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बिहार- नई सरकार में मंत्री बनने के लिए तांत्रिक पूजा:कैमरे पर दावा- 27 विधायकों ने कराया अनुष्ठान, CM-डिप्टी CM और मंत्री बनना चाहते हैं

बिहार- नई सरकार में मंत्री बनने के लिए तांत्रिक पूजा:कैमरे पर दावा- 27 विधायकों ने कराया अनुष्ठान, CM-डिप्टी CM और मंत्री बनना चाहते हैं

बिहार में नई सरकार बनने जा रही है। मंत्री बनने के लिए विधायक तंत्र-मंत्र का सहारा ले रहे हैं। CM और डिप्टी CM से लेकर मंत्री की रेस में शामिल 27 विधायक तांत्रिकों के संपर्क में हैं। किसी के घर ग्रह दोष निवारण की पूजा चल रही है तो कोई तांत्रिकों से नई सरकार में बड़ी जिम्मेदारी के लिए अनुष्ठान करा रहा है। इसमें मौजूदा सरकार में बड़ी जिम्मेदारी निभा रहे नेता भी शामिल हैं। डिप्टी CM से लेकर 12 से ज्यादा मंत्रियों के घर तो नवरात्रि में 9 दिनों तक तंत्र साधना का इनपुट है। ऐसे इनपुट के बाद भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम उन तांत्रिकों और ज्योतिषियों तक पहुंची जिनसे बिहार के नेता पूजा पाठ करवा रहे हैं। पढ़िए, बिहार में नीतीश के इस्तीफे के बीच नई सरकार में बड़ी जिम्मेदारी पाने के लिए तांत्रिकों की शरण में जाने वाले नेताओं की कहानी… पहले तंत्र-मंत्र का पॉलिटिकल कनेक्शन जानिए बिहार की राजनीति में तंत्र-मंत्र का बड़ा कनेक्शन रहा है। बिहार के तंत्र साधक और ज्योतिषियों का दिल्ली के नेताओं से भी कनेक्शन रहा है। इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर दिल्ली के कई बड़े लीडर बिहार के तांत्रिक और ज्योतिषियों के संपर्क में रहे हैं। मधुबनी के ज्योतिषाचार्य एन के झा तो इंदिरा गांधी के पुरोहित रह चुके हैं। अमित शाह और राजनाथ सिंह का भी बिहार और झारखंड में पूजा का कनेक्शन है। नीतीश कुमार, सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, अशोक चौधरी, नितिन नवीन, चिराग पासवान, राजू तिवारी, संजीव चौरसिया, रामकृपाल यादव से लेकर कई ऐसे नेता हैं, जो पूजा-अनुष्ठान कराते रहते हैं। बिहार में अधिकांश नेताओं के लिए पूजा पाठ, अनुष्ठान और धार्मिक आस्था उनकी निजी और सार्वजनिक जीवन का हिस्सा होती है। बिहार के प्रमुख ज्योतिषी डॉक्टर श्रीपति त्रिपाठी के शिष्यों में पॉलिटिशियन ज्यादा हैं। CM और डिप्टी CM से लेकर बिहार का हर बड़ा और प्रभावशाली नेता पंडित श्रीपति त्रिपाठी के संपर्क में रहता है। बिहार और झारखंड में ज्योतिष साधना को लेकर चर्चा में रहने वाले श्रीपति त्रिपाठी की तरफ से नेताओं के अनुष्ठान का इनपुट मिला। भास्कर रिपोर्टर ने श्रीपति त्रिपाठी से संपर्क किया तो उन्होंने पॉलिटिकल शिष्यों के लिए अनुष्ठान की बात को स्वीकर किया। पंडित डॉक्टर श्रीपति त्रिपाठी ने बताया, बिहार और झारखंड में कई पॉलिटिकल लोग मेरे शिष्य हैं। वो लोग कोई भी पॉलिटिकल डिसीजन लेने से पहले मुझसे परामर्श करते हैं। बिहार में एक बार फिर नई सरकार को लेकर समीकरण बन रहे हैं, ऐसे में कई शिष्य हमारे पास आए हैं। नई सरकार में शिष्य बेहतर पोजिशन के लिए उपाय करवा रहे हैं। सरकार में बड़ी जिम्मेदारी पर काम करें, इसके लिए उनकी जन्मपत्री पर विचार कर