Tuesday, 15 Sep 2026 | 01:56 AM

Trending :

EXCLUSIVE

आज दुनिया के पहले ट्रिलिनियर बनेंगे मस्क:रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स अमेरिकी बाजार में लिस्ट होगी; ये दुनिया का सबसे बड़ा आईपीओ

आज दुनिया के पहले ट्रिलिनियर बनेंगे मस्क:रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स अमेरिकी बाजार में लिस्ट होगी; ये दुनिया का सबसे बड़ा आईपीओ

दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क की रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स आज, 12 जून को अमेरिकी शेयर बाजार नैस्डैक पर लिस्ट होगी। गुरुवार को कंपनी ने अपने आईपीओ का फाइनल प्राइस 135 डॉलर तय कर दिया है। 1.77 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 168 लाख करोड़ रुपए के वैल्यूएशन पर हो रही इस लिस्टिंग के बाद इलॉन मस्क दुनिया के पहले ट्रिलिनियर बन सकते हैं। सवाल-जवाब में समझते हैं आज की लिस्टिंग की पूरी एबीसीडी सवाल 1: आज होने जा रही स्पेसएक्स की लिस्टिंग इतनी ऐतिहासिक क्यों है? जवाब: स्पेसएक्स इस इश्यू के जरिए रिकॉर्ड 75 बिलियन डॉलर यानी करीब 7.15 लाख करोड़ रुपए जुटा रही है। यह अकेला आईपीओ साल 2024 और 2025 में आए सभी अमेरिकी आईपीओ की कुल जुटाई रकम से भी ज्यादा है। यह दुनिया का सबसे बड़ा आईपीओ है। सवाल 2: क्या इस लिस्टिंग से इलॉन मस्क दुनिया के पहले ‘ट्रिलिनेयर’ बन जाएंगे? जवाब: हां, इसकी पूरी संभावना है। फोर्ब्स के अनुसार इलॉन मस्क की नेटवर्थ 982 बिलियन डॉलर यानी करीब ₹94 लाख करोड़ हैं। उनके पास स्पेसएक्स में करीब 866 बिलियन डॉलर के शेयर हैं। आज जैसे ही ट्रेडिंग शुरू होगी तो बाकी कंपनियों की वेल्थ मिलाकर मस्क की कुल नेटवर्थ 1 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब ₹95 लाख करोड़ के पार पहुंच जाएगी। सवाल 3: एक ट्रिलियन डॉलर की रकम कितनी बड़ी होती है, इसे आम भाषा में कैसे समझें? जवाब: 1 ट्रिलियन डॉलर एक ऐसी रकम है जो दुनिया के अधिकांश देशों की जीडीपी से भी बड़ी है। दुनिया के केवल 20 देश ऐसे हैं जिनकी जीडीपी इससे ज्यादा है। मस्क अकेले ताइवान, स्विट्जरलैंड, स्वीडन और सिंगापुर जैसे अमीर देशों की कुल अर्थव्यवस्था से ज्यादा अमीर हो जाएंगे। अगर कोई व्यक्ति हर घंटे 10 लाख डॉलर यानी करीब 9.54 करोड़ रुपए भी खर्च करे, तो उसे 1 ट्रिलियन डॉलर खत्म करने में 114 साल से ज्यादा का समय लगेगा। जेपी मॉर्गन चेस के सीईओ जेमी डिमन ने तो मस्क को ‘हमारे समय का एडिसन और आइंस्टीन’ तक कह दिया है। सवाल 4: मार्केट एक्सपर्ट्स जिस ‘इलॉन प्रीमियम’ की बात कर रहे हैं, वो क्या है? जवाब: रेनेसां कैपिटल के सीनियर स्ट्रेटेजिस्ट मैट कैनेडी का कहना है कि ट्रेडिशनल फाइनेंस