Tuesday, 01 Sep 2026 | 06:10 AM

Trending :

EXCLUSIVE

इंपैक्ट फीचर:जेईई-एडवांस्ड 2026 में एलन का ऐतिहासिक कीर्तिमान, एलन के क्लासरूम स्टूडेंट शुभम ऑल इंडिया टॉपर, टॉप-10 में एलन क्लासरूम से 6 स्टूडेंट

इंपैक्ट फीचर:जेईई-एडवांस्ड 2026 में एलन का ऐतिहासिक कीर्तिमान, एलन के क्लासरूम स्टूडेंट शुभम ऑल इंडिया टॉपर, टॉप-10 में एलन क्लासरूम से 6 स्टूडेंट

जेईई-एडवांस्ड 2026 रिजल्ट्स में एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट कोटा ने लगातार तीसरे वर्ष ऑल इंडिया रैंक-1 देकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इन रिजल्ट्स के साथ एलन ने अब तक आईआईटी-जेईई में 7 बार ऑल इंडिया रैंक-1 दिए हैं तथा अपने इतिहास में दूसरी बार ऑल इंडिया रैंक-1, 2 और 3 को दोहराया है। इससे पहले वर्ष 2016 में भी एलन ने यह उपलब्धि हासिल की थी। एलन के विद्यार्थियों ने देश की टॉप-10 रैंक में से 6, टॉप 50 में 24 क्लासरूम स्टूडेंट्स रहे हैं। यह प्रदर्शन एक बार फिर साबित करता है कि राष्ट्रीय स्तर पर टॉप रैंकर्स तैयार करने में एलन देश का सबसे सफल और लगातार प्रदर्शन करने वाला संस्थान है। देशभर में एलन की सफलता की अगुआई एलन के कोटा क्लासरूम स्टूडेंट शुभम कुमार ने की। शुभम ने 360 में से 330 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की। श्रेष्ठता के दौर को जारी रखते हुए एलन के ही क्लासरूम स्टूडेंट कबीर छिल्लर ने 360 में से 329 अंकों के साथ ऑल इंडिया रैंक-2 तथा जतिन चाहर ने 319 अंकों के साथ ऑल इंडिया रैंक-3 प्राप्त की। इसके साथ ही ऑल इंडिया गर्ल्स टॉपर आरोही देशपांडे भी एलन कोटा क्लासरूम से है। आरोही ने 280 अंकों के साथ ऑल इंडिया रैंक-77 प्राप्त की है। इसके साथ ही एलन ऑनलाइन लाइव कोर्स से यशवर्धन ने ऑल इंडिया रैंक-52 प्राप्त कर ऑनलाइन में बेस्ट रिजल्ट दिया है। टाॅप रैंकर्स की सूची में एलन क्लासरूम प्रोग्राम के स्टूडेंट्स अर्नव गौतम (एआईआर-7), कनिष्क जैन (एआईआर-8), दर्श सिक्का (एआईआर-10) हासिल करते हुए देश की टॉप-10 रैंक में सफलता की संख्या 6 तक पहुंचा दी है। टॉप-20 रैंक में एलन के 12 स्टूडेंट्स टॉप-10 से आगे बढ़ते हुए देश की टॉप-20 रैंक में एलन के 12 स्टूडेंट्स, टॉप-50 में 24 स्टूडेंट्स शामिल हैं। देश के 7 में से पांच आईआईटी जोन टाॅपर एलन क्लासरुम से हैं। इसमें दिल्ली, गुवाहाटी, कानपुर, भुवनेश्वर और रूडकी जोन टाॅपर शामिल हैं। स्टूडेंट्स को बधाई देते हुए एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के सीईओ नितिन कुकरेजा ने कहा कि “एलन उत्कृष्टता में विश्वास रखता है और ये परिणाम स्टूडेंट्स की सफलता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं। एलन ने क्वालिटी और क्वांटिटि दोनों ही तरह से असाधारण परिणाम दिए हैं। एलन ने हर ब्रेकेट टाॅप-50, टाॅप-100, ऑफलाइन और ऑनलाइन हर क्षेत्र में बेहतर परिणाम रहे हैं। रिजल्ट जारी होने के बाद सभी सेंटर्स पर उत्साह का माहौल है, क्योंकि देश के हर कोने से, ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर महानगरों तक एलन स्टूडेंट्स ने सफलता प्राप्त की है। पिछले दो वर्षों में आईआईटी में प्रवेश पाने वाला प्रत्येक चैथा स्टूडेंट एलन से रहा है। हमें अपने स्टूडेंट्स, फैकल्टीज और एलन टीम पर गर्व है। उन्होंने आगे कहा कि एलन परिणामों की पारदर्शिता और प्रमाणिकता बनाए रखने के लिए संस्थान पिछले तीन वर्षों से देश की अग्रणी ऑडिट फर्म ई-वाय से अपने स्टूडेंट्स के रिकाॅर्ड का वेलिडेशन करवा रहा है।
इस उपलब्धि के साथ एलन ने अब तक सात बार आईआईटी-जेईई में ऑल इंडिया रैंक-1 प्रदान की है। इससे पहले वर्ष 2025 में रजित गुप्ता तथा वर्ष 2024 में वेद लाहोटी ने एलन कोटा के क्लासरूम प्रोग्राम से एआईआर-1 हासिल की थी। उनसे पहले चित्रांग मुर्डिया (2014), अमन बंसल (2016), कार्तिकेय गुप्ता (2019) और मृदुल अग्रवाल (2021) ने भी आईआईटी-जेईई में एआईआर-1 प्राप्त की थी। हर चुनौती मेरे लिए मोटिवेशन होती हैः शुभम कुमार एलन क्लासरूम स्टूडेंट शुभम कुमार ने जेईई-एडवांस्ड 2026 में 360 में से 330 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त की। शुभम ने जेईई मेन में 100 परसेंटाइल स्कोर किया था और ऑल इंडिया रैंक 6 हासिल की थी। मूलतः गया बिहार के साधारण परिवार से आने वाले शुभम की सफलता लाखों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है। पिछले दो वर्षों से एलन क्लासरूम स्टूडेंट शुभम ने साबित किया है कि सही गाइडेंस, डिसिप्लिन, रेगुलर प्रेक्टिस और काॅन्फिडेंस से बेहतर परिणाम दिए जा सकते हैं।
शुभम की इस सफलता के बाद परिवार, रिश्तेदारों और पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। पिता शिवकुमार गया में हार्डवेयर की दुकान संचालित करते हैं, जबकि मां कंचन देवी गृहिणी हैं। शुभम की बड़ी बहन वर्तमान में आईआईटी पटना में कंप्यूटर साइंस से बीटेक कर रही हैं। एलन के साथ घर का शैक्षणिक माहौल और परिवार का निरंतर सहयोग शुभम की सफलता की मजबूत नींव बना। शुभम ने बताया कि मेरी सक्सेस का सबसे बड़ा कारण मेरे टीचर्स और परिवार का त्याग और विश्वास बहुत महत्वपूर्ण रहा। पिता ने हमेशा पढ़ाई के लिए प्रेरित किया, जबकि मां ने हर भावनात्मक एवं मानसिक मजबूती दी। मैंने हमेशा फैकल्टीज की हर बात को गंभीरता से सुना और उन्हीं के बताए हुए तरीके को फॉलो किया। जब भी कोई टॉपिक कठिन लगता था, मैं बार-बार डाउट पूछता था। एलन की फैकल्टीज ने हर कॉन्सेप्ट को बेसिक्स से समझाया, जिससे मेरी नींव बहुत मजबूत हुई। मुझे लगता है कि अगर छात्र अपने टीचर्स पर भरोसा करके डिसिप्लिन के साथ पढ़ाई करें, तो बड़ी से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। मैं रोजाना 6 से 8 घंटे सेल्फ स्टडी करते था। क्लास में पढ़ाए गए टॉपिक्स को उसी दिन रिवाइज करना मेरे डेली रूटीन में शामिल था। डेली प्रश्नों की प्रैक्टिस