‘वह बहुत गंदा इंसान है साहब। लड़कियों को बिना कपड़े में देखने का शौकीन है। छोटी-छोटी लड़कियों को बिना कपड़े में देखकर उसको मजा आता था। नहाते और वॉशरूम जाते हर जगह लड़कियों पर ही उसकी नजर होती थी। लड़कियों को बिना कपड़े में लाइव देखने के लिए जगह-जगह कैमरे लगाए थे। फार्म हाउस में जहां सिर्फ लड़कियों की एंट्री थी, वहां खुद बिना कपड़ों के रहता था। लड़कियां जहां- जहां बिना कपड़ों के होती थीं, वहां-वहां उसका कैमरा पहले से इंस्टाल रहता। एजेंट से डिमांड कर नॉर्थ ईस्ट की लड़कियां मंगवाता था, ताकि कोई विरोध नहीं कर पाए। पति-पत्नी एकसाथ होते थे, वह भी कैमरे में देखता था।’ ये बयान है सहरसा में JDU नेता ओवैस करनी के फार्म हाउस से रेस्क्यू की गई लड़की के भाई का। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम ओवैस के फार्म हाउस पहुंची। जैसा पीड़ित परिवारों ने बताया सब वैसा ही मिला। लड़कियां जहां नहाती थीं वहां 5 CCTV कैमरे लगे थे। पूरे फार्म हाउस और मजदूरों के रहने की जगह पर 16 CCTV कैमरे लगाए गए थे। हमें ओवैस के फार्म हाउस में बिना कपड़ों के घूमते वीडियो भी मिला। ओवैस के यहां से पुलिस ने 29 मार्च को 7 नाबालिग लड़कियों का रेस्क्यू किया था। लड़कियों ने यौन शोषण के आरोप लगाए हैं, साथ ही कई बड़े खुलासे किए। भास्कर इन्वेस्टिगेशन में पढ़िए और देखिए JDU नेता का बिना कपड़ों में लड़कियों को देखने का डर्टी शौक… भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम पटना से 250 किलोमीटर दूर सहरसा के नया टोला में स्थित JDU नेता ओवैस करनी के फार्म हाउस पहुंची। इस फार्म हाउस को उसने अपनी अय्याशी का अड्डा बना रखा था। पीड़ित के भाई ने बताया, “फार्म हाउस के लग्जरी रूम में पुरुषों की एंट्री नहीं होती थी। हम लोग वहां तक जाने की हिम्मत नहीं कर पाते थे। साफ सफाई के लिए भी महिलाएं ही जाती थीं। वहां वो हर समय बिना कपड़ों के रहता था। महिलाएं और लड़कियां हमेशा उसके टारगेट पर रहती थीं। लड़कियाें के नहाते, टॉयलेट जाते और केड़ा चेंज करने से लेकर हर मूवमेंट को वह CCT कैमरे से लाइव देखता था। जहां लड़कियां, महिलाएं रहती थीं, वहां तक का उसने CCTV लगाए थे। जिसे वो अपने फार्म हाउस में बने आलीशान रूम में बैठकर देखता था।’ लड़कियों के टॉयलेट में भी कैमरे लगे थे 14 साल की पीड़ित के भाई के साथ, पीड़ित सभी लड़कियों का परिवार काफी डरा हुआ है। हिम्मत देने के बाद पीड़ित के भाई ने JDU नेता ओवैस करनी के बारे में हमसे बात की। उसने बताया, हमेशा कोई न कोई मासूम उसके टारगेट पर रहती थी। जब जिसको चाहता घर से बुलवा लिया, नहीं गई तो जबरन उठवा लिया। रिपोर्टर – लड़कियों को हमेशा बिना कपड़ाें के क्यों देखता था?
राजेश – सब जगह CCTV कैमरे लगाए थे, लड़कियों को देखता था। रिपोर्टर – कहां-कहां कैमरे लगाए गए थे?
