Saturday, 08 Aug 2026 | 07:08 PM

Trending :

सोनाक्षी सिन्हा पर बीजेपी-सनातन विरोधी एजेंडा चलाने का दावा:पोस्ट में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा को अनफॉलो करने का जिक्र; जानें वायरल दावे की सच्चाई सोनाक्षी सिन्हा पर बीजेपी-सनातन विरोधी एजेंडा चलाने का दावा:पोस्ट में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा को अनफॉलो करने का जिक्र; जानें वायरल दावे की सच्चाई मूड खराब तो छुट्टी; मानसिक सेहत का इलाज या कामचोरी?:चीन की 'अनहैप्पी लीव' से छिड़ी बहस, उद्योगपति गोयनका बोले- भारत में भी बहस जरूरी अफेयर रूमर्स के बीच एक्ट्रेस कोमल संग दिखे गोविंदा:कभी पत्नी सुनीता ने अफेयर का हिंट देकर कहा था- मुझे कोमल नाम से नफरत है अफेयर रूमर्स के बीच एक्ट्रेस कोमल संग दिखे गोविंदा:कभी पत्नी सुनीता ने अफेयर का हिंट देकर कहा था- मुझे कोमल नाम से नफरत है 3-6-9 Rule for Salaried and Freelancers
EXCLUSIVE

Tata Electronics Data Breach Controversy; Dark Web Hacking

Tata Electronics Data Breach Controversy; Dark Web Hacking
  • Hindi News
  • Business
  • Tata Electronics Data Breach Controversy; Dark Web Hacking | Apple Tesla Secret Files

नई दिल्ली1 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

इस साइबर हमले के बाद टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स को फिरौती के लिए कॉल-मैसेज मिला है।

टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का डेटा डार्क वेब पर लीक हो गया है। इस साइबर अटैक में हैकर्स ने डार्क वेब पर कंपनी की 2 लाख से ज्यादा सिक्रेंट फाइलें लीक कर दी हैं।

इनमें टाटा के दो सबसे बड़े क्लाइंट्स- एपल और टेस्ला के कंपोनेंट डिजाइन, स्पेसिफिकेशन पेपर्स और सीक्रेट डॉक्यूमेंट्स शामिल हैं।

हालांकि, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने साफ किया है कि इस घटना से उनके बिजनेस ऑपरेशन्स पर कोई असर नहीं पड़ा है और सभी काम सामान्य रूप से चल रहे हैं।

एपल की साइबर सिक्योरिटी टीम भी कर रही जांच

मनीकंट्रोल के मुताबिक, एपल की ग्लोबल साइबर सिक्योरिटी टीम भी इस डेटा ब्रीच की जांच और इसका पूरा एनालिसिस कर रही है, ताकि इसके पीछे की मुख्य वजह का पता लगाया जा सके।

वहीं एपल ने यह भी कहा है कि फिलहाल इस लीक से बिजनेस-ऑपरेशन्स पर कोई खतरा नहीं है।

वर्ल्ड लीक्स गैंग ने ली जिम्मेदारी, 630 GB डेटा चोरी

साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स के मुताबिक, ‘वर्ल्ड लीक्स’ नाम के रैनसमवेयर ग्रुप ने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सिस्टम से चुराया गया डेटा डार्क वेब पर पोस्ट किया है।

इस ग्रुप ने पहले नाइकी के सिस्टम पर साइबर अटैक का दावा किया था। डार्क नेट पर पब्लिश की गई वेबसाइट के अनुसार, इस लीक में कुल 630 गीगाबाइट (GB) का डेटा शामिल है, जिसमें 2 लाख से ज्यादा फाइलें और फोल्डर्स हैं।

एपल और टेस्ला के ‘ट्रेड सीक्रेट्स’ लीक हुए

लीक हुए डेटाबेस में एपल के कई फोल्डर्स मिले हैं, जिनमें से कुछ का नाम “com.apple.factorydata” है और कुछ में मटेरियल स्पेसिफिकेशन की जानकारी है। इसके अलावा, एक 52 पेज का डॉक्यूमेंट भी मिला है, जिसमें आईफोन के सर्किट बोर्ड कंपोनेंट्स के क्वालिटी इंस्पेक्शन स्टैंडर्ड्स की डिटेल है।

वहीं टेस्ला के पुर्जों से जुड़ा एक फोल्डर “NV36 Chargeport Controller – North America” नाम से मिला है, जो टेस्ला की अपग्रेडेड मॉडल Y SUV का माना जा रहा है। टेस्ला का साल 2023 का एक और डॉक्यूमेंट मिला है जिस पर ‘ट्रेड सीक्रेट’ लिखा है, यह उसकी रीवैम्प्ड मॉडल 3 सिडान (प्रोजेक्ट हाइलैंड) का असेंबली डॉक्यूमेंट है।