ग्रहों की चाल को अनुकूल करने के उपाय पर मैंने काम किया है। पॉलिटिक्स में बड़ी सफलता बड़ा मुकाम मिले, इसके लिए कुछ पूजा अनुष्ठान भी चल रहे हैं। नवरात्रि में मां को प्रसन्न करने के लिए भी संकल्प लेकर पूजा पाठ की गई है। नेपाल सीमा के रक्सौल में स्थित काली न्यास मंदिर में 16 से अधिक पॉलिटिशियन के पूजा अनुष्ठान का इनपुट मिला है। यहां के तांत्रिक जगतगुरु वामाचार्य सेवक संजय नाथ हैं, जो तंत्र को लेकर भारत से लेकर विदेशों में भी चर्चा में रहते हैं। नेपाल की राजनीति में भी कई प्रभावी नेताओं के लिए वह पूजा अनुष्ठान करते रहते हैं। वह काली मंदिर के न्यास और दस महाविद्या की साधना के लिए प्रसिद्ध हैं। बिहार के नताओं के अनुष्ठान के इनपुट के बाद भास्कर रिपोर्टर ने सेवक संजय नाथ से संपर्क किया। तांत्रिक संजय नाथ ने बताया, बिहार में सत्ता से लेकर विपक्ष के अधिकतर पॉलिटिशियन उनके शिष्य हैं, हर छोटे-बड़े काम के पहले वह संपर्क करते हैं। कोई बड़ा मिशन हो या बड़े प्लान हो, शुरुआत करने से पहले जरूर संपर्क करते हैं। बिहार में नई सरकार को लेकर कई पॉलिटिशियन ने अपनी जन्मपत्री हमें दी है। कई पॉलिटिशियन ने अपना नया प्लान साझा किया है। उनकी कामना पूरी हो इसके लिए नवरात्रि में दस महाविद्या (देवी का एक रूप) काे मनाया गया है। नेताओं की इच्छा पूरी हो, वह अपने नए प्लान में पूरी तरह से सफल हों, इसके लिए दस महाविद्या की देवी की विधिवत उपासना की गई है। संयोग अच्छा रहा कि राजनीतिक उथल-पुथल के दौरान नवरात्रि पड़ी। इस विशेष संयोग में नेताओं के लिए तंत्र अनुष्ठान किया गया। 5 दिवसीय तांत्रिक अनुष्ठान के लिए बिहार के 6 विधायकों ने पटना के रहने वाले पंडित राकेश झा को कामाख्या भेजा था। भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि इसमें 2 विधायक ऐसे हैं, जो मौजूदा सरकार में बड़े पदों पर हैं। अब और बड़ी जिम्मेदारी संभालने के लिए मां कामाख्या के दरबार में अनुष्ठान करवाया है। पंडित का पता लगाने के बाद भास्कर रिपोर्टर ने उनसे संपर्क किया तो उन्होंने नाम भी बताए, लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं करने का आग्रह किया। इसके पीछे पंडित राकेश झा का तर्क है कि पूजा अनुष्ठान व्यक्तिगत चीज है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया है कि 6 विधायक जो मौजूदा समय में बड़े पदों पर हैं, उनके लिए उन्होंने कामाख्या में अनुष्ठान किया है। पंडित राकेश झा ने बताया कि कामाख्या तंत्र पीठ है, यहां की गई पूजा साधना कभी खाली नहीं जाती। उनके संपर्क में कई ऐसे राजनीतिक लोग हैं, जो बिहार सरकार में काफी प्रभावी हैं। अक्सर पूजा अनुष्ठान उनके घरों में भी चलता है। इस बार कुछ विशेष कामना के लिए कुछ विधायकों की इच्छा थी कि उनके लिए कामाख्या में उपासना हो। विधायकों ने कामाख्या में पंडित के लिए पूरी व्यवस्था कराई थी। 