करते थे और कमजोर टाॅपिक्स पर विशेष फोकस करता था। जेईई की तैयारी में कई बार प्रेशर आ जाता है, लेकिन मैंने उसे कभी कमजोरी नहीं बनने दिया। मैंने हर चुनौती को मोटिवेशन में बदला। मेरा पूरा फोकस सिर्फ अपने लक्ष्य पर था। अब मैं देश के आईआईटी, मुम्बई की सीएस ब्रांच से बीटेक करूंगा। मेरी पढ़ाई के लिए पूरा परिवार कोटा शिफ्ट हो गया: आरोही जेईई एडवांस्ड में ऑल इंडिया रैंक 77 प्राप्त करने के साथ ऑल इंडिया गर्ल टाॅपर रही आरोही देशपांडे सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और नियमित मेहनत को दिया। पुणे निवासी आरोही ने बताया कि इस उपलब्धि के पीछे चार वर्षों की निरंतर तैयारी और अनुशासित दिनचर्या रही है। उसने कहा कि कभी रैंक के बारे में ज्यादा नहीं सोचा, बल्कि अपना पूरा ध्यान कॉन्सेप्ट्स को मजबूत करने और नियमित अभ्यास पर रखा। आरोही ने 10वीं कक्षा में 96.7 प्रतिशत तथा 12वीं बोर्ड परीक्षा में 97.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। इससे पहले जेईई मेन में भी उन्होंने 99 ऑल इंडिया रैंक और 99.996 परसेंटाइल हासिल की थी। आरोही ने बताया कि मेरी पढ़ाई के लिए पूरा परिवार पुणे से कोटा शिफ्ट हो गया था। मेरे पिता प्रसाद देशपांडे आईटी प्रोफेशनल हैं और वर्क फ्रॉम होम करते हुए उन्होंने हर कदम पर सहयोग दिया, जबकि मेरी मां अमिता देशपांडे, जो एनवायरमेंटल इंजीनियर हैं, ने पढ़ाई के दौरान पाॅजिटिव एनवायरमेंट बनाए रखा। मेरे पेरेन्ट्स ने कभी एक्स्ट्रा प्रेशर नहीं बनाया, बल्कि हमेशा मोटिवेट किया, जिससे मैं पूरी तरह अपनी पढ़ाई पर फोकस कर सकी। एलन कोटा में चार वर्षों तक रेगुलर आरोही ने बताया कि मेरी सक्सेस का मूल मंत्र कॉन्सेप्ट्स की गहरी समझ और लगातार प्रैक्टिस रहा। मैं रेगुलर टेस्ट देती थीं और हर टेस्ट के बाद अपनी गलतियों का एनालिसिस करती थीं। उनका मानना है कि जेईई एडवांस्ड में सफलता के लिए केवल कठिन परिश्रम ही नहीं, बल्कि स्मार्ट स्टडी, टाइम मैनेजमेंट और रेगुलर सेल्फ एनालिसिस भी आवश्यक है। फिलहाल आईआईटी से बीटेक करने पर फोकस है। उसके आगे का प्लान फिलहाल सोचा नहीं है। सेल्फ स्टडी में अटेंशन स्पान और क्वालिटी लर्निंग जरूरी: कबीर छिल्लर एलन कोटा के क्लासरूम स्टूडेंट कबीर छिल्लर ने जेईई-एडवांस्ड में ऑल इंडिया रैंक-2 प्राप्त की है। परिवार मूलतः दिल्ली-एनसीआर गुरूग्राम से है। पिछले दो वर्षों से एलन कोटा के क्लासरुम स्टूडेंट कबीर की यह उपलब्धि लगातार मेहनत, सटीक रणनीति और सेल्फ एनालिसिस का परिणाम है। कबीर के पिता मोहित छिल्लर आईआईटीयन हैं और वर्तमान में दिल्ली एनसीआर में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, जबकि मां प्रियंका छिल्लर प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं। कबीर ने जेईई-मेन में 300 मे से 300 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त की। इससे पहले 10वीं कक्षा 98 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण कर चुके हैं। कबीर आईआईटी मुम्बई से कम्प्यूटर साइंस ब्रांच में बीटेक करने के बाद वर्ल्ड की नंबर-1 मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) से उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहता है।
कबीर ने बताया कि मेरी सक्सेस का मुख्य कारण एलन कोटा में फैकल्टीज का गाइडेंस मानता हूं, साथ ही मैंने अपने पढ़ाई करने के तरीके को भी अलग बनाया है। क्योंकि मैं सेल्फ स्टडीज में अटेंशन, स्पान और क्वालिटी देखता हूं। हर टेस्ट के बाद खुद का एनालिसिस किया और जहां कमी थी, उसी पर सबसे ज्यादा फोकस किया।
मैं एग्जाम से पहले स्टडी स्ट्रेटेजी को फाइन ट्यून करता हूं। नियमित मॉक टेस्ट देने के साथ-साथ हर पेपर का गहराई से एनालिसिस किया, जिससे मेरी एक्यूरेसी और टाइम मैनेजमेंट दोनों बेहतर होते चले गए। कॉन्सेप्ट क्लियर होना सबसे जरूरी है। रटने की बजाय हर टॉपिक को समझना और उसे एप्लाई करना ही मेरी सबसे बड़ी ताकत रही।
पढ़ाई को छोटे-छोटे टारगेट्स में विभाजित किया, शॉर्ट नोट्स बनाए और नियमित रिवीजन को अपनी आदत बनाया। गलतियों को दोहराने से बचने के लिए मैं हर टेस्ट के बाद कमजोरियों पर फोकस करता था। मैं दोस्तों के साथ समय बिताता हूं, जिससे मानसिक रूप से रिफ्रेश रहने में मदद मिलती है। अनुशासित और नियमित प्रयासों से ही मिलते हैं बड़े परिणाम: जतिन एलन क्लासरूम स्टूडेंट जतिन कुमार चाहर ने जेईई एडवांस्ड में ऑल इंडिया रैंक-3 प्राप्त की है। जतिन छह साल से एलन का रेगुलर क्लासरूम स्टूडेंट है। परिवार मूलतः राजस्थान के झुंझुनूं जिले के छोटे से गांव गोठ से है। जतिन साधारण ग्रामीण परिवेश से आता है। जतिन ने 10वीं कक्षा 97 प्रतिशत एवं 12वीं कक्षा 95.2 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की। जेईई मेनः ऑल इंडिया रैंक 133 प्राप्त की।
इसके अलावा चारों ओलंपियाड्स आईजेएसओ, आईईएसओ, आईओएए एवं आईएनसीएचओ में ओसीएससी कैम्प तक पहुंच चुका है। जतिन ने बताया कि सफलता किसी एक दिन की मेहनत से नहीं मिलती, बल्कि रोजाना की छोटी-छोटी कोशिशें ही बड़ा परिणाम बनती हैं। मैंने शुरुआत से ही अपना पूरा फोकस कॉन्सेप्ट क्लियर करने पर रखा। विषय को गहराई से समझना जरूरी है। एलन फैकल्टीज ने हर टॉपिक को बहुत अच्छे तरीके से समझाया।
मैं क्लास में पूरा ध्यान देता था और उसी दिन पढ़ाए गए टॉपिक को दोबारा रिवाइज करता था। मॉक टेस्ट देता था और हर टेस्ट के बाद अपनी गलतियों का एनालिसिस करता था। मैंने कभी नंबरों पर फोकस नहीं किया। मेरा लक्ष्य कमजोरियों को पहचानकर उन्हें सुधारना था। टेस्ट में जहां गलती होती थी, वहां ज्यादा मेहनत करता था। मैं रोजाना लगभग 7 से 8 घंटे सेल्फ-स्टडी करता था, क्योंकि मेरा मानना है कि जेईई की तैयारी में निरंतरता सबसे ज्यादा जरूरी होती है।
