चिलचिलाती गर्मी में 1 गिलास बेल शरबत और पेट रहेगा ठंडा! शेफ संजीव कपूर की ये रेसिपी गैस, कब्ज और एसिडिटी में देगी राहत

Bel Sharbat Recipe: गर्मी का मौसम आते ही शरीर का हाल कुछ ऐसा हो जाता है कि ठंडा, हल्का और सुकून देने वाला कुछ पीने का मन करता है. ऐसे में बाजार के कोल्ड ड्रिंक या पैकेज्ड जूस से ज्यादा भरोसा घर के पारंपरिक पेयों पर होता है. इसी बीच मशहूर शेफ संजीव कपूर ने एक ऐसा देसी ड्रिंक शेयर किया है, जो न सिर्फ ठंडक देता है बल्कि पेट की समस्याओं में भी राहत पहुंचाता है. बात हो रही है बेल के शरबत की-एक ऐसा स्वाद जो बचपन की यादों से जुड़ा है और आज भी उतना ही असरदार माना जाता है. सोशल मीडिया पर शेयर की गई इस रेसिपी ने लोगों का ध्यान खींचा है, खासकर उन लोगों का जो गर्मी में हेल्दी विकल्प ढूंढ रहे हैं. देसी स्वाद के साथ हेल्थ का तड़काबेल का फल, जिसे लकड़ी का सेब भी कहा जाता है, लंबे समय से आयुर्वेद और घरेलू नुस्खों में इस्तेमाल होता रहा है. गांवों में आज भी लोग गर्मी से बचने के लिए बेल का शरबत पीते हैं. इसकी खासियत सिर्फ इसका मिट्टी जैसा सादा स्वाद नहीं, बल्कि इसका कूलिंग इफेक्ट भी है जो शरीर को अंदर से शांत करता है. शेफ संजीव कपूर ने इसे “नेचुरल रेमेडी” बताया है, खासकर उन लोगों के लिए जो पाचन से जुड़ी दिक्कतों से जूझते हैं. उनका कहना है कि ये ड्रिंक न सिर्फ पेट को ठंडा करता है बल्कि शरीर को हाइड्रेट रखने में भी मदद करता है. बेल शरबत बनाने की आसान रेसिपीसामग्री:-1 बड़ा बेल फल-1/2 छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर-काला नमक स्वादानुसार-2-3 बड़े चम्मच पिसी चीनी-बर्फ के टुकड़े सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. विधि:सबसे पहले बेल को तोड़कर उसका गूदा निकाल लें. इसे ठंडे पानी के साथ अच्छे से मैश करें ताकि गूदा अच्छी तरह घुल जाए. फिर इसे छानकर रेशे अलग कर लें. अब इसमें जीरा पाउडर, काला नमक और चीनी मिलाएं. आखिर में बर्फ डालकर ठंडा-ठंडा सर्व करें. यह ड्रिंक जितना सिंपल है, उतना ही असरदार भी है. क्यों खास है बेल का शरबत?गर्मी के मौसम में शरीर जल्दी थक जाता है और पानी की कमी भी होने लगती है. ऐसे में बेल का शरबत एक ऑल-इन-वन सॉल्यूशन की तरह काम करता है. पाचन के लिए फायदेमंद:अगर आपको अक्सर कब्ज या गैस की समस्या रहती है, तो बेल का शरबत काफी राहत दे सकता है. एसिडिटी में राहत:यह पेट को ठंडा करता है, जिससे जलन और एसिडिटी कम होती है. हाइड्रेशन बनाए रखता है:तेज गर्मी में शरीर का पानी जल्दी खत्म होता है, लेकिन यह ड्रिंक उसे बैलेंस करता है. इम्युनिटी को सपोर्ट:बेल में मौजूद पोषक तत्व शरीर की ताकत बढ़ाने में मदद करते हैं. नेचुरल कूलिंग एजेंट:हीट स्ट्रोक जैसी परेशानियों से बचाव में यह बेहद कारगर माना जाता है.
Beauty Tips: ऑफिस जाने वाली महिलाएं अपनाएं ये घरेलू नुस्खे, गर्मी में छू भी नहीं पाएगी टैनिंग, मिलेगा नैचुरल ग्लो!

Last Updated:May 14, 2026, 10:34 IST Summer Skin Care Tips: इन दिनों सूरज की तपिश बढ़ गई है, जिससे त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं. गर्मी में चेहरे की देखभाल सबसे जरूरी हो जाती है, क्योंकि धूप, पसीना और धूल-मिट्टी स्किन को नुकसान पहुंचा सकते हैं. अगर आप भी इस गर्मी में अपनी स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग बनाना चाहते हैं, तो इन आसान और कारगर नुस्खों को जरूर अपनाएं. (रिपोर्ट: वंदना रेवांचल तिवारी/रीवा) गर्मियों के मौसम में स्किन का नैचुरल ग्लो खत्म हो जाता है और स्किन से जुड़ी तमाम समस्याएं होने लगती हैं. तेज धूप में सबसे कॉमन समस्या टैनिंग की होती है. वहीं कुछ लोगों को गर्मी के दिनों में चेहरे पर दाने और मुहांसे भी होने लगते हैं. खासतौर पर जो लोग रोजाना घर से बाहर काम पर जाते हैं, उन्हें स्किन टैनिंग की समस्या ज्यादा झेलनी पड़ती है. रोजाना सुबह ऑफिस जाने वाली महिलाओं यानि कामकाजी महिलाओं को स्किन से जुड़ी समस्याएं ज्यादा होती हैं. ट्रैवलिंग के दौरान प्रदूषण, धूल मिट्टी की वजह से स्किन डैमेज और दाग धब्बे जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. अगर आप भी रोजाना ऑफिस जाती है, तो आपको ब्यूटी एक्सपर्ट के बताए कुछ ब्यूटी टिप्स को फॉलो करना चाहिए. मध्य प्रदेश के रीवा की ब्यूटीशियन रूबी खान ने कहा कि गर्मियों में स्किन खुद को हेल्दी रखने और किसी भी जलन या सनबर्न को ठीक करने के लिए कड़ी मेहनत करती है. ऐसे में एक्सफोलिएट करने से मदद मिल सकती है. एक्सफोलिएशन डेड स्किन सेल्स को हटाने में मदद करता है. ऐसा करने के बाद आपकी त्वचा चमकदार दिखती है. ध्यान रखें कि त्वचा को जरूरत से ज्यादा एक्सफोलिएट न करें. हफ्ते में एक बार ऐसा करना ठीक है. Add News18 as Preferred Source on Google बहुत ज्यादा यूवी एक्सपोजर आपकी स्किन को नुकसान पहुंचा सकता है और सनबर्न, झुर्रियां, फाइन लाइन्स और समय से पहले बुढ़ापे के लक्षण दिख सकते हैं. ऐसे में एक ऐसा सनब्लॉक या सनस्क्रीन खरीदें, जिसमें यूवी स्पेक्ट्रम कम से कम एसपीएफ 30 हो. घर से बाहर निकलने से पहले इसे अपनी त्वचा के सभी खुले हिस्सों पर लगाएं. इसके अलावा नाइट क्रीम लगानी चाहिए. इससे स्किन सुबह तक सॉफ्ट बनी रहती है. गर्मियों के महीनों में मेकअप कम से कम करें. ऐसा इसलिए क्योंकि आपकी त्वचा को सांस लेने की जरूरत होती है, इसलिए जब मौसम बहुत गर्म हो तो मिनरल-बेस्ड मेकअप लगाने की कोशिश करें क्योंकि ये प्रोडक्ट हल्के होते हैं. अगर आप फाउंडेशन लगाना पसंद करते हैं, तो इसकी जगह एसपीएफ वाला टिंटेड मॉइश्चराइजर लगाएं. इसपर फेस पाउडर लगा सकते हैं. गर्मी और उमस भरी गर्मी के दिनों में चेहरे के लिए कूलिंग मिस्ट कमाल का काम करता है. यह सनबर्न और सूजन को शांत करने में मदद करता है और आपकी त्वचा को फ्रेश और चमकदार बनाता है. गर्मी में इसका इस्तेमाल करें. तेज धूप में ज्यादा देर तक न रहें और चेहरे को बार-बार धोएं. हल्के और कॉटन के कपड़े पहनें, जिससे त्वचा को सांस लेने में आसानी हो. मुल्तानी मिट्टी चेहरे के लिए सबसे फायदेमंद मानी जाती है. दो चम्मच मुल्तानी मिट्टी में गुलाब जल मिलाएं. इसमें थोड़ा सा एलोवेरा जेल डालकर पेस्ट बना लें. इसे चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट बाद धो लें. यह ऑयली स्किन के लिए बहुत फायदेमंद है और चेहरे को ठंडक देता है. गुलाब जल एक प्राकृतिक टोनर की तरह काम करता है और त्वचा को फ्रेश बनाए रखता है. रोज सुबह और रात में रुई की मदद से गुलाब जल चेहरे पर लगाएं. गर्मी के मौसम में सेहत का अच्छा ख्याल रखना है, तो पानी पीना बहुत जरूरी है. साथ ही हल्की लेकिन सेहतमंद डाइट लेनी जरूरी है. इस मौसम में पानीदार फलों का सेवन करें. सलाद और ड्राई फ्रूट्स भी ले सकते हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
