Monday, 12 Oct 2026 | 07:29 PM

Trending :

EXCLUSIVE

Delhi High Court Relief for Kangana Ranaut

Delhi High Court Relief for Kangana Ranaut

20 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

बॉलीवुड एक्ट्रेस और भाजपा सांसद कंगना रनोट को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल करने वाले AI से बने डीपफेक वीडियो, फर्जी भाषण, एडिटेड तस्वीरों और अन्य आपत्तिजनक कंटेंट के खिलाफ अंतरिम सुरक्षा दी है। कोर्ट ने मेटा को आदेश में इस तरह के कंटेंट की जानकारी मिलने और आदेश की कॉपी मिलने के 72 घंटे के भीतर उसे हटाने या उसकी पहुंच बंद करने का निर्देश दिया है। संबंधित सरकारी विभागों को चिह्नित वेबसाइट्स को ब्लॉक करने के लिए जरूरी कदम उठाने को भी कहा गया है।

कंगना रनोट ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि इंटरनेट और सोशल मीडिया पर उनकी पहचान का इस्तेमाल करके फर्जी और आपत्तिजनक कंटेंट प्रसारित किया जा रहा है। इसमें AI से तैयार की गई अश्लील तस्वीरें, एडिटेड वीडियो, गलत बयान और ऐसे कंटेंट शामिल हैं जिनसे ऐसा लग सकता है कि कंगना ने कोई बात कही या कोई काम किया है, जबकि वास्तव में ऐसा नहीं हुआ।

कंगना की ओर से दलील दी गई कि इस तरह के कंटेंट से उनकी प्रतिष्ठा, निजता, गरिमा और पहचान को नुकसान पहुंचता है।

8 अक्टूबर को मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिका पर नोटिस जारी किया था। इसके बाद 12 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, हाईकोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत देते हुए चिह्नित कंटेंट हटाने और संबंधित वेबसाइट्स तक पहुंच रोकने के निर्देश दिए।

72 घंटे के भीतर कंटेंट हटाना होगा

मेटा को आदेश में चिह्नित आपत्तिजनक कंटेंट हटाने या उसकी पहुंच बंद करने का निर्देश दिया गया है। इसमें वीडियो, रील्स, पोस्ट और संबंधित अकाउंट या चैनल शामिल हो सकते हैं।

कंगना की पहचान का बिना अनुमति इस्तेमाल करके बनाए गए डीपफेक, बदले हुए वीडियो-ऑडियो, फर्जी भाषण, अश्लील कंटेंट और झूठे एंडोर्समेंट पर रोक लगाई गई है।

कार्रवाई की रिपोर्ट देनी होगी

संबंधित पक्षों को कोर्ट में अनुपालन संबंधी हलफनामे दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं। कंगना को बाद में सामने आने वाले ऐसे कंटेंट के लिंक भी संबंधित पक्षों को भेजने की अनुमति दी गई है।

कंगना रनोट से पहले जान्हवी कपूर, ऐश्वर्या राय, अमिताभ बच्चन, सलमान खान जैसे कई सेलेब्स पर्सनैलिटी राइट्स ले चुके हैं।

समझते हैं क्या है पर्सनैलिटी राइट और इसका क्या फायदा है-

पर्सनैलिटी राइट्स यानी व्यक्तित्व से जुड़े अधिकार। इनके तहत किसी व्यक्ति को अपने नाम, तस्वीर, आवाज, पहचान और उसकी विशिष्ट पहचान से जुड़े दूसरे पहलुओं के अनधिकृत इस्तेमाल के खिलाफ कानूनी सुरक्षा मांगने का अधिकार मिल सकता है। जैसे सलमान का ब्रेसलेट, शाहरुख का आइकॉनिक पोज, जैकी श्रॉफ का भिड़ू नाम।

आसान भाषा में समझें तो किसी व्यक्ति की पहचान उसकी अपनी होती है। कोई दूसरा व्यक्ति उसकी तस्वीर, आवाज या पहचान का इस्तेमाल करके ऐसा कंटेंट नहीं बना सकता जिससे लोगों को गलत जानकारी मिले या उस व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचे, ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