मैं अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और परिवार के सहयोग को दूंगा। परिवार के विश्वास और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने मेरा आत्मविश्वास मजबूत बनाए रखा। पेरेन्ट्स ने हमेशा मुझे मोटिवेट किया। उन्होंने कभी दबाव नहीं बनाया, बल्कि हर परिस्थिति में मेरा साथ दिया। जब भी मैं थकता था, परिवार और टीचर्स मुझे फिर से प्रेरित करते थे। मैं आईआईटी मुम्बई से बीटेक करने के बाद सिविल सर्विस में जाना चाहता हूं।
गर्व है कि मैं कोटा से हूं: अर्णव एलन कोटा के क्लासरूम स्टूडेंट अर्णव गौतम ने जेईई एडवांस्ड में ऑल इंडिया रैंक 7 हासिल की है। कोटा निवासी अर्णव पिछले छह वर्षों से एलन कोटा में रेगुलर क्लासरूम स्टूडेंट है। इससे पहले 10वीं कक्षा 95.8 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी। 2023 में जूनियर साइंस ओलंपियाड के ओसीएससी, 2024 में एस्ट्रो ओलंपियाड के ओसीएससी और 2025 में फिजिक्स ओलंपियाड के ओसीएससी में भाग लिया।
इसके अलावा एशियन फिजिक्स ओलंपियाड 2025 में ब्रॉन्ज मेडल मिला। जेईई-मेन में अर्णव ने एआईआर-5 हासिल की। मेरे दिमाग में हमेशा टारगेट रहता था कि मुझे यह हासिल करना है। अब मैं आईआईटी मुंबई से कंप्यूटर साइंस ब्रांच में बीटेक करना चाहता हूं। अर्णव ने बताया कि जब-जब रिजल्ट आते हैं और कोटा की बात आती है तो गर्व महसूस होता है कि मैं कोटा से ही हूं। यहां एलन के साथ तैयारी से मेरी अकेडमिक्स मजबूत हुई।
मेरा मानना है कि सेल्फ स्टडी बहुत जरूरी है, लेकिन सही गाइडेंस के लिए कोचिंग के सहयोग भी जरूरी है। यदि कोच अच्छे हैं और अच्छा मार्गदर्शन मिलता है तो प्रतिभा निखरती है और उससे रिजल्ट्स अच्छे आते हैं। मुझे अच्छा गाइडेंस मिला और इससे कमजोरियां दूर होती चली गई। जेईई जैसे एग्जाम की तैयारी में डाउट्स का तुरंत समाधान होना बेहद जरूरी है, जो फैकल्टीज के मार्गदर्शन से ही संभव हो पाता है। फिक्स स्टडी आवर्स नहीं, बल्कि इफेक्टिव स्टडी पर रहा फोकसः कनिष्क जैन एलन कोटा क्लासरूम स्टूडेंट कनिष्क जैन ने जेईई एडवांस्ड में ऑल इंडिया रैंक-8 हासिल की है। पिछले दो वर्षों से एलन के क्लासरूम स्टूडेंट कनिष्क ने जेईई मेन्स में ऑल इंडिया रैंक 36 प्राप्त की थी। कनिष्क का चय‌‌‌न वर्ल्ड रैंकिंग नंबर-1 मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलाॅजी (एमआईटी) में हो चुका हैं। परिवार मूलतः कोटा से है पिता रितुल जैन पुणे में आईटी प्रोफेशनल हैं तथा मां सरिता गृहिणी हैं। 10वीं कक्षा 90.8 प्रतिशत और 12वीं बोर्ड में 95 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।
10वीं कक्षा में एशियन फिजिक्स ओलंपियाड (एपीएचओ) में ऑनरेबल मेंशन, 11वीं में इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड (आईपीएचओ) में गोल्ड मेडल तथा एपीएचओ में सिल्वर मेडल हासिल किया। वहीं, 12वीं में उसका चयन आईपीएचओ के लिए भारतीय टीम में हुआ है। आईजेएसओ में गोल्ड मेडल जीतने के साथ थ्योरी टॉपर रहा।
कनिष्क ने बताया कि जेईई की तैयारी के लिए एलन एवं कोटा बेस्ट काॅम्बीनेशन है। ओलंपियाड्स में भाग लेने से सब्जेक्ट्स को गहराई से समझने का अवसर मिलता है। ओलंपियाड्स की तैयारी ने मुझे कठिन प्राॅब्लम्स को साॅल्व करने की क्षमता दी, जिसका लाभ मुझे जेईई की तैयारी में भी मिला। क्वालिटी स्टडी और सब्जेक्ट की समझ ज्यादा महत्वपूर्ण है। मेरा कोई फिक्स स्टडी शेड्यूल नहीं था। रात में जल्दी सोता था और सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करता था। हर स्टूडेंट का सीखने का तरीका अलग होता है, इसलिए अपनी क्षमता और सुविधा के अनुसार पढ़ाई करनी चाहिए। मैथ्स में इंट्रेस्ट, यही मेरी सक्सेस: दर्श सिक्का एलन क्लासरूम स्टूडेंट दर्श सिक्का ने जेईई एडवांस्ड में ऑल इंडिया रैंक-10 हासिल की है। दिल्ली निवासी दर्श पिछले दो वर्षों से एलन में अध्ययरत है। जेईई मेन्स में 99.999 पर्सेन्टाइल स्कोर हासिल कर ऑल इंडिया रैंक 53 प्राप्त की थी। दर्श ने 10वीं और 12वीं दोनों बोर्ड परीक्षाओं में 97 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। एस्ट्रोनॉमी ओलंपियाड के ओसीएससी कैंप में शामिल हो चुका है। फिलहाल आईआईटी मुम्बई की सीएस ब्रांच से बीटेक करना है। पिता डाॅ.कबीर सिक्का ईएनटी सर्जन हैं और मां डाॅ.आशी बिन्द्रा न्यूरो एनेस्थेसिस्ट हैं। दर्श ने बताया कि मजबूत कंसेप्ट्स, निरंतर अभ्यास और सही मार्गदर्शन किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल करने की कुंजी हैं। सभी को लगता था कि मैं भी मम्मी-पापा की तरह मेडिकल फील्ड में जाउंगा लेकिन मैथ्स मेरा फेवरेट सब्जेक्ट रहा है और इसी इंटरेस्ट की वजह से मैंने जेईई की तैयारी करने का डिसीजन लिया। जेईई की तैयारी केवल कठिन प्रश्न साॅल्व करने तक सीमित नहीं है, बल्कि सब्जेक्ट्स और सभी टाॅपिक्स के कंसेप्ट्स की गहराई से समझ होना जरूरी है। मैंने हर टॉपिक को गहराई से समझने और रेगुलरली प्रश्नों की प्रेक्टिस करने पर जोर दिया। मेरा मानना है कि छोटी कक्षाओं से ही कंसेप्ट्स मजबूत किए जाएं तो आगे की तैयारी काफी आसान हो जाती है। एक तरह से एलन में जाकर मुझे घर जैसा महसूस होता था। फैकल्टीज हो या स्टाफ, हर कोई हमेशा स्टूडेंट के साथ खड़ा दिखाई देता है। जेइई की तैयारी का जो सफर रहा उसमें एलन की फैकल्टीज एवं इंस्टीट्यूट के एनवायरमेंट का काफी सपोर्ट रहा। दर्श कहते हैं, मैंने हमेशा विषय को समझने पर फोकस किया, रटने पर नहीं। नियमित टेस्ट, उनकी एनालिसिस और अपनी कमजोरियों पर काम करना मेरी तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। ओलंपियाड्स में भाग लेने से कठिन समस्याओं को हल करने का आत्मविश्वास बढ़ता है, इसलिए विद्यार्थियों को उनमें भी भाग लेना चाहिए। इसके लिए मैं डेली वॉक करता था और बैडमिंटन खेलता हूं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
क्या कर्नाटक के मंत्री ने कांग्रेस विधायकों को 'सड़क का कुत्ता' कहा? उनकी टिप्पणी से नेतृत्व विवाद की नई चिंगारी भड़की | राजनीति समाचार

