Monday, 14 Sep 2026 | 07:40 AM

Trending :

नीलम ने गोविंदा संग रिश्ते की अफवाहों पर रिएक्शन दिया:बोलीं- उस समय मैं बहुत छोटी थी, उनकी शादी की जानकारी बाद में मिली नीलम ने गोविंदा संग रिश्ते की अफवाहों पर रिएक्शन दिया:बोलीं- उस समय मैं बहुत छोटी थी, उनकी शादी की जानकारी बाद में मिली Andhra Pradesh Paramedical Interns Protest बांग्लादेश बोला- भारत से रिश्ते रीसेट करना चाहते हैं:हसीना के दौर के संबंधों को असहज बताया, विदेश राज्य मंत्री ने कहा- सीधी बातचीत जरूरी ओमान के पास जहाज पर हमला, 14 भारतीय सवार थे:13 का रेस्क्यू हुआ, एक लापता; भारत ने हमले की निंदा की ब्रिटेन के बंटवारे पर साथ आएंगे स्कॉटलैंड, वेल्स-नॉर्दर्न आयरलैंड:तीनों जगहों के नेताओं की कल मीटिंग, अलग होने के पक्ष में
EXCLUSIVE

क्या है जेंडर स्लीप गैप? महिलाएं ज्यादा सोती हैं या मर्द, जानें चौंकाने वाला रिसर्च

authorimg

नींद हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी होती है, लेकिन कई शोध यह बताते हैं कि महिलाओं को अक्सर पुरुषों की तुलना में कम और खराब गुणवत्ता वाली नींद मिलती है. साल 2017 में हुए एक अध्ययन के अनुसार, 45 वर्ष से कम उम्र की सिर्फ लगभग आधी यानी 48 प्रतिशत माताएं ही रोजाना कम से कम 7 घंटे की नींद ले पाती हैं, जबकि जिन महिलाओं के बच्चे नहीं होते, उनमें यह आंकड़ा करीब 62 प्रतिशत तक पहुंच जाता है. यह अंतर साफ तौर पर दर्शाता है कि मां बनने के बाद महिलाओं की नींद पर गहरा असर पड़ता है. बच्चों की देखभाल, रात में बार-बार उठना और दिनभर की जिम्मेदारियां उनकी नींद के समय और गुणवत्ता दोनों को प्रभावित करती हैं.

वहीं, साल 2025 में आई ‘स्लीप साइकल’ की एक ग्लोबल रिपोर्ट ने भी इसी दिशा में संकेत दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, केवल 57 प्रतिशत महिलाएं ही सुबह सामान्य या अच्छे मूड के साथ जागती हैं, जो पुरुषों के मुकाबले थोड़ा कम है. भले ही यह अंतर सुनने में छोटा लगे, लेकिन यह लगातार नींद की कमी और उसकी खराब गुणवत्ता की ओर इशारा करता है. जब व्यक्ति पूरी और सुकून भरी नींद नहीं ले पाता, तो उसका असर सुबह के मूड, ऊर्जा स्तर और पूरे दिन की कार्यक्षमता पर साफ दिखाई देता है. महिलाओं के मामले में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है.

महिलाओं की नींद का पैटर्न भी पुरुषों से अलग होता है. अक्सर उनकी नींद बार-बार टूटती है और उन्हें गहरी नींद कम मिलती है, जिससे शरीर और दिमाग को पूरी तरह से आराम नहीं मिल पाता. इसके पीछे एक प्रमुख कारण जीवन के विभिन्न चरणों में होने वाले हार्मोनल बदलाव हैं. मासिक धर्म, गर्भावस्था और मेनोपॉज जैसे चरणों में हार्मोन में उतार-चढ़ाव होता है, जो नींद के चक्र को प्रभावित करता है. इसके अलावा, कई बार शारीरिक असहजता, दर्द या मानसिक तनाव भी नींद में बाधा बनते हैं.

