Monday, 02 Nov 2026 | 10:21 PM

Trending :

स्कूल बसों का लंदन जैसा हाईटेक नेटवर्क तेलंगाना में:एक रूट के कई स्कूलों के लिए साझा बस, खास एप से जुड़ेंगे पेरेंट्स, स्कूल-ऑपरेटर

स्कूल बसों का लंदन जैसा हाईटेक नेटवर्क तेलंगाना में:एक रूट के कई स्कूलों के लिए साझा बस, खास एप से जुड़ेंगे पेरेंट्स, स्कूल-ऑपरेटर

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद का हाईटेक इलाका ‘साइबराबाद’ अब बड़े बदलाव की दहलीज पर है। अक्सर ट्रैफिक जाम व स्कूल छोड़ते वक्त होने वाली अफरा-तफरी से जूझने वाले इस क्षेत्र के लिए साइबराबाद पुलिस और ‘सोसाइटी फॉर साइबराबाद सिक्योरिटी काउंसिल’ (एससीएससी) ने ‘लंदन ट्रांसपोर्ट मॉडल’ से प्रेरित मास्टरप्लान तैयार किया है। नए ‘स्टूडेंट मोबिलिटी सिस्टम’ का मकसद जाम खत्म करना, बच्चों की सुरक्षा को अभेद्य बनाना, माता-पिता का तनाव घटाने के साथ स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार के मौके भी पैदा करना भी है। साइबराबाद पुलिस कमिश्नर डॉ. एम. रमेश बताते हैं, ‘हाईटेक सिटी और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक का बड़ा हिस्सा स्कूल जाने वाले बच्चों और उन्हें छोड़ने जाने वाले निजी वाहनों का होता है। क्षेत्र के अधिकांश स्कूल अपनी बस सेवा नहीं देते। इस वजह से पेरेंट्स निजी वाहनों से बच्चों को छोड़ते हैं, ट्रैफिक का दबाव बढ़ता है।’ डॉ. रमेश ने कहा, पुलिस खास एप विकसित कर रही है। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म अभिभावकों, स्कूलों और बस ऑपरेटरों को एक सूत्र में पिरोएगा। हालांकि इस ‘गेम-चेंजर’ एप का नाम अभी तय होना बाकी है, क्योंकि अधिकारी सभी हितधारकों की राय लेकर प्रभावी नाम रखना चाहते हैं।’ योजना का सबसे महत्वाकांक्षी हिस्सा बसों की संख्या में बढ़ोतरी है। वर्तमान में चलने वाली 3 हजार स्कूल बसों के बेड़े को बढ़ाकर 15 हजार करने का लक्ष्य रखा गया है। पुलिस का मानना है कि जब छात्र असुरक्षित निजी वाहनों या माता-पिता की गाड़ियों के बजाय इस साझा बस सेवा इस्तेमाल करेंगे, तो निजी वाहनों का बोझ कम होगा। अनुमान है कि इससे ट्रैफिक जाम में 30% तक की कमी आएगी। डॉ. रमेश बताते हैं, ‘प्रोजेक्ट में सामाजिक भागीदारी पर भी फोकस है। इसमें स्थानीय स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को जोड़ा जाएगा। बसों में स्थायी अटेंडेंट के साथ-साथ ‘होम पिक-अप’ की सुविधा भी होगी, जिससे स्थानीय महिलाओं के लिए रोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर पैदा होंगे। बच्चों की सुरक्षा के लिए ड्राइवरों और अटेंडेंट का सख्त पुलिस वेरिफिकेशन और खास ट्रेनिंग जरूरी होगी। एआई से रूटिंग, पुलिस कंट्रोल रूम से कनेक्टिविटी रहेगी सिस्टम को हाईटेक बनाने के लिए एआई और जीआईएस (जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम) की मदद ली जा रही है। एआई से विश्लेषण होगा कि किस क्षेत्र के छात्र किस स्कूल में जा रहे हैं। उसी आधार पर स्मार्ट रूटिंग की जाएगी। इससे एक ही क्षेत्र के कई स्कूलों के लिए साझा बस रूट तैयार किए जा सकेंगे। इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। सिस्टम की सुरक्षा लंदन के ‘ट्रांसपोर्ट फॉर लंदन’ मॉडल पर आधारित होगी। सीसीटीवी और कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से बसों लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। इसकी सीधी कनेक्टिविटी पुलिस कंट्रोल रूम से रहेगी ताकि आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
authorimg

February 16, 2026/
11:31 pm

Last Updated:February 16, 2026, 23:31 IST Sri Ganganagar News : श्रीगंगानगर जिले में 32 वर्षीय भजनलाल हत्याकांड में पुलिस ने...

वर्ल्ड अपडेट्स:हिजबुल का डिप्टी चीफ बोला- कश्मीर के हर कब्रिस्तान में पाकिस्तानी आतंकियों की कब्र

July 11, 2026/
11:31 am

रऊफ डार, श्रीनगर। पाकिस्तान के आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के डिप्टी चीफ शमशीर खान ने पहली बार खुलकर माना है...

DC vs PBKS Live Score: Follow latest updates from the IPL 2026 match. (AP Photo)

April 25, 2026/
4:10 pm

आखरी अपडेट:25 अप्रैल, 2026, 16:10 IST राघव चड्ढा ने कहा कि आप के कई सांसद पार्टी छोड़ने का विकल्प चुन...