उदाहरण के लिए-

  • कोई कंपनी बिना अनुमति किसी एक्ट्रेस की तस्वीर लगाकर अपने प्रोडक्ट का विज्ञापन चलाए।
  • कोई व्यक्ति किसी एक्टर की आवाज की नकल करके फर्जी बयान तैयार करे।
  • AI की मदद से किसी सेलिब्रिटी का अश्लील वीडियो बनाया जाए।
  • किसी नेता के नाम से ऐसा भाषण वायरल हो, जो उसने कभी दिया ही नहीं।

इन मामलों में परिस्थितियों के आधार पर पर्सनैलिटी राइट्स, निजता, मानहानि या अन्य कानूनी अधिकारों का सवाल उठ सकता है। हालांकि, हर इस्तेमाल अपने आप गैरकानूनी नहीं होता। मामले की प्रकृति, अनुमति, संदर्भ और लागू कानून महत्वपूर्ण होते हैं।

क्या किसी सेलिब्रिटी पर मीम भी नहीं बनेंगे?

पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा का मतलब यह नहीं है कि किसी सेलिब्रिटी पर हर तरह की आलोचना, व्यंग्य या मीम पर रोक लग जाती है।

कंगना के मामले में उनकी ओर से मांगी गई राहत मुख्य रूप से कथित अश्लील, फर्जी और भ्रामक कंटेंट के खिलाफ थी। सुनवाई के दौरान उनके वकील ने स्पष्ट किया था कि उस समय वे मीम्स के खिलाफ राहत की मांग नहीं कर रहे थे।

किसी सेलिब्रिटी की तस्वीर से व्यंग्यात्मक मीम बनाना अपने आप में हर स्थिति में गैरकानूनी नहीं है। लेकिन AI से फर्जी अश्लील वीडियो बनाना, झूठा बयान असली बताकर फैलाना या किसी की पहचान का अनधिकृत व्यावसायिक इस्तेमाल करना कानूनी कार्रवाई का आधार बन सकता है।

इन सेलेब्स ने भी सिक्योर करवाए पर्सनैलिटी राइट्स-

अमिताभ बच्चन (2022) नाम, आवाज और तस्वीर के अनधिकृत इस्तेमाल के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे। कोर्ट ने फर्जी विज्ञापनों, मर्चेंडाइज और उनकी पहचान के व्यावसायिक दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए अंतरिम सुरक्षा दी।

ऐश्वर्या राय बच्चन (2025) AI से बनाई गई तस्वीरों, फर्जी वेबसाइट्स और उनकी पहचान के कथित दुरुपयोग के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचीं। एक्ट्रेस के वकील संदीप सेठी ने उन वेबसाइटों के बारे में बताया जो खुद को ऑफिशियल प्लेटफॉर्म बताकर ऐश्वर्या के नाम और उनकी तस्वीर वाले मग, टी-शर्ट और ड्रिंक प्रोडक्ट्स सहित कई अन-ऑथोराइज्ड सामान बेच रहे हैं। लाइव लॉ के अनुसार, मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस तेजस करिया ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और वे लोग, जो ऐश्वर्या की तस्वीरें बदलकर या उनकी पर्सनैलिटी बिना इजाजत इस्तेमाल कर रहे हैं, उन पर रोक लगाई जाएगी।

सलमान खान (2025) एक्टर ने नाम, आवाज, तस्वीर और व्यक्तित्व के व्यावसायिक इस्तेमाल के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की। दिसंबर 2025 में कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को शिकायत पर IT नियमों के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

अरिजीत सिंह (2024) सिंगर ने अपनी आवाज की AI क्लोनिंग और बिना अनुमति नाम व पहचान के इस्तेमाल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की। मामला AI से बनाई गई आवाज और डिजिटल कंटेंट से जुड़ा था।

सुनील शेट्टी (2025) एक्टर ने अपनी तस्वीरों और पहचान के कथित अनधिकृत इस्तेमाल के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया। उन्होंने कहा कि उनके बिना अनुमति वाले फोटो का इस्तेमाल बिजनेस वेबसाइटों, जैसे जुआ और ज्योतिष प्लेटफॉर्म पर हो रहा है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी मांग की कि उनके नाम और इमेज का इस्तेमाल करके बेची जा रही मर्चेंडाइज पर कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने एक मामले का जिक्र किया, जिसमें उनके और उनकी नातिन की डीपफेक तस्वीर बनाई गई थी।