5 दिन के तांत्रिक अनुष्ठान के बाद वह उन नेताओं के घर भी पहुंचे और घर पर एक अनुष्ठान कराया गया। कामाख्या में साधना करने वाले बिहार के ज्योतिषाचार्य कृष्णकांत मिश्रा के भी बिहार झारखंड में कई पॉलिटिकल शिष्य हैं। इनपुट के बाद भास्कर रिपोर्टर ने आचार्य कृष्णकांत मिश्रा से संपर्क किया तो पता चला कि बिहार में नई सरकार में बड़ी कामना के साथ कई नेताओं ने उन्हें अनुष्ठान के लिए कहा था। तांत्रिक अनुष्ठान के लिए नेताओं से संकल्प लेकर उन्होंने नैना देवी स्थान पर 7 दिनों का अनुष्ठान किया है। उन्होंने बताया कि बिहार और यूपी में कई पॉलिटिकल हैं, जो उन पर विश्वास करते हैं। शिष्य के रूप में नेता हमेशा संपर्क में रहते हैं। उन्हें कोई भी समस्या होती है तो मां कामाख्या से अनुनय विनय कर शिष्यों की मदद के लिए पूजा अनुष्ठान को तैयार रहते हैं। बिहार में नए राजनीतिक समीकरण को लेकर पॉलिटिकल लोगों ने संपर्क किया है, उनके लिए नैना देवी स्थान पर 7 दिनों का अनुष्ठान किया है। शिष्यों को कुछ उपाय बताया गया है, वह कर रहे हैं। मां की कृपा शिष्यों पर बनेगी और वह बिहार की नई सरकार में अपनी खास जगह बनाएंगे, ऐसा पूरा विश्वास है। बंगाल के तंत्रपीठ मां तारापीठ में बिहार के नेताओं के लिए पूजा और तांत्रिक अनुष्ठान की पड़ताल के लिए रिपोर्टर ने बंगाल की तांत्रिक तनुश्री को कॉल किया। विधायक का प्रतिनिध बनकर जब तांत्रिक तनुश्री से बात की गई तो उन्होंने भी बताया तंत्र साधना से संभव है कि किसी की पॉलिटिक्स में किस्मत चमका दी जाए, बस समय चाहिए होता है। रिपोर्टर – राधे-राधे तनुश्री – मैंने आपको नॉर्मल कॉल करने के लिए कहा था, क्योंकि नेटवर्क की समस्या हो रही थी। रिपोर्टर – आप कहां से हैं? तनुश्री – मैं कोलकाता से हूं। रिपोर्टर – मैं बिहार से हूं, मैं एक विधायक जी का पीए हूं, आपका नंबर हमें गोलू से मिला है। हमें साधना करानी है, ताकि विधायकजी को मंत्री पद मिल सके। अभी यहां सरकार में बदलाव की स्थिति चल रही है। इसमें कितना खर्च आएगा और क्या प्रक्रिया होगी? तनुश्री – उनकी वर्तमान स्थिति कैसी है? रिपोर्टर – स्थिति ठीक है, लाइजनिंग भी अच्छी है। तनुश्री – देखिए, यह बहुत बड़ा काम होता है। इसमें काफी समय लगता है, कभी-कभी पूरा दिन लग जाता है, लेकिन अभी मेरे पास समय नहीं है। मैं 4 तारीख तक बाहर जा रही हूं, फिर 10 तारीख को वापस आऊंगी। उसके बाद 18 तारीख को बेंगलुरु जाऊंगी, फिर 29 तारीख तक वापस आऊंगी। चुनाव के समय भी व्यस्त रहूंगी और 7 तारीख को विदेश भी जाना है। इसलिए अभी मैं यह काम नहीं ले पाऊंगी। आप किसी दूसरे तांत्रिक से संपर्क कर लें। रिपोर्टर – ठीक है, फिर कैसे होगा। तनु श्री – आप और लोगों से संपर्क कर लीजिए या मैं पंडित तांत्रिक विनय महाराज का नंबर भेज देती हूं। तंत्र-मंत्र के लिए कुछ विधायकों और नेताओं का कोलकाता में पूजा अनुष्ठान का इनपुट मिला है। पड़ताल के दौरान हमें बंगाल की तांत्रिक तनुश्री से विजय महाराज का इनपुट मिला। तनुश्री से मोबाइल नंबर मिलने के बाद पंडित विजय महाराज से विधायक का प्रतिनिधि बनकर रिपोर्टर ने मंत्री बनने के लिए कॉल किया। तांत्रिक पंडित विनय महाराज ने दावा किया कि बिहार झारखंड में उनके दर्जनों पॉलिटिकल शिष्य हैं। उन्होंने झारखंड के पूर्व CM स्वर्गीय शिबू सोरेन को भी अपना शिष्य बताया। तांत्रिक का दावा है कि सम्मोहन की तांत्रिक क्रिया से वह किसी को भी काबू में कराकर बड़ा काम करा सकते हैं। रिपोर्टर – प्रणाम गुरुदेव। विनय महाराज – हां, प्रणाम, बोलिए क्या समाचार। रिपोर्टर – मैं बिहार से हूं, एक विधायक जी के लिए अनुष्ठान कराना है। विनय महाराज – कैसा अनुष्ठान कराना है, कई तरह का पूजा अनुष्ठान होता है। रिपोर्टर – बिहार में नई सरकार बन सकती है, उनकी इच्छा है कि मंत्रिमंडल में जगह मिले। संभव हो पाएगा क्या। विनय महाराज – जी, इसके लिए पहले हमें उनकी पूरी जानकारी देखनी होगी, उनका नाम, फोटो और बर्थ डिटेल्स भेजना पड़ेगा। उसके आधार पर हम गणना करके बताएंगे कि अनुष्ठान संभव है या नहीं। रिपोर्टर – यह अनुष्ठान कहां होगा? विनय महाराज – यह अनुष्ठान तारापीठ यानि तंत्र पीठ में कराया जाएगा। रिपोर्टर – क्या पहले भी इस तरह के अनुष्ठान से किसी को फायदा हुआ है? विनय महाराज – हम लोग इस तरह के बहुत काम करते हैं, देश के अलग-अलग राज्यों से लोग आते हैं। बिहार झारखंड के कई बड़े नेता भी हमसे जुड़े हैं, जैसे शिबू सोरेन हमारे काफी करीबी रहे हैं। रिपोर्टर – क्या इससे सच में फायदा होता है? विनय महाराज – देखिए, फायदा 100% होता है, लेकिन व्यक्ति में क्षमता भी होनी चाहिए। कोई भी आकर यह नहीं कह सकता कि उसे विधायक या मंत्री बना दिया जाए। पहले उसकी योग्यता और ग्रह-नक्षत्र देखे जाते हैं। रिपोर्टर – इसकी प्रक्रिया और खर्च क्या होगा? विनय महाराज – सबसे पहले जांच गणना (कैलकुलेशन) होती है, जिसका शुल्क 3100 रुपए है। अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, तभी आगे अनुष्ठान किया जाता है। अनुष्ठान का खर्च उसके बाद ही बताया जाएगा। रिपोर्टर – ठीक है गुरुदेव, आपकी बात हम विधायक जी से कराकर डिटेल भेज देंगे।

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बिहार- नई सरकार में मंत्री बनने के लिए तांत्रिक पूजा:कैमरे पर दावा- 27 विधायकों ने कराया अनुष्ठान, CM-डिप्टी CM और मंत्री बनना चाहते हैं

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बिहार में नई सरकार बनने जा रही है। मंत्री बनने के लिए विधायक तंत्र-मंत्र का सहारा ले रहे हैं। CM और डिप्टी CM से लेकर मंत्री की रेस में शामिल 27 विधायक तांत्रिकों के संपर्क में हैं। किसी के घर ग्रह दोष निवारण की पूजा चल रही है तो कोई तांत्रिकों से नई सरकार में बड़ी जिम्मेदारी के लिए अनुष्ठान करा रहा है। इसमें मौजूदा सरकार में बड़ी जिम्मेदारी निभा रहे नेता भी शामिल हैं। डिप्टी CM से लेकर 12 से ज्यादा मंत्रियों के घर तो नवरात्रि में 9 दिनों तक तंत्र साधना का इनपुट है। ऐसे इनपुट के बाद भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम उन तांत्रिकों और ज्योतिषियों तक पहुंची जिनसे बिहार के नेता पूजा पाठ करवा रहे हैं। पढ़िए, बिहार में नीतीश के इस्तीफे के बीच नई सरकार में बड़ी जिम्मेदारी पाने के लिए तांत्रिकों की शरण में जाने वाले नेताओं की कहानी… पहले तंत्र-मंत्र का पॉलिटिकल कनेक्शन जानिए बिहार की राजनीति में तंत्र-मंत्र का बड़ा कनेक्शन रहा है। बिहार के तंत्र साधक और ज्योतिषियों का दिल्ली के नेताओं से भी कनेक्शन रहा है। इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर दिल्ली के कई बड़े लीडर बिहार के तांत्रिक और ज्योतिषियों के संपर्क में रहे हैं। मधुबनी के