Wednesday, 08 Jul 2026 | 09:01 AM

Trending :

EXCLUSIVE

सेहत का सच्चा दोस्त है ये हरा पत्ता, एक नहीं सेवन से मिलेंगे अनेकों फायदे; तेल से लेकर चटनी तक में उपयोगी

ask search icon

Last Updated:

Benefits of Peppermint: पिपरमेंट सिर्फ एक स्वादिष्ट हर्बल पौधा नहीं है, बल्कि यह आयुर्वेद में कई बीमारियों के लिए प्राकृतिक इलाज का काम करता है. चाहे यह पाचन की समस्या हो, सिरदर्द, तनाव, सर्दी या त्वचा की समस्या, पुदीना, विटामिन सी, विटामिन ए और विटामिन बी कॉम्प्लेक्स जैसे गुणों से भरपूर होता है. पुदीने में ऐसे गुण मौजूद होते है. जिसके सेवन से आपको तुरंत ताजगी भरा महसूस होता है. पुदीने का इस्तेमाल अमूमन गर्मियों में इसलिए किया जाता है क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती है. पुदीना बेहतर पाचन को बढ़ावा देता है, मितली को रोकता है, सांस की समस्याओं, अवसाद-थकान को दूर करने में मदद करता है. पिपरमेंट के पत्ते और तेल बहुत उपयोगी हैं. रोजमर्रा की जिंदगी में पिपरमेंट को शामिल करना हमारे स्वास्थ्य के लिए एक सरल और प्राकृतिक तरीका है.

मानसिक स्वास्थ्य में सुधार: पिपरमेंट मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी काफी उपयोगी माना जाता है. इसकी ताजा और ठंडी खुशबू मन को शांत करने में मदद करती है. जिससे तनाव और चिंता कम महसूस होती है. विशेषज्ञों के अनुसार, पिपरमेंट में मौजूद मेंथॉल दिमाग को ताजगी देता है और मानसिक थकान दूर करने में सहायक होता है. कई लोग काम के दौरान ध्यान केंद्रित करने और ऊर्जा बढ़ाने के लिए पिपरमेंट ऑयल या इसकी खुशबू का इस्तेमाल करते है. इसकी सुगंध मूड को बेहतर बनाने और नींद की गुणवत्ता सुधारने में भी मददगार मानी जाती है. अरोमाथेरेपी में भी पिपरमेंट का उपयोग मानसिक शांति के लिए किया जाता है. पिपरमेंट की चाय पीने से शरीर और मन दोनों को आराम मिल सकता है. हालांकि, अत्यधिक उपयोग से बचना चाहिए और किसी गंभीर मानसिक समस्या में विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है.

पिपरमेंट

पिपरमेंट, जिसे आम भाषा में मेंथा के नाम से जाना जाता है, एक छोटा सा हरा-पत्ता वाला पौधा है. लेकिन इसके औषधीय गुण बहुत बड़े है. यह न केवल खाने में स्वाद बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होता है, बल्कि आयुर्वेद में इसे कई बीमारियों के इलाज के लिए भी महत्व दिया गया है. आज हम जानेंगे कि पिपरमेंट हमारे स्वास्थ्य के लिए क्यों फायदेमंद है और इसे रोजमर्रा की जिंदगी में कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है.

पिपरमेंट

पाचन सुधारने में मददगार: पिपरमेंट के पत्ते स्वास्थ्य के लिए कई तरह से लाभकारी माने जाते है. खासकर पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में. वैद्य मालती देवी के अनुसार, भोजन के बाद पिपरमेंट के ताजे पत्ते चबाने या इसकी चाय पीने से पेट संबंधी समस्याओं में राहत मिल सकती है. यह गैस, अपच और कब्ज जैसी दिक्कतों को कम करने में मदद करता है. पिपरमेंट में मौजूद प्राकृतिक तत्व पेट की मांसपेशियों को आराम देते हैं, जिससे भोजन तेजी से पचता है और पेट हल्का महसूस होता है. इसके अलावा, इसकी ताजगी भरी खुशबू मुंह की दुर्गंध दूर करने में भी सहायक होती है. नियमित और संतुलित मात्रा में पिपरमेंट का सेवन करने से पाचन क्रिया मजबूत बनी रहती है. हालांकि, किसी भी स्वास्थ्य समस्या में इसका उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर माना जाता है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

