Sunday, 17 May 2026 | 02:29 AM

Trending :

EXCLUSIVE

ऑक्सीजन भी बन सकती है जानलेवा! मालदीव में स्कूबा डाइविंग करते वक्त 5 लोगों की मौत, 160 फीट नीचे क्या हुआ?

authorimg

Last Updated:

Oxygen Toxicity: स्कूबा डाइविंग एक एडवेंचर एक्टिविटी है. लेकिन यदि इसे सावधानी और सतर्कता के साथ न किया जाए तो ये जानलेवा भी साबित हो सकता है. हाल ही में मालदीव में 5 लोगों की मौत का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि इसका कारण ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी हो सकता है. ये क्या होता है, चलिए इस लेख में समझते हैं.

ख़बरें फटाफट

Zoom

मालदीव में हाल ही में हुई स्कूबा डाइविंग दुर्घटना ने समुद्र की गहराई में छिपी एक जानलेवा खतरे को उजागर किया है. दरअसल, इस हादसे में 5 इटालियन टूरिस्ट की मौत हुई है जो अंडरवाटर केव को एक्सप्लोर करने के लिए गहरे पानी में उतरे थें. बताया जा रहा है कि हादसा मालदीव के वावू एटोल इलाके के पास हुआ, जहां गोताखोर लगभग 160 फीट गहराई तक उतर गए थे.

मृतकों में प्रसिद्ध समुद्री जीव वैज्ञानिक मोनिका मोंटेफाल्कोन और उनकी 20 साल की बेटी भी शामिल थीं. इनके अलावा रिसर्च फेलो म्यूरियल ओडेनिनो, मरीन बायोलॉजी ग्रेजुएट फेडेरिको गुआल्तियेरी और डाइविंग इंस्ट्रक्टर जियानलुका बेनेडेट्टी की भी जान चली गई. रिपोर्ट के अनुसार, 14 मई को ये ग्रुप अलीमाथा द्वीप के पास समुद्र के अंदर बनी गुफाओं की खोज कर रहा था, लेकिन डाइविंग के बाद वे वापस सतह पर नहीं लौट सके.

ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी मौत की वजह?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस हादसे की एक बड़ी वजह “ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी” हो सकती है. ऑक्सीजन हमारे जीवन के लिए जरूरी है, लेकिन ज्यादा दबाव वाली परिस्थितियों में यही ऑक्सीजन शरीर के लिए खतरनाक बन सकती है. समुद्र में गहराई बढ़ने के साथ दबाव भी बढ़ता जाता है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन का असर सामान्य से ज्यादा हो जाता है.

ज्यादा मात्रा में ऑक्सीजन भी जानलेवा
एक्सपर्ट के मुताबिक, ज्यादा मात्रा में ऑक्सीजन शरीर में जहरीले तत्व पैदा कर सकती है, जो दिमाग और शरीर के अन्य अंगों को नुकसान पहुंचाते हैं. गहरे समुद्र में डाइविंग के दौरान सबसे बड़ा खतरा “सेंट्रल नर्वस सिस्टम ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी” का होता है. इसके लक्षण अचानक दिखाई दे सकते हैं.

ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी के लक्षण
ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी के दौरान चक्कर आना, उलझन महसूस होना, आंखों के सामने धुंधलापन, मांसपेशियों में झटके, मतली और अचानक दौरे पड़ना जैसी समस्याएं हो सकती हैं. अगर पानी के अंदर किसी डाइवर को दौरा पड़ जाए, तो उसके डूबने का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है.

समुद्र की गहराई में छिपा खतरा
आमतौर पर स्कूबा डाइविंग में लोग सामान्य हवा जैसी गैस का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन ज्यादा गहराई पर यही गैस खतरनाक हो सकती है. अनुभवी डाइवर कई बार विशेष गैस मिश्रण का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन अगर उसकी मात्रा सही न हो तो ऑक्सीजन जहरीली साबित हो सकती है. गुफाओं में डाइविंग करना और भी ज्यादा जोखिम भरा होता है. वहां रोशनी कम होती है, पानी का बहाव तेज हो सकता है और घबराहट बढ़ने से सांस तेज चलने लगती है. इससे शरीर में ऑक्सीजन का प्रभाव और बढ़ सकता है. खराब मौसम, तेज हवाएं, तनाव और थकान भी इस खतरे को बढ़ाने वाले कारण माने जाते हैं.

About the Author

authorimg

शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Kolkata Knight Riders vs Punjab Kings Live Score: IPL 2026 Match Today Updates From Eden Gardens Kolkata(AP Photo)

April 6, 2026/
8:22 pm

आखरी अपडेट:06 अप्रैल, 2026, 20:22 IST आज, भाजपा अपने इतिहास को “संघर्ष से सेवा” में परिवर्तन के रूप में प्रस्तुत...

बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर मशाल जुलूस निकाला:'जन आक्रोश रथ यात्रा' टीकमगढ़ पहुंची, वकीलों से चर्चा, हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा

February 20, 2026/
9:23 pm

टीकमगढ़ में शुक्रवार को पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शाम...

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ विजय, गवर्नर से मिली लील, अविश्वास में मिल सकती है संभावना

May 9, 2026/
8:13 pm

तीन साल पहले बनी पार्टी तमिल में अब सरकार बनेगी। टीवीके प्रमुख थलपति विजय ने शनिवार (9 मई) को लोकभवन...

