Friday, 31 Jul 2026 | 12:48 AM

Trending :

EXCLUSIVE

जीएमसी में सीधी भर्ती पर बवाल, डॉक्टरों का सामूहिक बहिष्कार:‘डीन होश में आओ’ के नारे, आदेश वापस नहीं हुआ तो 3 हजार डॉक्टर नहीं करेंगे इलाज

जीएमसी में सीधी भर्ती पर बवाल, डॉक्टरों का सामूहिक बहिष्कार:‘डीन होश में आओ’ के नारे, आदेश वापस नहीं हुआ तो 3 हजार डॉक्टर नहीं करेंगे इलाज

राजधानी भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में ‘आंतरिक सीधी भर्ती’ को लेकर विवाद अब खुलकर सड़क पर आ गया है। मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के आह्वान पर डॉक्टरों ने न सिर्फ इस भर्ती प्रक्रिया का सामूहिक बहिष्कार किया, बल्कि लगातार दूसरे दिन एक घंटे का ‘पेन डाउन’ आंदोलन कर डीन कार्यालय के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। “डीन होश में आओ” जैसे नारों के बीच डॉक्टरों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि विवादित आदेश तत्काल वापस नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में ओपीडी सहित सभी सेवाएं ठप कर दी जाएंगी। डॉक्टरों का कहना है कि जब कोई उम्मीदवार ही इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हो रहा, तो यह विज्ञप्ति अपने आप ही निरस्त मानी जानी चाहिए। सीधी भर्ती के खिलाफ एकजुट हुए डॉक्टर गांधी मेडिकल कॉलेज में 25 मार्च को डीन कार्यालय द्वारा पदोन्नति के पदों पर ‘आंतरिक सीधी भर्ती’ का विज्ञापन जारी किया गया था। इसी के विरोध में मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राकेश मालवीया का कहना है कि यह भर्ती प्रक्रिया सीनियर डॉक्टरों के अधिकारों के खिलाफ है। इससे उनकी वर्षों की वरिष्ठता और उससे जुड़े वित्तीय लाभ खत्म हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई मेडिकल कॉलेजों में इस तरह की भर्ती का विरोध हो रहा है। हाल ही में ग्वालियर हाईकोर्ट ने भी इसी तरह की भर्ती प्रक्रिया को निरस्त किया है, जिससे डॉक्टरों के पक्ष को मजबूती मिली है। दूसरे दिन भी पेन डाउन आंदोलन गुरुवार को लगातार दूसरे दिन दोपहर 12 से 1 बजे तक ‘पेन डाउन’ आंदोलन किया गया। इस दौरान हमीदिया अस्पताल के ब्लॉक 2 में बड़ी संख्या में डॉक्टर एकत्र हुए और भर्ती प्रक्रिया के खिलाफ आवाज उठाई। आंदोलन में विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक और मेडिकल ऑफिसर तक शामिल रहे, जिससे विरोध की व्यापकता साफ नजर आई। सीधी भर्ती से खत्म हो जाएगी सेवा निरंतरता नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. हिमांशु शर्मा ने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह अवैधानिक है। उन्होंने बताया कि सीधी भर्ती से सीनियर डॉक्टरों की सेवा निरंतरता (Continuation of Service) टूट जाती है।
“जिस संस्थान में डॉक्टर 15-20 साल से काम कर रहे हैं, वहां उन्हें नए उम्मीदवार की तरह ट्रीट किया जाएगा। इससे ग्रेच्युटी, वेतन वृद्धि, एनपीएस और पेंशन जैसे लाभ प्रभावित होंगे,” उन्होंने कहा। 15 साल का अनुभव भी नहीं होगा मान्य हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल वर्मा ने बताया कि वे 15 साल से एसोसिएट प्रोफेसर हैं, लेकिन अब प्रोफेसर पद के लिए उन्हें अपने जूनियर्स के साथ प्रतियोगिता करनी होगी।
