Saturday, 01 Aug 2026 | 07:43 AM

Trending :

अगर एक बार स्पर्म काउंट जीरो हो जाए तो क्या दोबारा बढ़ सकता है? IVF स्पेशलिस्ट से जान लीजिए

authorimg

Last Updated:

Azoospermia Problem in Men: कई पुरुषों का स्पर्म काउंट जीरो हो जाता है और इसकी वजह से पिता बनने में परेशानी आने लगती है. डॉक्टर सोनाली गुप्ता के अनुसार स्पर्म काउंट जीरो होने की वजह का पता लग जाए, तो अधिकतर मामलों में इसे रिवर्स किया जा सकता है. दवाओं, सर्जरी और कुछ तरीकों से स्पर्म काउंट दोबारा बढ़ाया जा सकता है.

Zoom

डॉ. सोनाली गुप्ता के मुताबिक अधिकतर मामलों में सही ट्रीटमेंट से स्पर्म काउंट बढ़ाया जा सकता है.

Can Zero Sperm Count Be Reversed: आज के जमाने में अधिकतर लोगों की लाइफस्टाइल और खानपान बिगड़ गया है. लोगों के सोने-जागने का रूटीन खराब हो गया है और स्ट्रेस हद से ज्यादा झेलना पड़ रहा है. इसका सीधा असर पुरुषों की फर्टिलिटी पर भी पड़ रहा है. कई युवा जीरो स्पर्म काउंट जैसी समस्या का शिकार हो रहे हैं. इसे मेडिकल की भाषा में एजोस्पर्मिया कहा जाता है. डॉक्टर्स की मानें तो जब किसी पुरुष की सीमेन रिपोर्ट में एक भी लाइव स्पर्म नहीं मिलता, तो इसे जीरो स्पर्म काउंट माना जाता है. ऐसी कंडीशन में सबसे पहले इसकी वजह का पता लगाया जाता है और फिर उसके अनुसार ट्रीटमेंट किया जाता है. वक्त रहते ट्रीटमेंट कराया जाए, तो अधिकतर मामलों में इस कंडीशन को रिवर्स किया जा सकता है.

ग्रेटर नोएडा के Bliss आईवीएफ एंड गायनी केयर सेंटर की स्पेशलिस्ट डॉ. सोनाली गुप्ता ने News18 को बताया कि सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि स्पर्म काउंट जीरो होने का कारण क्या है. कई बार शरीर में स्पर्म बनता है, लेकिन किसी रुकावट के कारण बाहर नहीं आ पाता है. इस कंडीशन को ऑब्स्ट्रक्टिव एजोस्पर्मिया कहा जाता है. ब्लॉकेज की कंडीशन में सर्जरी से रुकावट दूर कर दी जाती है. कई मामलों में इंजेक्शन के जरिए टेस्टिकल्स से सीधे स्पर्म निकाल लिए जाते हैं. इसका इस्तेमाल करके IVF के जरिए बच्चा पैदा किया जाता है. इस कंडीशन के अधिकतर मरीज IVF की मदद से आसानी से पिता बन सकते हैं.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

डॉक्टर ने बताया कि कई मामलों में नॉन-ऑब्स्ट्रक्टिव एजोस्पर्मिया की कंडीशन पैदा हो जाती है. इसमें स्पर्म बनना ही बंद हो जाता है. आमतौर पर सीवियर इंफेक्शन, बुखार, टॉक्सिसिटी, हॉट वॉटर बाथ, लैपटॉप-मोबाइल गोद में रखने जैसे फैक्टर्स की वजह से यह कंडीशन पैदा होती है. इसमें बीमारियों का ट्रीटमेंट किया जाता है और इसके बाद अधिकतर मामलों में स्पर्म प्रोडक्शन शुरू हो जाता है. कुछ मामलों में जीरो स्पर्म काउंट का मुख्य कारण हार्मोनल असंतुलन होता है. शरीर में टेस्टोस्टेरोन, FSH और LH का स्तर कम होने पर शुक्राणुओं का निर्माण प्रभावित होता है. फर्टिलिटी विशेषज्ञ ब्लड टेस्ट के जरिए इन हार्मोन्स की जांच करते हैं. अगर समस्या हार्मोनल हो, तो दवाओं और इंजेक्शन के माध्यम से स्पर्म प्रोडक्शन को फिर से शुरू किया जा सकता है.