के नियम स्पेसएक्स पर लागू नहीं होते। जब कोई कंपनी पारंपरिक वित्तीय पैमानों जैसे मुनाफा या रेवेन्यू से परे जाकर सिर्फ अपने मालिक के विजन और साख के दम पर इतना बड़ा वैल्यूएशन पाती है, तो उसे बाजार की भाषा में ‘इलॉन प्रीमियम’ या ‘मस्कोनॉमी’ कहा जाता है। निवेशक उनके पिछले ट्रैक रिकॉर्ड को देखकर उनके इस नए विजन पर आंख मूंदकर दांव लगा रहे हैं। सवाल 5: कंपनी में आम निवेशकों की भागीदारी और मस्क का कंट्रोल कैसा रहेगा? जवाब: कंपनी ने आम निवेशकों के लिए रिकॉर्ड 30% का कोटा था, जो करीब 22.5 बिलियन डॉलर बैठता है। जहां तक कंट्रोल की बात है, मस्क इस आईपीओ में अपना एक भी शेयर नहीं बेच रहे हैं और लिस्टिंग के बाद भी मेजॉरिटी वोटिंग राइट्स उन्हीं के पास रहेंगे। सवाल 6: बाजार के तकनीकी एक्सपर्ट्स को आज लिस्टिंग के समय किस बात का डर है? जवाब: आज मार्केट के सिस्टम का भी बड़ा टेस्ट होना है। जब 2012 में फेसबुक का बड़ा आईपीओ नैस्डैक पर आया था, तब तकनीकी गड़बड़ियों के कारण उसकी ओपनिंग में देरी हुई थी। चूंकि स्पेसएक्स का आईपीओ फेसबुक से कहीं ज्यादा बड़ा है, इसलिए वॉल स्ट्रीट की नजरें नैस्डैक के तकनीकी सिस्टम पर टिकी हैं कि वह इस लोड को कैसे संभालता है। सवाल 7: क्या स्पेसएक्स के मजबूत फाइनेंशियल्स इसके ऊंचे वैल्यूएशन को सही ठहराते हैं? जवाब: नहीं, बिल्कुल नहीं। यही सबसे बड़ा विवाद है। स्पेसएक्स ने पिछले साल लगभग 19 बिलियन डॉलर का रेवेन्यू तो कमाया, लेकिन कंपनी ने अब तक कोई मुनाफा नहीं कमाया है। रेटिंग एजेंसी ‘मॉर्निंगस्टार’ के विश्लेषकों ने साफ लिखा है कि कंपनी ‘ओवरवैल्यूड’ है और इसका सही वैल्यूएशन 780 बिलियन डॉलर होना चाहिए। सवाल 8: आज शाम भारतीय समय अनुसार लिस्टिंग कितने बजे होगी? जवाब: अमेरिकी बाजार नैस्डैक भारतीय समयानुसार आज शाम 7:00 बजे (प्री-मार्केट) खुलेगा। भारी डिमांड के कारण शुरुआती कुछ घंटों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। रात 11:30 बजे के बाद इस पर नॉर्मल ट्रेडिंग और प्राइज मूवमेंट पूरी तरह स्पष्ट दिखने लगेगा। स्पेसएक्स: रियूजेबल रॉकेट के जरिए स्पेस सेक्टर बदला साल 2002 में इलॉन मस्क ने स्पेस-एक्स कंपनी बनाई थी। स्पेस-एक्स ने तब इतिहास रचा था जब 31 मई 2020 को कंपनी ने दुनिया का पहला प्राइवेट ह्यूमन मिशन लॉन्च किया था। इस मिशन के तहत दो एस्ट्रोनॉट -रॉबर्ट बेहेनकेन और डगलस हर्ले स्पेस गए थे। करीब 63 दिन अंतरिक्ष में रहने के बाद ये दोनों वापस धरती पर लौटे थे। मस्क की कंपनी ने रियूजेबल रॉकेट टेक्नोलॉजी डेवलप कर सैटेलाइट लॉन्चिंग और दूसरे स्पेस मिशन्स को सस्ता बनाया है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Breaking News Headlines; US China

