Sunday, 17 May 2026 | 08:50 PM

Trending :

EXCLUSIVE

अब जिंदगीभर नहीं झेलना पड़ेगा घुटनों का दर्द, वैज्ञानिकों ने खोजा ट्रीटमेंट, आर्थराइटिस पर लगेगी लगाम !

authorimg

Last Updated:

New Treatment for Osteoarthritis: कोरिया के वैज्ञानिकों ने ऑस्टियोआर्थराइटिस के मरीजों के लिए एक चमत्कारी इलाज ढूंढ निकाला है. उन्होंने एक ऐसे प्रोटीन की खोज की है, जो सिर्फ घुटनों का दर्द कम नहीं करता है, बल्कि आर्थराइटिस की बीमारी को भी रोक सकता है. इस ट्रीटमेंट को बनने में अभी लंबा वक्त लग सकता है, लेकिन यह खोज लाखों मरीजों के लिए भविष्य में राहत की बड़ी उम्मीद बन सकती है.

Zoom

वैज्ञानिकों ने एक ऐसा प्रोटीन खोजा है, जो ऑस्टोआर्थराइटिस की बीमारी को रोक सकता है.

New Study on Osteoarthritis Treatment: एक उम्र के बाद अधिकतर लोगों को घुटनों में दर्द की समस्या होने लगती है. अक्सर इसे बुढ़ापे का संकेत माना जाता है, लेकिन कुछ लोग इस परेशानी से जवानी में ही जूझने लगते हैं. घुटनों के दर्द की सबसे बड़ी वजह ऑस्टियोआर्थराइटिस नामक बीमारी होती है. इस बीमारी की वजह से धीरे-धीरे घुटनों का कार्टिलेज घिसने लगता है. यह कार्टिलेज हड्डियों के बीच एक कुशन की तरह काम करता है, लेकिन इसके खराब होने पर घुटनों, कूल्हों और हाथों में दर्द, जकड़न और चलने-फिरने में परेशानी होने लगती है. इस बीमारी का अभी तक कोई सटीक इलाज नहीं है, लेकिन डॉक्टर दर्द कम करने की दवाएं देते हैं, ताकि मरीजों को राहत मिल सके. कोरिया के वैज्ञानिकों ने ऑस्टियोआर्थराइटिस को लेकर एक अनोखी खोज की है. अगर सब कुछ सही रहा, तो अगले कुछ सालों में आर्थराइटिस को रोकने वाली दवा बन सकती है. यह दवा घुटनों के दर्द से राहत दिलाएगी और इस बीमारी पर भी लगाम लगा देगी.

Scitech Daily की रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण कोरिया के वैज्ञानिकों ने एक महत्वपूर्ण प्रोटीन SHP (NR0B2) की पहचान की है, जो कार्टिलेज को टूटने से बचाने में मदद करता है. यह प्रोटीन शरीर में प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है और जोड़ों की डैमेज को धीमा कर सकता है. रिसर्च में पाया गया कि जैसे-जैसे ऑस्टियोआर्थराइटिस बढ़ता है, शरीर में SHP प्रोटीन का स्तर कम होने लगता है. यह प्रोटीन उन एंजाइम्स को कंट्रोल करता है, जो कार्टिलेज को नष्ट करते हैं, जैसे MMP-3 और MMP-13. जब SHP की मात्रा पर्याप्त होती है, तो ये एंजाइम कम सक्रिय रहते हैं और जोड़ों को नुकसान कम होता है. यह रिसर्च प्रतिष्ठित जर्नल नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित हुई है और अब दुनिया भर में चर्चाओं का विषय है.

चूहों पर मिले शानदार रिजल्ट

वैज्ञानिकों ने इस प्रोटीन का परीक्षण चूहों पर किया. जिन चूहों में SHP प्रोटीन नहीं था, उनमें जोड़ों का नुकसान तेजी से हुआ और दर्द भी ज्यादा देखा गया. वहीं, जिनमें SHP प्रोटीन को दोबारा सक्रिय किया गया, उनमें कार्टिलेज का नुकसान कम हुआ और चलने-फिरने की क्षमता में सुधार देखा गया. इससे यह संकेत मिला कि यह प्रोटीन बीमारी की गति को धीमा कर सकता है. शोधकर्ताओं ने एक एक्सपेरिमेंट में SHP प्रोटीन का जीन सीधे जोड़ों में इंजेक्ट किया. इस प्रक्रिया के बाद लंबे समय तक असर देखने को मिला. एक ही उपचार के बाद कार्टिलेज को नुकसान कम हुआ और दर्द में भी राहत मिली. यह संकेत देता है कि भविष्य में यह तकनीक ऑस्टियोआर्थराइटिस के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.