February 16, 2026/
7:15 pm

आखरी अपडेट:16 फरवरी, 2026, 19:15 IST कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन पर सवालों का जवाब देते हुए, सामाजिक कल्याण मंत्री एचसी...

मार्श का 102 मीटर लंबा सिक्स:पंत रिटायर हर्ट हुए, कोहली 49 पर आउट, जितेश के सिक्स पर बॉल बॉय का कैच; मोमेंट्स

April 16, 2026/
4:30 am

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL 2026 के 23वें मैच में लखनऊ सुपर जाएंट्स को 5 विकेट से हराया। चिन्नास्वामी स्टेडियम...

Jackie Shroff Backs PM Modis Fuel Saving Appeal

May 24, 2026/
1:02 pm

27 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्टर जैकी श्रॉफ ने पीएम मोदी की पेट्रोल-डीजल का उपयोग कम करने की अपील...

'महिला नटखट के विरोध का सवाल ही नहीं', पीएम मोदी की पहली टिप्पणी ममता बनर्जी ने कहा- ये बहुत सारे बंधन हैं...

April 19, 2026/
1:03 pm

महिला नॉटी से पर्यटक बिल संसद में गिरावट पर हो रही बढ़त रोज मोदी ने कांग्रेस, इंदौर सहित कई आश्रमों...