आईवीएफ स्पेशलिस्ट के मुताबिक अगर स्पर्म काउंट की समस्या का कारण तनाव, स्मोकिंग, शराब या गलत आदतें हैं, तो इसमें सुधार की पूरी संभावना रहती है. लंबे समय तक लैपटॉप गोद में रखना या बहुत टाइट कपड़े पहनना अंडकोष का तापमान बढ़ा देता है, जिससे स्पर्म निर्माण प्रभावित होता है. नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और नशे से दूरी बनाकर स्पर्म की क्वालिटी और काउंट दोनों में सुधार किया जा सकता है. आजकल बहुत सी तकनीक मौजूद हैं, जिनकी मदद से इस समस्या से निजात मिल सकती है. हालांकि लंबे समय तक इस समस्या को इग्नोर करने से स्पर्म काउंट हमेशा के लिए जीरो हो सकता है. ऐसे में लोगों को वक्त रहते अपनी जांच करानी चाहिए, ताकि सही समय पर ट्रीटमेंट शुरू किया जा सके.

About the Author

authorimg

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
'फेक रिफंड स्कैम' से ठगी के दो मामले दर्ज:मंडला में अपराधी फर्जी SMS भेजकर पैसे वापस मंगाकर कर रहे धोखाधड़ी

April 8, 2026/
9:43 am

मंडला जिले में साइबर ठगी के हाल के मामलों के बाद पुलिस ने आम जनता के लिए चेतावनी जारी की...

Bangladesh Vs Netherlands LIVE Score, Women's T20 World Cup

June 14, 2026/
4:06 pm

आखरी अपडेट:14 जून, 2026, 16:06 IST एमएनएस नेता बाला नंदगांवकर ने उद्धव और राज ठाकरे से एकजुट होने का आग्रह...

कहीं और कहीं कहीं स्थानीय पहचान...बंगाल, असम से लेकर तमिल तक, इन आम लोगों पर चुनाव होगा

April 4, 2026/
3:55 pm

पांच राज्यों में चुनाव प्रचार तेजी से चल रहा है। सभी राजनीतिक दल अलग-अलग पार्टियों को लेकर नामांकित मैदानों में...

घर पर रेशमी बाल: किचन में मौजूद हैं मेथी के दानों को खास ये पेस्ट, बालों जैसे बाल भी हो जाएंगे शाइनी, अपनाएं 5 देसी नुस्खे

April 14, 2026/
2:19 pm

घर पर रेशमी बाल: टाइट लाइफस्टाइल, प्रदूषण और केमिकल उत्पादों के कारण बालों का रूखा और बेजान होना आम समस्या...

राजस्थान के कप्तान रियान पराग ई-सिगरेट पीते दिखे:मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम का वीडियो वायरल; ई-सिगरेट बैन, BCCI कार्रवाई कर सकता है

April 29, 2026/
8:16 am

PL 2026 में राजस्थान रॉयल्स (RR) के कप्तान रियान पराग विवाद में फंस गए हैं। पंजाब किंग्स के खिलाफ मंगलवार...

फुटबॉल वर्ल्डकप में कतर ने स्विट्जरलैंड को ड्रॉ पर रोका:खौखी ने इंजरी टाइम में हेडर से गोल दागा, गेम में 0-1 से पीछे थी टीम

June 14, 2026/
5:56 am

आखिरी क्षणों में बौआलेम खौखी के गोल से कतर ने फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-बी मैच में स्विट्जरलैंड को...

टीएमसी को नेतृत्व संकट का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि कल्याण बनर्जी मांग कर रहे हैं कि ममता उनमें और अभिषेक में से किसी एक को चुनें

June 11, 2026/
6:39 pm

तृणमूल कांग्रेस गहरे नेतृत्व संकट का सामना कर रही है क्योंकि कल्याण बनर्जी कथित तौर पर मांग कर रहे हैं...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

अगर एक बार स्पर्म काउंट जीरो हो जाए तो क्या दोबारा बढ़ सकता है? IVF स्पेशलिस्ट से जान लीजिए

authorimg

Last Updated:

Azoospermia Problem in Men: कई पुरुषों का स्पर्म काउंट जीरो हो जाता है और इसकी वजह से पिता बनने में परेशानी आने लगती है. डॉक्टर सोनाली गुप्ता के अनुसार स्पर्म काउंट जीरो होने की वजह का पता लग जाए, तो अधिकतर मामलों में इसे रिवर्स किया जा सकता है. दवाओं, सर्जरी और कुछ तरीकों से स्पर्म काउंट दोबारा बढ़ाया जा सकता है.

Zoom

डॉ. सोनाली गुप्ता के मुताबिक अधिकतर मामलों में सही ट्रीटमेंट से स्पर्म काउंट बढ़ाया जा सकता है.