अनिल कपूर (2023) ‘झकास’ डायलॉग, आवाज, तस्वीर और हाव-भाव के इस्तेमाल के खिलाफ याचिका दायर की। कोर्ट ने उनकी पहचान का अनधिकृत व्यावसायिक इस्तेमाल रोकने का आदेश दिया।

जैकी श्रॉफ (2024) ‘भिड़ू’ नाम, आवाज, तस्वीर और पहचान के इस्तेमाल के खिलाफ कोर्ट पहुंचे। मामला AI कंटेंट, मर्चेंडाइज और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उनकी पहचान के दुरुपयोग से जुड़ा था।

जाह्नवी कपूर (2026) एक्ट्रेस ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए कोर्ट का रुख किया। उन्होंने अपने पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े मामले में इंटरनेट पर मौजूद करीब 6,884 URLs के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इनमें कथित अश्लील कंटेंट के अलावा तस्वीरों और पहचान के गलत इस्तेमाल से जुड़े मामले भी शामिल थे। दिल्ली हाईकोर्ट ने शुरुआती तौर पर 552 URLs पर मौजूद सामग्री को बेहद अश्लील या पोर्नोग्राफिक माना और इन्हें हटाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने माना कि इस कंटेंट के ऑनलाइन बने रहने से अभिनेत्री को अपूरणीय नुकसान हो सकता है।

अभिषेक बच्चन (2025) नाम, तस्वीर और व्यक्तित्व के अनधिकृत इस्तेमाल के खिलाफ कानूनी सुरक्षा मांगी। उनकी याचिका में डिजिटल कंटेंट और पहचान के व्यावसायिक दुरुपयोग का मुद्दा शामिल था।

करण जौहर (2025) फिल्ममेकर ने अपनी पहचान का इस्तेमाल करने वाले कथित डीपफेक, मॉर्फ्ड वीडियो और अन्य डिजिटल कंटेंट के खिलाफ याचिका दायर की।

नागार्जुन (2025) तेलुगु एक्टर ने AI से बने अश्लील डीपफेक, तस्वीरों और अन्य डिजिटल कंटेंट में अपनी पहचान के कथित दुरुपयोग के खिलाफ कोर्ट का रुख किया। उन्हें अंतरिम सुरक्षा मिली।

ऋतिक रोशन (2025) एक्टर ने अपनी पहचान और तस्वीरों के अनधिकृत इस्तेमाल के खिलाफ कानूनी सुरक्षा मांगी।

जया बच्चन (2025) उन्होंने नाम, तस्वीर और पहचान के अनधिकृत इस्तेमाल के खिलाफ कानूनी सुरक्षा मांगी। उनका मामला सेलिब्रिटी की पहचान के डिजिटल दुरुपयोग से जुड़े मामलों में शामिल रहा।

अजय देवगन (2025) एक्टर का नाम उन सेलिब्रिटीज में शामिल है जिन्होंने अपनी पहचान के अनधिकृत इस्तेमाल के खिलाफ कानूनी सुरक्षा हासिल की है। ऐसे मामलों में नाम, तस्वीर और डिजिटल कंटेंट का गलत इस्तेमाल प्रमुख मुद्दे रहे हैं।

वरुण धवन (2026) एक्टर ने फर्जी मर्चेंडाइज और AI से तैयार किए गए आपत्तिजनक वीडियो व तस्वीरों के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट के आदेश में उनकी पहचान के अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक लगाने के निर्देश शामिल थे।

रवि किशन (2026) एक्टर और सांसद ने AI से बनाई गई नकली आवाज, तस्वीरों और फर्जी विज्ञापनों में पहचान के इस्तेमाल के खिलाफ कानूनी सुरक्षा मांगी। कोर्ट ने सुरक्षा देने के साथ ही सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पब्लिश आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री हटाने के निर्देश भी जारी किए हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने यह आदेश 2 जुलाई को पारित किया था।

