Monday, 27 Jul 2026 | 04:41 PM

Trending :

EXCLUSIVE

प्यार में धोखा, 8 साल से जंजीरों में कैद युवक:छतरपुर में मानसिक विक्षिप्त को कराया मुक्त; ग्वालियर अस्पताल में होगा इलाज

प्यार में धोखा, 8 साल से जंजीरों में कैद युवक:छतरपुर में मानसिक विक्षिप्त को कराया मुक्त; ग्वालियर अस्पताल में होगा इलाज

छतरपुर के बसारी गांव में प्यार में मिले धोखे के बाद मानसिक संतुलन खो चुके एक 30 वर्षीय युवक को 8 साल बाद जंजीरों से आजादी मिली है। युवक का नाम सोनू रैकवार है, जिसे हिंसक होने के कारण उसके ही गरीब परिवार ने सालों से जंजीरों में बांध कर रखा था। अब समाजसेवी डॉ. संजय शर्मा और महिला थाना पुलिस की संयुक्त पहल से उसे मुक्त कराकर इलाज के लिए ग्वालियर के मानसिक आरोग्यशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परिजनों के मुताबिक, सोनू कुछ साल पहले दिल्ली में मजदूरी करने गया था। वहां उसे एक युवती से प्रेम हो गया, लेकिन इस रिश्ते में उसे गहरा धोखा और बेवफाई मिली। इस सदमे से वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गया। जब वह गांव लौटा, तो गुमसुम रहने लगा और उसने खाना-पीना भी छोड़ दिया। धीरे-धीरे उसकी मानसिक स्थिति इतनी बिगड़ गई कि वह हिंसक हो गया और लोगों को नुकसान पहुंचाने लगा। गरीबी के कारण नहीं हो सका इलाज, मजबूरन बांधी जंजीर
सोनू के पिता हरदास रैकवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है और वे भिक्षावृत्ति कर अपना जीवन यापन करते हैं। पैसे की तंगी के कारण वे अपने जवान बेटे का इलाज नहीं करा सके। सोनू खुद को या दूसरों को कोई नुकसान न पहुंचा ले, इस डर से मजबूर पिता और परिजनों ने पिछले 8 सालों से उसे लोहे की जंजीरों में जकड़ कर रखा हुआ था। संजय दत्त की करता है एक्टिंग, अब जगी ठीक होने की उम्मीद
हैरानी की बात यह है कि मानसिक रूप से अस्वस्थ होने और जंजीरों में बंधे रहने के बावजूद सोनू बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त का बड़ा फैन है और अक्सर उनकी एक्टिंग (नकल) करता है। मामले की जानकारी मिलने पर समाजसेवी डॉ. संजय शर्मा ने महिला थाना प्रभारी प्रतिभा श्रीवास्तव के सहयोग से उसे जंजीरों से मुक्त कराया। जिला अस्पताल में उसका मेडिकल परीक्षण करवाया गया है और उसे ग्वालियर भेजने की तैयारी है। डॉ. शर्मा का दावा है कि सही इलाज मिलने पर सोनू पूरी तरह सामान्य जीवन जी सकेगा। 1500 मानसिक रोगियों को नया जीवन दे चुके हैं डॉ. शर्मा
समाजसेवी डॉ. संजय शर्मा पिछले कई सालों से मानसिक रोगियों के लिए फरिश्ता बने हुए हैं। वे अब तक 1500 से अधिक मानसिक रोगियों को इलाज के लिए ग्वालियर आरोग्यशाला भिजवा चुके हैं। इनमें से लगभग 1400 मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने परिवारों के पास लौट चुके हैं। अब सोनू के पिता को भी उम्मीद है कि उनका बेटा जल्द ही ठीक होकर घर लौटेगा।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
कमला राजा अस्पताल में महिला गार्ड पर हमला, मारपीट:डॉक्टर के राउंड के दौरान मरीज के परिजन को अंदर जाने से रोकने पर पीटा

April 26, 2026/
12:05 am

ग्वालियर के कमला राजा अस्पताल (केआरएच) के गेट नंबर-2 पर ड्यूटी कर रही महिला गार्ड से एक युवक ने मारपीट...

NZ Wins Test vs Ireland

May 30, 2026/
8:02 am

23 मिनट पहले कॉपी लिंक न्यूजीलैंड ने बेलफास्ट टेस्ट में आयरलैंड को पारी और 79 रन से हरा दिया। शुक्रवार...

FIFA वर्ल्ड कप के तीसरे दिन 5 मुकाबले:28 साल बाद ब्राजील-मोरक्को की भिड़ंत; तुर्की से कभी नहीं जीती ऑस्ट्रेलिया

June 13, 2026/
5:22 am

FIFA वर्ल्ड कप 2026 के तीसरे दिन शनिवार को 5 मुकाबले खेले जाएंगे। दिन का पहला मैच कतर और स्विट्जरलैंड...