ज्योतिषाचार्य एन के झा तो इंदिरा गांधी के पुरोहित रह चुके हैं। अमित शाह और राजनाथ सिंह का भी बिहार और झारखंड में पूजा का कनेक्शन है। नीतीश कुमार, सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, अशोक चौधरी, नितिन नवीन, चिराग पासवान, राजू तिवारी, संजीव चौरसिया, रामकृपाल यादव से लेकर कई ऐसे नेता हैं, जो पूजा-अनुष्ठान कराते रहते हैं। बिहार में अधिकांश नेताओं के लिए पूजा पाठ, अनुष्ठान और धार्मिक आस्था उनकी निजी और सार्वजनिक जीवन का हिस्सा होती है। बिहार के प्रमुख ज्योतिषी डॉक्टर श्रीपति त्रिपाठी के शिष्यों में पॉलिटिशियन ज्यादा हैं। CM और डिप्टी CM से लेकर बिहार का हर बड़ा और प्रभावशाली नेता पंडित श्रीपति त्रिपाठी के संपर्क में रहता है। बिहार और झारखंड में ज्योतिष साधना को लेकर चर्चा में रहने वाले श्रीपति त्रिपाठी की तरफ से नेताओं के अनुष्ठान का इनपुट मिला। भास्कर रिपोर्टर ने श्रीपति त्रिपाठी से संपर्क किया तो उन्होंने पॉलिटिकल शिष्यों के लिए अनुष्ठान की बात को स्वीकर किया। पंडित डॉक्टर श्रीपति त्रिपाठी ने बताया, बिहार और झारखंड में कई पॉलिटिकल लोग मेरे शिष्य हैं। वो लोग कोई भी पॉलिटिकल डिसीजन लेने से पहले मुझसे परामर्श करते हैं। बिहार में एक बार फिर नई सरकार को लेकर समीकरण बन रहे हैं, ऐसे में कई शिष्य हमारे पास आए हैं। नई सरकार में शिष्य बेहतर पोजिशन के लिए उपाय करवा रहे हैं। सरकार में बड़ी जिम्मेदारी पर काम करें, इसके लिए उनकी जन्मपत्री पर विचार कर ग्रहों की चाल को अनुकूल करने के उपाय पर मैंने काम किया है। पॉलिटिक्स में बड़ी सफलता बड़ा मुकाम मिले, इसके लिए कुछ पूजा अनुष्ठान भी चल रहे हैं। नवरात्रि में मां को प्रसन्न करने के लिए भी संकल्प लेकर पूजा पाठ की गई है। नेपाल सीमा के रक्सौल में स्थित काली न्यास मंदिर में 16 से अधिक पॉलिटिशियन के पूजा अनुष्ठान का इनपुट मिला है। यहां के तांत्रिक जगतगुरु वामाचार्य सेवक संजय नाथ हैं, जो तंत्र को लेकर भारत से लेकर विदेशों में भी चर्चा में रहते हैं। नेपाल की राजनीति में भी कई प्रभावी नेताओं के लिए वह पूजा अनुष्ठान करते रहते हैं। वह काली मंदिर के न्यास और दस महाविद्या की साधना के लिए प्रसिद्ध हैं। बिहार के नताओं के अनुष्ठान के इनपुट के बाद भास्कर रिपोर्टर ने सेवक संजय नाथ से संपर्क किया। तांत्रिक संजय नाथ ने बताया, बिहार में सत्ता से लेकर विपक्ष के अधिकतर पॉलिटिशियन उनके शिष्य हैं, हर छोटे-बड़े काम के पहले वह संपर्क करते हैं। कोई बड़ा मिशन हो या बड़े प्लान हो, शुरुआत करने से पहले जरूर संपर्क करते हैं। बिहार में नई सरकार को लेकर कई पॉलिटिशियन ने अपनी जन्मपत्री हमें दी है। कई पॉलिटिशियन ने अपना नया प्लान साझा किया है। उनकी कामना पूरी हो इसके लिए नवरात्रि में दस महाविद्या (देवी का एक रूप) काे मनाया गया है। नेताओं की इच्छा पूरी हो, वह अपने नए प्लान में पूरी तरह से सफल हों, इसके लिए दस महाविद्या की देवी की विधिवत उपासना की गई है। संयोग अच्छा रहा कि राजनीतिक उथल-पुथल के दौरान नवरात्रि पड़ी। इस विशेष संयोग में नेताओं के लिए तंत्र अनुष्ठान किया गया। 