कांस से आलिया भट्ट का चौथा लुक सामने आया:आइस-ब्लू गाउन में दिखा ‘सिंड्रेला’ अवतार, यूलिया वंतूर भी रेड कार्पेट पर नजर आईं

आलिया भट्ट बुधवार शाम को कांस फिल्म फेस्टिवल में आइस ब्लू गाउन में रेड कार्पेट पर नजर आईं। फिल्म ‘ए वूमेन्स लाइफ’ (La Vie D’Une Femme) के प्रीमियर के दौरान उनका “सिंड्रेला” अवतार देखने को मिला। रेड कार्पेट पर आने से कुछ घंटे पहले, आलिया ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लॉरियल पेरिस को टैग करते हुए लिखा, “लगभग टाइम हो गया”। वीडियो में, उन्होंने पर्दे हटाकर अपने गाउन की एक झलक दिखाई। दुनियाभर का सबसे प्रतिष्ठित फिल्म फेस्टिवल और कल्चरल इवेंट कांस 12 मई से शुरू हो चुका है। फेस्टिवल 23 मई तक फ्रांस के फ्रेंच रिवेरा में जारी रहेगा। लोरियल पेरिस की तरफ से कांस पहुंचीं आलिया भट्ट के अब तक 4 लुक सामने आ चुके हैं। देखें आलिया का चौथा लुक देखें आलिया का तीसरा लुक देखें आलिया का दूसरा लुक देखें आलिया का पहला लुक एक्ट्रेस यूलिया वंतूर बुधवार को अपनी शॉर्ट फिल्म इकोज ऑफ अस को प्रमोट करने के लिए कांस के रेड कार्पेट पर वॉक किया। उन्होंने डिजाइनर तमारा राल्फ का डिजाइन किया हुआ आइस-ब्लू टरकॉइज गाउन पहना था। रेड कार्पेट पर उन्होंने फोटोग्राफर्स के लिए पोज दिए, फैंस को फ्लाइंग किस भेजी और हाथों से हार्ट जेस्चर भी बनाया। यूलिया ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो रील शेयर करते हुए इस अनुभव को “मैजिक इवनिंग” बताया। इस मौके पर उनके साथ एक्टर दीपक तिजोरी और डायरेक्टर जो राजन भी मौजूद थे। फिल्म का दूसरा टीजर कांस में मार्चे डू फिल्म और बाद में फ्रेंच रिवेरा फिल्म फेस्टिवल में दिखाया जाएगा। आलिया भट्ट और यूलिया वंतूर के अलावा भारत से उर्वशी रौतेला, ऐश्वर्या राय, मौनी रॉय, अदिति राव हैदरी और एहसास चन्ना कांस के रेड कार्पेट में पहुंचेंगी। एक्ट्रेस तारा सुतारिया भी कांस रेड कार्पेट पर डेब्यू करने वाली हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का दौरे पर पड़ा असर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में जनता से कम-से-कम ट्रेवल करने और कम तेल-ईंधन इस्तेमाल करने की अपील की है। यही वजह रही कि महाराष्ट्र का सांस्कृतिक विभाग अब कांस फिल्म फेस्टिवल में हिस्सा नहीं ले रहा है। महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने बताया कि पीएम मोदी की अपील के बाद विभाग का प्रतिनिधिमंडल अब कांस नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग में वाहनों का इस्तेमाल कम किया जाएगा और जरूरी बैठकों को वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया जाएगा। कांस 2026 में छाएगा भारत का रीजनल सिनेमा कांस में इंडो-अमेरिकन फिल्म बॉम्बे स्टोरीज की स्क्रीनिंग भी कांस में होगी। ये फिल्म मंटों के उपन्यास पर बनी है, जो 1930 के दशक की बॉम्बे में रहनेवालीं सेक्स वर्कर्स की कहानी दिखाती है। फिल्म को राहत शाह काजमी ने डायरेक्ट किया है। इस फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान एक्ट्रेस मौनी रॉय कांस में मौजूद रहेंगी। इसके क्लासिकल सेगमेंट में 40 साल पुरानी मलयाली फिल्म अम्मा अरियन की भी कांस में स्क्रीनिंग होगी। रीजनल सिनेमा की ये फिल्में भी कांस पहुंचीं- पंजाबी सिनेमा- पॉपुलर सिंगर और एक्टर एमी विर्क की फिल्म चारदीकला की स्क्रीनिंग कांस में होनी है। इसकी स्क्रीनिंग के लिए एमी विर्क कांस में डेब्यू करेंगे। उनके साथ को-स्टार रूपी गिल भी कांस में पहुंचेंगी। मलयाली सिनेमा- मलयाली फिल्ममेकर चिदंबरम की फिल्म बालनः द बॉय की स्क्रीनिंग कांस में होनी है। गुजराती सिनेमा- एक्ट्रेस मानसी पारेख इस साल प्रोड्यूसर पार्थिव गोहिल के साथ कांस में शामिल होने वाली हैं। गुजराती फिल्म लालोः कृष्णा सदा सहायते की भी कांस में स्क्रीनिंग होगी। मराठी सिनेमा- मराठी फिल्म इंडस्ट्री से एक्टर अशोक सराफ, निवेदिता सरफा, एक्ट्रेस प्राजक्ता माली और प्रोड्यूसर केदार जोशी कांस का हिस्सा बनेंगे। पायल कपाड़िया ज्यूरी बनीं, आशुतोष गोवारिकर ऑफिशियल डेलिगेट्स लगान बना चुके आशुतोष गोवारिकल इस साल भारत के ऑफिशियल डेलिगेट बनकर कांस का हिस्सा बनेंगे। 2021 और 2024 में कांस के दो अवॉर्ड ग्रैंड प्री और गोल्डन आई अवॉर्ड जीत चुकीं पायल कपाड़िया इस साल ज्यूरी बनकर कांस में शामिल हो रही हैं। वो क्रिटिक्स वीक कैटेगरी की ज्यूरी रहेंगी। कांस की ज्यूरी बनने वाली पहली इंडियन एक्ट्रेस रहीं ऐश्वर्या राय हर साल दुनियाभर के चुनिंदा लोगों को ज्यूरी में शामिल किया जाता है। मृणाल सेन पहले भारतीय थे, जिन्हें 1982 में ज्यूरी में शामिल किया गया था। इसके अलावा ज्यूरी बनने वाली पहली भारतीय महिला डायरेक्टर मीरा नायर थीं। ऐश्वर्या राय पहली इंडियन एक्ट्रेस हैं, जिन्हें कांस में ज्यूरी बनाया गया। हालांकि अब दीपिका पादुकोण, विद्या बालन और शर्मिला टैगोर भी इस लिस्ट में शामिल हैं। सेरेमनी के आखिरी दिन मिलेगा पाम डि’ओर पाम डिओर, कांस का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित अवॉर्ड है। यह पुरस्कार फेस्टिवल की मुख्य प्रतियोगिता में चुनी गई सर्वश्रेष्ठ फिल्म को दिया जाता है। इसे कांस का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। इस साल 12-23 मई तक चलने वाले इस फेस्टिवल में 23 मई को पाम डि’ओर अवॉर्ड दिया जाएगा। कांस के इतिहास में भारत की उपलब्धियां- 80 साल पहले भारत को मिला पहला पाम डि’ओर, आज भी रिकॉर्ड कायम कांस फिल्म फेस्टिवल में जाने वाली पहली भारतीय फिल्म नीचा नगर थी। चेतन आनंद के निर्देशन में बनी ये फिल्म संयोग से