राजगढ़ में खड़ी बस को ट्राले ने मारी टक्कर:सवारी उतारते वक्त हादसा, दो किशोर घायल; टक्कर मारकर भागा ड्राइवर

March 30, 2026/
9:50 pm

राजगढ़ जिले के भोजपुर थाना क्षेत्र में सोमवार शाम 7:30 बजे ढाबला जोड़ पर एक सड़क हादसा हो गया। यहां...

GT vs RR IPL 2026 Qualifier

May 29, 2026/
3:07 pm

पटना5 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL 2026 के क्वालीफायर-2 में आज(29 मई 2026) गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स आमने-सामने होंगी।...

India Vs West Indies Live Cricket Score, T20 World Cup 2026: Stay updated with IND vs WI Ball by Ball Match Updates and Live Scorecard from Kolkata. (Picture Credit: AP)

February 11, 2026/
1:29 pm

आखरी अपडेट:11 फरवरी, 2026, 13:29 IST स्टालिन ने एनडीए पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि एनडीए “डबल इंजन” नहीं...

कटरीना को विक्की और बेटे विहान ने दिया खास गिफ्ट:एक्ट्रेस ने मां बनने के बाद सेलिब्रेट किया पहला मदर्स डे

May 11, 2026/
6:57 pm

बॉलीवुड एक्ट्रेस कटरीना कैफ के मां बनने के बाद उन्होंने अपना पहला मदर्स डे सेलिब्रेट किया है। इस मौके पर...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

इंपैक्ट फीचर:जेईई-एडवांस्ड 2026 में एलन का ऐतिहासिक कीर्तिमान, एलन के क्लासरूम स्टूडेंट शुभम ऑल इंडिया टॉपर, टॉप-10 में एलन क्लासरूम से 6 स्टूडेंट

इंपैक्ट फीचर:जेईई-एडवांस्ड 2026 में एलन का ऐतिहासिक कीर्तिमान, एलन के क्लासरूम स्टूडेंट शुभम ऑल इंडिया टॉपर, टॉप-10 में एलन क्लासरूम से 6 स्टूडेंट