कब तक बन पाएगी यह दवा?

वैज्ञानिकों का कहना है कि यह खोज अभी शुरुआती चरण में है और मनुष्यों पर ज्यादा रिसर्च की जरूरत है. अगर आगे के क्लीनिकल ट्रायल सफल होते हैं, तो यह प्रोटीन आधारित थेरेपी ऑस्टियोआर्थराइटिस को रोकने या उसकी प्रगति को धीमा करने में बड़ी सफलता साबित हो सकती है. SHP प्रोटीन की खोज ऑस्टियोआर्थराइटिस के इलाज में एक नई उम्मीद लेकर आई है. अब तक जहां इलाज केवल दर्द कम करने पर केंद्रित था, वहीं यह शोध बीमारी की जड़ पर काम करने की संभावना दिखाता है. हालांकि इसे वास्तविक इलाज बनने में अभी समय लग सकता है, लेकिन यह खोज लाखों मरीजों के लिए भविष्य में राहत की बड़ी उम्मीद बन सकती है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

About the Author

authorimg

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: 'महिलाओं से सर तक...',किस करवट बैठागा घूमना, लालची सभाओं में छा रहा ये बड़ा मुद्दा

April 21, 2026/
7:21 pm

पश्चिम बंगाल प्रथम चरण का चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण का नामांकन शोर-गुल था। अब राज्य...

भारत में एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी का संकट, 2026 में इंडक्शन गैस की मांग बढ़ी, जानें फायदे और इलेक्ट्रिक चूल्हे को आसानी से कैसे इस्तेमाल करें

March 11, 2026/
11:01 pm

स्टोव चूल्हे में कैसे प्रयोग किया जाता है? | छवि: फ्रीपिक भारत में प्रेरण मूल्य: पिछले कुछ दिनों में 30...

The MP Board 10th and 12th results declared at mpbse.nic.in.

April 15, 2026/
11:22 am

आखरी अपडेट:15 अप्रैल, 2026, 11:22 IST अपने क्षेत्र की रक्षा करने वाले विरासती राजनेताओं से लेकर अपनी पार्टियों की किस्मत...

सलमान के बाद मीका भी राजपाल के सपोर्ट में उतरे:कहा- किसी के बुरे वक्त का मजाक उड़ाना गलत; सिने एसोसिएशन बोला- ये मजाक नहीं अपमान

April 7, 2026/
8:27 pm

एक्टर राजपाल यादव का स्क्रीन अवार्ड्स 2026 के दौरान मजाक उड़ाए जाने का मामला अब तेजी से तूल पकड़ता जा...

अमरूद रेसिपी: अमरूद से बनाएं ये 4 टेस्टी रेसिपी जो बदलेगी बाजार का स्वाद, जानिए खाने का नया तरीका

March 13, 2026/
8:05 pm

अमरूद रेसिपी: लोग अक्सर अमरूद को नमक या चाट मसाला लगाकर खाना पसंद करते हैं? यह फल सिर्फ ऐसे ही...

राजनीति

अब जिंदगीभर नहीं झेलना पड़ेगा घुटनों का दर्द, वैज्ञानिकों ने खोजा ट्रीटमेंट, आर्थराइटिस पर लगेगी लगाम !

authorimg

Last Updated:

New Treatment for Osteoarthritis: कोरिया के वैज्ञानिकों ने ऑस्टियोआर्थराइटिस के मरीजों के लिए एक चमत्कारी इलाज ढूंढ निकाला है. उन्होंने एक ऐसे प्रोटीन की खोज की है, जो सिर्फ घुटनों का दर्द कम नहीं करता है, बल्कि आर्थराइटिस की बीमारी को भी रोक सकता है. इस ट्रीटमेंट को बनने में अभी लंबा वक्त लग सकता है, लेकिन यह खोज लाखों मरीजों के लिए भविष्य में राहत की बड़ी उम्मीद बन सकती है.

Zoom

वैज्ञानिकों ने एक ऐसा प्रोटीन खोजा है, जो ऑस्टोआर्थराइटिस की बीमारी को रोक सकता है.

