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ऑफिस में 9 घंटे तक कुर्सी से चिपके रहते हैं? इन 5 बीमारियों का बढ़ रहा खतरा, वक्त रहते हो जाएं अलर्ट

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Health Risks of Long Sitting: एक ही जगह कई घंटों तक बैठकर काम करना सेहत के लिए खतरनाक है. इससे डायबिटीज, हार्ट डिजीज समेत कई गंभीर बीमारियों का रिस्क बढ़ जाता है. एक्सपर्ट्स की मानें तो हर आधे घंटे में उठकर कुछ देर टहलने से इन बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

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लंबे समय तक एक जगह बैठे रहने से कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.

Risks of Sitting Too Much: आजकल देश में कॉरपोरेट कल्चर तेजी से बढ़ रहा है. अधिकतर लोग इस कल्चर को फॉलो करने में कंफर्टेबल महसूस कर रहे हैं, लेकिन लगातार 8-9 घंटे तक ऑफिस में एक जगह बैठे रहना सेहत के लिए ठीक नहीं होता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स लंबे समय तक बैठने को न्यू स्मोकिंग तक कह रहे हैं. जब आप लगातार 9 घंटे या उससे अधिक समय तक कुर्सी से चिपके रहते हैं, तो शरीर की मेटाबॉलिक प्रक्रियाएं धीमी पड़ जाती हैं और मांसपेशियों की सक्रियता न्यूनतम स्तर पर आ जाती है. हमारा शरीर गति करने के लिए बना है, स्थिरता के लिए नहीं. अगर आप भी अपने ऑफिस के काम के दौरान घंटों एक ही मुद्रा में बैठे रहते हैं, तो आप अनजाने में कई गंभीर बीमारियों को न्योता दे रहे हैं.

मायो क्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक जब आप घंटों एक कुर्सी पर बैठे रहते हैं, तो शरीर में ब्लड फ्लो धीमा हो जाता है और मांसपेशियां कम फैट बर्न करती हैं. इससे फैटी एसिड्स हार्ट की धमनियों में जमा होने लगते हैं, जिससे हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ जाता है. एक रिसर्च के अनुसार जो लोग दिन में 8 घंटे से अधिक बैठते हैं, उनमें हार्ट से जुड़ी बीमारियों से मौत का खतरा अन्य लोगों के मुकाबले दोगुना होता है. लगातार बैठने का सीधा असर शरीर की इंसुलिन के प्रति प्रतिक्रिया पर पड़ता है. केवल एक दिन लंबे समय तक बैठने से ही शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता कम होने लगती है, जिससे ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने लगता है. इससे लॉन्ग टर्म में टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है.
सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

कुर्सी पर टिके रहने से शरीर का मेटाबॉलिज्म सुस्त पड़ जाता है, जिससे कैलोरी बर्न करने की क्षमता कम हो जाती है. विशेष रूप से पेट के आसपास की चर्बी तेजी से बढ़ने लगती है. यह मोटापा केवल बाहरी दिखावट तक सीमित नहीं रहता, बल्कि शरीर के आंतरिक अंगों के कामकाज को भी प्रभावित करता है, जिससे मेटाबॉलिक सिंड्रोम की स्थिति पैदा हो जाती है. इसके अलावा गलत पोस्चर में घंटों बैठने से रीढ़ की हड्डी पर अत्यधिक दबाव पड़ता है. इससे डिस्क कंप्रेशन और पीठ के निचले हिस्से में दर्द की समस्या शुरू हो जाती है. इसके साथ ही कंप्यूटर स्क्रीन की ओर झुककर देखने से टेक नेक की समस्या होती है, जो गर्दन और कंधों की नसों को स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त कर सकती है.

लंबे समय तक बैठने का संबंध केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य से भी है. गतिहीन जीवनशैली के कारण शरीर में एंडोर्फिन और सेरोटोनिन जैसे हैप्पी हार्मोन्स का उत्पादन कम हो जाता है. धूप और ताजी हवा की कमी के साथ-साथ एक ही जगह जमे रहने से डिप्रेशन और एंजायटी का खतरा बढ़ जाता है, जिससे कार्यक्षमता भी प्रभावित होती है. इन खतरों से बचने के लिए आपको अपनी नौकरी छोड़ने की जरूरत नहीं है, बल्कि माइक्रो-ब्रेक्स लेने की आदत डालनी होगी. हर 30 मिनट में 2 मिनट के लिए खड़े हों या स्ट्रेचिंग करें. ऑफिस में फोन पर बात करते समय टहलने की आदत डालें और लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें. याद रखें जिम में एक घंटा बिताने से 9 घंटे बैठने का नुकसान पूरी तरह खत्म नहीं होता. इसके लिए शरीर को पूरे दिन छोटी-छोटी गतिविधियों की आवश्यकता होती है.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

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लंबे समय तक एक जगह बैठे रहने से कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.