जुबिन नौटियाल (2026) सिंगर ने अपनी आवाज की नकल, AI से तैयार कंटेंट और पहचान के अनधिकृत इस्तेमाल के खिलाफ कानूनी सुरक्षा मांगी। मामला AI वॉइस क्लोनिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आवाज के इस्तेमाल से जुड़ा है।

विवेक ओबेरॉय (2026) एक्टर ने AI डीपफेक और अपनी पहचान के कथित दुरुपयोग के खिलाफ कानूनी सुरक्षा मांगी। उनका मामला इस बात से जुड़ा है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किसी सेलिब्रिटी की पहचान का इस्तेमाल किन सीमाओं में किया जा सकता है।

विजय देवरकोंडा (2026) एक्टर ने AI से बने डीपफेक, फर्जी एंडोर्समेंट और पहचान के अनधिकृत इस्तेमाल के खिलाफ कोर्ट का रुख किया। अक्टूबर 2026 में उनके मामले में भी अंतरिम सुरक्षा दी गई।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Shashi Shekhar Vempati New CBFC Chairperson

May 6, 2026/
2:34 pm

30 मिनट पहले कॉपी लिंक सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन के नए अध्यक्ष शशि शेखर वेम्पति। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय...

पॉवेल की विदाई, कहा था-ईमानदारी की कोई कीमत नहीं होती:लेबल चिपकाने वाले युवक से वैश्विक अर्थव्यवस्था का सबसे अहम चेहरा बनने तक की कहानी

May 1, 2026/
3:39 pm

आठ साल…तीन अमेरिकी राष्ट्रपति… 66 रेट सेटिंग मीटिंग…महामारी, महंगाई, राजनीतिक हमले आपराधिक जांच। इन सबके बीच जेरोम पॉवेल ने अमेरिकी...

अमिताभ बच्चन को साउथ सिनेमा का पहला अवॉर्ड मिला:कल्कि के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर चुने गए, प्रभाष स्टारर इस फिल्म में अश्वस्थामा बने

February 22, 2026/
6:37 pm

70वें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स साउथ का आयोजन शनिवार को केरल के कोच्चि स्थित एडलक्स कन्वेंशन सेंटर में हुआ। इस सेरेमनी में...

MP में 31% महिला कलेक्टर, दक्षिणी राज्यों में 39%:प्रशासन में भी महिलाओं को बड़ी जिम्मेदारियां देने में राज्य पीछे

April 21, 2026/
7:35 am

देश में महिलाओं को 33% आरक्षण का कानून लागू होने का इंतजार है। हालांकि, प्रशासनिक ढांचे में महिलाओं की भूमिका...

सुप्रीम कोर्ट में प्याज-लहसुन को तामसिक मानने की याचिका:CJI ने पूछा-आधी रात को पिटीशन ड्राफ्ट करते हो क्या; फालतू बताकर 5 याचिकाएं खारिज

March 9, 2026/
3:09 pm

सुप्रीम कोर्ट में एक वकील ने 5 पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन(PIL)/जनहित याचिका फाइल की थीं। इनमें से एक कहा गया था...

Sohail Khan Weight Loss Statement

August 17, 2026/
2:55 pm

20 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्टर और प्रोड्यूसर सोहेल खान ने हाल ही में अपने बदले लुक और वजन घटाने...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Delhi High Court Relief for Kangana Ranaut

Delhi High Court Relief for Kangana Ranaut

20 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

बॉलीवुड एक्ट्रेस और भाजपा सांसद कंगना रनोट को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल करने वाले AI से बने डीपफेक वीडियो, फर्जी भाषण, एडिटेड तस्वीरों और अन्य आपत्तिजनक कंटेंट के खिलाफ अंतरिम सुरक्षा दी है। कोर्ट ने मेटा को आदेश में इस तरह के कंटेंट की जानकारी मिलने और आदेश की कॉपी मिलने के 72 घंटे के भीतर उसे हटाने या उसकी पहुंच बंद करने का निर्देश दिया है। संबंधित सरकारी विभागों को चिह्नित वेबसाइट्स को ब्लॉक करने के लिए जरूरी कदम उठाने को भी कहा गया है।