कभी भारत में रिलीज ही नहीं हुई। इसका प्रसारण सिर्फ दूरदर्शन में ही किया गया था। अमीर-गरीब की जिंदगी दर्शाने वाली इस फिल्म को कांस फिल्म फेस्टिवल का सर्वश्रेष्ठ पाम डि’ओर अवॉर्ड मिला था। नीचा नगर ये अवॉर्ड जीतने वाली भारत की इकलौती फिल्म है। इसके अलावा दो बीघा जमीन (1954), बूट पॉलिश, पाथेर पांचाली, सलाम बॉम्बे, लंच बॉक्स जैसी करीब 21 फिल्मों को कांस फिल्म फेस्टिवल में अलग-अलग कैटेगरी में अवॉर्ड मिले हैं। जबकि अब तक भारत को कुल 38 नॉमिनेशन मिल चुके हैं। नॉमिनेशन हासिल करने वाली फिल्मों में राज कपूर की ब्लॉकबस्टर फिल्म आवारा भी शामिल है। जब कांस के रेड कार्पेट पर ट्रेडिशनल अवतार में पहुंचे सेलेब्स कांस रेड कार्पेट पर सेलेब्स के इन लुक्स का उड़ा मजाक एक नजर कांस के बेहतरीन इतिहास पर- हिटलर की तानाशाही के खिलाफ शुरू हुआ कांस 1938 में वेनिस फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत की गई थी, लेकिन उस समय जर्मनी के तानाशाह एडॉल्फ हिटलर और इटली के तानाशाह मुसोलिनी अपने पसंदीदा लोगों को अवॉर्ड बांट देते थे। इनकी तानाशाही से परेशान होकर कई ज्यूरी मेंबर ने वेनिस फिल्म फेस्टिवल छोड़ दिया और एक फ्री फेस्टिवल शुरू करने का फैसला किया, जिसकी
कांस से आलिया भट्ट का चौथा लुक सामने आया:आइस-ब्लू गाउन में दिखा ‘सिंड्रेला’ अवतार, यूलिया वंतूर भी रेड कार्पेट पर नजर आईं

आलिया भट्ट बुधवार शाम को कांस फिल्म फेस्टिवल में आइस ब्लू गाउन में रेड कार्पेट पर नजर आईं। फिल्म ‘ए वूमेन्स लाइफ’ (La Vie D’Une Femme) के प्रीमियर के दौरान उनका ‘सिंड्रेला’ अवतार देखने को मिला। रेड कार्पेट पर आने से कुछ घंटे पहले, आलिया ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लोरियल पेरिस को टैग करते हुए अपने लुक की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए। दुनियाभर का सबसे प्रतिष्ठित फिल्म फेस्टिवल और कल्चरल इवेंट कांस 12 मई से शुरू हुआ है। फेस्टिवल 23 मई तक फ्रांस के फ्रेंच रिवेरा में जारी रहेगा। कांस से आलिया के अब तक 4 लुक सामने आ चुके हैं। देखें आलिया का चौथा लुक देखें आलिया का तीसरा लुक देखें आलिया का दूसरा लुक देखें आलिया का पहला लुक यूलिया वंतूर ने कांस रेड कार्पेट पर वॉक किया एक्ट्रेस यूलिया वंतूर बुधवार को अपनी शॉर्ट फिल्म इकोज ऑफ अस को प्रमोट करने के लिए कांस के रेड कार्पेट पर वॉक किया। उन्होंने डिजाइनर तमारा राल्फ का डिजाइन किया हुआ आइस-ब्लू टरकॉइज गाउन पहना था। यूलिया ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो रील शेयर करते हुए इस अनुभव को “मैजिक इवनिंग” बताया। इस मौके पर उनके साथ एक्टर दीपक तिजोरी और डायरेक्टर जो राजन भी मौजूद थे। फिल्म का दूसरा टीजर कांस में मार्चे डू फिल्म और बाद में फ्रेंच रिवेरा फिल्म फेस्टिवल में दिखाया जाएगा। तारा सुतारिया करेंगी कांस के रेड कार्पेट पर डेब्यू आलिया भट्ट और यूलिया वंतूर के अलावा भारत से उर्वशी रौतेला, ऐश्वर्या राय, मौनी रॉय, अदिति राव हैदरी और एहसास चन्ना कांस के रेड कार्पेट पर पहुंचेंगी। एक्ट्रेस तारा सुतारिया भी कांस रेड कार्पेट पर डेब्यू करने वाली हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का दौरे पर पड़ा असर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में जनता से कम-से-कम ट्रेवल करने और कम तेल-ईंधन इस्तेमाल करने की अपील की है। यही वजह रही कि महाराष्ट्र का सांस्कृतिक विभाग अब कांस फिल्म फेस्टिवल में हिस्सा नहीं ले रहा है। महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने बताया कि पीएम मोदी की अपील के बाद विभाग का प्रतिनिधिमंडल अब कांस नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग में वाहनों का इस्तेमाल कम किया जाएगा और जरूरी बैठकों को वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया जाएगा। कांस 2026 में छाएगा भारत का रीजनल सिनेमा कांस में इंडो-अमेरिकन फिल्म बॉम्बे स्टोरीज की स्क्रीनिंग भी कांस में होगी। ये फिल्म मंटो के उपन्यास पर बनी है, जो 1930 के दशक की बॉम्बे में रहने वालीं सेक्स वर्कर्स की कहानी दिखाती है। फिल्म को राहत शाह काजमी ने डायरेक्ट किया है। इस फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान एक्ट्रेस मौनी रॉय कांस में मौजूद रहेंगी। इसके क्लासिकल सेगमेंट में 40 साल पुरानी मलयाली फिल्म अम्मा अरियन की भी कांस में स्क्रीनिंग होगी। रीजनल सिनेमा की ये फिल्में भी कांस पहुंचीं- पंजाबी सिनेमा- पॉपुलर सिंगर और एक्टर एमी विर्क की फिल्म चारदीकला की स्क्रीनिंग कांस में होनी है। इसकी स्क्रीनिंग के लिए एमी विर्क कांस में डेब्यू करेंगे। उनके साथ को-स्टार रूपी गिल भी कांस में पहुंचेंगी। मलयाली सिनेमा- मलयाली फिल्ममेकर चिदंबरम की फिल्म बालनः द बॉय की स्क्रीनिंग कांस में होनी है। गुजराती सिनेमा- एक्ट्रेस मानसी पारेख इस साल प्रोड्यूसर पार्थिव गोहिल के साथ कांस में शामिल होने वाली हैं। गुजराती फिल्म लालोः कृष्णा सदा सहायते की भी कांस में स्क्रीनिंग होगी। मराठी सिनेमा- मराठी फिल्म इंडस्ट्री से एक्टर अशोक सराफ, निवेदिता सराफ, एक्ट्रेस प्राजक्ता माली और प्रोड्यूसर केदार जोशी कांस का हिस्सा बनेंगे। पायल कपाड़िया ज्यूरी बनीं, आशुतोष गोवारिकर ऑफिशियल डेलिगेट्स लगान बना चुके आशुतोष गोवारिकर इस साल भारत के ऑफिशियल डेलिगेट बनकर कांस का हिस्सा बने हैं। 