कर्मचारियों के पासपोर्ट और ईमेल भी डार्क वेब पर

भारतीय साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर राजशेखर राजहरिया ने इन फाइलों का रिव्यू करने के बाद बताया कि इस डेटा डार्क वेब पर सिर्फ डिजाइन ही नहीं, बल्कि कई सालों के ईमेल, इवेंट लॉग्स और विदेशी नागरिकों सहित टाटा के कर्मचारियों के पासपोर्ट की कॉपियां भी मौजूद हैं। दूसरे रिसर्चर राकेश कृष्णन के अनुसार, यह डेटा डार्क वेब पर कम से कम 10 जून से ही अवेलेबल है।

टाटा को फिरौती के लिए कॉल-मैसेज मिला

मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि इस साइबर हमले के बाद टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स को फिरौती के लिए भी कॉल या मैसेज मिला है। हालांकि, इस फिरौती की मांग पर टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। भारत सरकार की साइबर एजेंसी CERT-In ने भी अभी इस पर कोई कमेंट नहीं किया है।

टाटा के होसुर प्लांट की 33 फाइलें लीक हुईं

डेटा लीक में तमिलनाडु के होसुर में स्थित टाटा के मुख्य आईफोन असेंबली प्लांट से जुड़े सर्च टर्म की 33 फाइलें और फोल्डर्स मिले हैं। टाटा ने पिछले हफ्ते ही अपने आईफोन असेंबली ऑपरेशन्स से जुड़े कुछ कर्मचारियों को इस डेटा ब्रीच की जानकारी दे दी थी।

आपको बता दें कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स भारत में एपल के कुल आईफोन प्रोडक्शन का करीब एक-तिहाई (33%) हिस्सा बनाती है, जबकि बाकी का हिस्सा फॉक्सकॉन तैयार करती है।

एपल की सप्लाई चेन के लिए नया सिरदर्द

भारत में एपल की सप्लाई चेन के लिए यह घटना एक और नया झटका मानी जा रही है। इससे पहले होसुर में आईफोन पार्ट्स बनाने वाले एक प्लांट के पास की कृषि भूमि के प्रदूषित होने के आरोपों को लेकर भी टाटा की जांच चल रही है।

भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का पावरहाउस बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत, टाटा चीन से बाहर एपल का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण पार्टनर बनकर उभर रहा है। इससे पहले पिछले साल टाटा ग्रुप की ब्रिटिश कंपनी जगुआर लैंड रोवर (JLR) पर भी साइबर अटैक हुआ था, जिससे 6 हफ्ते तक प्रोडक्शन ठप रहा था।

क्या होता है डार्क वेब और रैनसमवेयर अटैक?

डार्क वेब: इंटरनेट का वह छिपा हुआ हिस्सा जो सामान्य गूगल या बिंग जैसे सर्च इंजनों पर दिखाई नहीं देता। इसे एक्सेस करने के लिए विशेष सॉफ्टवेयर (जैसे टॉर ब्राउजर) की जरूरत होती है। अक्सर इसका इस्तेमाल अवैध गतिविधियों और डेटा बेचने के लिए किया जाता है।

रैनसमवेयर: यह एक तरह का खतरनाक डिजिटल वायरस (मालवेयर) होता है, जो किसी कंपनी या व्यक्ति के कंप्यूटर सिस्टम को लॉक या हैक कर लेता है। इसके बाद हैकर्स डेटा को डिलीट या लीक करने की धमकी देकर मोटी फिरौती मांगते हैं।

ये खबर भी पढ़ें…

टाटा की आईफोन-पार्ट्स फैक्ट्री पर प्रदूषण फैलाने का आरोप: तमिलनाडु पॉल्यूशन बोर्ड ने बिजली काटने और प्लांट बंद करने की चेतावनी दी

तमिलनाडु पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने आरोप लगाया है कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की आईफोन कंपोनेंट्स फैक्ट्री से निकलने वाले गंदे पानी (वेस्टवाटर) ने पास के खेतों के भूजल यानी ग्राउंडवाटर को दूषित कर दिया है।

रेगुलेटर ने कंपनी को चेतावनी दी है कि अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो फैक्ट्री की बिजली काट दी जाएगी और इसे जबरन बंद कर दिया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
राजेंद्रग्राम से 3 हाथी 20 किमी चलकर जैतहरी पहुंचे:एक हाथी लापता, फसलों को नुकसान; कच्चे घर को तोड़ा

April 13, 2026/
3:59 pm

अनूपपुर जिले में हाथियों की धमक से दहशत का माहौल है। चार हाथियों ने अलग-अलग गुटों में बंटकर रिहाइशी इलाकों...