Risks of Sitting Too Much: आजकल देश में कॉरपोरेट कल्चर तेजी से बढ़ रहा है. अधिकतर लोग इस कल्चर को फॉलो करने में कंफर्टेबल महसूस कर रहे हैं, लेकिन लगातार 8-9 घंटे तक ऑफिस में एक जगह बैठे रहना सेहत के लिए ठीक नहीं होता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स लंबे समय तक बैठने को न्यू स्मोकिंग तक कह रहे हैं. जब आप लगातार 9 घंटे या उससे अधिक समय तक कुर्सी से चिपके रहते हैं, तो शरीर की मेटाबॉलिक प्रक्रियाएं धीमी पड़ जाती हैं और मांसपेशियों की सक्रियता न्यूनतम स्तर पर आ जाती है. हमारा शरीर गति करने के लिए बना है, स्थिरता के लिए नहीं. अगर आप भी अपने ऑफिस के काम के दौरान घंटों एक ही मुद्रा में बैठे रहते हैं, तो आप अनजाने में कई गंभीर बीमारियों को न्योता दे रहे हैं.

मायो क्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक जब आप घंटों एक कुर्सी पर बैठे रहते हैं, तो शरीर में ब्लड फ्लो धीमा हो जाता है और मांसपेशियां कम फैट बर्न करती हैं. इससे फैटी एसिड्स हार्ट की धमनियों में जमा होने लगते हैं, जिससे हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ जाता है. एक रिसर्च के अनुसार जो लोग दिन में 8 घंटे से अधिक बैठते हैं, उनमें हार्ट से जुड़ी बीमारियों से मौत का खतरा अन्य लोगों के मुकाबले दोगुना होता है. लगातार बैठने का सीधा असर शरीर की इंसुलिन के प्रति प्रतिक्रिया पर पड़ता है. केवल एक दिन लंबे समय तक बैठने से ही शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता कम होने लगती है, जिससे ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने लगता है. इससे लॉन्ग टर्म में टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है.
सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

कुर्सी पर टिके रहने से शरीर का मेटाबॉलिज्म सुस्त पड़ जाता है, जिससे कैलोरी बर्न करने की क्षमता कम हो जाती है. विशेष रूप से पेट के आसपास की चर्बी तेजी से बढ़ने लगती है. यह मोटापा केवल बाहरी दिखावट तक सीमित नहीं रहता, बल्कि शरीर के आंतरिक अंगों के कामकाज को भी प्रभावित करता है, जिससे मेटाबॉलिक सिंड्रोम की स्थिति पैदा हो जाती है. इसके अलावा गलत पोस्चर में घंटों बैठने से रीढ़ की हड्डी पर अत्यधिक दबाव पड़ता है. इससे डिस्क कंप्रेशन और पीठ के निचले हिस्से में दर्द की समस्या शुरू हो जाती है. इसके साथ ही कंप्यूटर स्क्रीन की ओर झुककर देखने से टेक नेक की समस्या होती है, जो गर्दन और कंधों की नसों को स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त कर सकती है.

लंबे समय तक बैठने का संबंध केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य से भी है. गतिहीन जीवनशैली के कारण शरीर में एंडोर्फिन और सेरोटोनिन जैसे हैप्पी हार्मोन्स का उत्पादन कम हो जाता है. धूप और ताजी हवा की कमी के साथ-साथ एक ही जगह जमे रहने से डिप्रेशन और एंजायटी का खतरा बढ़ जाता है, जिससे कार्यक्षमता भी प्रभावित होती है. इन खतरों से बचने के लिए आपको अपनी नौकरी छोड़ने की जरूरत नहीं है, बल्कि माइक्रो-ब्रेक्स लेने की आदत डालनी होगी. हर 30 मिनट में 2 मिनट के लिए खड़े हों या स्ट्रेचिंग करें. ऑफिस में फोन पर बात करते समय टहलने की आदत डालें और लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें. याद रखें जिम में एक घंटा बिताने से 9 घंटे बैठने का नुकसान पूरी तरह खत्म नहीं होता. इसके लिए शरीर को पूरे दिन छोटी-छोटी गतिविधियों की आवश्यकता होती है.

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अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

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