2021 और 2024 में कांस के दो अवॉर्ड ग्रैंड प्री और गोल्डन आई अवॉर्ड जीत चुकीं पायल कपाड़िया इस साल ज्यूरी बनकर कांस में शामिल हो रही हैं। वो क्रिटिक्स वीक कैटेगरी की ज्यूरी रहेंगी। कांस की ज्यूरी बनने वाली पहली इंडियन एक्ट्रेस रहीं ऐश्वर्या राय हर साल दुनियाभर के चुनिंदा लोगों को ज्यूरी में शामिल किया जाता है। मृणाल सेन पहले भारतीय थे, जिन्हें 1982 में ज्यूरी में शामिल किया गया था। इसके अलावा ज्यूरी बनने वाली पहली भारतीय महिला डायरेक्टर मीरा नायर थीं। ऐश्वर्या राय पहली इंडियन एक्ट्रेस हैं, जिन्हें कांस में ज्यूरी बनाया गया। हालांकि अब दीपिका पादुकोण, विद्या बालन और शर्मिला टैगोर भी इस लिस्ट में शामिल हैं। सेरेमनी के आखिरी दिन मिलेगा पाम डि’ओर पाम डिओर, कांस का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित अवॉर्ड है। यह पुरस्कार फेस्टिवल की मुख्य प्रतियोगिता में चुनी गई सर्वश्रेष्ठ फिल्म को दिया जाता है। इसे कांस का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। इस साल 12-23 मई तक चलने वाले इस फेस्टिवल में 23 मई को पाम डि’ओर अवॉर्ड दिया जाएगा। कांस के इतिहास में भारत की उपलब्धियां- 80 साल पहले भारत को मिला पहला पाम डि’ओर, आज भी रिकॉर्ड कायम कांस फिल्म फेस्टिवल में जाने वाली पहली भारतीय फिल्म नीचा नगर थी। चेतन आनंद के निर्देशन में बनी ये फिल्म संयोग से कभी भारत में रिलीज ही नहीं हुई। इसका प्रसारण सिर्फ दूरदर्शन में ही किया गया था। अमीर-गरीब की जिंदगी दर्शाने वाली इस फिल्म को कांस फिल्म फेस्टिवल का सर्वश्रेष्ठ पाम डि’ओर अवॉर्ड मिला था। नीचा नगर ये अवॉर्ड जीतने वाली भारत की इकलौती फिल्म है। इसके अलावा दो बीघा जमीन (1954), बूट पॉलिश, पाथेर पांचाली, सलाम बॉम्बे, लंच बॉक्स जैसी करीब 21 फिल्मों को कांस फिल्म फेस्टिवल में अलग-अलग कैटेगरी में अवॉर्ड मिले हैं। जबकि अब तक भारत को कुल 38 नॉमिनेशन मिल चुके हैं। नॉमिनेशन हासिल करने वाली फिल्मों में राज कपूर की ब्लॉकबस्टर फिल्म आवारा भी शामिल है। जब कांस के रेड कार्पेट पर ट्रेडिशनल अवतार में पहुंचे सेलेब्स कांस रेड कार्पेट पर सेलेब्स के इन लुक्स का उड़ा मजाक एक नजर कांस के बेहतरीन इतिहास पर- हिटलर की तानाशाही के खिलाफ शुरू हुआ कांस 1938 में वेनिस फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत की गई थी, लेकिन उस समय जर्मनी के तानाशाह एडॉल्फ हिटलर और इटली के तानाशाह मुसोलिनी अपने पसंदीदा लोगों को अवॉर्ड बांट देते थे। इनकी तानाशाही से परेशान होकर कई ज्यूरी मेंबर ने वेनिस फिल्म फेस्टिवल छोड़ दिया और एक फ्री फेस्टिवल शुरू करने का फैसला किया, जिसकी लोकेशन कांस, पेरिस तय हुई। फ्रेंच सरकार ने उसके दस्तावेजों पर साइन कर उसे ऑफिशियल कांस
वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका में चीन के गुप्त ‘पुलिस स्टेशन’ का खुलासा: न्यूयॉर्क निवासी दोषी करार

न्यूयॉर्क के फेडरल कोर्ट ने अमेरिकी नागरिक लू जियानवांग को चीन सरकार की ओर से कथित गुप्त पुलिस स्टेशन चलाने का दोषी ठहराया है। यह स्टेशन मैनहटन के चाइनाटाउन इलाके में संचालित हो रहा था। अभियोजन पक्ष के मुताबिक 64 वर्षीय लू जियानवांग, जिसे हैरी लू के नाम से भी जाना जाता है, चीन के पब्लिक सिक्योरिटी मंत्रालय के लिए काम कर रहा था। जूरी ने उसे चीन सरकार के अवैध एजेंट के तौर पर काम करने और जांच में बाधा डालने के आरोप में दोषी माना है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह कथित पुलिस स्टेशन 2022 की शुरुआत में शुरू किया गया था। यह एक रामेन स्टॉल के ऊपर पूरे फ्लोर में चल रहा था। FBI जांच शुरू होने के बाद 2022 के अंत में इसे बंद कर दिया गया। प्रॉसिक्यूटर्स ने बताया कि जांच की जानकारी मिलने के बाद लू और उसके सह-आरोपी चेन जिनपिंग ने चीन के अधिकारियों के साथ हुए टेक्स्ट मैसेज डिलीट कर दिए थे। FBI के असिस्टेंट डायरेक्टर जेम्स सी बार्नाकल जूनियर ने कहा कि इस स्टेशन का इस्तेमाल चीन विरोधी लोगों और लोकतंत्र समर्थकों को टारगेट करने के लिए किया गया। मामले के दूसरे आरोपी चेन जिनपिंग ने दिसंबर 2024 में चीन के एजेंट के तौर पर साजिश रचने का आरोप स्वीकार कर लिया था। फिलहाल उसकी सजा तय होना बाकी है। मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि दुनिया के 53 देशों में चीन के ऐसे 100 से ज्यादा कथित आउटपोस्ट मौजूद हैं। आरोप है कि इनके जरिए विदेशों में रहने वाले चीनी नागरिकों और लोकतंत्र समर्थकों की निगरानी की जाती है। हालांकि, चीन इन आरोपों से इनकार करता रहा है। चीन का कहना है कि ये केवल ‘सर्विस स्टेशन’ हैं, जहां विदेशों में रहने वाले नागरिकों को प्रशासनिक मदद दी जाती है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… फिलीपींस सीनेट में गोलीबारी: ICC वॉरंट से बचने के लिए अंदर छिपे सीनेटर डेला रोजा फिलीपींस की सीनेट बिल्डिंग में बुधवार रात गोलीबारी हुई। यहां ICC के गिरफ्तारी वारंट का सामना कर रहे सीनेटर रोनाल्ड डेला रोजा पिछले दो दिनों से गिरफ्तारी से बचने के लिए अंदर मौजूद हैं। सरकार ने कहा कि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कुछ हथियारबंद लोगों ने सीनेट की दूसरी मंजिल में घुसने की कोशिश की, जिसके बाद चेतावनी के तौर पर फायरिंग की गई। फिलीपींस के गृह सचिव जॉनविक रेमुला ने बताया कि सार्जेंट-एट-आर्म्स ऑफिस के एक सदस्य ने पहले चेतावनी के तौर पर गोली चलाई। इसके बाद संदिग्ध लोग पीछे हटे और हवा में गोलियां चलाते हुए वहां से निकल गए। 64 वर्षीय डेला रोजा सोमवार से सीनेट परिसर में मौजूद हैं। इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने उन पर पूर्व राष्ट्रपति रोड्रिगो डुटर्टे के साथ मिलकर मानवता के खिलाफ अपराध करने का आरोप लगाया है। ICC का आरोप है कि 2016 से 2018 के बीच ड्रग्स विरोधी अभियान में हजारों लोगों की हत्या हुई। कोर्ट ने सोमवार को डेला रोजा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट की पुष्टि की थी। राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने कहा कि डेला रोजा को गिरफ्तार करने के लिए किसी सरकारी एजेंसी को सीनेट नहीं भेजा गया था। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में कानूनी प्रक्रिया जारी है। डेला रोजा पूर्व राष्ट्रपति रोड्रिगो डुटर्टे के करीबी सहयोगी रहे हैं। डुटर्टे सरकार के दौरान ड्रग्स के खिलाफ अभियान चलाया गया था, जिसमें हजारों लोगों की मौत हुई थी। पूर्व राष्ट्रपति डुटर्टे को मार्च 2025 में गिरफ्तार कर द हेग भेजा गया था, जहां वे ICC की हिरासत में हैं। हालांकि, उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया है।
प्रेग्नेंसी में भीषण गर्मी से हो न जाएं ये समस्याएं, गर्भवती महिलाएं इन बातों का रखें खास ध्यान

