Sunday, 23 Aug 2026 | 07:35 AM

Trending :

EXCLUSIVE

लंबी उम्र के ‘जेनेटिक ब्लूप्रिंट’ पर काम:लॉन्जिविटी इंडिया बना रहा है भारतीयों के लिए सेहत का ‘स्वदेशी पैमाना’

लंबी उम्र के ‘जेनेटिक ब्लूप्रिंट’ पर काम:लॉन्जिविटी इंडिया बना रहा है भारतीयों के लिए सेहत का ‘स्वदेशी पैमाना’

जब आप ब्लड टेस्ट करवाते हैं और रिपोर्ट में आपकी वैल्यू नॉर्मल आती है, तो क्या आप वाकई सुरक्षित हैं? अब तक भारत में इस्तेमाल होने वाले स्वास्थ्य के मानक या तो पश्चिमी देशों की नकल हैं या बहुत पुराने डेटा पर आधारित हैं। लेकिन अब भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) बेंगलुरु इस विसंगति को दूर करने के लिए एक मिशन चला रहा है-लॉन्जिविटी इंडिया प्रोजेक्ट। भारतीयों का शरीर, जेनेटिक्स, खान-पान और प्रदूषण पश्चिमी देशों से बिल्कुल अलग है। इसलिए, हमारे स्वास्थ्य को नापने का पैमाना भी अलग होना चाहिए। वर्तमान में हम जिन नॉर्मल वैल्यू को आधार मानकर इलाज करते हैं, वे भारतीयों के लिए सटीक नहीं हैं। उदाहरण, भारत में महिलाओं का हीमोग्लोबिन स्तर अक्सर कम पाया जाता है। अगर हम 20 हजार स्वस्थ भारतीयों के सैंपल का वैज्ञानिक विश्लेषण करें, तो मुमकिन है कि भारत के लिए एक नई और ज्यादा सटीक नॉर्मल वैल्यू सामने आए। यह प्रोजेक्ट स्वदेशी बेसलाइन तैयार करने की कोशिश है। रिसर्चर खोज रहे हैं उम्र बढ़ने के साथ इम्यून सिस्टम में क्या बदलाव आते हैं इस मिशन के तहत दो प्रमुख रिसर्च चल रही हैं। एक है – BHARAT स्टडी। इसका मतलब है बायोमार्कर्स ऑफ हेल्दी एजिंग, रेजिलिएंस, एडवर्सिटी एंड ट्रांजिशन। इसके जरिए स्वस्थ भारतीयों के मॉलिक्यूलर डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि यह समझा जा सके कि उम्र बढ़ने के साथ हमारे इम्यून सिस्टम में क्या बदलाव आते हैं। दूसरी रिसर्च है – ऑर्गन एजिंग प्रोजेक्ट: इसके तहत शोध चल रहा है कि शरीर के अलग-अलग अंग किस रफ्तार से बूढ़े होते हैं। इन प्रोजेक्ट्स के लिए 2030 तक 10,000 स्वस्थ भारतीयों के सैंपल इकट्ठा करना (आदर्श लक्ष्य 1 लाख का)है। इस प्रोजेक्ट में आईआईएससी के साथ-साथ आईआईटी दिल्ली, एम्स और आईआईटी हैदराबाद जैसे संस्थान भी जुड़ रहे हैं। हालांकि अभी यह डेटा कलेक्शन के चरण में है, लेकिन वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि 2027 से 2030 के बीच इसके ऐसे परिणाम आएंगे, जो चिकित्सा जगत की दिशा बदल देंगे। यह कोई ‘अमृत’ खोजने का दावा नहीं है। उम्र को रोका नहीं जा सकता, लेकिन बुढ़ापे में लाचारी को कम किया जा सकता है। इस रिसर्च का अंतिम लक्ष्य भारतीयों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है, ताकि हम उम्र के आखिरी पड़ाव तक सक्रिय और स्वस्थ रहें। इन रिसर्च से होगा यह फायदा – कैंसर के पैटर्न को समझना आसान होगा – ऑर्गन फेल्योर की दर को कम किया जा सकेगा। – भारतीयों की औसत उम्र में इजाफा हो सकेगा।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
ओटीटी पर रिलीज होगी 'तीसरी बेगम':18 जुलाई से स्ट्रीम होगी केसी बोकाडिया की फिल्म, वास्तविक घटना पर आधारित

July 12, 2026/
7:37 pm

फिल्म निर्माता और निर्देशक के. सी. बोकाडिया की चर्चित फिल्म ‘तीसरी बेगम’ अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने जा रही...

Skyroot Vikram-1 Launch | Sriharikota Space Mission Update

July 18, 2026/
7:28 am

6 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 लॉन्चपैड पर लान्चिंग के लिए तैयार। हैदराबाद की...

क्रिस गेल बोले- सिर्फ वैभव मेरा रिकॉर्ड तोड़ सकता था:वो भारत का बड़ा खिलाड़ी बनेगा; IPL में सूर्यवंशी के 65 सिक्स, सबसे तेज शतक से चूके

May 28, 2026/
5:13 am

“मैंने पहले ही कहा था कि अगर कोई मेरा रिकॉर्ड तोड़ सकता है, तो वह सिर्फ वैभव सूर्यवंशी ही होंगे।...