जेईई-एडवांस्ड 2026 रिजल्ट्स में एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट कोटा ने लगातार तीसरे वर्ष ऑल इंडिया रैंक-1 देकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इन रिजल्ट्स के साथ एलन ने अब तक आईआईटी-जेईई में 7 बार ऑल इंडिया रैंक-1 दिए हैं तथा अपने इतिहास में दूसरी बार ऑल इंडिया रैंक-1, 2 और 3 को दोहराया है। इससे पहले वर्ष 2016 में भी एलन ने यह उपलब्धि हासिल की थी। एलन के विद्यार्थियों ने देश की टॉप-10 रैंक में से 6, टॉप 50 में 24 क्लासरूम स्टूडेंट्स रहे हैं। यह प्रदर्शन एक बार फिर साबित करता है कि राष्ट्रीय स्तर पर टॉप रैंकर्स तैयार करने में एलन देश का सबसे सफल और लगातार प्रदर्शन करने वाला संस्थान है। देशभर में एलन की सफलता की अगुआई एलन के कोटा क्लासरूम स्टूडेंट शुभम कुमार ने की। शुभम ने 360 में से 330 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की। श्रेष्ठता के दौर को जारी रखते हुए एलन के ही क्लासरूम स्टूडेंट कबीर छिल्लर ने 360 में से 329 अंकों के साथ ऑल इंडिया रैंक-2 तथा जतिन चाहर ने 319 अंकों के साथ ऑल इंडिया रैंक-3 प्राप्त की। इसके साथ ही ऑल इंडिया गर्ल्स टॉपर आरोही देशपांडे भी एलन कोटा क्लासरूम से है। आरोही ने 280 अंकों के साथ ऑल इंडिया रैंक-77 प्राप्त की है। इसके साथ ही एलन ऑनलाइन लाइव कोर्स से यशवर्धन ने ऑल इंडिया रैंक-52 प्राप्त कर ऑनलाइन में बेस्ट रिजल्ट दिया है। टाॅप रैंकर्स की सूची में एलन क्लासरूम प्रोग्राम के स्टूडेंट्स अर्नव गौतम (एआईआर-7), कनिष्क जैन (एआईआर-8), दर्श सिक्का (एआईआर-10) हासिल करते हुए देश की टॉप-10 रैंक में सफलता की संख्या 6 तक पहुंचा दी है। टॉप-20 रैंक में एलन के 12 स्टूडेंट्स टॉप-10 से आगे बढ़ते हुए देश की टॉप-20 रैंक में एलन के 12 स्टूडेंट्स, टॉप-50 में 24 स्टूडेंट्स शामिल हैं। देश के 7 में से पांच आईआईटी जोन टाॅपर एलन क्लासरुम से हैं। इसमें दिल्ली, गुवाहाटी, कानपुर, भुवनेश्वर और रूडकी जोन टाॅपर शामिल हैं। स्टूडेंट्स को बधाई देते हुए एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के सीईओ नितिन कुकरेजा ने कहा कि “एलन उत्कृष्टता में विश्वास रखता है और ये परिणाम स्टूडेंट्स की सफलता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं। एलन ने क्वालिटी और क्वांटिटि दोनों ही तरह से असाधारण परिणाम दिए हैं। एलन ने हर ब्रेकेट टाॅप-50, टाॅप-100, ऑफलाइन और ऑनलाइन हर क्षेत्र में बेहतर परिणाम रहे हैं। रिजल्ट जारी होने के बाद सभी सेंटर्स पर उत्साह का माहौल है, क्योंकि देश के हर कोने से, ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर महानगरों तक एलन स्टूडेंट्स ने सफलता प्राप्त की है। पिछले दो वर्षों में आईआईटी में प्रवेश पाने वाला प्रत्येक चैथा स्टूडेंट एलन से रहा है। हमें अपने स्टूडेंट्स, फैकल्टीज और एलन टीम पर गर्व है। उन्होंने आगे कहा कि एलन परिणामों की पारदर्शिता और प्रमाणिकता बनाए रखने के लिए संस्थान पिछले तीन वर्षों से देश की अग्रणी ऑडिट फर्म ई-वाय से अपने स्टूडेंट्स के रिकाॅर्ड का वेलिडेशन करवा रहा है।
इस उपलब्धि के साथ एलन ने अब तक सात बार आईआईटी-जेईई में ऑल इंडिया रैंक-1 प्रदान की है। इससे पहले वर्ष 2025 में रजित गुप्ता तथा वर्ष 2024 में वेद लाहोटी ने एलन कोटा के क्लासरूम प्रोग्राम से एआईआर-1 हासिल की थी। उनसे पहले चित्रांग मुर्डिया (2014), अमन बंसल (2016), कार्तिकेय गुप्ता (2019) और मृदुल अग्रवाल (2021) ने भी आईआईटी-जेईई में एआईआर-1 प्राप्त की थी। हर चुनौती मेरे लिए मोटिवेशन होती हैः शुभम कुमार एलन क्लासरूम स्टूडेंट शुभम कुमार ने जेईई-एडवांस्ड 2026 में 360 में से 330 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त की। शुभम ने जेईई मेन में 100 परसेंटाइल स्कोर किया था और ऑल इंडिया रैंक 6 हासिल की थी। मूलतः गया बिहार के साधारण परिवार से आने वाले शुभम की सफलता लाखों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है। पिछले दो वर्षों से एलन क्लासरूम स्टूडेंट शुभम ने साबित किया है कि सही गाइडेंस, डिसिप्लिन, रेगुलर प्रेक्टिस और काॅन्फिडेंस से बेहतर परिणाम दिए जा सकते हैं।
शुभम की इस सफलता के बाद परिवार, रिश्तेदारों और पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। पिता शिवकुमार गया में हार्डवेयर की दुकान संचालित करते हैं, जबकि मां कंचन देवी गृहिणी हैं। शुभम की बड़ी बहन वर्तमान में आईआईटी पटना में कंप्यूटर साइंस से बीटेक कर रही हैं। एलन के साथ घर का शैक्षणिक माहौल और परिवार का निरंतर सहयोग शुभम की सफलता की मजबूत नींव बना। शुभम ने बताया कि मेरी सक्सेस का सबसे बड़ा कारण मेरे टीचर्स और परिवार का त्याग और विश्वास बहुत महत्वपूर्ण रहा। पिता ने हमेशा पढ़ाई के लिए प्रेरित किया, जबकि मां ने हर भावनात्मक एवं मानसिक मजबूती दी। मैंने हमेशा फैकल्टीज की हर बात को गंभीरता से सुना और उन्हीं के बताए हुए तरीके को फॉलो किया। जब भी कोई टॉपिक कठिन लगता था, मैं बार-बार डाउट पूछता था। एलन की फैकल्टीज ने हर कॉन्सेप्ट को बेसिक्स से समझाया, जिससे मेरी नींव बहुत मजबूत हुई। मुझे लगता है कि अगर छात्र अपने टीचर्स पर भरोसा करके डिसिप्लिन के साथ पढ़ाई करें, तो बड़ी से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। मैं रोजाना 6 से 8 घंटे सेल्फ स्टडी करते था। क्लास में पढ़ाए गए टॉपिक्स को उसी दिन रिवाइज करना मेरे डेली रूटीन में शामिल था। डेली प्रश्नों की प्रैक्टिस करते थे और कमजोर टाॅपिक्स पर विशेष फोकस करता था। जेईई की तैयारी में कई बार प्रेशर आ जाता है, लेकिन मैंने उसे कभी कमजोरी नहीं बनने दिया। मैंने हर चुनौती को मोटिवेशन में बदला। मेरा पूरा फोकस सिर्फ अपने लक्ष्य पर था। अब मैं देश के आईआईटी, मुम्बई की सीएस ब्रांच से बीटेक करूंगा। मेरी पढ़ाई के लिए पूरा परिवार कोटा शिफ्ट हो गया: आरोही जेईई एडवांस्ड में ऑल इंडिया रैंक 77 प्राप्त करने के साथ ऑल इंडिया गर्ल टाॅपर रही आरोही देशपांडे सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और नियमित मेहनत को दिया। पुणे निवासी आरोही ने बताया कि इस उपलब्धि के पीछे चार वर्षों की निरंतर तैयारी और अनुशासित दिनचर्या रही है। उसने कहा कि कभी रैंक के बारे में ज्यादा नहीं सोचा, बल्कि अपना पूरा ध्यान कॉन्सेप्ट्स को मजबूत करने और नियमित अभ्यास पर रखा। आरोही ने 10वीं कक्षा में 96.7 प्रतिशत तथा 12वीं बोर्ड परीक्षा में 97.