गर्भावस्था हर महिला के जीवन का बेहद खास दौर होता है. इस दौरान मां और शिशु दोनों की सेहत का विशेष ख्याल रखना जरूरी होता है. खासतौर पर गर्मियों के मौसम में बढ़ती गर्मी और लू गर्भवती महिलाओं के लिए कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती है. ऐसे में थोड़ी सावधानी और सही दिनचर्या अपनाकर इस मौसम में खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है. गर्मी में क्यों बढ़ जाता है खतरा? स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, गर्भावस्था के दौरान शरीर का तापमान सामान्य से अधिक संवेदनशील हो जाता है. तेज धूप, अधिक पसीना और पानी की कमी से डिहाइड्रेशन, कमजोरी और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जिसका असर मां और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों पर पड़ सकता है. हल्के और आरामदायक कपड़े पहनें गर्मियों में सूती, ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनना बेहतर होता है. इससे शरीर को ठंडक मिलती है और पसीना जल्दी सूख जाता है, जिससे असहजता कम होती है. शरीर को रखें हाइड्रेट गर्भवती महिलाओं को दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए. इसके अलावा नारियल पानी, नींबू पानी और छाछ जैसे प्राकृतिक पेय पदार्थ शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी नहीं होने देते. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. दोपहर की तेज धूप से बचें दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप और लू का असर सबसे ज्यादा होता है. इस दौरान घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए. अगर बाहर जाना जरूरी हो तो छाता, टोपी, सनग्लासेस और स्कार्फ का इस्तेमाल जरूर करें. संतुलित और हल्का भोजन करें गर्मी के मौसम में ताजे फल, हरी सब्जियां, दही और हल्का घर का बना खाना खाना फायदेमंद होता है. ज्यादा तला-भुना और मसालेदार भोजन से दूरी बनाकर रखें. शरीर में दिखने वाले संकेतों को नजरअंदाज न करें अगर चक्कर आना, सिरदर्द, उल्टी, अत्यधिक थकान, बेचैनी या पेट में दर्द जैसी समस्याएं महसूस हों तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें. समय रहते इलाज करवाना बेहद जरूरी है. पर्याप्त आराम है जरूरी विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भवती महिला को पर्याप्त आराम मिलना चाहिए. परिवार के लोगों को भी उनकी देखभाल में सहयोग करना चाहिए. साथ ही नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह का पालन करना इस मौसम में और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है. थोड़ी सावधानी से रहें सुरक्षित गर्मी के मौसम में सही खान-पान, पर्याप्त पानी और जरूरी सावधानियां अपनाकर गर्भवती महिलाएं खुद और अपने होने वाले शिशु को सुरक्षित रख सकती हैं.
सेहत का सच्चा दोस्त है ये हरा पत्ता, एक नहीं सेवन से मिलेंगे अनेकों फायदे; तेल से लेकर चटनी तक में उपयोगी

Last Updated:May 14, 2026, 08:33 IST Benefits of Peppermint: पिपरमेंट सिर्फ एक स्वादिष्ट हर्बल पौधा नहीं है, बल्कि यह आयुर्वेद में कई बीमारियों के लिए प्राकृतिक इलाज का काम करता है. चाहे यह पाचन की समस्या हो, सिरदर्द, तनाव, सर्दी या त्वचा की समस्या, पुदीना, विटामिन सी, विटामिन ए और विटामिन बी कॉम्प्लेक्स जैसे गुणों से भरपूर होता है. पुदीने में ऐसे गुण मौजूद होते है. जिसके सेवन से आपको तुरंत ताजगी भरा महसूस होता है. पुदीने का इस्तेमाल अमूमन गर्मियों में इसलिए किया जाता है क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती है. पुदीना बेहतर पाचन को बढ़ावा देता है, मितली को रोकता है, सांस की समस्याओं, अवसाद-थकान को दूर करने में मदद करता है. पिपरमेंट के पत्ते और तेल बहुत उपयोगी हैं. रोजमर्रा की जिंदगी में पिपरमेंट को शामिल करना हमारे स्वास्थ्य के लिए एक सरल और प्राकृतिक तरीका है. मानसिक स्वास्थ्य में सुधार: पिपरमेंट मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी काफी उपयोगी माना जाता है. इसकी ताजा और ठंडी खुशबू मन को शांत करने में मदद करती है. जिससे तनाव और चिंता कम महसूस होती है. विशेषज्ञों के अनुसार, पिपरमेंट में मौजूद मेंथॉल दिमाग को ताजगी देता है और मानसिक थकान दूर करने में सहायक होता है. कई लोग काम के दौरान ध्यान केंद्रित करने और ऊर्जा बढ़ाने के लिए पिपरमेंट ऑयल या इसकी खुशबू का इस्तेमाल करते है. इसकी सुगंध मूड को बेहतर बनाने और नींद की गुणवत्ता सुधारने में भी मददगार मानी जाती है. अरोमाथेरेपी में भी पिपरमेंट का उपयोग मानसिक शांति के लिए किया जाता है. पिपरमेंट की चाय पीने से शरीर और मन दोनों को आराम मिल सकता है. हालांकि, अत्यधिक उपयोग से बचना चाहिए और किसी गंभीर मानसिक समस्या में विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है. पिपरमेंट, जिसे आम भाषा में मेंथा के नाम से जाना जाता है, एक छोटा सा हरा-पत्ता वाला पौधा है. लेकिन इसके औषधीय गुण बहुत बड़े है. यह न केवल खाने में स्वाद बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होता है, बल्कि आयुर्वेद में इसे कई बीमारियों के इलाज के लिए भी महत्व दिया गया है. आज हम जानेंगे कि पिपरमेंट हमारे स्वास्थ्य के लिए क्यों फायदेमंद है और इसे रोजमर्रा की जिंदगी में कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है. पाचन सुधारने में मददगार: पिपरमेंट के पत्ते स्वास्थ्य के लिए कई तरह से लाभकारी माने जाते है. खासकर पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में. वैद्य मालती देवी के अनुसार, भोजन के बाद पिपरमेंट के ताजे पत्ते चबाने या इसकी चाय पीने से पेट संबंधी समस्याओं में राहत मिल सकती है. यह गैस, अपच और कब्ज जैसी दिक्कतों को कम करने में मदद करता है. पिपरमेंट में मौजूद प्राकृतिक तत्व पेट की मांसपेशियों को आराम देते हैं, जिससे भोजन तेजी से पचता है और पेट हल्का महसूस होता है. इसके अलावा, इसकी ताजगी भरी खुशबू मुंह की दुर्गंध दूर करने में भी सहायक होती है. नियमित और संतुलित मात्रा में पिपरमेंट का सेवन करने से पाचन क्रिया मजबूत बनी रहती है. हालांकि, किसी भी स्वास्थ्य समस्या में इसका उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर माना जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google त्वचा और बालों के लिए लाभकारी: पिपरमेंट का तेल त्वचा और बालों की देखभाल के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद प्राकृतिक गुण