कंगना रनोट ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि इंटरनेट और सोशल मीडिया पर उनकी पहचान का इस्तेमाल करके फर्जी और आपत्तिजनक कंटेंट प्रसारित किया जा रहा है। इसमें AI से तैयार की गई अश्लील तस्वीरें, एडिटेड वीडियो, गलत बयान और ऐसे कंटेंट शामिल हैं जिनसे ऐसा लग सकता है कि कंगना ने कोई बात कही या कोई काम किया है, जबकि वास्तव में ऐसा नहीं हुआ।

कंगना की ओर से दलील दी गई कि इस तरह के कंटेंट से उनकी प्रतिष्ठा, निजता, गरिमा और पहचान को नुकसान पहुंचता है।

8 अक्टूबर को मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिका पर नोटिस जारी किया था। इसके बाद 12 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, हाईकोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत देते हुए चिह्नित कंटेंट हटाने और संबंधित वेबसाइट्स तक पहुंच रोकने के निर्देश दिए।

72 घंटे के भीतर कंटेंट हटाना होगा

मेटा को आदेश में चिह्नित आपत्तिजनक कंटेंट हटाने या उसकी पहुंच बंद करने का निर्देश दिया गया है। इसमें वीडियो, रील्स, पोस्ट और संबंधित अकाउंट या चैनल शामिल हो सकते हैं।

कंगना की पहचान का बिना अनुमति इस्तेमाल करके बनाए गए डीपफेक, बदले हुए वीडियो-ऑडियो, फर्जी भाषण, अश्लील कंटेंट और झूठे एंडोर्समेंट पर रोक लगाई गई है।

कार्रवाई की रिपोर्ट देनी होगी

संबंधित पक्षों को कोर्ट में अनुपालन संबंधी हलफनामे दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं। कंगना को बाद में सामने आने वाले ऐसे कंटेंट के लिंक भी संबंधित पक्षों को भेजने की अनुमति दी गई है।

कंगना रनोट से पहले जान्हवी कपूर, ऐश्वर्या राय, अमिताभ बच्चन, सलमान खान जैसे कई सेलेब्स पर्सनैलिटी राइट्स ले चुके हैं।

समझते हैं क्या है पर्सनैलिटी राइट और इसका क्या फायदा है-

पर्सनैलिटी राइट्स यानी व्यक्तित्व से जुड़े अधिकार। इनके तहत किसी व्यक्ति को अपने नाम, तस्वीर, आवाज, पहचान और उसकी विशिष्ट पहचान से जुड़े दूसरे पहलुओं के अनधिकृत इस्तेमाल के खिलाफ कानूनी सुरक्षा मांगने का अधिकार मिल सकता है। जैसे सलमान का ब्रेसलेट, शाहरुख का आइकॉनिक पोज, जैकी श्रॉफ का भिड़ू नाम।

आसान भाषा में समझें तो किसी व्यक्ति की पहचान उसकी अपनी होती है। कोई दूसरा व्यक्ति उसकी तस्वीर, आवाज या पहचान का इस्तेमाल करके ऐसा कंटेंट नहीं बना सकता जिससे लोगों को गलत जानकारी मिले या उस व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचे, ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

उदाहरण के लिए-

  • कोई कंपनी बिना अनुमति किसी एक्ट्रेस की तस्वीर लगाकर अपने प्रोडक्ट का विज्ञापन चलाए।
  • कोई व्यक्ति किसी एक्टर की आवाज की नकल करके फर्जी बयान तैयार करे।
  • AI की मदद से किसी सेलिब्रिटी का अश्लील वीडियो बनाया जाए।
  • किसी नेता के नाम से ऐसा भाषण वायरल हो, जो उसने कभी दिया ही नहीं।

इन मामलों में परिस्थितियों के आधार पर पर्सनैलिटी राइट्स, निजता, मानहानि या अन्य कानूनी अधिकारों का सवाल उठ सकता है। हालांकि, हर इस्तेमाल अपने आप गैरकानूनी नहीं होता। मामले की प्रकृति, अनुमति, संदर्भ और लागू कानून महत्वपूर्ण होते हैं।

क्या किसी सेलिब्रिटी पर मीम भी नहीं बनेंगे?

पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा का मतलब यह नहीं है कि किसी सेलिब्रिटी पर हर तरह की आलोचना, व्यंग्य या मीम पर रोक लग जाती है।

कंगना के मामले में उनकी ओर से मांगी गई राहत मुख्य रूप से कथित अश्लील, फर्जी और भ्रामक कंटेंट के खिलाफ थी। सुनवाई के दौरान उनके वकील ने स्पष्ट किया था कि उस समय वे मीम्स के खिलाफ राहत की मांग नहीं कर रहे थे।

किसी सेलिब्रिटी की तस्वीर से व्यंग्यात्मक मीम बनाना अपने आप में हर स्थिति में गैरकानूनी नहीं है। लेकिन AI से फर्जी अश्लील वीडियो बनाना, झूठा बयान असली बताकर फैलाना या किसी की पहचान का अनधिकृत व्यावसायिक इस्तेमाल करना कानूनी कार्रवाई का आधार बन सकता है।

इन सेलेब्स ने भी सिक्योर करवाए पर्सनैलिटी राइट्स-

अमिताभ बच्चन (2022) नाम, आवाज और तस्वीर के अनधिकृत इस्तेमाल के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे। कोर्ट ने फर्जी विज्ञापनों, मर्चेंडाइज और उनकी पहचान के व्यावसायिक दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए अंतरिम सुरक्षा दी।

ऐश्वर्या राय बच्चन (2025) AI से बनाई गई तस्वीरों, फर्जी वेबसाइट्स और उनकी पहचान के कथित दुरुपयोग के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचीं। एक्ट्रेस के वकील संदीप सेठी ने उन वेबसाइटों के बारे में बताया जो खुद को ऑफिशियल प्लेटफॉर्म बताकर ऐश्वर्या के नाम और उनकी तस्वीर वाले मग, टी-शर्ट और ड्रिंक प्रोडक्ट्स सहित कई अन-ऑथोराइज्ड सामान बेच रहे हैं। लाइव लॉ के अनुसार, मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस तेजस करिया ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और वे लोग, जो ऐश्वर्या की तस्वीरें बदलकर या उनकी पर्सनैलिटी बिना इजाजत इस्तेमाल कर रहे हैं, उन पर रोक लगाई जाएगी।

सलमान खान (2025) एक्टर ने नाम, आवाज, तस्वीर और व्यक्तित्व के व्यावसायिक इस्तेमाल के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की। दिसंबर 2025 में कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को शिकायत पर IT नियमों के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

अरिजीत सिंह (2024) सिंगर ने अपनी आवाज की AI क्लोनिंग और बिना अनुमति नाम व पहचान के इस्तेमाल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की। मामला AI से बनाई गई आवाज और डिजिटल कंटेंट से जुड़ा था।

सुनील शेट्टी (2025) एक्टर ने अपनी तस्वीरों और पहचान के कथित अनधिकृत इस्तेमाल के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया। उन्होंने कहा कि उनके बिना अनुमति वाले फोटो का इस्तेमाल बिजनेस वेबसाइटों, जैसे जुआ और ज्योतिष प्लेटफॉर्म पर हो रहा है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी मांग की कि उनके नाम और इमेज का इस्तेमाल करके बेची जा रही मर्चेंडाइज पर कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने एक मामले का जिक्र किया, जिसमें उनके और उनकी नातिन की डीपफेक तस्वीर बनाई गई थी।

अनिल कपूर (2023) ‘झकास’ डायलॉग, आवाज, तस्वीर और हाव-भाव के इस्तेमाल के खिलाफ याचिका दायर की। कोर्ट ने उनकी पहचान का अनधिकृत व्यावसायिक इस्तेमाल रोकने का आदेश दिया।

जैकी श्रॉफ (2024) ‘भिड़ू’ नाम, आवाज, तस्वीर और पहचान के इस्तेमाल के खिलाफ कोर्ट पहुंचे। मामला AI कंटेंट, मर्चेंडाइज और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उनकी पहचान के दुरुपयोग से जुड़ा था।

