Wednesday, 07 Oct 2026 | 11:55 PM

Trending :

EXCLUSIVE

बांग्लादेश के दो पोर्ट अमेरिका इस्तेमाल करेगा:इनमें से एक अंडमान से सिर्फ 1100km दूर; सीक्रेट जानकारी शेयर करने का भी समझौता

बांग्लादेश के दो पोर्ट अमेरिका इस्तेमाल करेगा:इनमें से एक अंडमान से सिर्फ 1100km दूर; सीक्रेट जानकारी शेयर करने का भी समझौता

बांग्लादेश ने अमेरिका को दो महत्वपूर्ण बंदरगाहों के इस्तेमाल की इजाजत देने का फैसला किया है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच सीक्रेट जानकारी शेयर करने को लेकर भी समझौता हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और बांग्लादेश के बीच कुल तीन बड़े समझौते हुए हैं। इन समझौतों के बाद बंगाल के खाड़ी रीजन में अमेरिका की मौजूदगी और प्रभाव काफी बढ़ सकता है। अमेरिका को बांग्लादेश के चिटगांव और मतारबाड़ी बंदरगाहों तक पहुंच मिलेगी। इन बंदरगाहों का इस्तेमाल अमेरिकी नौसेना और सैन्य जहाज कर सकेंगे। इससे अमेरिका को हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में अपनी सैन्य और रणनीतिक ताकत बढ़ाने में मदद मिलेगी। चिटगांव बंदरगाह भारत के अंडमान-निकोबार क्षेत्र से सिर्फ 1100 किमी दूर है। अमेरिका की नजर मालक्का स्ट्रेट पर अमेरिका की खास नजर मालक्का स्ट्रेट पर है। यह दुनिया के सबसे जरूरी ट्रेड रूट्स में से एक माना जाता है। दुनिया का लगभग 60% समुद्री व्यापार इसी रास्ते से होता है। तेल, गैस और अन्य जरूरी सामानों की सप्लाई के लिए भी यह मार्ग बेहद अहम है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस इलाके में अपनी मौजूदगी बढ़ाकर अमेरिका चीन की एक्टिविटी पर भी नजर रखना चाहता है। बांग्लादेश-अमेरिका के 3 बड़े करार मलक्का चीन के लिए सबसे बड़ी कमजोरी मलक्का को पूरी दुनिया के ट्रेड की लाइफलाइन कहा जा सकता है। यहां से तेल के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनें और बाकी सामान भी बड़ी मात्रा में एक जगह से दूसरी जगह पहुंचते हैं। चीन के लिए तो मलक्का को सबसे बड़ी रणनीतिक कमजोरी माना जाता है। चीन के करीब 80% तेल आयात इसी रास्ते से आते हैं। ये इंडस्ट्रियल इकॉनमी और एक्सपोर्ट सिस्टम के लिए बेहद जरूरी है। इसी वजह से चीन लंबे समय से इस पर अपनी निर्भरता को एक कमजोरी मानता है। यही कारण है कि पूर्व चीनी राष्ट्रपति हू जिंताओ ने इसे ‘मलक्का डिलेमा’ कहा था। हाल में चीन ने इलाके के आसपास समुद्री मैपिंग और मॉनिटरिंग गतिविधियां बढ़ाई हैं। भारत के लिए क्यों अहम है मलक्का मलक्का स्ट्रेट भारत के लिए भी उतना ही अहम है। देश का करीब 55% व्यापार इसी रास्ते और सिंगापुर क्षेत्र से होकर गुजरता है। भारत की भौगोलिक स्थिति उसे इस इलाके में रणनीतिक बढ़त देती है। अंडमान और निकोबार आइलैंड्स इस स्ट्रेट के पश्चिमी मुहाने के पास हैं, जहां से पोर्ट ब्लेयर से 24 घंटे में पहुंचा जा सकता है। भारत का INS बाज एयर स्टेशन, जो कैंपबेल बे में है, इस इलाके की निगरानी में अहम भूमिका निभाता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह भारत को समुद्री ट्रैफिक पर नजर रखने की ताकत देता है। क्या US-भारत सहयोग बढ़ सकता है एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर अमेरिका मलक्का में अपनी भूमिका बढ़ाता है, तो भारत की भागीदारी अहम हो सकती है। सिंगापुर ने पहली बार मलक्का स्ट्रेट पेट्रोल में भारत की दिलचस्पी को औपचारिक तौर पर माना है। इससे संकेत मिलता है कि क्षेत्रीय सहयोग बढ़ सकता है। हालांकि, मलक्का स्ट्रेट में अमेरिका के लिए सब कुछ आसान नहीं होगा। इंडोनेशिया और मलेशिया इस इलाके को लेकर काफी संवेदनशील रहते हैं और अपनी संप्रभुता को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहते। सिंगापुर का हिस्सा छोटा जरूर है, लेकिन वैश्विक शिपिंग में उसकी भूमिका बहुत बड़ी है। उसका पोर्ट और समुद्री सेवाएं उसकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए वह इस रास्ते में किसी भी तरह की अस्थिरता नहीं चाहता। ————- यह खबर भी पढ़ें… होर्मुज के बाद अब ट्रम्प की मलक्का स्ट्रेट पर नजर:इंडोनेशिया से रक्षा करार किया, अमेरिकी सैन्य विमानों को इंडोनेशियाई इलाके में जाने की इजाजत होर्मुज स्ट्रेट में इस समय हालात काफी तनाव भरे हैं। अमेरिका वहां ईरान से जुड़े जहाजों की गतिविधियों पर सख्ती कर रहा है। इसी बीच अमेरिका और इंडोनेशिया के बीच 13 अप्रैल को एक नया रक्षा समझौता हुआ है। पढ़ें पूरी खबर…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
30 बच्चों से दुष्कर्म के दोषी पर ब्रिटेन-पाकिस्तान में विवाद:ब्रिटिश सरकार वापस PAK भेजने पर अड़ी, इस्लामाबाद ने दी चेतावनी

