगों ने कब्जा कर लिया था. सिकेरा पिता के साथ थाना पहुंचे तो उनके पिता के साथ बदसलूकी की गई. यही कारण था कि वह पुलिस अधिकारी बनने की ठानी. नवनीत ने इसके बाद एमटेक करने का इरादा छोड़कर करने लगे सिविल सर्विसेज की तैयारी. अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी क्रेक कर बन गए आईपीएस अधिकारी. एक टीवी शो में नवनीत ने कहा था कि सिविल सर्विसेज में उन्हें टॉप रैंकिंग मिली थी, जिससे आईएएस भी मिल सकती थी. लेकिन उन्होंने पहली च्वाइस आईपीएस ही भरा था. उन्होंने आईपीएस की नौकरी चुनी. एएसपी के रूप में पहली पोस्टिंग गोरखपुर में मिली. इसके बाद वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में रहे.

मुजफ्फरनगर, मेरठ और लखनऊ में भी रहे. लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनके एक के बाद एक एनकाउंटर की आज बी खूब चर्चा होती है. सिकेरा ने कई बड़े-बड़े अपराधियों को ठिकाने लगाया. एक बार तो मेरठ में पोस्टिंग के दौरान उनका ट्रांकफर दूसरे जिले में हो गया तो लोगों ने उनका ट्रांसफर रुकवाने के लिए पूरे शहर में पोस्टर लगवा दिया. नवनीत सिकेरा से उत्तर प्रदेश के अपराधी थर-थर कांपते थे. वो क्रिमिनल्स का खात्मा करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार थे.

जहां नवनीत सेकेरा की पोस्टिंग होती थी, अपराधी भाग जाते थे.

एक बार तो क्रिमिनल रमेश कालिया के एनकाउंटर को करने के लिए नवनीत ने फेक बारात ही तैयार कर डाली. दूल्हा-दुल्हन बाराती सबकुछ नकली था बस एनकाउंटर एकदम असली. उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पोस्टेड रहते हुए नवनीत ने ऐसे ही छोटे-बड़े करीब 60 अपराधियों को अपनी बंदूक से मार गिराया. नवनीत सिकेरा फिलहाल यूपी पुलिस में एडीजी पद पर तैनात हैं. वो इतने फेमस कॉप रहे हैं कि उन पर एक वेब सीरीज भौकाल-2 भी आ चुकी है.

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IPS Success Story: कहानी देश के बड़े राज्यों में से एक का सबसे बड़े ‘सुपर कॉप’ की, जिसे कभी अंग्रेजी नहीं आने के कारण दिल्ली के बड़े कॉलेजों से एक में नहीं मिल सका था दाखिला. वह लड़का जो बाद में खुद से पढ़कर क्रैक किया आईआईटी जैसा एग्जाम और पहले ही प्रयास में यूपीएससी में झंडा गाड़कर बन गया आईपीएस अधिकारी. जिस शख्स का पुलिस की नौकरी में आने के बाद पहली बार बंदूक चलाने में कांप गया था हाथ, बाद में वही बन गया देश के सबसे बड़े एनकाउंटर स्पेशलिस्ट में से एक. आज कहानी उस आईपीएस अधिकारी की करेंगे, जो फिलहाल पुलिस सेवा में तो है, लेकिन लाइमलाइट से दूर रहकर सिर्फ नौकरी कर रहा है. जानेंगे कैसे वह लड़का अपने पिता का अपमान का बदला लेने के लिए बना था आईपीएस अधिकारी, जो आज भी हजारों युवाओं का बना हुआ है रोल मॉडल.

देश का एक ऐसा आईपीएस अधिकारी, जिसके पिता किसान थे. जिसका फर्स्ट च्वाइस आईपीएस नहीं था. लेकिन एक घटना ने उसे बना दिया देश का चर्चित आईपीएस अधिकारी. कहानी उस आईपीएस अधिकारी की, जिसने क्राइम और क्राइम करने वालों पर नकेल कसा. एक ऐसा आईपीएस अधिकारी जिसका सिर्फ नाम सुनकर ही अपराधियों के पसीने छूटने लगते थे. खौफ ऐसा कि जहां पोस्टिंग होती थी वहां से पहले ही अपराधी भाग जाते. हम बात कर रहे हैं यूपी पुलिस के सबसे डायनमिक सुपर कॉप नवनीत सिकेरा की, जिनके खौफ की चर्चा आज भी यूपी में होता है.

