पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों की घोषणा कुछ ही घंटों बाद भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने राज्य प्रशासन में बड़ा निवेश कर दिया। आयोग ने पहले मुख्य सचिव और गृह सचिव को हटाने का आदेश दिया और अब राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी बर्खास्त कर दिया गया है। राज्य के अधिकारियों, आईजी और कोलकाता के पुलिस आयुक्त को उनके पद से हटा दिया गया है और उनकी जगह नए अधिकारियों को कार्यभार सौंपा जाएगा।
मुख्य सचिव और गृह सचिव बदल गये
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की मुख्य सचिव नंदिनी चौधरी और गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीना को उनके पद से हटा दिया गया है। नंदिनी आर्केस्ट्रा फ़्लोरिडा नारियाला को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं संगमित्रा घोष को नया गृह सचिव बनाया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का गोदाम
औद्योगिक के साथ-साथ आयोग ने राज्य के पुलिस स्टेशनों में भी बदलाव किये हैं। पश्चिम बंगाल के पुलिस कमिश्नर (डीजीपी), एक आईजी रैंक के अधिकारी और कोलकाता के पुलिस कमिश्नर का भी दिवालियापन किया गया है। इन अधिकारियों की जगह जल्द ही नए अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी, जो चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे।
सात एयरो अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया
चुनाव आयोग ने सात एयरो (एईआरओ) अधिकारियों पर भी सीधे तौर पर मुहर लगाते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। आयोग का मानना है कि चुनाव प्रक्रिया में शिक्षकों और बंधकों के लिए व्यवस्था में बदलाव जरूरी है।
जानें किसे मिली जिम्मेदारी
ईसीआई ने एक पत्र में कहा कि 1993 में बैक आईएएस अधिकारी मरियल नारियाला को पश्चिम बंगाल का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था। वहीं 1997 में बैचलर आईएएस अधिकारी संगमित्रा घोष को पश्चिम बंगाल के गृह और पहाड़ी मामले में प्रधान सचिव के पद पर नियुक्त किया गया था। निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिए हैं कि यह आदेश तुरंत लागू किया जाएगा और इसमें शामिल अधिकारियों की रिपोर्ट 16 मार्च (सोमवार) दोपहर 3 बजे तक जारी की जाएगी।

















