5 दिवसीय तांत्रिक अनुष्ठान के लिए बिहार के 6 विधायकों ने पटना के रहने वाले पंडित राकेश झा को कामाख्या भेजा था। भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि इसमें 2 विधायक ऐसे हैं, जो मौजूदा सरकार में बड़े पदों पर हैं। अब और बड़ी जिम्मेदारी संभालने के लिए मां कामाख्या के दरबार में अनुष्ठान करवाया है। पंडित का पता लगाने के बाद भास्कर रिपोर्टर ने उनसे संपर्क किया तो उन्होंने नाम भी बताए, लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं करने का आग्रह किया। इसके पीछे पंडित राकेश झा का तर्क है कि पूजा अनुष्ठान व्यक्तिगत चीज है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया है कि 6 विधायक जो मौजूदा समय में बड़े पदों पर हैं, उनके लिए उन्होंने कामाख्या में अनुष्ठान किया है। पंडित राकेश झा ने बताया कि कामाख्या तंत्र पीठ है, यहां की गई पूजा साधना कभी खाली नहीं जाती। उनके संपर्क में कई ऐसे राजनीतिक लोग हैं, जो बिहार सरकार में काफी प्रभावी हैं। अक्सर पूजा अनुष्ठान उनके घरों में भी चलता है। इस बार कुछ विशेष कामना के लिए कुछ विधायकों की इच्छा थी कि उनके लिए कामाख्या में उपासना हो। विधायकों ने कामाख्या में पंडित के लिए पूरी व्यवस्था कराई थी। 5 दिन के तांत्रिक अनुष्ठान के बाद वह उन नेताओं के घर भी पहुंचे और घर पर एक अनुष्ठान कराया गया। कामाख्या में साधना करने वाले बिहार के ज्योतिषाचार्य कृष्णकांत मिश्रा के भी बिहार झारखंड में कई पॉलिटिकल शिष्य हैं। इनपुट के बाद भास्कर रिपोर्टर ने आचार्य कृष्णकांत मिश्रा से संपर्क किया तो पता चला कि बिहार में नई सरकार में बड़ी कामना के साथ कई नेताओं ने उन्हें अनुष्ठान के लिए कहा था। तांत्रिक अनुष्ठान के लिए नेताओं से संकल्प लेकर उन्होंने नैना देवी स्थान पर 7 दिनों का अनुष्ठान किया है। उन्होंने बताया कि बिहार और यूपी में कई पॉलिटिकल हैं, जो उन पर विश्वास करते हैं। शिष्य के रूप में नेता हमेशा संपर्क में रहते हैं। उन्हें कोई भी समस्या होती है तो मां कामाख्या से अनुनय विनय कर शिष्यों की मदद के लिए पूजा अनुष्ठान को तैयार रहते हैं। बिहार में नए राजनीतिक समीकरण को लेकर पॉलिटिकल लोगों ने संपर्क किया है, उनके लिए नैना देवी स्थान पर 7 दिनों का अनुष्ठान किया है। शिष्यों को कुछ उपाय बताया गया है, वह कर रहे हैं। मां की कृपा शिष्यों पर बनेगी और वह बिहार की नई सरकार में अपनी खास जगह बनाएंगे, ऐसा पूरा विश्वास है। बंगाल के तंत्रपीठ मां तारापीठ में बिहार के नेताओं के लिए पूजा और तांत्रिक अनुष्ठान की पड़ताल के लिए रिपोर्टर ने बंगाल की तांत्रिक तनुश्री को कॉल किया। विधायक का प्रतिनिध बनकर जब तांत्रिक तनुश्री से बात की गई तो उन्होंने भी बताया तंत्र साधना से संभव है कि किसी की पॉलिटिक्स में किस्मत चमका दी जाए, बस समय चाहिए होता है। रिपोर्टर – राधे-राधे तनुश्री – मैंने आपको नॉर्मल कॉल करने के लिए कहा था, क्योंकि नेटवर्क की समस्या हो रही थी। रिपोर्टर – आप कहां से हैं? तनुश्री – मैं कोलकाता से हूं। रिपोर्टर – मैं बिहार से हूं, मैं एक विधायक जी का पीए हूं, आपका नंबर हमें गोलू से मिला है। हमें साधना करानी है, ताकि विधायकजी को मंत्री पद मिल सके। अभी यहां सरकार में बदलाव की स्थिति चल