उन्होंने कहा, “यदि चयन हो भी जाता है, तो नई नियुक्ति मानी जाएगी। इससे मेरा पूरा अनुभव और सेवा रिकॉर्ड बेकार हो जाएगा। साथ ही एक साल का प्रोबेशन पीरियड भी लागू होगा।” डीन का जवाब: उच्च स्तर से मार्गदर्शन का इंतजार स्त्री रोग विभाग की एचओडी डॉ. शबाना सुलताना ने बताया कि इस मामले में डीन से चर्चा की गई है। डीन ने कहा है कि वे उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन लेने के बाद ही आगे कोई निर्णय लेंगी। डॉक्टरों ने अपने विरोध को मजबूत करने के लिए न्यायालय के फैसलों का भी हवाला दिया है। ग्वालियर, जबलपुर और इंदौर हाईकोर्ट बेंच ने पूर्व में इस तरह की भर्ती प्रक्रिया को खारिज किया है। हाल ही में डॉ. आशीष कौशल बनाम मध्यप्रदेश शासन मामले में भी ग्वालियर हाईकोर्ट ने सीधी भर्ती को निरस्त किया, जिससे डॉक्टरों का पक्ष और मजबूत हुआ है। सरकार तक पहुंचा मामला, उच्चस्तरीय बैठक इस विवाद को लेकर प्रोग्रेसिव मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन (PMTA) के प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, एसीएस स्वास्थ्य अशोक वर्णवाल और आयुक्त स्वास्थ्य से मुलाकात कर चुके हैं। बैठक में डॉक्टरों ने स्पष्ट कहा कि पदोन्नति के पद केवल डीपीसी (DPC) के माध्यम से ही भरे जाने चाहिए। PMTA ने इस दौरान चिकित्सा शिक्षकों से जुड़े 10 अन्य लंबित मुद्दों का भी जिक्र किया। इन मुद्दों का समाधान पिछले दो वर्षों से नहीं हो पाया है, जिससे डॉक्टरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। संघ ने संचालनालय और शासन स्तर के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है। 21 अप्रैल से प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी PMTA की कार्यकारिणी बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 21 अप्रैल से प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। डॉ. अविनाश ठाकुर ने चेतावनी दी कि यदि सीधी भर्ती का आदेश वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को क्रमिक रूप से तेज किया जाएगा। डॉ. राकेश मालवीया ने कहा कि हम अपने अनुभव और वरिष्ठता के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे। अगर विज्ञप्ति वापस नहीं ली गई, तो ओपीडी से लेकर सभी सेवाओं का बहिष्कार करेंगे। जीएमसी में शुरू हुआ यह विवाद अब सिर्फ एक भर्ती प्रक्रिया तक सीमित नहीं रह गया है। यह “नीति बनाम अधिकार” की लड़ाई बनता जा रहा है, जहां एक तरफ प्रशासनिक फैसले हैं, तो दूसरी ओर वर्षों से सेवा दे रहे डॉक्टरों के अधिकार और भविष्य दांव पर हैं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
समय रैना के नाना को मारने की धमकी मिली थी:आतंकियों की हिट लिस्ट में थे, स्थानीय कश्मीरी मुसलमानों ने जान बचाई थी