Can Zero Sperm Count Be Reversed: आज के जमाने में अधिकतर लोगों की लाइफस्टाइल और खानपान बिगड़ गया है. लोगों के सोने-जागने का रूटीन खराब हो गया है और स्ट्रेस हद से ज्यादा झेलना पड़ रहा है. इसका सीधा असर पुरुषों की फर्टिलिटी पर भी पड़ रहा है. कई युवा जीरो स्पर्म काउंट जैसी समस्या का शिकार हो रहे हैं. इसे मेडिकल की भाषा में एजोस्पर्मिया कहा जाता है. डॉक्टर्स की मानें तो जब किसी पुरुष की सीमेन रिपोर्ट में एक भी लाइव स्पर्म नहीं मिलता, तो इसे जीरो स्पर्म काउंट माना जाता है. ऐसी कंडीशन में सबसे पहले इसकी वजह का पता लगाया जाता है और फिर उसके अनुसार ट्रीटमेंट किया जाता है. वक्त रहते ट्रीटमेंट कराया जाए, तो अधिकतर मामलों में इस कंडीशन को रिवर्स किया जा सकता है.

ग्रेटर नोएडा के Bliss आईवीएफ एंड गायनी केयर सेंटर की स्पेशलिस्ट डॉ. सोनाली गुप्ता ने News18 को बताया कि सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि स्पर्म काउंट जीरो होने का कारण क्या है. कई बार शरीर में स्पर्म बनता है, लेकिन किसी रुकावट के कारण बाहर नहीं आ पाता है. इस कंडीशन को ऑब्स्ट्रक्टिव एजोस्पर्मिया कहा जाता है. ब्लॉकेज की कंडीशन में सर्जरी से रुकावट दूर कर दी जाती है. कई मामलों में इंजेक्शन के जरिए टेस्टिकल्स से सीधे स्पर्म निकाल लिए जाते हैं. इसका इस्तेमाल करके IVF के जरिए बच्चा पैदा किया जाता है. इस कंडीशन के अधिकतर मरीज IVF की मदद से आसानी से पिता बन सकते हैं.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

डॉक्टर ने बताया कि कई मामलों में नॉन-ऑब्स्ट्रक्टिव एजोस्पर्मिया की कंडीशन पैदा हो जाती है. इसमें स्पर्म बनना ही बंद हो जाता है. आमतौर पर सीवियर इंफेक्शन, बुखार, टॉक्सिसिटी, हॉट वॉटर बाथ, लैपटॉप-मोबाइल गोद में रखने जैसे फैक्टर्स की वजह से यह कंडीशन पैदा होती है. इसमें बीमारियों का ट्रीटमेंट किया जाता है और इसके बाद अधिकतर मामलों में स्पर्म प्रोडक्शन शुरू हो जाता है. कुछ मामलों में जीरो स्पर्म काउंट का मुख्य कारण हार्मोनल असंतुलन होता है. शरीर में टेस्टोस्टेरोन, FSH और LH का स्तर कम होने पर शुक्राणुओं का निर्माण प्रभावित होता है. फर्टिलिटी विशेषज्ञ ब्लड टेस्ट के जरिए इन हार्मोन्स की जांच करते हैं. अगर समस्या हार्मोनल हो, तो दवाओं और इंजेक्शन के माध्यम से स्पर्म प्रोडक्शन को फिर से शुरू किया जा सकता है.

आईवीएफ स्पेशलिस्ट के मुताबिक अगर स्पर्म काउंट की समस्या का कारण तनाव, स्मोकिंग, शराब या गलत आदतें हैं, तो इसमें सुधार की पूरी संभावना रहती है. लंबे समय तक लैपटॉप गोद में रखना या बहुत टाइट कपड़े पहनना अंडकोष का तापमान बढ़ा देता है, जिससे स्पर्म निर्माण प्रभावित होता है. नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और नशे से दूरी बनाकर स्पर्म की क्वालिटी और काउंट दोनों में सुधार किया जा सकता है. आजकल बहुत सी तकनीक मौजूद हैं, जिनकी मदद से इस समस्या से निजात मिल सकती है. हालांकि लंबे समय तक इस समस्या को इग्नोर करने से स्पर्म काउंट हमेशा के लिए जीरो हो सकता है. ऐसे में लोगों को वक्त रहते अपनी जांच करानी चाहिए, ताकि सही समय पर ट्रीटमेंट शुरू किया जा सके.

About the Author

authorimg

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.