राजेश – देखिए, वहां CCTV कैमरा लगा है, हर गतिविधि पर नजर रखी जाती थी। रिपोर्टर – वह काम के लिए आप लोगों पर नजर रख रहा होगा?
राजेश – नहीं, लड़कियां, महिलाएं जब टॉयलेट जाती थीं तो वहां भी उसके कैमरे में दिखती थीं। रिपोर्टर – ऐसा कौन करता है, यह सच है क्या?
राजेश – कैमरा दिखाते हुए बोला – देखिए यहां से नहाते हुए देखता था, यहां से कपड़े बदलते हुए देखता था। रिपोर्टर – आप लोग विरोध नहीं करते थे कभी?
राजेश – नहीं कर सकते थे, वह खतरनाक आदमी है, हम लोग उसके चंगुल में फंसे हुए हैं। रिपोर्टर – आप लोग कहां से आए हैं, पहले पता नहीं था क्या?
राजेश – हम लोग असम से आए हैं, यहां का कुछ पता नहीं था। रिपोर्टर – यहां क्या-क्या होता था आप लोगों को पता नहीं चला?
राजेश – हम लोग अपने काम में रहते थे, इधर पूरा खेल चलता था। रिपोर्टर – क्या आपको पता था कि लड़कियों को परेशान किया जाता था?
राजेश – हां, लड़कियों को खिलौना बनाकर रखा जाता था, हमें अंदर जाने नहीं दिया जाता था। रिपोर्टर – लड़कियां पहले ये बातें बताई थीं कि उन्हें बिना कपड़ों के देखा जाता है?
राजेश – नहीं, वे डर से कुछ नहीं बताती थीं, बाद में धीरे-धीरे बातें सामने आईं। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम की पड़ताल के दौरान एक 14 साल की पीड़िता के पिता सोना (बदला हुआ नाम) से मुलाकात हुई। वह भी असम का रहने वाला है, इसलिए JDU नेता से काफी डरा हुआ है। बेटी के साथ अश्लील हरकत होने के बाद भी वो कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हो रहा था। काफी कोशिश के बाद उसने कहा कि लड़कियों को बिना कपड़ों के देखना नेता का बड़ा शाैक था। इसके लिए उसके आदमी भी उसका काफी साथ देते थे। सोना ने बताया, “हम लोग पूरी तरह से मजबूर हैं। असम से आए हैं, यहां हमारा कोई नहीं है। कोई ना तो हमारी बात सुनता है और ना ही मदद के लिए आगे आता है। लड़कियों को हमेशा CCTV कैमरा से देखा जाता था। मैंने तो अब तक ऐसा कोई इंसान नहीं देखा जो लड़कियों को इस तरह देखने का शौकीन हो। लड़कियां जहां भी जिस काम में होती थीं, CCTV कैमरे में दिख जाती थीं। वह खुद बिना कपड़ों के अपने कमरे में बैठकर लड़कियों को हर तरह से देखता रहता था। रात में उन लड़कियों को रूम में बुलवाता था जो दिन में उसे पसंद आती थीं।” विरोध करने पर जान से मारने की धमकी मिलती 14 साल की पीड़ित के पिता सोना ने कहा, “यहां परिवार का बहुत शोषण होता है। लड़कियों को जिस तरह से कैमरे में देखा जा रहा है, यह गलत है। ऐसा कहीं नहीं होता है। हम लोग गलती से ठेकेदार के चक्कर में यहां फंस गए हैं। अब दोबारा कभी भी बिहार में काम करने के लिए नहीं आएंगे। मालिक हमारी लड़कियों को बिना कपड़ों के देखता और उनके साथ गलत हरकता करता है, विरोध करने पर जान से मारकर फेंक देने तक की धमकी देता है।” रिपोर्टर – आप लोगों को कुछ भी पता नहीं चलता था?
सोना – नहीं, बहुत शातिर है, कैमरे से लड़कियों को देखता है। रिपोर्टर – वहां और क्या-क्या होता था?