March 23, 2026/
10:33 am

36 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका के न्यूयॉर्क में ला गार्डिया एयरपोर्ट पर एक बड़ा हादसा हो गया, जिसके बाद...

Cooper Connolly and Suryansh Shedge are trying to rescue PBKS (Picture credit: AP)

May 7, 2026/
3:01 am

आखरी अपडेट:07 मई, 2026, 03:01 IST रथ ने बुधवार को अपने गृहनगर में भाजपा कार्यकर्ताओं से चुनाव के बाद की...

देवास के बीराखेड़ी में नाले से मिला महिला का शव:2–3 दिन पुराना शव, महिला की नहीं हो सकी पहचान; पीएम के लिए भेजा गया

April 27, 2026/
9:18 pm

देवास के बीराखेड़ी क्षेत्र में सोमवार देर शाम ईंट भट्टों के पीछे स्थित नाले में एक महिला का शव मिलने...

World News Updates; Iran Israel War | Cuba Earthquake

June 9, 2026/
8:45 am

30 मिनट पहले कॉपी लिंक क्यूबा के उत्तर-पश्चिमी तट के पास सोमवार को 6.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। अमेरिकी...

फिंच बोले- ग्रीन की जगह साइफर्ट को मौका मिले:KKR कीमत की जगह प्रदर्शन देखे; IPL 2026 में एक भी मैच नहीं जीत सकी

April 16, 2026/
4:32 pm

IPL 2026 में खराब प्रदर्शन कर रही KKR की रणनीति पर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान आरोन फिंच ने सवाल उठाए।...

World News Updates; Trump Pakistan China

March 14, 2026/
10:41 am

21 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका में 11 भारतीयों पर फर्जी लूट की घटनाएं करवाकर U-वीजा लेने की साजिश का...

Bhopal Big Pond Encroachment Found During NGT Survey

March 11, 2026/
12:20 am

भोपाल के बड़ा तालाब पर अतिक्रमण किया गया है। अब अतिक्रमणकारियों पर प्रशासन ने सख्ती बरतना शुरू कर दिया है।...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

आज दुनिया के पहले ट्रिलिनियर बनेंगे मस्क:रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स अमेरिकी बाजार में लिस्ट होगी; ये दुनिया का सबसे बड़ा आईपीओ

आज दुनिया के पहले ट्रिलिनियर बनेंगे मस्क:रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स अमेरिकी बाजार में लिस्ट होगी; ये दुनिया का सबसे बड़ा आईपीओ

दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क की रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स आज, 12 जून को अमेरिकी शेयर बाजार नैस्डैक पर लिस्ट होगी। गुरुवार को कंपनी ने अपने आईपीओ का फाइनल प्राइस 135 डॉलर तय कर दिया है। 1.77 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 168 लाख करोड़ रुपए के वैल्यूएशन पर हो रही इस लिस्टिंग के बाद इलॉन मस्क दुनिया के पहले ट्रिलिनियर बन सकते हैं। सवाल-जवाब में समझते हैं आज की लिस्टिंग की पूरी एबीसीडी सवाल 1: आज होने जा रही स्पेसएक्स की लिस्टिंग इतनी ऐतिहासिक क्यों है? जवाब: स्पेसएक्स इस इश्यू के जरिए रिकॉर्ड 75 बिलियन डॉलर यानी करीब 7.15 लाख करोड़ रुपए जुटा रही है। यह अकेला आईपीओ साल 2024 और 2025 में आए सभी अमेरिकी आईपीओ की कुल जुटाई रकम से भी ज्यादा है। यह दुनिया का सबसे बड़ा आईपीओ है। सवाल 2: क्या इस लिस्टिंग से इलॉन मस्क दुनिया के पहले ‘ट्रिलिनेयर’ बन जाएंगे? जवाब: हां, इसकी पूरी संभावना है। फोर्ब्स के अनुसार इलॉन मस्क की नेटवर्थ 982 बिलियन डॉलर यानी करीब ₹94 लाख करोड़ हैं। उनके पास स्पेसएक्स में करीब 866 बिलियन डॉलर के शेयर हैं। आज जैसे ही ट्रेडिंग शुरू होगी तो बाकी कंपनियों की वेल्थ मिलाकर मस्क की कुल नेटवर्थ 1 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब ₹95 लाख करोड़ के पार पहुंच जाएगी। सवाल 3: एक ट्रिलियन डॉलर की रकम कितनी बड़ी होती है, इसे आम भाषा में कैसे समझें? जवाब: 1 ट्रिलियन डॉलर एक ऐसी रकम है जो दुनिया के अधिकांश देशों की जीडीपी से भी बड़ी है। दुनिया के केवल 20 देश ऐसे हैं जिनकी जीडीपी इससे ज्यादा है। मस्क अकेले ताइवान, स्विट्जरलैंड, स्वीडन और सिंगापुर जैसे अमीर देशों की कुल अर्थव्यवस्था से ज्यादा अमीर हो जाएंगे। अगर कोई व्यक्ति हर घंटे 10 लाख डॉलर यानी करीब 9.54 करोड़ रुपए भी खर्च करे, तो उसे 1 ट्रिलियन डॉलर खत्म करने में 114 साल से ज्यादा का समय लगेगा। जेपी मॉर्गन चेस के सीईओ जेमी डिमन ने तो मस्क को ‘हमारे समय का एडिसन और आइंस्टीन’ तक कह दिया है। सवाल 4: मार्केट एक्सपर्ट्स जिस ‘इलॉन प्रीमियम’ की बात कर रहे हैं, वो क्या है? जवाब: रेनेसां कैपिटल के सीनियर स्ट्रेटेजिस्ट मैट कैनेडी का कहना है कि ट्रेडिशनल फाइनेंस के नियम स्पेसएक्स पर लागू नहीं होते। जब कोई कंपनी पारंपरिक वित्तीय पैमानों जैसे मुनाफा या रेवेन्यू से परे जाकर सिर्फ अपने मालिक के विजन और साख के दम पर इतना बड़ा वैल्यूएशन पाती है, तो उसे बाजार की भाषा में ‘इलॉन प्रीमियम’ या ‘मस्कोनॉमी’ कहा जाता है। निवेशक उनके पिछले ट्रैक रिकॉर्ड को देखकर उनके इस नए विजन पर आंख मूंदकर दांव लगा रहे हैं। सवाल 5: कंपनी में आम निवेशकों की भागीदारी और मस्क का कंट्रोल कैसा रहेगा? जवाब: कंपनी ने आम निवेशकों के लिए रिकॉर्ड 30% का कोटा था, जो करीब 22.5 बिलियन डॉलर बैठता है। जहां तक कंट्रोल की बात है, मस्क इस आईपीओ में अपना एक भी शेयर नहीं बेच रहे हैं और लिस्टिंग के बाद भी मेजॉरिटी वोटिंग राइट्स उन्हीं के पास रहेंगे। सवाल 6: बाजार के तकनीकी एक्सपर्ट्स को आज लिस्टिंग के समय किस बात का डर है? जवाब: आज मार्केट के सिस्टम का भी बड़ा टेस्ट होना है। जब 2012 में फेसबुक का बड़ा आईपीओ नैस्डैक पर आया था, तब तकनीकी गड़बड़ियों के कारण उसकी ओपनिंग में देरी हुई थी। चूंकि स्पेसएक्स का आईपीओ फेसबुक से कहीं ज्यादा बड़ा है, इसलिए वॉल स्ट्रीट की नजरें नैस्डैक के तकनीकी सिस्टम पर टिकी हैं कि वह इस लोड को कैसे संभालता है। सवाल 7: क्या स्पेसएक्स के मजबूत फाइनेंशियल्स इसके ऊंचे वैल्यूएशन को सही ठहराते हैं? जवाब: नहीं, बिल्कुल नहीं। यही सबसे बड़ा विवाद है। स्पेसएक्स ने पिछले साल लगभग 19 बिलियन डॉलर का रेवेन्यू तो कमाया, लेकिन कंपनी ने अब तक कोई मुनाफा नहीं कमाया है। रेटिंग एजेंसी ‘मॉर्निंगस्टार’ के विश्लेषकों ने साफ लिखा है कि कंपनी ‘ओवरवैल्यूड’ है और इसका सही वैल्यूएशन 780 बिलियन डॉलर होना चाहिए। सवाल 8: आज शाम भारतीय समय अनुसार लिस्टिंग कितने बजे होगी? जवाब: अमेरिकी बाजार नैस्डैक भारतीय समयानुसार आज शाम 7:00 बजे (प्री-मार्केट) खुलेगा। भारी डिमांड के कारण शुरुआती कुछ घंटों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। रात 11:30 बजे के बाद इस पर नॉर्मल ट्रेडिंग और प्राइज मूवमेंट पूरी तरह स्पष्ट दिखने लगेगा। स्पेसएक्स: रियूजेबल रॉकेट के जरिए स्पेस सेक्टर बदला साल 2002 में इलॉन मस्क ने स्पेस-एक्स कंपनी बनाई थी। स्पेस-एक्स ने तब इतिहास रचा था जब 31 मई 2020 को कंपनी ने दुनिया का पहला प्राइवेट ह्यूमन मिशन लॉन्च किया था। इस मिशन के तहत दो एस्ट्रोनॉट -रॉबर्ट बेहेनकेन और डगलस हर्ले स्पेस गए थे। करीब 63 दिन अंतरिक्ष में रहने के बाद ये दोनों वापस धरती पर लौटे थे। मस्क की कंपनी ने रियूजेबल रॉकेट टेक्नोलॉजी डेवलप कर सैटेलाइट लॉन्चिंग और दूसरे स्पेस मिशन्स को सस्ता बनाया है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.