भारतीय फिल्म महोत्सव मेलबर्न में 13-23 अगस्त तक होगा:सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में सितारे जमीन पर और सैयारा सबसे आगे

July 11, 2026/
3:08 pm

भारत के बाहर होने वाले सबसे बड़े भारतीय फिल्म महोत्सव इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न (IFFM) 2026 के अवॉर्ड्स के...

नवजात को छह दिन बाद मिली मां की गोद:परिजन नहीं पहुंचे तो डॉक्टरों ने संभाली जिम्मेदारी, कम वजन के कारण हुई थी भर्ती

March 11, 2026/
10:27 am

दतिया जिला अस्पताल में छह दिनों से भर्ती 15 दिन की एक नवजात बच्ची आखिरकार मंगलवार को अपनी मां की...

व्यापमं कांड के बर्खास्त छात्रों को बांटी MBBS डिग्रियां:ग्वालियर मेडिकल कॉलेज की छात्र शाखा का बाबू का बोला- पुराने केस थे वो निपटाए, AUDIO

April 10, 2026/
5:00 am

ग्वालियर के जीवाजी विश्विद्यालय से संबंधित गजराराजा मेडिकल कॉलेज में व्यापमं कांड से बर्खास्त हुए छात्रों को बिना बहाली, बिना...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

प्यार में धोखा, 8 साल से जंजीरों में कैद युवक:छतरपुर में मानसिक विक्षिप्त को कराया मुक्त; ग्वालियर अस्पताल में होगा इलाज

प्यार में धोखा, 8 साल से जंजीरों में कैद युवक:छतरपुर में मानसिक विक्षिप्त को कराया मुक्त; ग्वालियर अस्पताल में होगा इलाज

छतरपुर के बसारी गांव में प्यार में मिले धोखे के बाद मानसिक संतुलन खो चुके एक 30 वर्षीय युवक को 8 साल बाद जंजीरों से आजादी मिली है। युवक का नाम सोनू रैकवार है, जिसे हिंसक होने के कारण उसके ही गरीब परिवार ने सालों से जंजीरों में बांध कर रखा था। अब समाजसेवी डॉ. संजय शर्मा और महिला थाना पुलिस की संयुक्त पहल से उसे मुक्त कराकर इलाज के लिए ग्वालियर के मानसिक आरोग्यशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परिजनों के मुताबिक, सोनू कुछ साल पहले दिल्ली में मजदूरी करने गया था। वहां उसे एक युवती से प्रेम हो गया, लेकिन इस रिश्ते में उसे गहरा धोखा और बेवफाई मिली। इस सदमे से वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गया। जब वह गांव लौटा, तो गुमसुम रहने लगा और उसने खाना-पीना भी छोड़ दिया। धीरे-धीरे उसकी मानसिक स्थिति इतनी बिगड़ गई कि वह हिंसक हो गया और लोगों को नुकसान पहुंचाने लगा। गरीबी के कारण नहीं हो सका इलाज, मजबूरन बांधी जंजीर
सोनू के पिता हरदास रैकवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है और वे भिक्षावृत्ति कर अपना जीवन यापन करते हैं। पैसे की तंगी के कारण वे अपने जवान बेटे का इलाज नहीं करा सके। सोनू खुद को या दूसरों को कोई नुकसान न पहुंचा ले, इस डर से मजबूर पिता और परिजनों ने पिछले 8 सालों से उसे लोहे की जंजीरों में जकड़ कर रखा हुआ था। संजय दत्त की करता है एक्टिंग, अब जगी ठीक होने की उम्मीद
हैरानी की बात यह है कि मानसिक रूप से अस्वस्थ होने और जंजीरों में बंधे रहने के बावजूद सोनू बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त का बड़ा फैन है और अक्सर उनकी एक्टिंग (नकल) करता है। मामले की जानकारी मिलने पर समाजसेवी डॉ. संजय शर्मा ने महिला थाना प्रभारी प्रतिभा श्रीवास्तव के सहयोग से उसे जंजीरों से मुक्त कराया। जिला अस्पताल में उसका मेडिकल परीक्षण करवाया गया है और उसे ग्वालियर भेजने की तैयारी है। डॉ. शर्मा का दावा है कि सही इलाज मिलने पर सोनू पूरी तरह सामान्य जीवन जी सकेगा। 1500 मानसिक रोगियों को नया जीवन दे चुके हैं डॉ. शर्मा
समाजसेवी डॉ. संजय शर्मा पिछले कई सालों से मानसिक रोगियों के लिए फरिश्ता बने हुए हैं। वे अब तक 1500 से अधिक मानसिक रोगियों को इलाज के लिए ग्वालियर आरोग्यशाला भिजवा चुके हैं। इनमें से लगभग 1400 मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने परिवारों के पास लौट चुके हैं। अब सोनू के पिता को भी उम्मीद है कि उनका बेटा जल्द ही ठीक होकर घर लौटेगा।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.