सोना – वहां एक कमरा बना हुआ है और अंदर जो होता था बता नहीं सकते हैं।
सोना- लड़कियों के वीडियो बनाकर रखता था, हमेशा इसी में लगा रहता था। रिपोर्टर – CCTV कैमरे से क्या देखा जाता था?
सोना – बिना कपड़ों के लड़कियों को और उनकी मां को देखता था। रिपोर्टर – इतने कैमरा क्यों लगाए गए हैं, समझ में ही नहीं आता है?
सोना – देखिए ना, नहाने से लेकर उठने-बैठने, सोने, यहां तक कि वॉशरूम का भी वीडियो बनाता था। रिपोर्टर – इसका वीडियो बनाकर क्या किया जाता था?
सोना – यह सब पता नहीं है, लेकिन कुछ ना कुछ तो गलत होता था। इसलिए उसने कैमरे तोड़ दिए। रिपोर्टर – आप लोगों को पता करना चाहिए था, इतना गंदा काम क्यों हो रहा?
सोना – हम पता करते तो मार डालता, इसलिए सब जानकर भी कुछ नहीं बोल पाते थे। रिपोर्टर – आप दिखा सकते हैं, कहां-कहां क्या होता था?
सोना – घूम-घूमकर कैमरा दिखाते हुए बोला – आइए, मैं दिखाता हूं कहां-कहां कैमरे लगे हैं। हमारी बेटियां और बहुएं कैसे नहाती थीं, सब देखा जाता था। देखिए, घटना के बाद कैमरा तोड़ दिया गया, लेकिन अभी भी उसके तार लगे हुए हैं। वो कैमरा पेड़ पर लगा था। यहां भी लगा था, जहां हमारी महिलाएं टॉयलेट के लिए जाती थीं, वहां भी नजर रखी जाती थी। मुझे लगता है वीडियो बनाकर कहीं भेजे जाते थे। इन्वेस्टिगेशन के दौरान हमारी मुलाकात एक और पीड़ित के पिता रिजवान (बदला हुआ नाम) से हुई। वह डरे-सहमे नजर आ रहे थे। पहले तो उन्होंने बात करने से इनकार कर दिया, लेकिन जैसे ही उन्हें विश्वास हुआ कि बात करने वाला कोई नेता का आदमी नहीं है, वे डरते-डरते कुछ बताने लगे। हालांकि, इसी दौरान पुलिस वाले उन्हें वहां से बुलाकर ले गए। जब वह वापस लौटे, तो वह कुछ भी बता नहीं पाए। रिपोर्टर – क्या हुआ था, आप बताएं?
रिजवान – हमें बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि वह इतना घिनौना आदमी है। जब मेरी बेटी ने हमें सच्चाई बताई तो हमारे होश उड़ गए। ऐसा लगा जैसे हमारे पैरों तले जमीन खिसक गई हो। उसी दिन रात में उसने मेरी बेटी को बुलाया था। ये घटना एक बार की नहीं है, बल्कि बार-बार हो रही थी। उसकी हरकतें इतनी गंदी थीं कि उन्हें बयान करना भी मुश्किल है। जब हमें इस बात की जानकारी मिली, तो हमने तुरंत विरोध किया। वो हमारे ऊपर दबाव बनाता रहा कि लड़की को लेकर आओ और जल्दी यहां से ले जाओ। हमने उसकी बात मानने से इनकार कर दिया और आज हम इस हालत में हैं। रिपोर्टर – आपकी बेटी को कितनी बार बुलाया गया था?
रिजवान – कई बार बुलाया गया। अब कितनी बार गिनाऊं, यह कहना मुश्किल है। वह सिर्फ मेरी बेटी ही नहीं, बल्कि और भी कई लड़कियों को बुलाता था। रिपोर्टर – वहां क्या होता था?
रिजवान – वहां क्या-क्या होता था, यह मैं नहीं बता सकता। पिछले तीन दिनों से हम इसी मामले को लेकर थाने में बैठे हैं। सब कोई यही पूछ रहा है क्या होता था। अब क्या बताऊं। रिपोर्टर – क्या आपको पहले से कोई जानकारी थी?