जाह्नवी कपूर (2026) एक्ट्रेस ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए कोर्ट का रुख किया। उन्होंने अपने पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े मामले में इंटरनेट पर मौजूद करीब 6,884 URLs के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इनमें कथित अश्लील कंटेंट के अलावा तस्वीरों और पहचान के गलत इस्तेमाल से जुड़े मामले भी शामिल थे। दिल्ली हाईकोर्ट ने शुरुआती तौर पर 552 URLs पर मौजूद सामग्री को बेहद अश्लील या पोर्नोग्राफिक माना और इन्हें हटाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने माना कि इस कंटेंट के ऑनलाइन बने रहने से अभिनेत्री को अपूरणीय नुकसान हो सकता है।

अभिषेक बच्चन (2025) नाम, तस्वीर और व्यक्तित्व के अनधिकृत इस्तेमाल के खिलाफ कानूनी सुरक्षा मांगी। उनकी याचिका में डिजिटल कंटेंट और पहचान के व्यावसायिक दुरुपयोग का मुद्दा शामिल था।

करण जौहर (2025) फिल्ममेकर ने अपनी पहचान का इस्तेमाल करने वाले कथित डीपफेक, मॉर्फ्ड वीडियो और अन्य डिजिटल कंटेंट के खिलाफ याचिका दायर की।

नागार्जुन (2025) तेलुगु एक्टर ने AI से बने अश्लील डीपफेक, तस्वीरों और अन्य डिजिटल कंटेंट में अपनी पहचान के कथित दुरुपयोग के खिलाफ कोर्ट का रुख किया। उन्हें अंतरिम सुरक्षा मिली।

ऋतिक रोशन (2025) एक्टर ने अपनी पहचान और तस्वीरों के अनधिकृत इस्तेमाल के खिलाफ कानूनी सुरक्षा मांगी।

जया बच्चन (2025) उन्होंने नाम, तस्वीर और पहचान के अनधिकृत इस्तेमाल के खिलाफ कानूनी सुरक्षा मांगी। उनका मामला सेलिब्रिटी की पहचान के डिजिटल दुरुपयोग से जुड़े मामलों में शामिल रहा।

अजय देवगन (2025) एक्टर का नाम उन सेलिब्रिटीज में शामिल है जिन्होंने अपनी पहचान के अनधिकृत इस्तेमाल के खिलाफ कानूनी सुरक्षा हासिल की है। ऐसे मामलों में नाम, तस्वीर और डिजिटल कंटेंट का गलत इस्तेमाल प्रमुख मुद्दे रहे हैं।

वरुण धवन (2026) एक्टर ने फर्जी मर्चेंडाइज और AI से तैयार किए गए आपत्तिजनक वीडियो व तस्वीरों के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट के आदेश में उनकी पहचान के अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक लगाने के निर्देश शामिल थे।

रवि किशन (2026) एक्टर और सांसद ने AI से बनाई गई नकली आवाज, तस्वीरों और फर्जी विज्ञापनों में पहचान के इस्तेमाल के खिलाफ कानूनी सुरक्षा मांगी। कोर्ट ने सुरक्षा देने के साथ ही सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पब्लिश आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री हटाने के निर्देश भी जारी किए हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने यह आदेश 2 जुलाई को पारित किया था।

जुबिन नौटियाल (2026) सिंगर ने अपनी आवाज की नकल, AI से तैयार कंटेंट और पहचान के अनधिकृत इस्तेमाल के खिलाफ कानूनी सुरक्षा मांगी। मामला AI वॉइस क्लोनिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आवाज के इस्तेमाल से जुड़ा है।

विवेक ओबेरॉय (2026) एक्टर ने AI डीपफेक और अपनी पहचान के कथित दुरुपयोग के खिलाफ कानूनी सुरक्षा मांगी। उनका मामला इस बात से जुड़ा है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किसी सेलिब्रिटी की पहचान का इस्तेमाल किन सीमाओं में किया जा सकता है।

विजय देवरकोंडा (2026) एक्टर ने AI से बने डीपफेक, फर्जी एंडोर्समेंट और पहचान के अनधिकृत इस्तेमाल के खिलाफ कोर्ट का रुख किया। अक्टूबर 2026 में उनके मामले में भी अंतरिम सुरक्षा दी गई।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.