त्वचा की जलन, खुजली और लालिमा को कम करने में मदद करते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, पिपरमेंट ऑयल का सही मात्रा में उपयोग करने से मुंहासे और दाने कम हो सकते हैं, क्योंकि इसमें एंटीबैक्टीरियल तत्व पाए जाते हैं. यह त्वचा को ठंडक पहुंचाकर ताजगी का एहसास भी कराता है. वहीं, बालों की जड़ों में पिपरमेंट तेल से हल्की मालिश करने से रक्तसंचार बेहतर होता है, जिससे बालों को पोषण मिलता है और उनकी जड़ें मजबूत होती हैं. इससे बाल घने, चमकदार और स्वस्थ बने रहते हैं. कई लोग इसे डैंड्रफ कम करने के लिए भी इस्तेमाल करते हैं. हालांकि, पिपरमेंट ऑयल को सीधे त्वचा या सिर पर लगाने के बजाय नारियल या बादाम तेल में मिलाकर लगाना बेहतर होता है. किसी एलर्जी की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें. चेतावनी और सावधानियां: वैद्य मालती देवी बताती है कि पिपरमेंट स्वास्थ्य के लिए कई तरह से लाभकारी माना जाता है, लेकिन इसका उपयोग हमेशा सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. विशेषज्ञों के अनुसार, अधिक मात्रा में पिपरमेंट या पिपरमेंट ऑयल का सेवन करने से पेट में जलन, एसिडिटी और एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती है. कुछ लोगों को इसकी तेज खुशबू या तेल से त्वचा पर खुजली और जलन भी महसूस हो सकती है. खासतौर पर छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पिपरमेंट तेल का इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए. डॉक्टर की सलाह के बिना इसका अधिक उपयोग नुकसानदायक हो सकता है. इसके अलावा, जिन लोगों को अस्थमा या किसी प्रकार की एलर्जी की समस्या है, उन्हें भी पिपरमेंट का उपयोग सोच-समझकर करना चाहिए. किसी भी घरेलू उपाय की तरह इसका सेवन संतुलित मात्रा में ही फायदेमंद माना जाता है. यदि कोई परेशानी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. सिरदर्द और माइग्रेन में राहत: पिपरमेंट का तेल सिरदर्द और माइग्रेन की समस्या में काफी लाभकारी माना जाता है. वैद्य मालती देवी के अनुसार, माथे और कनपटियों पर हल्के हाथों से पिपरमेंट ऑयल लगाने से सिरदर्द में राहत मिल सकती है. इसमें मौजूद मेंथॉल ठंडक प्रदान करता है, जिससे सिर की नसों को आराम मिलता है और तनाव कम होता है. इसकी ठंडी तासीर रक्तसंचार को बेहतर बनाने में मदद करती है, जिससे दिमाग शांत महसूस करता है. कई लोग माइग्रेन के दौरान पिपरमेंट की खुशबू लेने से भी आराम महसूस करते हैं. इसके अलावा, यह मानसिक थकान और तनाव को कम करने में भी सहायक माना जाता है. हालांकि, पिपरमेंट ऑयल को सीधे त्वचा पर लगाने से पहले नारियल या बादाम तेल में मिलाकर उपयोग करना बेहतर होता है. यदि सिरदर्द लगातार बना रहे या अधिक गंभीर हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. लोकल 18 से बातचीत के दौरान वैद्य मालती देवी बताती है कि पिपरमेंट का वैज्ञानिक नाम Mentha piperita है. यह पौधा ठंडा और ताजगी भरा अनुभव देता है. इसके पत्तों में मेंथॉल नामक तत्व पाया जाता है, जो
इस पौधे की चाय का कमाल! नसों में जमा गंदा कोलेस्ट्रॉल करेगी साफ, किडनी को भी रखेगी हेल्दी

Last Updated:May 14, 2026, 08:19 IST Sidhi News: डॉ नरेंद्र पटेल ने लोकल 18 को बताया कि आयुर्वेद में पुनर्नवा का इस्तेमाल कई बीमारियों के इलाज में किया जाता है. यह खासतौर पर किडनी से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद मानी जाती है. इसके अलावा पीलिया, शरीर में सूजन और इंफ्लेमेटरी बीमारियों में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है. सीधी. मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में कई ऐसे औषधीय पौधे पाए जाते हैं, जिनका उपयोग सदियों से आयुर्वेद में किया जाता रहा है. इनमें से एक खास पौधा है पुनर्नवा, जिसे आयुर्वेद में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. प्राकृतिक रूप से उगने वाला यह पौधा किडनी से जुड़ी समस्याओं में खासतौर पर लाभकारी माना जाता है. सीधी के आयुष अधिकारी डॉ नरेंद्र पटेल ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि पुनर्नवा एक फैलने वाली औषधीय घास है, जो मुख्य रूप से नमी वाली जगहों पर पाई जाती है. गर्मियों में यह सूख जाती है लेकिन बारिश शुरू होते ही दोबारा हरी-भरी हो जाती है. इसी वजह से इसका नाम पुनर्नवा पड़ा, जिसका अर्थ होता है फिर से नया हो जाना. डॉ पटेल ने बताया कि आयुर्वेद में पुनर्नवा का उपयोग कई बीमारियों के उपचार में किया जाता है. यह खासतौर पर किडनी से जुड़ी समस्याओं में लाभकारी मानी जाती है. इसके अलावा जॉन्डिस, शरीर में सूजन और इंफ्लेमेटरी बीमारियों में भी इसका उपयोग किया जाता है. पुनर्नवा शरीर से अतिरिक्त पानी बाहर निकालने में मदद करती है. इसी कारण किडनी मरीजों में यह डायरेटिक की तरह काम करती है और सूजन कम करने में सहायक मानी जाती है. यह नसों में जमा गंदा कोलेस्ट्रॉल बाहर करने में मददगार है. चाय या काढ़े के रूप में सेवनपुनर्नवा का सेवन चाय या काढ़े के रूप में किया जा सकता है. इसके जड़, पत्तियों और तने को पानी में उबालकर छानने के बाद सेवन किया जाता है. नियमित और संतुलित मात्रा में इसका सेवन शरीर को कई तरह के लाभ पहुंचा सकता है. हालांकि बच्चों में इसके उपयोग को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है. एनीमिया और सूजन की समस्या में उपयोगीडॉ नरेंद्र पटेल के अनुसार, पुनर्नवा को लौह भस्म यानी आयरन के साथ मिलाकर पुनर्नवा मंडूर तैयार किया जाता है. यह आयुर्वेदिक औषधि एनीमिया और सूजन की समस्या में काफी उपयोगी मानी जाती है. यदि इसे आंवला जैसे विटामिन सी युक्त पदार्थों के साथ लिया जाए, तो शरीर में आयरन का अवशोषण बेहतर होता है. खास बात यह है कि एलोपैथिक आयरन दवाओं की तुलना में इससे पेट संबंधी समस्याएं कम होती हैं. आयुर्वेद विशेषज्ञ इसे गर्भावस्था में भी सुरक्षित मानते हैं. About the Author Rahul Singh राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Sidhi,Madhya Pradesh
तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ में नजर आएंगे करण वाही:बोले- शो ने कुत्तों का डर खत्म किया, बताया जिंदगी का सबसे रिस्क क्या था?