रिजवान – मेरी बेटी ने डरते-डरते अपनी मां को बताया था। बाद में उसने मुझे भी सब कुछ बताया। जैसे ही हमें सच्चाई का पता चला, हमने विरोध किया। विरोध करने पर उसने गोली चला दी। वह बहुत खतरनाक आदमी है, हम लोग यहां से सुरक्षित निकलना चाहते हैं। रिपोर्टर – गोली किसे लगी?
रिजवान – उसने मेरी पत्नी को गोली मार दी। रिपोर्टर – आपकी पत्नी अभी कहां हैं?
रिजवान – उनका इलाज चल रहा है। इन्वेस्टिगेशन के दौरान हमें सबसे अहम कड़ी चाइल्ड हेल्पलाइन की जिला कोऑर्डिनेटर टूसी कुमारी मिलीं। टूसी ने रेस्क्यू की गईं सभी लड़कियों के बयान लिए हैं, जिनसे लड़कियों ने अपनी पूरी कहानी बताई है। पूरी जानकारी लेने के बाद हम उनके पास पहुंचे। इस दौरान टूसी कुमारी ने चौंकाने वाले खुलासे किए। बातचीत में टूसी कुमारी ने बताया कि वहां महिलाएं रहती हैं। महिलाएं कैसे नहाती थीं, उनकी पूरी तस्वीर CCTV में कैद होती थी। उन पर नजर रखने के लिए CCTV कैमरे लगाए गए थे। रिपोर्टर – आपने मौके पर जाकर क्या देखा? वहां की स्थिति कैसी थी?
टूसी कुमारी – वहां की स्थिति बेहद चिंताजनक थी। जहां महिलाएं रहती हैं, वहीं वे नहाती भी हैं। महिलाएं किसी भी कपड़े में नहाती हैं, ऐसे में वहां CCTV कैमरा लगाना बिल्कुल गलत है। रिपोर्टर – CCTV कैमरे क्यो लगाए गए थे?
टूसी कुमारी – वहां के मजदूरों पर नजर रखने के लिए CCTV कैमरे लगाए गया थे, इतना ही नहीं उनके बाथरूम तक में कैमरे लगाए गए थे। हालांकि घटना के बाद उन्हे तोड़ दिया गया। सबसे गंभीर बात यह है कि जहां बाथरूम है, वहां महिलाएं खुले में नहाती थीं और वहां भी कैमरा लगा दिया गया था। यहां तक कि उनके कमरे के दरवाजे तक पर कैमरा लगाया गया था। बाथरूम जैसी जगह पर कैमरा लगाना, बिल्कुल भी उचित नहीं है। इसकी जांच होनी चाहिए। रिपोर्टर – रहने की व्यवस्था को लेकर क्या स्थिति थी?
टूसी कुमारी – जब मैं वहां पहुंची तो देखा कि मजदूरों को रहने के लिए बहुत छोटा कमरा दिया गया है। उसी कमरे में मां-बाप और बच्चे एक साथ रहने को मजबूर हैं। सोने के लिए केवल एक छोटी-सी चटाई है। उसी कमरे में खाना बनाना और रहना, दोनों बहुत मुश्किल है। रिपोर्टर – क्या इस मामले में कोई कार्रवाई हुई है?