April 19, 2026/
11:00 am

कॉमेडियन समय रैना ने हाल ही में बताया कि 1990 के दशक में कश्मीर में उग्रवाद के दौरान उनके नाना...

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी:MP-राजस्थान, यूपी-बिहार में भी बारिश का अलर्ट; पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने से तापमान गिरने के आसार

March 15, 2026/
5:30 am

भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है।...

मैंगो हेल्थ टिप्स: आम खाने के बाद पानी की कमी होनी चाहिए या नहीं... क्या होता है नुकसान?

March 25, 2026/
8:38 pm

आम के स्वास्थ्य संबंधी सुझाव: गर्मी का मौसम आते ही सबसे ज्यादा आम की चर्चा होती है। अपनी मिठास और...

सिर काटने की कोशिश के बाद आयरलैंड-ब्रिटेन में भड़के दंगे:प्रदर्शनकारियों के निशाने पर प्रवासी, घर-दुकानें लूटीं; गाड़ियों में आग लगाई

June 11, 2026/
5:23 am

आयरलैंड के बेलफास्ट में एक आयरिश व्यक्ति का सिर काटने की कोशिश के विरोध में शुरू हुआ प्रदर्शन बुधवार को...

Follow Pakistan vs Australia live. (AFP Photo)

June 4, 2026/
10:48 pm

आखरी अपडेट:04 जून, 2026, 22:51 IST कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को कर्नाटक से राज्यसभा के लिए फिर से नामित किया...

authorimg

May 15, 2026/
5:01 pm

Last Updated:May 15, 2026, 17:01 IST Lung Cancer Revolutionary Drug: लंग्स कैंसर के लिए भारत में क्रांतिकारी दवा को लॉन्च...

authorimg

May 21, 2026/
4:51 pm

आइस एप्पल जिसे ताड़गोला भी कहा जाता है, पोषक तत्वों से भरा गर्मी का सुपरफ्रूट है. वैसे तो इस मौसम...

महिला आरक्षण को लेकर विपक्ष की मीटिंग:राहुल-खड़गे मौजूद, कल संसद में पेश होगा; लोकसभा सीटें 850 करने का प्रस्ताव

April 15, 2026/
3:50 pm

केंद्र सरकार के महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्ष ने बुधवार को मीटिंग की। यह मीटिंग दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

जीएमसी में सीधी भर्ती पर बवाल, डॉक्टरों का सामूहिक बहिष्कार:‘डीन होश में आओ’ के नारे, आदेश वापस नहीं हुआ तो 3 हजार डॉक्टर नहीं करेंगे इलाज

जीएमसी में सीधी भर्ती पर बवाल, डॉक्टरों का सामूहिक बहिष्कार:‘डीन होश में आओ’ के नारे, आदेश वापस नहीं हुआ तो 3 हजार डॉक्टर नहीं करेंगे इलाज

