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संभागायुक्त ने किसानों से उन्नत तकनीक की खेती, मुनाफा जाना:देवास में आधुनिक खेती से लाखों कमा रहे किसान; बैलेंस शीट भी बनाते हैं

संभागायुक्त ने किसानों से उन्नत तकनीक की खेती, मुनाफा जाना:देवास में आधुनिक खेती से लाखों कमा रहे किसान; बैलेंस शीट भी बनाते हैं

देवास में संभागायुक्त आशीष सिंह ने देवास जिले के विभिन्न गांवों का दौरा कर आधुनिक कृषि पद्धतियों का उपयोग करने वाले प्रगतिशील किसानों के खेतों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने किसानों द्वारा अपनाई जा रही उन्नत तकनीकों और उनसे मिल रहे मुनाफे को समझा। ग्राम मेंढकी धाकड़ में संभागायुक्त ने किसान जगदीश नागर के खेत का दौरा किया। नागर ने बताया कि वे 5 हजार वर्ग फीट जमीन से 55 हजार रुपये की लौकी का उत्पादन कर रहे हैं। पहले वे पारंपरिक फसलें उगाते थे, लेकिन अब उद्यानिकी फसलों जैसे टमाटर, ड्रैगन फ्रूट, गोभी, धनिया और खरबूजा की खेती से उन्हें अच्छा मुनाफा मिल रहा है। वे सिंचाई के लिए ड्रिप और मल्चिंग जैसी आधुनिक पद्धतियों का उपयोग करते हुए साल में तीन फसलें लेते हैं। इसके बाद संभागायुक्त ने ग्राम जामगोद में किसान कैलाश पटेल द्वारा किए जा रहे केंचुआ खाद उत्पादन कार्य का अवलोकन किया। पटेल ने बताया कि उन्होंने 30 हजार रुपये की पूंजी से यह काम शुरू किया था, जिसे अब मेहनत और सही तकनीक से 3 लाख रुपये के टर्नओवर वाले सफल व्यवसाय में बदल दिया है। वे जैविक और केंचुआ खाद 6 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेच रहे हैं। उनके इस नवाचारी प्रयास से कई अन्य किसान भी जुड़कर जैविक खेती कर रहे हैं। ग्राम अरनिया जागीर में किसान नारायण सिंह सेंधव के खेत पर पहुंचकर संभागायुक्त सिंह और कलेक्टर ऋतुराज आश्चर्यचकित रह गए। सेंधव ने बताया कि वे खेती को एक उद्योग के रूप में करते हैं और हर काम की बैलेंस शीट तैयार रखते हैं। इसमें पौधे लगाने, खर्च, पानी और खाद देने का पूरा विवरण दर्ज होता है। वे एक एकड़ में साल भर में 8 लाख रुपये तक का करेला बेच देते हैं। हाल ही में उनके करेले की फसल 80 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से मंडी में बिकी है। वे जल्द ही सफेद करेले की फसल भी तैयार कर रहे हैं, जिसे अनुमानित 105 से 110 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचने की उम्मीद है।

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