देशभर में अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली जनगणना-2027 की तैयारियों के तहत बैतूल में शुक्रवार से चार दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित किया जा रहा है।
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कार्यक्रम का उद्घाटन कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने किया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर व जिला जनगणना अधिकारी वंदना जाट, सीईओ जिला पंचायत अक्षत जैन, जिला योजना अधिकारी नरेंद्र गौतम सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और मास्टर ट्रेनर मौजूद रहे।
जनगणना: देश की स्थिति का सटीक दस्तावेज कलेक्टर सूर्यवंशी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति का आधारभूत दस्तावेज है। उन्होंने सभी चार्ज अधिकारियों को जनगणना अधिनियम एवं नियमों का गंभीरता से अध्ययन करने और उन्हें व्यवहार में लागू करने पर जोर दिया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान एकत्रित की गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहती है और इसे किसी अन्य उद्देश्य के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता।

दो चरणों में होगा प्रशिक्षण यह प्रशिक्षण 23 से 26 फरवरी तक दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहले दो दिन ग्रामीण क्षेत्रों के चार्ज अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि अगले दो दिन नगरीय अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
जनगणना निदेशालय के भरतलाल गौर, ट्रेनर आयुषी भावसार और आयुषी यादव ने मकान सूचीकरण, परिवार विवरण संकलन और डिजिटल डेटा फीडिंग की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी।
फील्ड स्तर पर सटीक क्रियान्वयन के निर्देश कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण में दी गई जानकारी को फील्ड स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए, ताकि गणनाकर्मी सर्वेक्षण के दौरान किसी प्रकार की त्रुटि न करें। उन्होंने जनगणना को विकास योजनाओं की आधारशिला बताते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और शहरी-ग्रामीण विकास की दिशा इन्हीं आंकड़ों के आधार पर तय होती है।
1872 से शुरू हुआ इतिहास भारत में जनगणना की शुरुआत 1872 में ब्रिटिश शासनकाल में हुई थी, जबकि पहली व्यवस्थित जनगणना 1881 में संपन्न हुई। तब से यह प्रक्रिया हर दस वर्ष में नियमित रूप से आयोजित की जाती रही है। कोविड-19 महामारी के कारण 2021 की जनगणना स्थगित हो गई थी। अब इसे 2027 में आयोजित किया जाएगा, जिसकी तैयारियां अप्रैल 2026 से प्रारंभ होंगी।















