पिपरमेंट

त्वचा और बालों के लिए लाभकारी: पिपरमेंट का तेल त्वचा और बालों की देखभाल के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद प्राकृतिक गुण त्वचा की जलन, खुजली और लालिमा को कम करने में मदद करते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, पिपरमेंट ऑयल का सही मात्रा में उपयोग करने से मुंहासे और दाने कम हो सकते हैं, क्योंकि इसमें एंटीबैक्टीरियल तत्व पाए जाते हैं. यह त्वचा को ठंडक पहुंचाकर ताजगी का एहसास भी कराता है. वहीं, बालों की जड़ों में पिपरमेंट तेल से हल्की मालिश करने से रक्तसंचार बेहतर होता है, जिससे बालों को पोषण मिलता है और उनकी जड़ें मजबूत होती हैं. इससे बाल घने, चमकदार और स्वस्थ बने रहते हैं. कई लोग इसे डैंड्रफ कम करने के लिए भी इस्तेमाल करते हैं. हालांकि, पिपरमेंट ऑयल को सीधे त्वचा या सिर पर लगाने के बजाय नारियल या बादाम तेल में मिलाकर लगाना बेहतर होता है. किसी एलर्जी की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

पिपरमेंट

चेतावनी और सावधानियां: वैद्य मालती देवी बताती है कि पिपरमेंट स्वास्थ्य के लिए कई तरह से लाभकारी माना जाता है, लेकिन इसका उपयोग हमेशा सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. विशेषज्ञों के अनुसार, अधिक मात्रा में पिपरमेंट या पिपरमेंट ऑयल का सेवन करने से पेट में जलन, एसिडिटी और एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती है. कुछ लोगों को इसकी तेज खुशबू या तेल से त्वचा पर खुजली और जलन भी महसूस हो सकती है. खासतौर पर छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पिपरमेंट तेल का इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए. डॉक्टर की सलाह के बिना इसका अधिक उपयोग नुकसानदायक हो सकता है. इसके अलावा, जिन लोगों को अस्थमा या किसी प्रकार की एलर्जी की समस्या है, उन्हें भी पिपरमेंट का उपयोग सोच-समझकर करना चाहिए. किसी भी घरेलू उपाय की तरह इसका सेवन संतुलित मात्रा में ही फायदेमंद माना जाता है. यदि कोई परेशानी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

पिपरमेंट

सिरदर्द और माइग्रेन में राहत: पिपरमेंट का तेल सिरदर्द और माइग्रेन की समस्या में काफी लाभकारी माना जाता है. वैद्य मालती देवी के अनुसार, माथे और कनपटियों पर हल्के हाथों से पिपरमेंट ऑयल लगाने से सिरदर्द में राहत मिल सकती है. इसमें मौजूद मेंथॉल ठंडक प्रदान करता है, जिससे सिर की नसों को आराम मिलता है और तनाव कम होता है. इसकी ठंडी तासीर रक्तसंचार को बेहतर बनाने में मदद करती है, जिससे दिमाग शांत महसूस करता है. कई लोग माइग्रेन के दौरान पिपरमेंट की खुशबू लेने से भी आराम महसूस करते हैं. इसके अलावा, यह मानसिक थकान और तनाव को कम करने में भी सहायक माना जाता है. हालांकि, पिपरमेंट ऑयल को सीधे त्वचा पर लगाने से पहले नारियल या बादाम तेल में मिलाकर उपयोग करना बेहतर होता है. यदि सिरदर्द लगातार बना रहे या अधिक गंभीर हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.

पिपरमेंट

लोकल 18 से बातचीत के दौरान वैद्य मालती देवी बताती है कि पिपरमेंट का वैज्ञानिक नाम Mentha piperita है. यह पौधा ठंडा और ताजगी भरा अनुभव देता है. इसके पत्तों में मेंथॉल नामक तत्व पाया जाता है, जो इसका खास गुण है. इसका स्वाद हल्का मीठा और ठंडा लगता है. पिपरमेंट की खुशबू ही इसे खास बनाती है और यह शरीर और मन दोनों को ताज़गी देता है.
मालती देवी बताती हैं कि आयुर्वेद में पिपरमेंट को पेट, दिमाग और त्वचा की समस्याओं में बहुत उपयोगी माना गया है. आयुर्वेद के अनुसार, पिपरमेंट वात और कफ दोष को संतुलित करने में मदद करता है. इसके नियमित सेवन से शरीर की गर्मी नियंत्रित रहती है और पाचन तंत्र सही रहता है. पिपरमेंट का तेल और पत्ते दोनों ही औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं.