Trump china visit state dinner beijing temple heaven photos

May 15, 2026/
7:05 am

बीजिंग29 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के चीन दौरे का आज तीसरा दिन है। ट्रम्प ने गुरुवार...

मिडिल-ईस्ट जंग: कांग्रेस के 4 बड़े नेता सरकार के साथ:राहुल गांधी से अलग राय रखी; LPG संकट पर कहा- सिर्फ माहौल बनाया जा रहा है

April 4, 2026/
1:13 pm

कांग्रेस के चार बड़े नेता मिडिल ईस्ट जंग और एलपीजी संकट पर पार्टी लाइन से हटकर बात कर रहे हैं।...

अंजड़ सराफा बाजार में आधे घंटे एंबुलेंस जाम में फंसी:गंभीर मरीज को इंदौर ले जा रही थी, बायपास नहीं बनने से अक्सर ऐसी परेशानी

April 28, 2026/
9:45 pm

बड़वानी जिले के अंजड़ नगर में मंगलवार शाम करीब 8 बजे मुख्य सराफा बाजार में एक एंबुलेंस आधे घंटे तक...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

स्कूल बसों का लंदन जैसा हाईटेक नेटवर्क तेलंगाना में:एक रूट के कई स्कूलों के लिए साझा बस, खास एप से जुड़ेंगे पेरेंट्स, स्कूल-ऑपरेटर

स्कूल बसों का लंदन जैसा हाईटेक नेटवर्क तेलंगाना में:एक रूट के कई स्कूलों के लिए साझा बस, खास एप से जुड़ेंगे पेरेंट्स, स्कूल-ऑपरेटर

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद का हाईटेक इलाका ‘साइबराबाद’ अब बड़े बदलाव की दहलीज पर है। अक्सर ट्रैफिक जाम व स्कूल छोड़ते वक्त होने वाली अफरा-तफरी से जूझने वाले इस क्षेत्र के लिए साइबराबाद पुलिस और ‘सोसाइटी फॉर साइबराबाद सिक्योरिटी काउंसिल’ (एससीएससी) ने ‘लंदन ट्रांसपोर्ट मॉडल’ से प्रेरित मास्टरप्लान तैयार किया है। नए ‘स्टूडेंट मोबिलिटी सिस्टम’ का मकसद जाम खत्म करना, बच्चों की सुरक्षा को अभेद्य बनाना, माता-पिता का तनाव घटाने के साथ स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार के मौके भी पैदा करना भी है। साइबराबाद पुलिस कमिश्नर डॉ. एम. रमेश बताते हैं, ‘हाईटेक सिटी और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक का बड़ा हिस्सा स्कूल जाने वाले बच्चों और उन्हें छोड़ने जाने वाले निजी वाहनों का होता है। क्षेत्र के अधिकांश स्कूल अपनी बस सेवा नहीं देते। इस वजह से पेरेंट्स निजी वाहनों से बच्चों को छोड़ते हैं, ट्रैफिक का दबाव बढ़ता है।’ डॉ. रमेश ने कहा, पुलिस खास एप विकसित कर रही है। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म अभिभावकों, स्कूलों और बस ऑपरेटरों को एक सूत्र में पिरोएगा। हालांकि इस ‘गेम-चेंजर’ एप का नाम अभी तय होना बाकी है, क्योंकि अधिकारी सभी हितधारकों की राय लेकर प्रभावी नाम रखना चाहते हैं।’ योजना का सबसे महत्वाकांक्षी हिस्सा बसों की संख्या में बढ़ोतरी है। वर्तमान में चलने वाली 3 हजार स्कूल बसों के बेड़े को बढ़ाकर 15 हजार करने का लक्ष्य रखा गया है। पुलिस का मानना है कि जब छात्र असुरक्षित निजी वाहनों या माता-पिता की गाड़ियों के बजाय इस साझा बस सेवा इस्तेमाल करेंगे, तो निजी वाहनों का बोझ कम होगा। अनुमान है कि इससे ट्रैफिक जाम में 30% तक की कमी आएगी। डॉ. रमेश बताते हैं, ‘प्रोजेक्ट में सामाजिक भागीदारी पर भी फोकस है। इसमें स्थानीय स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को जोड़ा जाएगा। बसों में स्थायी अटेंडेंट के साथ-साथ ‘होम पिक-अप’ की सुविधा भी होगी, जिससे स्थानीय महिलाओं के लिए रोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर पैदा होंगे। बच्चों की सुरक्षा के लिए ड्राइवरों और अटेंडेंट का सख्त पुलिस वेरिफिकेशन और खास ट्रेनिंग जरूरी होगी। एआई से रूटिंग, पुलिस कंट्रोल रूम से कनेक्टिविटी रहेगी सिस्टम को हाईटेक बनाने के लिए एआई और जीआईएस (जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम) की मदद ली जा रही है। एआई से विश्लेषण होगा कि किस क्षेत्र के छात्र किस स्कूल में जा रहे हैं। उसी आधार पर स्मार्ट रूटिंग की जाएगी। इससे एक ही क्षेत्र के कई स्कूलों के लिए साझा बस रूट तैयार किए जा सकेंगे। इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। सिस्टम की सुरक्षा लंदन के ‘ट्रांसपोर्ट फॉर लंदन’ मॉडल पर आधारित होगी। सीसीटीवी और कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से बसों लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। इसकी सीधी कनेक्टिविटी पुलिस कंट्रोल रूम से रहेगी ताकि आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.