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केन-बेतवा परियोजना का काम दूसरे दिन भी ठप:छतरपुर में आदिवासी-किसानों ने बांध स्थल पर किया प्रदर्शन

केन-बेतवा परियोजना का काम दूसरे दिन भी ठप:छतरपुर में आदिवासी-किसानों ने बांध स्थल पर किया प्रदर्शन

सूखे बुंदेलखंड की प्यास बुझाने के लिए शुरू की गई केन-बेतवा लिंक परियोजना अब बड़े जनविरोध का केंद्र बन गई है। अपनी मांगों को लेकर दिल्ली जा रहे आदिवासी, किसानों और ग्रामीणों को प्रशासन द्वारा रास्ते में रोके जाने के बाद आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया है। इसके चलते 44 हजार करोड़ रुपए की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का काम लगातार दूसरे दिन भी ठप रहा। बिजावर अनुविभाग में चल रहे निर्माण कार्य को रोकने के लिए हजारों की संख्या में आदिवासी किसान, महिलाएं और ग्रामीण ढोढन बांध स्थल पर धरने पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने काम कर रही मशीनों के सामने खड़े होकर निर्माण कार्य रुकवा दिया। आंदोलन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं, जो हाथों में तख्तियां लेकर “जल, जंगल, जमीन” की लड़ाई का ऐलान कर रही हैं। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे समाजसेवी अमित भटनागर ने बताया कि 5 अप्रैल से ही आदिवासी महिलाएं बांध स्थल पर डटी हुई हैं और तभी से निर्माण कार्य पूरी तरह बंद है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलनकारियों को दिल्ली जाकर अपनी बात रखने से रोका गया, रास्ते में प्रताड़ित किया गया और उनके द्वारा इकट्ठा किया गया राशन भी छीन लिया गया। भटनागर के अनुसार, “यह अब सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि अस्तित्व की लड़ाई है। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक निर्माण कार्य नहीं होने देंगे।” उन्होंने प्रशासन पर झूठे आश्वासन देने और कानूनी प्रक्रियाओं की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया। यह विरोध केन नदी पर प्रस्तावित 77 मीटर ऊंचे और 213 किलोमीटर लंबे ढोढन बांध के निर्माण को लेकर हो रहा है। परियोजना के तहत केन और बेतवा नदियों को जोड़ने के लिए 221 किलोमीटर लंबी नहर और 2 किलोमीटर की टनल भी बनाई जानी है। पन्ना नेशनल पार्क के कोर क्षेत्र के पास चल रहे इस निर्माण को लेकर पर्यावरण और विस्थापन के मुद्दे भी उठ रहे हैं। प्रशासन की समझाइश नाकाम, पुलिस बल तैनात.. स्थिति को संभालने के लिए सटई तहसील के तहसीलदार इंद्र कुमार गौतम मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर समझाइश देने की कोशिश की, लेकिन आंदोलनकारी नहीं माने। गौतम ने कहा कि प्रशासन लगातार संवाद कर रहा है और जल्द ही समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी। फिलहाल बांध स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात है, लेकिन प्रदर्शनकारी अपने रुख पर अड़े हुए हैं। उनका साफ कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा। देखें मौके की तस्वीरें

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केन-बेतवा परियोजना का काम दूसरे दिन भी ठप:छतरपुर में आदिवासी-किसानों ने बांध स्थल पर किया प्रदर्शन

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