पिपरमेंट

सर्दी, खांसी और गले की तकलीफ में फायदेमंद: पिपरमेंट सर्दी, खांसी और गले की समस्याओं में राहत देने वाला प्राकृतिक उपाय माना जाता है. इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं. वैद्य मालती देवी ने बताया कि पिपरमेंट की पत्तियों को चाय या गर्म पानी में मिलाकर पीने से सर्दी और खांसी में आराम मिल सकता है. इसमें पाया जाने वाला मेंथॉल गले को ठंडक पहुंचाता है और खराश कम करने में सहायक होता है. साथ ही यह सांस की नली को साफ करने में मदद करता है, जिससे बंद नाक और सांस लेने में होने वाली परेशानी कम हो सकती है. पिपरमेंट की भाप लेना भी फायदेमंद माना जाता है. इसकी ताजगी भरी खुशबू शरीर और दिमाग को राहत देती है. हालांकि, लंबे समय तक खांसी, बुखार या सांस लेने में दिक्कत होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Follow LSG vs KKR live.

April 26, 2026/
10:53 pm

आखरी अपडेट:26 अप्रैल, 2026, 22:53 IST एनसीएससी ने टिप्पणियों को “न केवल आपत्तिजनक बल्कि एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा...

Josh Hazlewood celebrate with teammates the wicket of Delhi Capitals' KL Rahul (Picture credit: AP)

April 27, 2026/
9:04 pm

आखरी अपडेट:27 अप्रैल, 2026, 21:04 IST राजनीतिक दिग्गजों ने 29 अप्रैल को होने वाले चुनाव के लिए मतदाताओं से अपनी...

आपका पैसा- होम लोन और होम लोन इंश्योरेंस में फर्क:क्या इंश्योरेंस लेना जरूरी है, फाइनेंशियल एक्सपर्ट से जानें इसके फायदे और नुकसान

April 25, 2026/
4:30 am

हर किसी का सपना होता है कि उसका अपना एक सुंदर घर हो। कई लोग इस सपने को पूरा करने...

यौन उत्पीड़न मामले में मलयालम फिल्म निर्देशक हिरासत में:एक्ट्रेस ने रंजीत बालकृष्णन पर आरोप लगाए, पुलिस जांच में जुटी

April 4, 2026/
4:05 pm

मशहूर मलयालम फिल्म निर्देशक रंजीत बालकृष्णन को यौन उत्पीड़न के आरोपों में तीन दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज...

बंगाल में बीजेपी कार्यकर्ताओं के काफिले पर टीएमसी सोला का हमला, एक बीजेपी कार्यकर्ता अस्पताल में भर्ती

April 1, 2026/
8:31 am

पश्चिम बंगाल के कुमकुम, बिहार के दक्षिण जिला क्षेत्र के केशरीबारी इलाके में मंगलवार (31 मार्च) को भाजपा प्रत्याशी के...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

सेहत का सच्चा दोस्त है ये हरा पत्ता, एक नहीं सेवन से मिलेंगे अनेकों फायदे; तेल से लेकर चटनी तक में उपयोगी

ask search icon

Last Updated:

Benefits of Peppermint: पिपरमेंट सिर्फ एक स्वादिष्ट हर्बल पौधा नहीं है, बल्कि यह आयुर्वेद में कई बीमारियों के लिए प्राकृतिक इलाज का काम करता है. चाहे यह पाचन की समस्या हो, सिरदर्द, तनाव, सर्दी या त्वचा की समस्या, पुदीना, विटामिन सी, विटामिन ए और विटामिन बी कॉम्प्लेक्स जैसे गुणों से भरपूर होता है. पुदीने में ऐसे गुण मौजूद होते है. जिसके सेवन से आपको तुरंत ताजगी भरा महसूस होता है. पुदीने का इस्तेमाल अमूमन गर्मियों में इसलिए किया जाता है क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती है. पुदीना बेहतर पाचन को बढ़ावा देता है, मितली को रोकता है, सांस की समस्याओं, अवसाद-थकान को दूर करने में मदद करता है. पिपरमेंट के पत्ते और तेल बहुत उपयोगी हैं. रोजमर्रा की जिंदगी में पिपरमेंट को शामिल करना हमारे स्वास्थ्य के लिए एक सरल और प्राकृतिक तरीका है.