टूसी कुमारी – पुलिस DVR अपने साथ ले गई है। उसमें जो कुछ भी रिकॉर्ड हुआ है, वह जांच में सामने आ जाएगा। ये सभी मजदूर करीब 750 किलोमीटर दूर असम से आए हैं और गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य सिर्फ काम करके अपना गुजारा करना है। ऐसे में इतनी दूर आकर केस लड़ना संभव नहीं है। अगर वे गवाही देने नहीं आ पाएंगे, तो मामला धीरे-धीरे ठंडा पड़ सकता है। फिर न्याय की बात करना कहा से संभव है। फार्म हाउस में न्यूड घूमता था ओवैस करनी भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पड़ताल के दौरान सामने आया कि JDU नेता ओवैस अपने फार्म हाउस के अंदर अक्सर न्यूड ही रहता था। हमें उसका फार्म हाउस में घूमते न्यूड वीडियो भी मिला है। पीड़ितों ने बताया कि ओवैस उन्हें अपने सामने नाचने के लिए मजबूर करता था। इतना ही नहीं, वह अश्लील हरकतें भी करता था, जिससे वे बेहद डरे और सहमे रहते थे। विरोध करने या किसी को बताने पर मारने की धमकी देता था। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें बार-बार चेतावनी दी जाती थी कि इस बारे में बाहर किसी को कुछ भी न बताएं, वरना उनके साथ बुरा किया जाएगा। डर और दबाव के कारण हम इस बात को किसी से नहीं बता रहे थे । रेड पड़ी तो CCTV कैमरे तोड़े, DVR का डेटा उड़ाया भास्कर रिपोर्टर जब इन्वेस्टिगेशन के लिए फार्म हाउस पहुंचे, तो वहां का नजारा हैरान कर देने वाला था। मौके पर अब भी CCTV कैमरों के तार लटके हुए दिखाई दे रहे थे, लेकिन कैमरों को तोड़कर एक तरफ कर दिया गया था। ये वो CCTV कैमरे थे जो मजदूरों को आपत्तिजनक स्थिति में देखने के लिए लगाए गए थे, उन्हें पूरी तरह नष्ट करने का प्रयास किया गया था। मजदूरों का कहना है कि घटना के बाद जल्दबाजी में सबूत को मिटाने की कोशिश की गई थी। बताया जा रहा है कि DVR का डेटा भी डिलीट कर दिया गया, ताकि किसी भी तरह का वीडियो सबूत सामने न आ सके। हालांकि, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए DVR को जब्त कर लिया है। डेटा रिकवरी के लिए बेंगलुरु भेजा गया है। DSP बोले- जल्द रिकवर होगा DVR का डेटा सहरसा मुख्यालय DSP कामेश्वर प्रसाद सिंह ने बताया, “मामला सामने आते ही सहरसा SP ने एक SIT का गठन किया है। इस मामले में कार्रवाई की जा रही है। पूरे मामले में 3 FIR दर्ज की गई हैं। DVR को जब्त कर लिया गया है। उसे स्थानीय FSL टीम को भेजा गया था, लेकिन आरोपी ने DVR से सारा डेटा डिलीट कर दिया था। डेटा रिकवरी के लिए उसे बेंगलुरु भेजा गया है। जल्द डेटा रिकवर कर लिया जाएगा। ” अभी जेल में है JDU नेता ओवैस करनी 29 मार्च को बिहार के सहरसा के नया टोला के ईंट भट्ठे से पुलिस ने 75 मजदूरों को रेस्क्यू किया था। ये ईंट भट्ठा ओवैस का है। सभी मजदूरों को एजेंट के जरिए असम से यहां काम करने के लिए लाया गया था। पुलिस की पूछताछ में 7 नाबालिग लड़कियों ने बताया है कि ओवैस उन्हें फार्म हाउस पर ले जाकर गंदा काम करता था। सभी लड़कियों की उम्र 14 से 16 साल है। जांच के दौरान लड़कियों ने JDU नेता पर यौन शोषण से लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। पुलिस ने आरोपी JDU नेता ओवैस के साथ उसके सहयोगी मुंशी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। नजरुल हक नाम का एजेंट इन परिवारों को असम से यहां लाया था। वो भागकर अपने घर असम चला गया है। भास्कर से बातचीत में उसने बताया कि, ओवैस उससे ऐसे परिवारों को टारगेट करवाता था जिनकी बच्चियां सुंदर हों। सभी लड़कियों को फिलहाल चाइल्ड लाइन में रखा गया है। पुलिस जांच के लिए सभी परिवार उसी ईंट भट्ठे के पास बने घरों में रह रहे हैं।













