बिलखकर रो पड़े प्रदीप रावत के बेटे:कहा- हाथ-पैर कांप रहे हैं, सलमान से मिलने की इच्छा जताई, कहा- पापा उनके किस्से सुनाते थे

August 8, 2026/
11:12 am

मुंबई में शुक्रवार को दिवंगत अभिनेता प्रदीप रावत की प्रार्थना सभा हुई। इसमें परिवार के साथ फिल्म जगत के दोस्त...

तस्वीर का विवरण

May 29, 2026/
4:47 pm

सामग्री: 2 कप आटे का आटा, हरा धनियां, 2 हरी मिर्च, 1 छोटा चम्मच, आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर,...

RBI मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग आज से:ब्याज दर में कटौती की उम्मीद नहीं, अभी रेपो रेट 5.25% पर

June 3, 2026/
9:12 am

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की मीटिंग आज यानी 3 जून से शुरू हो रही...

CBSE 12th results 2026 expected to be out anytime soon on cbse.gov.in. (Representative/File)

April 27, 2026/
12:35 pm

आखरी अपडेट:27 अप्रैल, 2026, 12:35 IST राघव चड्ढा बनाम केजरीवाल ने दलबदल विरोधी कानून, विलय खंड को जांच के दायरे...

Women polling officials depart for polling stations on the eve of voting in the second phase of the West Bengal Assembly elections. (IMAGE: PTI)

April 29, 2026/
3:33 pm

आखरी अपडेट:29 अप्रैल, 2026, 15:33 IST एसआईआर बंगाल चुनाव का सबसे बड़ा फ्लैशप्वाइंट बनकर उभरा है। 90 लाख से अधिक...

नेपाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे बड़ी जांच शुरू:7 पूर्व PM, 3 राष्ट्रपति, राजा की संपत्ति की जांच, 100 मंत्री अधिकारी भी दायरे में

April 17, 2026/
10:16 am

नेपाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री बालेन शाह की सरकार...

राजनीति

Tata Electronics Data Breach Controversy; Dark Web Hacking

Tata Electronics Data Breach Controversy; Dark Web Hacking
  • Hindi News
  • Business
  • Tata Electronics Data Breach Controversy; Dark Web Hacking | Apple Tesla Secret Files

नई दिल्ली1 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

इस साइबर हमले के बाद टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स को फिरौती के लिए कॉल-मैसेज मिला है।

टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का डेटा डार्क वेब पर लीक हो गया है। इस साइबर अटैक में हैकर्स ने डार्क वेब पर कंपनी की 2 लाख से ज्यादा सिक्रेंट फाइलें लीक कर दी हैं।

इनमें टाटा के दो सबसे बड़े क्लाइंट्स- एपल और टेस्ला के कंपोनेंट डिजाइन, स्पेसिफिकेशन पेपर्स और सीक्रेट डॉक्यूमेंट्स शामिल हैं।

हालांकि, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने साफ किया है कि इस घटना से उनके बिजनेस ऑपरेशन्स पर कोई असर नहीं पड़ा है और सभी काम सामान्य रूप से चल रहे हैं।

एपल की साइबर सिक्योरिटी टीम भी कर रही जांच

मनीकंट्रोल के मुताबिक, एपल की ग्लोबल साइबर सिक्योरिटी टीम भी इस डेटा ब्रीच की जांच और इसका पूरा एनालिसिस कर रही है, ताकि इसके पीछे की मुख्य वजह का पता लगाया जा सके।

वहीं एपल ने यह भी कहा है कि फिलहाल इस लीक से बिजनेस-ऑपरेशन्स पर कोई खतरा नहीं है।

वर्ल्ड लीक्स गैंग ने ली जिम्मेदारी, 630 GB डेटा चोरी

साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स के मुताबिक, ‘वर्ल्ड लीक्स’ नाम के रैनसमवेयर ग्रुप ने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सिस्टम से चुराया गया डेटा डार्क वेब पर पोस्ट किया है।

इस ग्रुप ने पहले नाइकी के सिस्टम पर साइबर अटैक का दावा किया था। डार्क नेट पर पब्लिश की गई वेबसाइट के अनुसार, इस लीक में कुल 630 गीगाबाइट (GB) का डेटा शामिल है, जिसमें 2 लाख से ज्यादा फाइलें और फोल्डर्स हैं।

एपल और टेस्ला के ‘ट्रेड सीक्रेट्स’ लीक हुए

लीक हुए डेटाबेस में एपल के कई फोल्डर्स मिले हैं, जिनमें से कुछ का नाम “com.apple.factorydata” है और कुछ में मटेरियल स्पेसिफिकेशन की जानकारी है। इसके अलावा, एक 52 पेज का डॉक्यूमेंट भी मिला है, जिसमें आईफोन के सर्किट बोर्ड कंपोनेंट्स के क्वालिटी इंस्पेक्शन स्टैंडर्ड्स की डिटेल है।