UK US RAF Airbase Conflict; Donald Trump Iran Attack

February 20, 2026/
1:34 pm

लंदन7 घंटे पहले कॉपी लिंक चागोस आइलैंड्स में डिएगो गार्सिया मौजूद है, जहां ब्रिटेन-अमेरिका का कॉमन मिलिट्री बेस मौजूद है।...

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: 'वोट कट्ट' के डर से दिल्ली से बंगाल लौट रहे प्रवासी!, कई लोगों ने कहा- अभी तक सूची में नाम नहीं

March 31, 2026/
1:03 pm

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले एक नया ट्रेंड सामने आ रहा है. दिल्ली में काम करने...

रोजर्स ने बताए टेक सेक्टर में नौकरी पाने के गुर:अनुभवी सीईओ की सलाह- बड़ी कंपनियों के मुताबिक तकनीकी कौशल सीखें

March 11, 2026/
3:01 pm

बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच एपल, मेटा जैसी टेक कंपनियों में नौकरी करने के इच्छुक युवाओं को एक सीईओ की सलाह...

Sunita Williams Space ISS Station Incident; NASA

February 21, 2026/
1:44 am

वाशिंगटन13 घंटे पहले कॉपी लिंक यह तस्वीर जनवरी 2026 की है जब सुनीता विलियम्स नई दिल्ली के अमेरिकन सेंटर में...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

ऑक्सीजन भी बन सकती है जानलेवा! मालदीव में स्कूबा डाइविंग करते वक्त 5 लोगों की मौत, 160 फीट नीचे क्या हुआ?

authorimg

Last Updated:

Oxygen Toxicity: स्कूबा डाइविंग एक एडवेंचर एक्टिविटी है. लेकिन यदि इसे सावधानी और सतर्कता के साथ न किया जाए तो ये जानलेवा भी साबित हो सकता है. हाल ही में मालदीव में 5 लोगों की मौत का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि इसका कारण ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी हो सकता है. ये क्या होता है, चलिए इस लेख में समझते हैं.

ख़बरें फटाफट

Zoom

मालदीव में हाल ही में हुई स्कूबा डाइविंग दुर्घटना ने समुद्र की गहराई में छिपी एक जानलेवा खतरे को उजागर किया है. दरअसल, इस हादसे में 5 इटालियन टूरिस्ट की मौत हुई है जो अंडरवाटर केव को एक्सप्लोर करने के लिए गहरे पानी में उतरे थें. बताया जा रहा है कि हादसा मालदीव के वावू एटोल इलाके के पास हुआ, जहां गोताखोर लगभग 160 फीट गहराई तक उतर गए थे.

मृतकों में प्रसिद्ध समुद्री जीव वैज्ञानिक मोनिका मोंटेफाल्कोन और उनकी 20 साल की बेटी भी शामिल थीं. इनके अलावा रिसर्च फेलो म्यूरियल ओडेनिनो, मरीन बायोलॉजी ग्रेजुएट फेडेरिको गुआल्तियेरी और डाइविंग इंस्ट्रक्टर जियानलुका बेनेडेट्टी की भी जान चली गई. रिपोर्ट के अनुसार, 14 मई को ये ग्रुप अलीमाथा द्वीप के पास समुद्र के अंदर बनी गुफाओं की खोज कर रहा था, लेकिन डाइविंग के बाद वे वापस सतह पर नहीं लौट सके.

ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी मौत की वजह?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस हादसे की एक बड़ी वजह “ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी” हो सकती है. ऑक्सीजन हमारे जीवन के लिए जरूरी है, लेकिन ज्यादा दबाव वाली परिस्थितियों में यही ऑक्सीजन शरीर के लिए खतरनाक बन सकती है. समुद्र में गहराई बढ़ने के साथ दबाव भी बढ़ता जाता है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन का असर सामान्य से ज्यादा हो जाता है.

ज्यादा मात्रा में ऑक्सीजन भी जानलेवा
एक्सपर्ट के मुताबिक, ज्यादा मात्रा में ऑक्सीजन शरीर में जहरीले तत्व पैदा कर सकती है, जो दिमाग और शरीर के अन्य अंगों को नुकसान पहुंचाते हैं. गहरे समुद्र में डाइविंग के दौरान सबसे बड़ा खतरा “सेंट्रल नर्वस सिस्टम ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी” का होता है. इसके लक्षण अचानक दिखाई दे सकते हैं.

ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी के लक्षण
ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी के दौरान चक्कर आना, उलझन महसूस होना, आंखों के सामने धुंधलापन, मांसपेशियों में झटके, मतली और अचानक दौरे पड़ना जैसी समस्याएं हो सकती हैं. अगर पानी के अंदर किसी डाइवर को दौरा पड़ जाए, तो उसके डूबने का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है.

समुद्र की गहराई में छिपा खतरा
आमतौर पर स्कूबा डाइविंग में लोग सामान्य हवा जैसी गैस का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन ज्यादा गहराई पर यही गैस खतरनाक हो सकती है. अनुभवी डाइवर कई बार विशेष गैस मिश्रण का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन अगर उसकी मात्रा सही न हो तो ऑक्सीजन जहरीली साबित हो सकती है. गुफाओं में डाइविंग करना और भी ज्यादा जोखिम भरा होता है. वहां रोशनी कम होती है, पानी का बहाव तेज हो सकता है और घबराहट बढ़ने से सांस तेज चलने लगती है. इससे शरीर में ऑक्सीजन का प्रभाव और बढ़ सकता है. खराब मौसम, तेज हवाएं, तनाव और थकान भी इस खतरे को बढ़ाने वाले कारण माने जाते हैं.

About the Author

authorimg

शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.