राजधानी भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में ‘आंतरिक सीधी भर्ती’ को लेकर विवाद अब खुलकर सड़क पर आ गया है। मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के आह्वान पर डॉक्टरों ने न सिर्फ इस भर्ती प्रक्रिया का सामूहिक बहिष्कार किया, बल्कि लगातार दूसरे दिन एक घंटे का ‘पेन डाउन’ आंदोलन कर डीन कार्यालय के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। “डीन होश में आओ” जैसे नारों के बीच डॉक्टरों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि विवादित आदेश तत्काल वापस नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में ओपीडी सहित सभी सेवाएं ठप कर दी जाएंगी। डॉक्टरों का कहना है कि जब कोई उम्मीदवार ही इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हो रहा, तो यह विज्ञप्ति अपने आप ही निरस्त मानी जानी चाहिए। सीधी भर्ती के खिलाफ एकजुट हुए डॉक्टर गांधी मेडिकल कॉलेज में 25 मार्च को डीन कार्यालय द्वारा पदोन्नति के पदों पर ‘आंतरिक सीधी भर्ती’ का विज्ञापन जारी किया गया था। इसी के विरोध में मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राकेश मालवीया का कहना है कि यह भर्ती प्रक्रिया सीनियर डॉक्टरों के अधिकारों के खिलाफ है। इससे उनकी वर्षों की वरिष्ठता और उससे जुड़े वित्तीय लाभ खत्म हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई मेडिकल कॉलेजों में इस तरह की भर्ती का विरोध हो रहा है। हाल ही में ग्वालियर हाईकोर्ट ने भी इसी तरह की भर्ती प्रक्रिया को निरस्त किया है, जिससे डॉक्टरों के पक्ष को मजबूती मिली है। दूसरे दिन भी पेन डाउन आंदोलन गुरुवार को लगातार दूसरे दिन दोपहर 12 से 1 बजे तक ‘पेन डाउन’ आंदोलन किया गया। इस दौरान हमीदिया अस्पताल के ब्लॉक 2 में बड़ी संख्या में डॉक्टर एकत्र हुए और भर्ती प्रक्रिया के खिलाफ आवाज उठाई। आंदोलन में विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक और मेडिकल ऑफिसर तक शामिल रहे, जिससे विरोध की व्यापकता साफ नजर आई। सीधी भर्ती से खत्म हो जाएगी सेवा निरंतरता नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. हिमांशु शर्मा ने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह अवैधानिक है। उन्होंने बताया कि सीधी भर्ती से सीनियर डॉक्टरों की सेवा निरंतरता (Continuation of Service) टूट जाती है।
“जिस संस्थान में डॉक्टर 15-20 साल से काम कर रहे हैं, वहां उन्हें नए उम्मीदवार की तरह ट्रीट किया जाएगा। इससे ग्रेच्युटी, वेतन वृद्धि, एनपीएस और पेंशन जैसे लाभ प्रभावित होंगे,” उन्होंने कहा। 15 साल का अनुभव भी नहीं होगा मान्य हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल वर्मा ने बताया कि वे 15 साल से एसोसिएट प्रोफेसर हैं, लेकिन अब प्रोफेसर पद के लिए उन्हें अपने जूनियर्स के साथ प्रतियोगिता करनी होगी।
उन्होंने कहा, “यदि चयन हो भी जाता है, तो नई नियुक्ति मानी जाएगी। इससे मेरा पूरा अनुभव और सेवा रिकॉर्ड बेकार हो जाएगा। साथ ही एक साल का प्रोबेशन पीरियड भी लागू होगा।” डीन का जवाब: उच्च स्तर से मार्गदर्शन का इंतजार स्त्री रोग विभाग की एचओडी डॉ. शबाना सुलताना ने बताया कि इस मामले में डीन से चर्चा की गई है। डीन ने कहा है कि वे उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन लेने के बाद ही आगे कोई निर्णय लेंगी। डॉक्टरों ने अपने विरोध को मजबूत करने के लिए न्यायालय के फैसलों का भी हवाला दिया है। ग्वालियर, जबलपुर और इंदौर हाईकोर्ट बेंच ने पूर्व में इस तरह की भर्ती प्रक्रिया को खारिज किया है। हाल ही में डॉ. आशीष कौशल बनाम मध्यप्रदेश शासन मामले में भी ग्वालियर हाईकोर्ट ने सीधी भर्ती को निरस्त किया, जिससे डॉक्टरों का पक्ष और मजबूत हुआ है। सरकार तक पहुंचा मामला, उच्चस्तरीय बैठक इस विवाद को लेकर प्रोग्रेसिव मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन (PMTA) के प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, एसीएस स्वास्थ्य अशोक वर्णवाल और आयुक्त स्वास्थ्य से मुलाकात कर चुके हैं। बैठक में डॉक्टरों ने स्पष्ट कहा कि पदोन्नति के पद केवल डीपीसी (DPC) के माध्यम से ही भरे जाने चाहिए। PMTA ने इस दौरान चिकित्सा शिक्षकों से जुड़े 10 अन्य लंबित मुद्दों का भी जिक्र किया। इन मुद्दों का समाधान पिछले दो वर्षों से नहीं हो पाया है, जिससे डॉक्टरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। संघ ने संचालनालय और शासन स्तर के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है। 21 अप्रैल से प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी PMTA की कार्यकारिणी बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 21 अप्रैल से प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। डॉ. अविनाश ठाकुर ने चेतावनी दी कि यदि सीधी भर्ती का आदेश वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को क्रमिक रूप से तेज किया जाएगा। डॉ. राकेश मालवीया ने कहा कि हम अपने अनुभव और वरिष्ठता के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे। अगर विज्ञप्ति वापस नहीं ली गई, तो ओपीडी से लेकर सभी सेवाओं का बहिष्कार करेंगे। जीएमसी में शुरू हुआ यह विवाद अब सिर्फ एक भर्ती प्रक्रिया तक सीमित नहीं रह गया है। यह “नीति बनाम अधिकार” की लड़ाई बनता जा रहा है, जहां एक तरफ प्रशासनिक फैसले हैं, तो दूसरी ओर वर्षों से सेवा दे रहे डॉक्टरों के अधिकार और भविष्य दांव पर हैं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.