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। इससे पहले जेईई मेन में भी उन्होंने 99 ऑल इंडिया रैंक और 99.996 परसेंटाइल हासिल की थी। आरोही ने बताया कि मेरी पढ़ाई के लिए पूरा परिवार पुणे से कोटा शिफ्ट हो गया था। मेरे पिता प्रसाद देशपांडे आईटी प्रोफेशनल हैं और वर्क फ्रॉम होम करते हुए उन्होंने हर कदम पर सहयोग दिया, जबकि मेरी मां अमिता देशपांडे, जो एनवायरमेंटल इंजीनियर हैं, ने पढ़ाई के दौरान पाॅजिटिव एनवायरमेंट बनाए रखा। मेरे पेरेन्ट्स ने कभी एक्स्ट्रा प्रेशर नहीं बनाया, बल्कि हमेशा मोटिवेट किया, जिससे मैं पूरी तरह अपनी पढ़ाई पर फोकस कर सकी। एलन कोटा में चार वर्षों तक रेगुलर आरोही ने बताया कि मेरी सक्सेस का मूल मंत्र कॉन्सेप्ट्स की गहरी समझ और लगातार प्रैक्टिस रहा। मैं रेगुलर टेस्ट देती थीं और हर टेस्ट के बाद अपनी गलतियों का एनालिसिस करती थीं। उनका मानना है कि जेईई एडवांस्ड में सफलता के लिए केवल कठिन परिश्रम ही नहीं, बल्कि स्मार्ट स्टडी, टाइम मैनेजमेंट और रेगुलर सेल्फ एनालिसिस भी आवश्यक है। फिलहाल आईआईटी से बीटेक करने पर फोकस है। उसके आगे का प्लान फिलहाल सोचा नहीं है। सेल्फ स्टडी में अटेंशन स्पान और क्वालिटी लर्निंग जरूरी: कबीर छिल्लर एलन कोटा के क्लासरूम स्टूडेंट कबीर छिल्लर ने जेईई-एडवांस्ड में ऑल इंडिया रैंक-2 प्राप्त की है। परिवार मूलतः दिल्ली-एनसीआर गुरूग्राम से है। पिछले दो वर्षों से एलन कोटा के क्लासरुम स्टूडेंट कबीर की यह उपलब्धि लगातार मेहनत, सटीक रणनीति और सेल्फ एनालिसिस का परिणाम है। कबीर के पिता मोहित छिल्लर आईआईटीयन हैं और वर्तमान में दिल्ली एनसीआर में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, जबकि मां प्रियंका छिल्लर प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं। कबीर ने जेईई-मेन में 300 मे से 300 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त की। इससे पहले 10वीं कक्षा 98 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण कर चुके हैं। कबीर आईआईटी मुम्बई से कम्प्यूटर साइंस ब्रांच में बीटेक करने के बाद वर्ल्ड की नंबर-1 मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) से उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहता है।
कबीर ने बताया कि मेरी सक्सेस का मुख्य कारण एलन कोटा में फैकल्टीज का गाइडेंस मानता हूं, साथ ही मैंने अपने पढ़ाई करने के तरीके को भी अलग बनाया है। क्योंकि मैं सेल्फ स्टडीज में अटेंशन, स्पान और क्वालिटी देखता हूं। हर टेस्ट के बाद खुद का एनालिसिस किया और जहां कमी थी, उसी पर सबसे ज्यादा फोकस किया।
मैं एग्जाम से पहले स्टडी स्ट्रेटेजी को फाइन ट्यून करता हूं। नियमित मॉक टेस्ट देने के साथ-साथ हर पेपर का गहराई से एनालिसिस किया, जिससे मेरी एक्यूरेसी और टाइम मैनेजमेंट दोनों बेहतर होते चले गए। कॉन्सेप्ट क्लियर होना सबसे जरूरी है। रटने की बजाय हर टॉपिक को समझना और उसे एप्लाई करना ही मेरी सबसे बड़ी ताकत रही।
पढ़ाई को छोटे-छोटे टारगेट्स में विभाजित किया, शॉर्ट नोट्स बनाए और नियमित रिवीजन को अपनी आदत बनाया। गलतियों को दोहराने से बचने के लिए मैं हर टेस्ट के बाद कमजोरियों पर फोकस करता था। मैं दोस्तों के साथ समय बिताता हूं, जिससे मानसिक रूप से रिफ्रेश रहने में मदद मिलती है। अनुशासित और नियमित प्रयासों से ही मिलते हैं बड़े परिणाम: जतिन एलन क्लासरूम स्टूडेंट जतिन कुमार चाहर ने जेईई एडवांस्ड में ऑल इंडिया रैंक-3 प्राप्त की है। जतिन छह साल से एलन का रेगुलर क्लासरूम स्टूडेंट है। परिवार मूलतः राजस्थान के झुंझुनूं जिले के छोटे से गांव गोठ से है। जतिन साधारण ग्रामीण परिवेश से आता है। जतिन ने 10वीं कक्षा 97 प्रतिशत एवं 12वीं कक्षा 95.2 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की। जेईई मेनः ऑल इंडिया रैंक 133 प्राप्त की।
इसके अलावा चारों ओलंपियाड्स आईजेएसओ, आईईएसओ, आईओएए एवं आईएनसीएचओ में ओसीएससी कैम्प तक पहुंच चुका है। जतिन ने बताया कि सफलता किसी एक दिन की मेहनत से नहीं मिलती, बल्कि रोजाना की छोटी-छोटी कोशिशें ही बड़ा परिणाम बनती हैं। मैंने शुरुआत से ही अपना पूरा फोकस कॉन्सेप्ट क्लियर करने पर रखा। विषय को गहराई से समझना जरूरी है। एलन फैकल्टीज ने हर टॉपिक को बहुत अच्छे तरीके से समझाया।
मैं क्लास में पूरा ध्यान देता था और उसी दिन पढ़ाए गए टॉपिक को दोबारा रिवाइज करता था। मॉक टेस्ट देता था और हर टेस्ट के बाद अपनी गलतियों का एनालिसिस करता था। मैंने कभी नंबरों पर फोकस नहीं किया। मेरा लक्ष्य कमजोरियों को पहचानकर उन्हें सुधारना था। टेस्ट में जहां गलती होती थी, वहां ज्यादा मेहनत करता था। मैं रोजाना लगभग 7 से 8 घंटे सेल्फ-स्टडी करता था, क्योंकि मेरा मानना है कि जेईई की तैयारी में निरंतरता सबसे ज्यादा जरूरी होती है।