New Study on Osteoarthritis Treatment: एक उम्र के बाद अधिकतर लोगों को घुटनों में दर्द की समस्या होने लगती है. अक्सर इसे बुढ़ापे का संकेत माना जाता है, लेकिन कुछ लोग इस परेशानी से जवानी में ही जूझने लगते हैं. घुटनों के दर्द की सबसे बड़ी वजह ऑस्टियोआर्थराइटिस नामक बीमारी होती है. इस बीमारी की वजह से धीरे-धीरे घुटनों का कार्टिलेज घिसने लगता है. यह कार्टिलेज हड्डियों के बीच एक कुशन की तरह काम करता है, लेकिन इसके खराब होने पर घुटनों, कूल्हों और हाथों में दर्द, जकड़न और चलने-फिरने में परेशानी होने लगती है. इस बीमारी का अभी तक कोई सटीक इलाज नहीं है, लेकिन डॉक्टर दर्द कम करने की दवाएं देते हैं, ताकि मरीजों को राहत मिल सके. कोरिया के वैज्ञानिकों ने ऑस्टियोआर्थराइटिस को लेकर एक अनोखी खोज की है. अगर सब कुछ सही रहा, तो अगले कुछ सालों में आर्थराइटिस को रोकने वाली दवा बन सकती है. यह दवा घुटनों के दर्द से राहत दिलाएगी और इस बीमारी पर भी लगाम लगा देगी.

Scitech Daily की रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण कोरिया के वैज्ञानिकों ने एक महत्वपूर्ण प्रोटीन SHP (NR0B2) की पहचान की है, जो कार्टिलेज को टूटने से बचाने में मदद करता है. यह प्रोटीन शरीर में प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है और जोड़ों की डैमेज को धीमा कर सकता है. रिसर्च में पाया गया कि जैसे-जैसे ऑस्टियोआर्थराइटिस बढ़ता है, शरीर में SHP प्रोटीन का स्तर कम होने लगता है. यह प्रोटीन उन एंजाइम्स को कंट्रोल करता है, जो कार्टिलेज को नष्ट करते हैं, जैसे MMP-3 और MMP-13. जब SHP की मात्रा पर्याप्त होती है, तो ये एंजाइम कम सक्रिय रहते हैं और जोड़ों को नुकसान कम होता है. यह रिसर्च प्रतिष्ठित जर्नल नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित हुई है और अब दुनिया भर में चर्चाओं का विषय है.

चूहों पर मिले शानदार रिजल्ट

वैज्ञानिकों ने इस प्रोटीन का परीक्षण चूहों पर किया. जिन चूहों में SHP प्रोटीन नहीं था, उनमें जोड़ों का नुकसान तेजी से हुआ और दर्द भी ज्यादा देखा गया. वहीं, जिनमें SHP प्रोटीन को दोबारा सक्रिय किया गया, उनमें कार्टिलेज का नुकसान कम हुआ और चलने-फिरने की क्षमता में सुधार देखा गया. इससे यह संकेत मिला कि यह प्रोटीन बीमारी की गति को धीमा कर सकता है. शोधकर्ताओं ने एक एक्सपेरिमेंट में SHP प्रोटीन का जीन सीधे जोड़ों में इंजेक्ट किया. इस प्रक्रिया के बाद लंबे समय तक असर देखने को मिला. एक ही उपचार के बाद कार्टिलेज को नुकसान कम हुआ और दर्द में भी राहत मिली. यह संकेत देता है कि भविष्य में यह तकनीक ऑस्टियोआर्थराइटिस के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.

कब तक बन पाएगी यह दवा?

वैज्ञानिकों का कहना है कि यह खोज अभी शुरुआती चरण में है और मनुष्यों पर ज्यादा रिसर्च की जरूरत है. अगर आगे के क्लीनिकल ट्रायल सफल होते हैं, तो यह प्रोटीन आधारित थेरेपी ऑस्टियोआर्थराइटिस को रोकने या उसकी प्रगति को धीमा करने में बड़ी सफलता साबित हो सकती है. SHP प्रोटीन की खोज ऑस्टियोआर्थराइटिस के इलाज में एक नई उम्मीद लेकर आई है. अब तक जहां इलाज केवल दर्द कम करने पर केंद्रित था, वहीं यह शोध बीमारी की जड़ पर काम करने की संभावना दिखाता है. हालांकि इसे वास्तविक इलाज बनने में अभी समय लग सकता है, लेकिन यह खोज लाखों मरीजों के लिए भविष्य में राहत की बड़ी उम्मीद बन सकती है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

About the Author

authorimg

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.