August 18, 2026/
12:52 pm

ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच एक यौन अपराधी को लेकर विवाद शुरू हो गया है। शाबिर अहमद ब्रिटेन के कुख्यात...

जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में बारिश:हिमाचल के 3 शहरों में माइनस में पारा, MP में आज से 5-6°C बढ़ेगा तापमान

April 10, 2026/
5:30 am

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज अरुणाचल प्रदेश और असम समेत 9 राज्यों में आंधी के साथ हल्की बारिश का...

NZ Vs ENG Live Cricket Score, 2nd Test Day 3: Follow latest updates from London. (AP Photo)

June 19, 2026/
8:48 pm

आखरी अपडेट:19 जून, 2026, 20:48 IST एकनाथ शिंदे ने मराठी अस्मिता पर शिवसेना के फोकस की पुष्टि की, सांसदों और...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

बांग्लादेश के दो पोर्ट अमेरिका इस्तेमाल करेगा:इनमें से एक अंडमान से सिर्फ 1100km दूर; सीक्रेट जानकारी शेयर करने का भी समझौता

बांग्लादेश के दो पोर्ट अमेरिका इस्तेमाल करेगा:इनमें से एक अंडमान से सिर्फ 1100km दूर; सीक्रेट जानकारी शेयर करने का भी समझौता