सिर्फ जैविक कारण ही नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेदारियां भी महिलाओं की नींद को प्रभावित करती हैं. घर और काम के बीच संतुलन बनाना, बच्चों और परिवार की देखभाल करना, साथ ही प्रोफेशनल जिम्मेदारियां निभाना- ये सभी मिलकर महिलाओं पर अतिरिक्त मानसिक दबाव डालते हैं. लगातार चलने वाला यह तनाव उन्हें पूरी तरह रिलैक्स नहीं होने देता, जिसका सीधा असर उनकी नींद पर पड़ता है. यही कारण है कि कई महिलाएं सोने के बाद भी तरोताजा महसूस नहीं करतीं.

विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं का मस्तिष्क दिनभर अधिक मल्टीटास्किंग करता है और भावनात्मक स्तर पर भी ज्यादा सक्रिय रहता है. ऐसे में उनके शरीर और दिमाग को रिकवरी के लिए अपेक्षाकृत ज्यादा आराम और नींद की जरूरत होती है. लेकिन जब यह जरूरत पूरी नहीं होती, तो इसके परिणाम धीरे-धीरे स्वास्थ्य पर दिखने लगते हैं. लगातार नींद की कमी से थकान, चिड़चिड़ापन, तनाव, हार्मोनल असंतुलन और यहां तक कि हृदय रोग व मेटाबॉलिक समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
अभिषेक सबसे तेज 100 टी-20 छक्के लगाने वाले बैटर:श्रेयस इंग्लैंड में फिफ्टी लगाने वाले पहले भारतीय कप्तान; बारिश से मैच नहीं हो पाया

July 2, 2026/
4:30 am

भारत और इंग्लैंड के बीच पहला टी-20 मैच बारिश की वजह से नहीं हो सका। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते...

England Player Bethall Out of IPL 2026 Due to Injury

May 23, 2026/
9:16 pm

स्पोर्ट्स डेस्क10 मिनट पहले कॉपी लिंक जैकब बेथेल बेंगलुरु के लिए सीजन 96 रन ही बना पाए हैं। डिफेंडिंग चैंपियन...

दिव्यांग को 14 साल से नहीं मिला मुआवजा:6.34 लाख का भुगतान अटका, कलेक्टर ने दिए निर्देश

April 7, 2026/
1:43 pm

सिंगरौली जिले के बलियरी निवासी दिव्यांग मोहम्मद शोएब को पिछले 14 वर्षों से मुआवजे का भुगतान नहीं मिला है। एनटीपीसी...

प्रफुल IPL डेब्यू ओवर में 3 विकेट वाले पहले बॉलर:वैभव शून्य पर आउट; संदीप-जुरेल टकराए, फ्लडलाइट्स बंद हुईं; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

April 14, 2026/
4:30 am

सनराइजर्स हैदराबाद ने IPL के 21वें मैच में राजस्थान रॉयल्स को 57 रन से हराया। राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में...

PBKS vs GT IPL Match Chandigarh

March 31, 2026/
7:40 am

पंजाब की जीत पर टीम के फैंस खुश नजर आए। प्रीति जिंटा भी टीम का उत्साह बढ़ाने पहुंची थीं। मोहाली...

authorimg

April 11, 2026/
5:28 pm

मच्छरों के काटने से कई गंभीर रोग होते हैं जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया. कब संक्रमित मच्छर आपको काट ले, ये...

रोहित शेट्टी के घर फायरिंग का आरोपी UP से गिरफ्तार:शुभम लोणकर गैंग से जुड़ा है प्रदीप; सोशल मीडिया के जरिए बना था अपराधी

April 17, 2026/
5:59 pm

यूपी एसटीएफ और मुंबई क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने फिल्म मेकर रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर पर हुई...