मैं अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और परिवार के सहयोग को दूंगा। परिवार के विश्वास और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने मेरा आत्मविश्वास मजबूत बनाए रखा। पेरेन्ट्स ने हमेशा मुझे मोटिवेट किया। उन्होंने कभी दबाव नहीं बनाया, बल्कि हर परिस्थिति में मेरा साथ दिया। जब भी मैं थकता था, परिवार और टीचर्स मुझे फिर से प्रेरित करते थे। मैं आईआईटी मुम्बई से बीटेक करने के बाद सिविल सर्विस में जाना चाहता हूं।
गर्व है कि मैं कोटा से हूं: अर्णव एलन कोटा के क्लासरूम स्टूडेंट अर्णव गौतम ने जेईई एडवांस्ड में ऑल इंडिया रैंक 7 हासिल की है। कोटा निवासी अर्णव पिछले छह वर्षों से एलन कोटा में रेगुलर क्लासरूम स्टूडेंट है। इससे पहले 10वीं कक्षा 95.8 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी। 2023 में जूनियर साइंस ओलंपियाड के ओसीएससी, 2024 में एस्ट्रो ओलंपियाड के ओसीएससी और 2025 में फिजिक्स ओलंपियाड के ओसीएससी में भाग लिया।
इसके अलावा एशियन फिजिक्स ओलंपियाड 2025 में ब्रॉन्ज मेडल मिला। जेईई-मेन में अर्णव ने एआईआर-5 हासिल की। मेरे दिमाग में हमेशा टारगेट रहता था कि मुझे यह हासिल करना है। अब मैं आईआईटी मुंबई से कंप्यूटर साइंस ब्रांच में बीटेक करना चाहता हूं। अर्णव ने बताया कि जब-जब रिजल्ट आते हैं और कोटा की बात आती है तो गर्व महसूस होता है कि मैं कोटा से ही हूं। यहां एलन के साथ तैयारी से मेरी अकेडमिक्स मजबूत हुई।
मेरा मानना है कि सेल्फ स्टडी बहुत जरूरी है, लेकिन सही गाइडेंस के लिए कोचिंग के सहयोग भी जरूरी है। यदि कोच अच्छे हैं और अच्छा मार्गदर्शन मिलता है तो प्रतिभा निखरती है और उससे रिजल्ट्स अच्छे आते हैं। मुझे अच्छा गाइडेंस मिला और इससे कमजोरियां दूर होती चली गई। जेईई जैसे एग्जाम की तैयारी में डाउट्स का तुरंत समाधान होना बेहद जरूरी है, जो फैकल्टीज के मार्गदर्शन से ही संभव हो पाता है। फिक्स स्टडी आवर्स नहीं, बल्कि इफेक्टिव स्टडी पर रहा फोकसः कनिष्क जैन एलन कोटा क्लासरूम स्टूडेंट कनिष्क जैन ने जेईई एडवांस्ड में ऑल इंडिया रैंक-8 हासिल की है। पिछले दो वर्षों से एलन के क्लासरूम स्टूडेंट कनिष्क ने जेईई मेन्स में ऑल इंडिया रैंक 36 प्राप्त की थी। कनिष्क का चय‌‌‌न वर्ल्ड रैंकिंग नंबर-1 मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलाॅजी (एमआईटी) में हो चुका हैं। परिवार मूलतः कोटा से है पिता रितुल जैन पुणे में आईटी प्रोफेशनल हैं तथा मां सरिता गृहिणी हैं। 10वीं कक्षा 90.8 प्रतिशत और 12वीं बोर्ड में 95 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।
10वीं कक्षा में एशियन फिजिक्स ओलंपियाड (एपीएचओ) में ऑनरेबल मेंशन, 11वीं में इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड (आईपीएचओ) में गोल्ड मेडल तथा एपीएचओ में सिल्वर मेडल हासिल किया। वहीं, 12वीं में उसका चयन आईपीएचओ के लिए भारतीय टीम में हुआ है। आईजेएसओ में गोल्ड मेडल जीतने के साथ थ्योरी टॉपर रहा।
कनिष्क ने बताया कि जेईई की तैयारी के लिए एलन एवं कोटा बेस्ट काॅम्बीनेशन है। ओलंपियाड्स में भाग लेने से सब्जेक्ट्स को गहराई से समझने का अवसर मिलता है। ओलंपियाड्स की तैयारी ने मुझे कठिन प्राॅब्लम्स को साॅल्व करने की क्षमता दी, जिसका लाभ मुझे जेईई की तैयारी में भी मिला। क्वालिटी स्टडी और सब्जेक्ट की समझ ज्यादा महत्वपूर्ण है। मेरा कोई फिक्स स्टडी शेड्यूल नहीं था। रात में जल्दी सोता था और सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करता था। हर स्टूडेंट का सीखने का तरीका अलग होता है, इसलिए अपनी क्षमता और सुविधा के अनुसार पढ़ाई करनी चाहिए। मैथ्स में इंट्रेस्ट, यही मेरी सक्सेस: दर्श सिक्का एलन क्लासरूम स्टूडेंट दर्श सिक्का ने जेईई एडवांस्ड में ऑल इंडिया रैंक-10 हासिल की है। दिल्ली निवासी दर्श पिछले दो वर्षों से एलन में अध्ययरत है। जेईई मेन्स में 99.999 पर्सेन्टाइल स्कोर हासिल कर ऑल इंडिया रैंक 53 प्राप्त की थी। दर्श ने 10वीं और 12वीं दोनों बोर्ड परीक्षाओं में 97 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। एस्ट्रोनॉमी ओलंपियाड के ओसीएससी कैंप में शामिल हो चुका है। फिलहाल आईआईटी मुम्बई की सीएस ब्रांच से बीटेक करना है। पिता डाॅ.कबीर सिक्का ईएनटी सर्जन हैं और मां डाॅ.आशी बिन्द्रा न्यूरो एनेस्थेसिस्ट हैं। दर्श ने बताया कि मजबूत कंसेप्ट्स, निरंतर अभ्यास और सही मार्गदर्शन किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल करने की कुंजी हैं। सभी को लगता था कि मैं भी मम्मी-पापा की तरह मेडिकल फील्ड में जाउंगा लेकिन मैथ्स मेरा फेवरेट सब्जेक्ट रहा है और इसी इंटरेस्ट की वजह से मैंने जेईई की तैयारी करने का डिसीजन लिया। जेईई की तैयारी केवल कठिन प्रश्न साॅल्व करने तक सीमित नहीं है, बल्कि सब्जेक्ट्स और सभी टाॅपिक्स के कंसेप्ट्स की गहराई से समझ होना जरूरी है। मैंने हर टॉपिक को गहराई से समझने और रेगुलरली प्रश्नों की प्रेक्टिस करने पर जोर दिया। मेरा मानना है कि छोटी कक्षाओं से ही कंसेप्ट्स मजबूत किए जाएं तो आगे की तैयारी काफी आसान हो जाती है। एक तरह से एलन में जाकर मुझे घर जैसा महसूस होता था। फैकल्टीज हो या स्टाफ, हर कोई हमेशा स्टूडेंट के साथ खड़ा दिखाई देता है। जेइई की तैयारी का जो सफर रहा उसमें एलन की फैकल्टीज एवं इंस्टीट्यूट के एनवायरमेंट का काफी सपोर्ट रहा। दर्श कहते हैं, मैंने हमेशा विषय को समझने पर फोकस किया, रटने पर नहीं। नियमित टेस्ट, उनकी एनालिसिस और अपनी कमजोरियों पर काम करना मेरी तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। ओलंपियाड्स में भाग लेने से कठिन समस्याओं को हल करने का आत्मविश्वास बढ़ता है, इसलिए विद्यार्थियों को उनमें भी भाग लेना चाहिए। इसके लिए मैं डेली वॉक करता था और बैडमिंटन खेलता हूं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.