उत्तराखंड आइस हॉकी टीम की नई जर्सी लॉन्च:CM और खेल मंत्री ने किया विमोचन; रेखा आर्या बोलीं- युवाओं के सपनों का मंच है हिमाद्री आइस रिंक

May 5, 2026/
7:21 pm

महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज स्थित ‘हिमाद्री आइस रिंक’ के जीर्णोद्धार का एक साल पूरा होने पर मंगलवार को एक कार्यक्रम...

Ranbir Kapoors Ramayan Footage Shown at Cinemacon

April 19, 2026/
5:42 pm

27 मिनट पहले कॉपी लिंक रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ को लेकर ग्लोबल लेवल पर चर्चा शुरू हो गई है।...

Bangladesh Vs Pakistan 1st Test Day 3 Live Updates (AFP)

May 10, 2026/
10:41 am

आखरी अपडेट:10 मई, 2026, 10:41 IST सक्रिय राजनीति में शामिल होने से पहले, कीर्तन एक राजनीतिक सलाहकार के रूप में...

Dewas Firecracker Factory Blast | 3 Dead, 25 Injured

May 14, 2026/
5:37 pm

“इन्हें उठाओ…जल्दी बाहर लेकर चलो…कोई एंबुलेंस वाले को कॉल करो… इतने लोगों की यहां मौत हो गई…” देवास जिले के...

राजनीति

लंबी उम्र के ‘जेनेटिक ब्लूप्रिंट’ पर काम:लॉन्जिविटी इंडिया बना रहा है भारतीयों के लिए सेहत का ‘स्वदेशी पैमाना’

लंबी उम्र के ‘जेनेटिक ब्लूप्रिंट’ पर काम:लॉन्जिविटी इंडिया बना रहा है भारतीयों के लिए सेहत का ‘स्वदेशी पैमाना’

जब आप ब्लड टेस्ट करवाते हैं और रिपोर्ट में आपकी वैल्यू नॉर्मल आती है, तो क्या आप वाकई सुरक्षित हैं? अब तक भारत में इस्तेमाल होने वाले स्वास्थ्य के मानक या तो पश्चिमी देशों की नकल हैं या बहुत पुराने डेटा पर आधारित हैं। लेकिन अब भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) बेंगलुरु इस विसंगति को दूर करने के लिए एक मिशन चला रहा है-लॉन्जिविटी इंडिया प्रोजेक्ट। भारतीयों का शरीर, जेनेटिक्स, खान-पान और प्रदूषण पश्चिमी देशों से बिल्कुल अलग है। इसलिए, हमारे स्वास्थ्य को नापने का पैमाना भी अलग होना चाहिए। वर्तमान में हम जिन नॉर्मल वैल्यू को आधार मानकर इलाज करते हैं, वे भारतीयों के लिए सटीक नहीं हैं। उदाहरण, भारत में महिलाओं का हीमोग्लोबिन स्तर अक्सर कम पाया जाता है। अगर हम 20 हजार स्वस्थ भारतीयों के सैंपल का वैज्ञानिक विश्लेषण करें, तो मुमकिन है कि भारत के लिए एक नई और ज्यादा सटीक नॉर्मल वैल्यू सामने आए। यह प्रोजेक्ट स्वदेशी बेसलाइन तैयार करने की कोशिश है। रिसर्चर खोज रहे हैं उम्र बढ़ने के साथ इम्यून सिस्टम में क्या बदलाव आते हैं इस मिशन के तहत दो प्रमुख रिसर्च चल रही हैं। एक है – BHARAT स्टडी। इसका मतलब है बायोमार्कर्स ऑफ हेल्दी एजिंग, रेजिलिएंस, एडवर्सिटी एंड ट्रांजिशन। इसके जरिए स्वस्थ भारतीयों के मॉलिक्यूलर डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि यह समझा जा सके कि उम्र बढ़ने के साथ हमारे इम्यून सिस्टम में क्या बदलाव आते हैं। दूसरी रिसर्च है – ऑर्गन एजिंग प्रोजेक्ट: इसके तहत शोध चल रहा है कि शरीर के अलग-अलग अंग किस रफ्तार से बूढ़े होते हैं। इन प्रोजेक्ट्स के लिए 2030 तक 10,000 स्वस्थ भारतीयों के सैंपल इकट्ठा करना (आदर्श लक्ष्य 1 लाख का)है। इस प्रोजेक्ट में आईआईएससी के साथ-साथ आईआईटी दिल्ली, एम्स और आईआईटी हैदराबाद जैसे संस्थान भी जुड़ रहे हैं। हालांकि अभी यह डेटा कलेक्शन के चरण में है, लेकिन वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि 2027 से 2030 के बीच इसके ऐसे परिणाम आएंगे, जो चिकित्सा जगत की दिशा बदल देंगे। यह कोई ‘अमृत’ खोजने का दावा नहीं है। उम्र को रोका नहीं जा सकता, लेकिन बुढ़ापे में लाचारी को कम किया जा सकता है। इस रिसर्च का अंतिम लक्ष्य भारतीयों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है, ताकि हम उम्र के आखिरी पड़ाव तक सक्रिय और स्वस्थ रहें। इन रिसर्च से होगा यह फायदा – कैंसर के पैटर्न को समझना आसान होगा – ऑर्गन फेल्योर की दर को कम किया जा सकेगा। – भारतीयों की औसत उम्र में इजाफा हो सकेगा।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.