टीवी एक्टर और होस्ट करण वाही एक बार फिर ‘खतरों के खिलाड़ी’ में नजर आएंगे। करण इससे पहले सीजन 8 और ‘खतरों के खिलाड़ी: मेड इन इंडिया’ का हिस्सा रह चुके हैं। अब वह तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में दिखाई देंगे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में करण ने बताया कि यह शो सिर्फ एक रियलिटी शो नहीं, बल्कि जिंदगी बदल देने वाला एक्सपीरियंस है। सवाल: तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ में जा रहे हैं। शो को लेकर कितना एक्साइटमेंट है? जवाब: शो की बात करें तो पुराना शो भी बहुत डरावना था। अब नया शो कितना डरावना होगा, ये तो हमें भी नहीं पता क्योंकि उन्होंने ज्यादा बताया नहीं है, लेकिन मैं खुद को बहुत लकी मानता हूं कि मुझे तीसरी बार यह शो करने का मौका मिल रहा है। जितना ज्यादा डर लगेगा, उतना ज्यादा मजा आएगा। अब बस उस पल का इंतजार है जब हम केपटाउन जाएंगे और रोहित सर के साथ फिर वही सफर शुरू होगा। सवाल: जब तीसरी बार शो का ऑफर आया, तब पहला रिएक्शन क्या था? जवाब: मेरा पहला रिएक्शन सीधा ‘हां’ था क्योंकि यह शो सिर्फ शो नहीं है, एक एक्सपीरियंस है। यहां आपके कॉम्पिटिटर्स भी आपको चीयर करते हैं। अगर आप जीतते हैं तो सामने वाला हार जाएगा, लेकिन फिर भी वो आपके लिए उतना ही चीयर करेगा जितना खुद के लिए करते हैं। आज के समय में ऐसा शो दूसरा नहीं है। यहां आपको वो सब करने का मौका मिलता है, जो हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में कभी नहीं करते। हम घर पर रह सकते हैं, फोन दूर रख सकते हैं, टीवी नहीं देख सकते, डांस या गाना गा सकते हैं, लेकिन असली जिंदगी में हम चूहों के बीच नहीं बैठते, 100 मंजिला इमारत से नहीं लटकते और ना ही ऐसी खतरनाक छलांग लगाते हैं। अगर आपको ये सब दोबारा करने का मौका मिले, तो डर जरूर लगता है। सवाल: पहली और दूसरी बार शो करने के दौरान सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: पहली बार तो मुझे कई चीजों से डर लगता था, लेकिन सबसे बड़ा फोबिया जानवरों का था, खासकर डॉग्स का। ‘खतरों के खिलाड़ी’ के बाद वो डर पूरी तरह खत्म हो गया और आज मेरे घर में खुद का डॉग है। दूसरी बार भी हाइट का डर था और सच कहूं तो वह आज भी है, लेकिन यह शो आपको सिखाता है कि ‘माइंड ओवर मैटर’ क्या होता है। सवाल: क्या डर कभी पूरी तरह खत्म हो जाता है? जवाब: नहीं। यह शो हमेशा आपके सामने एक नया डर ले आता है। अगर कुत्तों का डर खत्म हुआ, तो अब वो शेर या चीता ले आएंगे, लेकिन यही इस शो की खूबसूरती है कि आप खुद को हर बार नए तरीके से टेस्ट करते हैं। सवाल: असल जिंदगी में करियर की शुरुआत के दौरान सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: अगर डर को जनरल सेंस में देखें, तो डर आज भी है। छोटी-छोटी चीजों का डर रहता है। पहले मुझे अपने पैरेंट्स से डर लगता था, पढ़ाई से डर लगता था, लेकिन अगर काम की बात करूं, तो 20-22 साल पहले दुनिया भी बहुत अलग थी। उस वक्त इंसान बहुत फियरलेस होता है। आप दुनिया के बारे में ज्यादा नहीं सोचते। बस नाम कमाना होता है। लगता है कि सब कर लेंगे, कुछ भी कर लेंगे। उस समय शायद डर कम था, मैं थोड़ा ज्यादा फियरलेस था। अब मैं इसे डर नहीं कहूंगा, लेकिन अब चीजों के बारे में ज्यादा सोचता हूं। ये हर इंसान के साथ होता है। पहले बस यही सोच होती थी कि काम आ रहा है, कुछ भी करो लेकिन काम करो। अब बस यही उम्मीद रहती है कि इतने सालों से लोगों ने मुझे जो प्यार दिया है, वो आगे भी मिलता रहे। मैंने 20-22 साल काम किया है, तो अगर अगले 20-22 साल भी उसी दिल से काम कर पाऊं, वही प्यार और सम्मान मिलता रहे, तो उससे बड़ी बात कुछ नहीं होगी। सवाल: आप अपनी फिटनेस और लाइफस्टाइल को लेकर कितना डिसिप्लिन फॉलो करते हैं? आपका फिटनेस रूटीन कैसा है? जवाब: मुझे लगता है यह एक एम्बेडेड डिसिप्लिन है। फिटनेस सिर्फ एक्टर्स के लिए जरूरी नहीं है, बल्कि एक अच्छी जिंदगी जीने के लिए जरूरी है। अच्छा खाना, वर्कआउट, साफ-सुथरी लाइफस्टाइल और शायद थोड़ी अच्छी जेनेटिक्स भी। यह सब पैरेंट्स की वजह से है। सवाल: मेंटल पीस और मेंटल फिटनेस कैसे बनाए रखते हैं? जवाब: पहले मैं बहुत एक्सटर्नल वैलिडेशन ढूंढता था। कौन क्या सोचता है, सोशल मीडिया पर किसने क्या लिखा। लेकिन अब मैंने यह सब छोड़ दिया है। अब मैं सिर्फ यह सोचता हूं कि मैं खुद अपने बारे में क्या सोचता हूं। मेरे एक्शन मेरे शब्दों से कितना मैच करते हैं। वही मुझे शांति देता है। सवाल: आपने स्पिरिचुअलिटी की तरफ भी काफी झुकाव दिखाया है? जवाब: स्पिरिचुअलिटी कोई बहुत बड़ी या अलग चीज नहीं है। मैं पहले भी स्पिरिचुअल था, बस अब खुद के साथ ज्यादा अलाइन्ड हूं। जैसे-जैसे आप बड़े होते हैं, आपकी चाहतें बदलती हैं और आप खुद को ज्यादा समझने लगते हैं। मेरे लिए स्पिरिचुअलिटी का मतलब बस खुद के साथ ईमानदार होना है। सवाल: इस बार के कंटेस्टेंट्स को कैसे देखते हैं? जवाब: मेरे लिए यह शो हमेशा एक बहुत बड़ा सपोर्ट सिस्टम रहा है। ऋत्विक धनजानी मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं और उनकी एनर्जी ऐसी है कि आप उनके आसपास कभी उदास नहीं रह सकते। हम बहुत मस्ती करते हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि इस बार भी हम फिनाले तक साथ पहुंचे और फिर वहीं मुकाबला हो। सवाल: जिंदगी का सबसे बड़ा रिस्क क्या लिया? जवाब: मुंबई आना। सवाल: सबसे खतरनाक अफवाह कौन सी लगी? जवाब: कि मैंने स्पिरिचुअल बनने के बाद काम छोड़ दिया है। सवाल: किसी कंटेस्टेंट के साथ बिना फोन के कहीं रुकना हो, तो कौन होगा? जवाब: ऋत्विक और वो किसी और को होने भी नहीं देगा। सवाल: आखिर में फैंस के लिए क्या कहना चाहेंगे? जवाब: मैं बस यही कहना चाहता हूं कि ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ जरूर देखिए। आपने इतने सालों से हमें बहुत प्यार दिया है, बस वही प्यार बनाए रखिए। और जो नई ऑडियंस है, जिन्होंने शायद
तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ में नजर आएंगे करण वाही:बोले- शो ने कुत्तों का डर खत्म किया, बताया जिंदगी का सबसे रिस्क क्या था?