रही है। इसमें कितना खर्च आएगा और क्या प्रक्रिया होगी? तनुश्री – उनकी वर्तमान स्थिति कैसी है? रिपोर्टर – स्थिति ठीक है, लाइजनिंग भी अच्छी है। तनुश्री – देखिए, यह बहुत बड़ा काम होता है। इसमें काफी समय लगता है, कभी-कभी पूरा दिन लग जाता है, लेकिन अभी मेरे पास समय नहीं है। मैं 4 तारीख तक बाहर जा रही हूं, फिर 10 तारीख को वापस आऊंगी। उसके बाद 18 तारीख को बेंगलुरु जाऊंगी, फिर 29 तारीख तक वापस आऊंगी। चुनाव के समय भी व्यस्त रहूंगी और 7 तारीख को विदेश भी जाना है। इसलिए अभी मैं यह काम नहीं ले पाऊंगी। आप किसी दूसरे तांत्रिक से संपर्क कर लें। रिपोर्टर – ठीक है, फिर कैसे होगा। तनु श्री – आप और लोगों से संपर्क कर लीजिए या मैं पंडित तांत्रिक विनय महाराज का नंबर भेज देती हूं। तंत्र-मंत्र के लिए कुछ विधायकों और नेताओं का कोलकाता में पूजा अनुष्ठान का इनपुट मिला है। पड़ताल के दौरान हमें बंगाल की तांत्रिक तनुश्री से विजय महाराज का इनपुट मिला। तनुश्री से मोबाइल नंबर मिलने के बाद पंडित विजय महाराज से विधायक का प्रतिनिधि बनकर रिपोर्टर ने मंत्री बनने के लिए कॉल किया। तांत्रिक पंडित विनय महाराज ने दावा किया कि बिहार झारखंड में उनके दर्जनों पॉलिटिकल शिष्य हैं। उन्होंने झारखंड के पूर्व CM स्वर्गीय शिबू सोरेन को भी अपना शिष्य बताया। तांत्रिक का दावा है कि सम्मोहन की तांत्रिक क्रिया से वह किसी को भी काबू में कराकर बड़ा काम करा सकते हैं। रिपोर्टर – प्रणाम गुरुदेव। विनय महाराज – हां, प्रणाम, बोलिए क्या समाचार। रिपोर्टर – मैं बिहार से हूं, एक विधायक जी के लिए अनुष्ठान कराना है। विनय महाराज – कैसा अनुष्ठान कराना है, कई तरह का पूजा अनुष्ठान होता है। रिपोर्टर – बिहार में नई सरकार बन सकती है, उनकी इच्छा है कि मंत्रिमंडल में जगह मिले। संभव हो पाएगा क्या। विनय महाराज – जी, इसके लिए पहले हमें उनकी पूरी जानकारी देखनी होगी, उनका नाम, फोटो और बर्थ डिटेल्स भेजना पड़ेगा। उसके आधार पर हम गणना करके बताएंगे कि अनुष्ठान संभव है या नहीं। रिपोर्टर – यह अनुष्ठान कहां होगा? विनय महाराज – यह अनुष्ठान तारापीठ यानि तंत्र पीठ में कराया जाएगा। रिपोर्टर – क्या पहले भी इस तरह के अनुष्ठान से किसी को फायदा हुआ है? विनय महाराज – हम लोग इस तरह के बहुत काम करते हैं, देश के अलग-अलग राज्यों से लोग आते हैं। बिहार झारखंड के कई बड़े नेता भी हमसे जुड़े हैं, जैसे शिबू सोरेन हमारे काफी करीबी रहे हैं। रिपोर्टर – क्या इससे सच में फायदा होता है? विनय महाराज – देखिए, फायदा 100% होता है, लेकिन व्यक्ति में क्षमता भी होनी चाहिए। कोई भी आकर यह नहीं कह सकता कि उसे विधायक या मंत्री बना दिया जाए। पहले उसकी योग्यता और ग्रह-नक्षत्र देखे जाते हैं। रिपोर्टर – इसकी प्रक्रिया और खर्च क्या होगा? विनय महाराज – सबसे पहले जांच गणना (कैलकुलेशन) होती है, जिसका शुल्क 3100 रुपए है। अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, तभी आगे अनुष्ठान किया जाता है। अनुष्ठान का खर्च उसके बाद ही बताया जाएगा। रिपोर्टर – ठीक है गुरुदेव, आपकी बात हम विधायक जी से कराकर डिटेल भेज देंगे।

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