वहीं टेस्ला के पुर्जों से जुड़ा एक फोल्डर “NV36 Chargeport Controller – North America” नाम से मिला है, जो टेस्ला की अपग्रेडेड मॉडल Y SUV का माना जा रहा है। टेस्ला का साल 2023 का एक और डॉक्यूमेंट मिला है जिस पर ‘ट्रेड सीक्रेट’ लिखा है, यह उसकी रीवैम्प्ड मॉडल 3 सिडान (प्रोजेक्ट हाइलैंड) का असेंबली डॉक्यूमेंट है।

कर्मचारियों के पासपोर्ट और ईमेल भी डार्क वेब पर

भारतीय साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर राजशेखर राजहरिया ने इन फाइलों का रिव्यू करने के बाद बताया कि इस डेटा डार्क वेब पर सिर्फ डिजाइन ही नहीं, बल्कि कई सालों के ईमेल, इवेंट लॉग्स और विदेशी नागरिकों सहित टाटा के कर्मचारियों के पासपोर्ट की कॉपियां भी मौजूद हैं। दूसरे रिसर्चर राकेश कृष्णन के अनुसार, यह डेटा डार्क वेब पर कम से कम 10 जून से ही अवेलेबल है।

टाटा को फिरौती के लिए कॉल-मैसेज मिला

मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि इस साइबर हमले के बाद टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स को फिरौती के लिए भी कॉल या मैसेज मिला है। हालांकि, इस फिरौती की मांग पर टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। भारत सरकार की साइबर एजेंसी CERT-In ने भी अभी इस पर कोई कमेंट नहीं किया है।

टाटा के होसुर प्लांट की 33 फाइलें लीक हुईं

डेटा लीक में तमिलनाडु के होसुर में स्थित टाटा के मुख्य आईफोन असेंबली प्लांट से जुड़े सर्च टर्म की 33 फाइलें और फोल्डर्स मिले हैं। टाटा ने पिछले हफ्ते ही अपने आईफोन असेंबली ऑपरेशन्स से जुड़े कुछ कर्मचारियों को इस डेटा ब्रीच की जानकारी दे दी थी।

आपको बता दें कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स भारत में एपल के कुल आईफोन प्रोडक्शन का करीब एक-तिहाई (33%) हिस्सा बनाती है, जबकि बाकी का हिस्सा फॉक्सकॉन तैयार करती है।

एपल की सप्लाई चेन के लिए नया सिरदर्द

भारत में एपल की सप्लाई चेन के लिए यह घटना एक और नया झटका मानी जा रही है। इससे पहले होसुर में आईफोन पार्ट्स बनाने वाले एक प्लांट के पास की कृषि भूमि के प्रदूषित होने के आरोपों को लेकर भी टाटा की जांच चल रही है।

भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का पावरहाउस बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत, टाटा चीन से बाहर एपल का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण पार्टनर बनकर उभर रहा है। इससे पहले पिछले साल टाटा ग्रुप की ब्रिटिश कंपनी जगुआर लैंड रोवर (JLR) पर भी साइबर अटैक हुआ था, जिससे 6 हफ्ते तक प्रोडक्शन ठप रहा था।

क्या होता है डार्क वेब और रैनसमवेयर अटैक?

डार्क वेब: इंटरनेट का वह छिपा हुआ हिस्सा जो सामान्य गूगल या बिंग जैसे सर्च इंजनों पर दिखाई नहीं देता। इसे एक्सेस करने के लिए विशेष सॉफ्टवेयर (जैसे टॉर ब्राउजर) की जरूरत होती है। अक्सर इसका इस्तेमाल अवैध गतिविधियों और डेटा बेचने के लिए किया जाता है।

रैनसमवेयर: यह एक तरह का खतरनाक डिजिटल वायरस (मालवेयर) होता है, जो किसी कंपनी या व्यक्ति के कंप्यूटर सिस्टम को लॉक या हैक कर लेता है। इसके बाद हैकर्स डेटा को डिलीट या लीक करने की धमकी देकर मोटी फिरौती मांगते हैं।

ये खबर भी पढ़ें…

टाटा की आईफोन-पार्ट्स फैक्ट्री पर प्रदूषण फैलाने का आरोप: तमिलनाडु पॉल्यूशन बोर्ड ने बिजली काटने और प्लांट बंद करने की चेतावनी दी

तमिलनाडु पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने आरोप लगाया है कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की आईफोन कंपोनेंट्स फैक्ट्री से निकलने वाले गंदे पानी (वेस्टवाटर) ने पास के खेतों के भूजल यानी ग्राउंडवाटर को दूषित कर दिया है।

रेगुलेटर ने कंपनी को चेतावनी दी है कि अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो फैक्ट्री की बिजली काट दी जाएगी और इसे जबरन बंद कर दिया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.