टीवी एक्टर और होस्ट करण वाही एक बार फिर ‘खतरों के खिलाड़ी’ में नजर आएंगे। करण इससे पहले सीजन 8 और ‘खतरों के खिलाड़ी: मेड इन इंडिया’ का हिस्सा रह चुके हैं। अब वह तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में दिखाई देंगे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में करण ने बताया कि यह शो सिर्फ एक रियलिटी शो नहीं, बल्कि जिंदगी बदल देने वाला एक्सपीरियंस है। सवाल: तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ में जा रहे हैं। शो को लेकर कितना एक्साइटमेंट है? जवाब: शो की बात करें तो पुराना शो भी बहुत डरावना था। अब नया शो कितना डरावना होगा, ये तो हमें भी नहीं पता क्योंकि उन्होंने ज्यादा बताया नहीं है, लेकिन मैं खुद को बहुत लकी मानता हूं कि मुझे तीसरी बार यह शो करने का मौका मिल रहा है। जितना ज्यादा डर लगेगा, उतना ज्यादा मजा आएगा। अब बस उस पल का इंतजार है जब हम केपटाउन जाएंगे और रोहित सर के साथ फिर वही सफर शुरू होगा। सवाल: जब तीसरी बार शो का ऑफर आया, तब पहला रिएक्शन क्या था? जवाब: मेरा पहला रिएक्शन सीधा ‘हां’ था क्योंकि यह शो सिर्फ शो नहीं है, एक एक्सपीरियंस है। यहां आपके कॉम्पिटिटर्स भी आपको चीयर करते हैं। अगर आप जीतते हैं तो सामने वाला हार जाएगा, लेकिन फिर भी वो आपके लिए उतना ही चीयर करेगा जितना खुद के लिए करते हैं। आज के समय में ऐसा शो दूसरा नहीं है। यहां आपको वो सब करने का मौका मिलता है, जो हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में कभी नहीं करते। हम घर पर रह सकते हैं, फोन दूर रख सकते हैं, टीवी नहीं देख सकते, डांस या गाना गा सकते हैं, लेकिन असली जिंदगी में हम चूहों के बीच नहीं बैठते, 100 मंजिला इमारत से नहीं लटकते और ना ही ऐसी खतरनाक छलांग लगाते हैं। अगर आपको ये सब दोबारा करने का मौका मिले, तो डर जरूर लगता है। सवाल: पहली और दूसरी बार शो करने के दौरान सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: पहली बार तो मुझे कई चीजों से डर लगता था, लेकिन सबसे बड़ा फोबिया जानवरों का था, खासकर डॉग्स का। ‘खतरों के खिलाड़ी’ के बाद वो डर पूरी तरह खत्म हो गया और आज मेरे घर में खुद का डॉग है। दूसरी बार भी हाइट का डर था और सच कहूं तो वह आज भी है, लेकिन यह शो आपको सिखाता है कि ‘माइंड ओवर मैटर’ क्या होता है। सवाल: क्या डर कभी पूरी तरह खत्म हो जाता है? जवाब: नहीं। यह शो हमेशा आपके सामने एक नया डर ले आता है। अगर कुत्तों का डर खत्म हुआ, तो अब वो शेर या चीता ले आएंगे, लेकिन यही इस शो की खूबसूरती है कि आप खुद को हर बार नए तरीके से टेस्ट करते हैं। सवाल: असल जिंदगी में करियर की शुरुआत के दौरान सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: अगर डर को जनरल सेंस में देखें, तो डर आज भी है। छोटी-छोटी चीजों का डर रहता है। पहले मुझे अपने पैरेंट्स से डर लगता था, पढ़ाई से डर लगता था, लेकिन अगर काम की बात करूं, तो 20-22 साल पहले दुनिया भी बहुत अलग थी। उस वक्त इंसान बहुत फियरलेस होता है। आप दुनिया के बारे में ज्यादा नहीं सोचते। बस नाम कमाना होता है। लगता है कि सब कर लेंगे, कुछ भी कर लेंगे। उस समय शायद डर कम था, मैं थोड़ा ज्यादा फियरलेस था। अब मैं इसे डर नहीं कहूंगा, लेकिन अब चीजों के बारे में ज्यादा सोचता हूं। ये हर इंसान के साथ होता है। पहले बस यही सोच होती थी कि काम आ रहा है, कुछ भी करो लेकिन काम करो। अब बस यही उम्मीद रहती है कि इतने सालों से लोगों ने मुझे जो प्यार दिया है, वो आगे भी मिलता रहे। मैंने 20-22 साल काम किया है, तो अगर अगले 20-22 साल भी उसी दिल से काम कर पाऊं, वही प्यार और सम्मान मिलता रहे, तो उससे बड़ी बात कुछ नहीं होगी। सवाल: आप अपनी फिटनेस और लाइफस्टाइल को लेकर कितना डिसिप्लिन फॉलो करते हैं? आपका फिटनेस रूटीन कैसा है? जवाब: मुझे लगता है यह एक एम्बेडेड डिसिप्लिन है। फिटनेस सिर्फ एक्टर्स के लिए जरूरी नहीं है, बल्कि एक अच्छी जिंदगी जीने के लिए जरूरी है। अच्छा खाना, वर्कआउट, साफ-सुथरी लाइफस्टाइल और शायद थोड़ी अच्छी जेनेटिक्स भी। यह सब पैरेंट्स की वजह से है। सवाल: मेंटल पीस और मेंटल फिटनेस कैसे बनाए रखते हैं? जवाब: पहले मैं बहुत एक्सटर्नल वैलिडेशन ढूंढता था। कौन क्या सोचता है, सोशल मीडिया पर किसने क्या लिखा। लेकिन अब मैंने यह सब छोड़ दिया है। अब मैं सिर्फ यह सोचता हूं कि मैं खुद अपने बारे में क्या सोचता हूं। मेरे एक्शन मेरे शब्दों से कितना मैच करते हैं। वही मुझे शांति देता है। सवाल: आपने स्पिरिचुअलिटी की तरफ भी काफी झुकाव दिखाया है? जवाब: स्पिरिचुअलिटी कोई बहुत बड़ी या अलग चीज नहीं है। मैं पहले भी स्पिरिचुअल था, बस अब खुद के साथ ज्यादा अलाइन्ड हूं। जैसे-जैसे आप बड़े होते हैं, आपकी चाहतें बदलती हैं और आप खुद को ज्यादा समझने लगते हैं। मेरे लिए स्पिरिचुअलिटी का मतलब बस खुद के साथ ईमानदार होना है। सवाल: इस बार के कंटेस्टेंट्स को कैसे देखते हैं? जवाब: मेरे लिए यह शो हमेशा एक बहुत बड़ा सपोर्ट सिस्टम रहा है। ऋत्विक धनजानी मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं और उनकी एनर्जी ऐसी है कि आप उनके आसपास कभी उदास नहीं रह सकते। हम बहुत मस्ती करते हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि इस बार भी हम फिनाले तक साथ पहुंचे और फिर वहीं मुकाबला हो। सवाल: जिंदगी का सबसे बड़ा रिस्क क्या लिया? जवाब: मुंबई आना। सवाल: सबसे खतरनाक अफवाह कौन सी लगी? जवाब: कि मैंने स्पिरिचुअल बनने के बाद काम छोड़ दिया है। सवाल: किसी कंटेस्टेंट के साथ बिना फोन के कहीं रुकना हो, तो कौन होगा? जवाब: ऋत्विक और वो किसी और को होने भी नहीं देगा। सवाल: आखिर में फैंस के लिए क्या कहना चाहेंगे? जवाब: मैं बस यही कहना चाहता हूं कि ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ जरूर देखिए। आपने इतने सालों से हमें बहुत प्यार दिया है, बस वही प्यार बनाए रखिए। और जो नई ऑडियंस है, जिन्होंने शायद