Pakistan vs Australia Live Cricket Score, 2nd ODI: Stay updated with PAK vs AUS Ball by Ball Match Updates and Live Scorecard from Gaddafi Stadium in Lahore. (Picture Credit: X/@cricketcomau)

June 2, 2026/
8:37 pm

आखरी अपडेट:02 जून, 2026, 20:37 IST चुनाव में हार के बाद से, पार्टी आंतरिक तनाव के संकेतों और अपने नेतृत्व...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

क्या है जेंडर स्लीप गैप? महिलाएं ज्यादा सोती हैं या मर्द, जानें चौंकाने वाला रिसर्च

authorimg

नींद हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी होती है, लेकिन कई शोध यह बताते हैं कि महिलाओं को अक्सर पुरुषों की तुलना में कम और खराब गुणवत्ता वाली नींद मिलती है. साल 2017 में हुए एक अध्ययन के अनुसार, 45 वर्ष से कम उम्र की सिर्फ लगभग आधी यानी 48 प्रतिशत माताएं ही रोजाना कम से कम 7 घंटे की नींद ले पाती हैं, जबकि जिन महिलाओं के बच्चे नहीं होते, उनमें यह आंकड़ा करीब 62 प्रतिशत तक पहुंच जाता है. यह अंतर साफ तौर पर दर्शाता है कि मां बनने के बाद महिलाओं की नींद पर गहरा असर पड़ता है. बच्चों की देखभाल, रात में बार-बार उठना और दिनभर की जिम्मेदारियां उनकी नींद के समय और गुणवत्ता दोनों को प्रभावित करती हैं.

वहीं, साल 2025 में आई ‘स्लीप साइकल’ की एक ग्लोबल रिपोर्ट ने भी इसी दिशा में संकेत दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, केवल 57 प्रतिशत महिलाएं ही सुबह सामान्य या अच्छे मूड के साथ जागती हैं, जो पुरुषों के मुकाबले थोड़ा कम है. भले ही यह अंतर सुनने में छोटा लगे, लेकिन यह लगातार नींद की कमी और उसकी खराब गुणवत्ता की ओर इशारा करता है. जब व्यक्ति पूरी और सुकून भरी नींद नहीं ले पाता, तो उसका असर सुबह के मूड, ऊर्जा स्तर और पूरे दिन की कार्यक्षमता पर साफ दिखाई देता है. महिलाओं के मामले में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है.

महिलाओं की नींद का पैटर्न भी पुरुषों से अलग होता है. अक्सर उनकी नींद बार-बार टूटती है और उन्हें गहरी नींद कम मिलती है, जिससे शरीर और दिमाग को पूरी तरह से आराम नहीं मिल पाता. इसके पीछे एक प्रमुख कारण जीवन के विभिन्न चरणों में होने वाले हार्मोनल बदलाव हैं. मासिक धर्म, गर्भावस्था और मेनोपॉज जैसे चरणों में हार्मोन में उतार-चढ़ाव होता है, जो नींद के चक्र को प्रभावित करता है. इसके अलावा, कई बार शारीरिक असहजता, दर्द या मानसिक तनाव भी नींद में बाधा बनते हैं.

सिर्फ जैविक कारण ही नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेदारियां भी महिलाओं की नींद को प्रभावित करती हैं. घर और काम के बीच संतुलन बनाना, बच्चों और परिवार की देखभाल करना, साथ ही प्रोफेशनल जिम्मेदारियां निभाना- ये सभी मिलकर महिलाओं पर अतिरिक्त मानसिक दबाव डालते हैं. लगातार चलने वाला यह तनाव उन्हें पूरी तरह रिलैक्स नहीं होने देता, जिसका सीधा असर उनकी नींद पर पड़ता है. यही कारण है कि कई महिलाएं सोने के बाद भी तरोताजा महसूस नहीं करतीं.

विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं का मस्तिष्क दिनभर अधिक मल्टीटास्किंग करता है और भावनात्मक स्तर पर भी ज्यादा सक्रिय रहता है. ऐसे में उनके शरीर और दिमाग को रिकवरी के लिए अपेक्षाकृत ज्यादा आराम और नींद की जरूरत होती है. लेकिन जब यह जरूरत पूरी नहीं होती, तो इसके परिणाम धीरे-धीरे स्वास्थ्य पर दिखने लगते हैं. लगातार नींद की कमी से थकान, चिड़चिड़ापन, तनाव, हार्मोनल असंतुलन और यहां तक कि हृदय रोग व मेटाबॉलिक समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.