मानसिक स्वास्थ्य में सुधार: पिपरमेंट मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी काफी उपयोगी माना जाता है. इसकी ताजा और ठंडी खुशबू मन को शांत करने में मदद करती है. जिससे तनाव और चिंता कम महसूस होती है. विशेषज्ञों के अनुसार, पिपरमेंट में मौजूद मेंथॉल दिमाग को ताजगी देता है और मानसिक थकान दूर करने में सहायक होता है. कई लोग काम के दौरान ध्यान केंद्रित करने और ऊर्जा बढ़ाने के लिए पिपरमेंट ऑयल या इसकी खुशबू का इस्तेमाल करते है. इसकी सुगंध मूड को बेहतर बनाने और नींद की गुणवत्ता सुधारने में भी मददगार मानी जाती है. अरोमाथेरेपी में भी पिपरमेंट का उपयोग मानसिक शांति के लिए किया जाता है. पिपरमेंट की चाय पीने से शरीर और मन दोनों को आराम मिल सकता है. हालांकि, अत्यधिक उपयोग से बचना चाहिए और किसी गंभीर मानसिक समस्या में विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है.

पिपरमेंट

पिपरमेंट, जिसे आम भाषा में मेंथा के नाम से जाना जाता है, एक छोटा सा हरा-पत्ता वाला पौधा है. लेकिन इसके औषधीय गुण बहुत बड़े है. यह न केवल खाने में स्वाद बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होता है, बल्कि आयुर्वेद में इसे कई बीमारियों के इलाज के लिए भी महत्व दिया गया है. आज हम जानेंगे कि पिपरमेंट हमारे स्वास्थ्य के लिए क्यों फायदेमंद है और इसे रोजमर्रा की जिंदगी में कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है.

पिपरमेंट

पाचन सुधारने में मददगार: पिपरमेंट के पत्ते स्वास्थ्य के लिए कई तरह से लाभकारी माने जाते है. खासकर पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में. वैद्य मालती देवी के अनुसार, भोजन के बाद पिपरमेंट के ताजे पत्ते चबाने या इसकी चाय पीने से पेट संबंधी समस्याओं में राहत मिल सकती है. यह गैस, अपच और कब्ज जैसी दिक्कतों को कम करने में मदद करता है. पिपरमेंट में मौजूद प्राकृतिक तत्व पेट की मांसपेशियों को आराम देते हैं, जिससे भोजन तेजी से पचता है और पेट हल्का महसूस होता है. इसके अलावा, इसकी ताजगी भरी खुशबू मुंह की दुर्गंध दूर करने में भी सहायक होती है. नियमित और संतुलित मात्रा में पिपरमेंट का सेवन करने से पाचन क्रिया मजबूत बनी रहती है. हालांकि, किसी भी स्वास्थ्य समस्या में इसका उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर माना जाता है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

पिपरमेंट

त्वचा और बालों के लिए लाभकारी: पिपरमेंट का तेल त्वचा और बालों की देखभाल के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद प्राकृतिक गुण त्वचा की जलन, खुजली और लालिमा को कम करने में मदद करते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, पिपरमेंट ऑयल का सही मात्रा में उपयोग करने से मुंहासे और दाने कम हो सकते हैं, क्योंकि इसमें एंटीबैक्टीरियल तत्व पाए जाते हैं. यह त्वचा को ठंडक पहुंचाकर ताजगी का एहसास भी कराता है. वहीं, बालों की जड़ों में पिपरमेंट तेल से हल्की मालिश करने से रक्तसंचार बेहतर होता है, जिससे बालों को पोषण मिलता है और उनकी जड़ें मजबूत होती हैं. इससे बाल घने, चमकदार और स्वस्थ बने रहते हैं. कई लोग इसे डैंड्रफ कम करने के लिए भी इस्तेमाल करते हैं. हालांकि, पिपरमेंट ऑयल को सीधे त्वचा या सिर पर लगाने के बजाय नारियल या बादाम तेल में मिलाकर लगाना बेहतर होता है. किसी एलर्जी की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