कहानी यूपी के एख दबंग आईपीएस अधिकारी की

आज भी पश्चिमी यूपी का बच्चा-बच्चा इस पुलिसवाले के नाम से अंजान नहीं है. नवनीत सिकेरा का वह दौर आज भी लोगों के जुबां पर है. कहा जाता है कि नवनीत सिकेरा अपराधियों के लिए जितने सख्त थे आम जनता के लिए उतने ही नरम और मददगार थे. यूपी कैडर का 1996 बैच के इस आईपीएस अधिकारी की कहानी बेहद दिलचस्प है. 22 अक्टूबर 1971 को एटा जिले के एक गांव में नवनीत का जन्म हुआ. नवनीत के पिता एक साधारण किसान थे. उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में उन्होंने हिंदी मीडियम के स्कूल से अपनी पढ़ाई पूरी की. स्कूलिंग करने के बाद वो एडमिशन लेने के लिए दिल्ली के हंसराज कॉलेज में आए. लेकिन अंग्रेजी नहीं आने के कारण फॉर्म नहीं मिला. बस ये बात उन्हें इतनी चुभी कि उन्होंने आईआईटी में एडमिशन लेने की ठान ली. पहले ही प्रयास में आईआईटी एग्जाम पास कर ली.

नवनीत सिकेरा की चर्चा आज भी क्यों होती है?

कैसे बना बड़ा सबसे बड़ा एनकाउंटर स्पेशलिस्ट?

माता-पिता गांव में ही थे तो अक्सर उनका गांव जाना होता रहता. गांव की जमीन पर कुछ दबंगों ने कब्जा कर लिया था. सिकेरा पिता के साथ थाना पहुंचे तो उनके पिता के साथ बदसलूकी की गई. यही कारण था कि वह पुलिस अधिकारी बनने की ठानी. नवनीत ने इसके बाद एमटेक करने का इरादा छोड़कर करने लगे सिविल सर्विसेज की तैयारी. अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी क्रेक कर बन गए आईपीएस अधिकारी. एक टीवी शो में नवनीत ने कहा था कि सिविल सर्विसेज में उन्हें टॉप रैंकिंग मिली थी, जिससे आईएएस भी मिल सकती थी. लेकिन उन्होंने पहली च्वाइस आईपीएस ही भरा था. उन्होंने आईपीएस की नौकरी चुनी. एएसपी के रूप में पहली पोस्टिंग गोरखपुर में मिली. इसके बाद वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में रहे.

मुजफ्फरनगर, मेरठ और लखनऊ में भी रहे. लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनके एक के बाद एक एनकाउंटर की आज बी खूब चर्चा होती है. सिकेरा ने कई बड़े-बड़े अपराधियों को ठिकाने लगाया. एक बार तो मेरठ में पोस्टिंग के दौरान उनका ट्रांकफर दूसरे जिले में हो गया तो लोगों ने उनका ट्रांसफर रुकवाने के लिए पूरे शहर में पोस्टर लगवा दिया. नवनीत सिकेरा से उत्तर प्रदेश के अपराधी थर-थर कांपते थे. वो क्रिमिनल्स का खात्मा करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार थे.

जहां नवनीत सेकेरा की पोस्टिंग होती थी, अपराधी भाग जाते थे.

एक बार तो क्रिमिनल रमेश कालिया के एनकाउंटर को करने के लिए नवनीत ने फेक बारात ही तैयार कर डाली. दूल्हा-दुल्हन बाराती सबकुछ नकली था बस एनकाउंटर एकदम असली. उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पोस्टेड रहते हुए नवनीत ने ऐसे ही छोटे-बड़े करीब 60 अपराधियों को अपनी बंदूक से मार गिराया. नवनीत सिकेरा फिलहाल यूपी पुलिस में एडीजी पद पर तैनात हैं. वो इतने फेमस कॉप रहे हैं कि उन पर एक वेब सीरीज भौकाल-2 भी आ चुकी है.

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