बीते दिनों भोपाल-जबलपुर हाइवे पर टूट पुल के बाद अब अफसरों की नींद टूटी है। मप्र सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) और लोक निर्माण विभाग के सभी रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) और ओवर ब्रिज (ओबी) की जांच कराई जा रही है। इस जांच में 15 साल पहले बने ये सभी पुल शामिल किए गए हैं और उनका कंडीशनल सर्वे होगा। इस सर्वे रिपोर्ट के आधार पर मेंटेनेंस एवं निर्माण की लिस्ट फाइनल होगी। साथ ही ये तय किया जाएगा कि कौन से पुल मेंटेनेंस से सुधर जाएंगे और किन पुलों पर सिर्फ मेंटेनेंस से काम नहीं बन सकेगा। ग्वालियर चंबल संभाग के 8 जिलों में भी इन विभागों के आरओबी एवं ओबी का सर्वे हो रहा है। ज्ञात रहे बीते दिनों भोपाल-जबलपुर हाइवे पर 400 करोड़ रुपए की लागत का पुल गिर गया था। जो कि कुछ महीने पहले भी क्षतिग्रस्त हुआ था। ग्वालियर के आठ पुलों की भी जांच होगी ग्वालियर के 8 पुलों की भी जांच होगी। जिसमें सिंध नदी पर करैरा-भितरवार, चाचूड नदी पर डबरा-जंगीपुरा, पार्वती नदी पर करैरा-भितरवार, बिरला नगर रेल ओवर ब्रिज, नोन नदी पर देवरा-छिरेनता, नोन नदी पर चिनौर-करहिया, सिंध नदी पर करियावटी-बडगोर और मेघरा नाला पर डबरा-चिनोर रोड पर बना पुल शामिल है। इनके अलावा भिंड, मुरैना, दतिया, गुना, अशोकनगर, श्योपुर और शिवपुरी के 24 पुल की भी जांच हो रही है। डबरा आरओबी जर्जर, भारी वाहन रोके, बाकी निकाले डबरा में एमपीआरडीसी का आरओबी काफी जर्जर हालत में है। जिसकी हालत देखते हुए जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर रुचिका चौहान ने 7 दिसंबर 2025 को आदेश जारी कर भारी वाहनों (डंपर, ट्रक, ट्रैक्टर-टॉली) के आवागमन पर रोक लगा दी। लेकिन कार व छोटे लोडिंग वाहन यहां से आ-जा रहे हैं। वहीं यहां फिर से पुल निर्माण के लिए राशि स्वीकृत हो गई है। मगर इसका एलाइमेंट फाइनल नहीं हो पा रहा।














