बांग्लादेश ने अमेरिका को दो महत्वपूर्ण बंदरगाहों के इस्तेमाल की इजाजत देने का फैसला किया है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच सीक्रेट जानकारी शेयर करने को लेकर भी समझौता हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और बांग्लादेश के बीच कुल तीन बड़े समझौते हुए हैं। इन समझौतों के बाद बंगाल के खाड़ी रीजन में अमेरिका की मौजूदगी और प्रभाव काफी बढ़ सकता है। अमेरिका को बांग्लादेश के चिटगांव और मतारबाड़ी बंदरगाहों तक पहुंच मिलेगी। इन बंदरगाहों का इस्तेमाल अमेरिकी नौसेना और सैन्य जहाज कर सकेंगे। इससे अमेरिका को हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में अपनी सैन्य और रणनीतिक ताकत बढ़ाने में मदद मिलेगी। चिटगांव बंदरगाह भारत के अंडमान-निकोबार क्षेत्र से सिर्फ 1100 किमी दूर है। अमेरिका की नजर मालक्का स्ट्रेट पर अमेरिका की खास नजर मालक्का स्ट्रेट पर है। यह दुनिया के सबसे जरूरी ट्रेड रूट्स में से एक माना जाता है। दुनिया का लगभग 60% समुद्री व्यापार इसी रास्ते से होता है। तेल, गैस और अन्य जरूरी सामानों की सप्लाई के लिए भी यह मार्ग बेहद अहम है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस इलाके में अपनी मौजूदगी बढ़ाकर अमेरिका चीन की एक्टिविटी पर भी नजर रखना चाहता है। बांग्लादेश-अमेरिका के 3 बड़े करार मलक्का चीन के लिए सबसे बड़ी कमजोरी मलक्का को पूरी दुनिया के ट्रेड की लाइफलाइन कहा जा सकता है। यहां से तेल के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनें और बाकी सामान भी बड़ी मात्रा में एक जगह से दूसरी जगह पहुंचते हैं। चीन के लिए तो मलक्का को सबसे बड़ी रणनीतिक कमजोरी माना जाता है। चीन के करीब 80% तेल आयात इसी रास्ते से आते हैं। ये इंडस्ट्रियल इकॉनमी और एक्सपोर्ट सिस्टम के लिए बेहद जरूरी है। इसी वजह से चीन लंबे समय से इस पर अपनी निर्भरता को एक कमजोरी मानता है। यही कारण है कि पूर्व चीनी राष्ट्रपति हू जिंताओ ने इसे ‘मलक्का डिलेमा’ कहा था। हाल में चीन ने इलाके के आसपास समुद्री मैपिंग और मॉनिटरिंग गतिविधियां बढ़ाई हैं। भारत के लिए क्यों अहम है मलक्का मलक्का स्ट्रेट भारत के लिए भी उतना ही अहम है। देश का करीब 55% व्यापार इसी रास्ते और सिंगापुर क्षेत्र से होकर गुजरता है। भारत की भौगोलिक स्थिति उसे इस इलाके में रणनीतिक बढ़त देती है। अंडमान और निकोबार आइलैंड्स इस स्ट्रेट के पश्चिमी मुहाने के पास हैं, जहां से पोर्ट ब्लेयर से 24 घंटे में पहुंचा जा सकता है। भारत का INS बाज एयर स्टेशन, जो कैंपबेल बे में है, इस इलाके की निगरानी में अहम भूमिका निभाता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह भारत को समुद्री ट्रैफिक पर नजर रखने की ताकत देता है। क्या US-भारत सहयोग बढ़ सकता है एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर अमेरिका मलक्का में अपनी भूमिका बढ़ाता है, तो भारत की भागीदारी अहम हो सकती है। सिंगापुर ने पहली बार मलक्का स्ट्रेट पेट्रोल में भारत की दिलचस्पी को औपचारिक तौर पर माना है। इससे संकेत मिलता है कि क्षेत्रीय सहयोग बढ़ सकता है। हालांकि, मलक्का स्ट्रेट में अमेरिका के लिए सब कुछ आसान नहीं होगा। इंडोनेशिया और मलेशिया इस इलाके को लेकर काफी संवेदनशील रहते हैं और अपनी संप्रभुता को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहते। सिंगापुर का हिस्सा छोटा जरूर है, लेकिन वैश्विक शिपिंग में उसकी भूमिका बहुत बड़ी है। उसका पोर्ट और समुद्री सेवाएं उसकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए वह इस रास्ते में किसी भी तरह की अस्थिरता नहीं चाहता। ————- यह खबर भी पढ़ें… होर्मुज के बाद अब ट्रम्प की मलक्का स्ट्रेट पर नजर:इंडोनेशिया से रक्षा करार किया, अमेरिकी सैन्य विमानों को इंडोनेशियाई इलाके में जाने की इजाजत होर्मुज स्ट्रेट में इस समय हालात काफी तनाव भरे हैं। अमेरिका वहां ईरान से जुड़े जहाजों की गतिविधियों पर सख्ती कर रहा है। इसी बीच अमेरिका और इंडोनेशिया के बीच 13 अप्रैल को एक नया रक्षा समझौता हुआ है। पढ़ें पूरी खबर…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.