पिपरमेंट

चेतावनी और सावधानियां: वैद्य मालती देवी बताती है कि पिपरमेंट स्वास्थ्य के लिए कई तरह से लाभकारी माना जाता है, लेकिन इसका उपयोग हमेशा सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. विशेषज्ञों के अनुसार, अधिक मात्रा में पिपरमेंट या पिपरमेंट ऑयल का सेवन करने से पेट में जलन, एसिडिटी और एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती है. कुछ लोगों को इसकी तेज खुशबू या तेल से त्वचा पर खुजली और जलन भी महसूस हो सकती है. खासतौर पर छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पिपरमेंट तेल का इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए. डॉक्टर की सलाह के बिना इसका अधिक उपयोग नुकसानदायक हो सकता है. इसके अलावा, जिन लोगों को अस्थमा या किसी प्रकार की एलर्जी की समस्या है, उन्हें भी पिपरमेंट का उपयोग सोच-समझकर करना चाहिए. किसी भी घरेलू उपाय की तरह इसका सेवन संतुलित मात्रा में ही फायदेमंद माना जाता है. यदि कोई परेशानी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

पिपरमेंट

सिरदर्द और माइग्रेन में राहत: पिपरमेंट का तेल सिरदर्द और माइग्रेन की समस्या में काफी लाभकारी माना जाता है. वैद्य मालती देवी के अनुसार, माथे और कनपटियों पर हल्के हाथों से पिपरमेंट ऑयल लगाने से सिरदर्द में राहत मिल सकती है. इसमें मौजूद मेंथॉल ठंडक प्रदान करता है, जिससे सिर की नसों को आराम मिलता है और तनाव कम होता है. इसकी ठंडी तासीर रक्तसंचार को बेहतर बनाने में मदद करती है, जिससे दिमाग शांत महसूस करता है. कई लोग माइग्रेन के दौरान पिपरमेंट की खुशबू लेने से भी आराम महसूस करते हैं. इसके अलावा, यह मानसिक थकान और तनाव को कम करने में भी सहायक माना जाता है. हालांकि, पिपरमेंट ऑयल को सीधे त्वचा पर लगाने से पहले नारियल या बादाम तेल में मिलाकर उपयोग करना बेहतर होता है. यदि सिरदर्द लगातार बना रहे या अधिक गंभीर हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.

पिपरमेंट

लोकल 18 से बातचीत के दौरान वैद्य मालती देवी बताती है कि पिपरमेंट का वैज्ञानिक नाम Mentha piperita है. यह पौधा ठंडा और ताजगी भरा अनुभव देता है. इसके पत्तों में मेंथॉल नामक तत्व पाया जाता है, जो इसका खास गुण है. इसका स्वाद हल्का मीठा और ठंडा लगता है. पिपरमेंट की खुशबू ही इसे खास बनाती है और यह शरीर और मन दोनों को ताज़गी देता है.
मालती देवी बताती हैं कि आयुर्वेद में पिपरमेंट को पेट, दिमाग और त्वचा की समस्याओं में बहुत उपयोगी माना गया है. आयुर्वेद के अनुसार, पिपरमेंट वात और कफ दोष को संतुलित करने में मदद करता है. इसके नियमित सेवन से शरीर की गर्मी नियंत्रित रहती है और पाचन तंत्र सही रहता है. पिपरमेंट का तेल और पत्ते दोनों ही औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं.

पिपरमेंट

सर्दी, खांसी और गले की तकलीफ में फायदेमंद: पिपरमेंट सर्दी, खांसी और गले की समस्याओं में राहत देने वाला प्राकृतिक उपाय माना जाता है. इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं. वैद्य मालती देवी ने बताया कि पिपरमेंट की पत्तियों को चाय या गर्म पानी में मिलाकर पीने से सर्दी और खांसी में आराम मिल सकता है. इसमें पाया जाने वाला मेंथॉल गले को ठंडक पहुंचाता है और खराश कम करने में सहायक होता है. साथ ही यह सांस की नली को साफ करने में मदद करता है, जिससे बंद नाक और सांस लेने में होने वाली परेशानी कम हो सकती है. पिपरमेंट की भाप लेना भी फायदेमंद माना जाता है. इसकी ताजगी भरी खुशबू शरीर और दिमाग को राहत देती है. हालांकि, लंबे समय तक खांसी, बुखार या सांस लेने में दिक्कत होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.