कटनी नगर निगम इन दिनों वित्तीय संकट से जूझ रहा है। दरअसल, सरकारी विभागों पर सालों से लंबित सेवा कर की वजह से है। निगम के अनुसार विभिन्न शासकीय संपत्तियों पर कुल 3 करोड़ 81 लाख 48 हजार 560 रुपए का कर बकाया है। यह राशि वित्तीय 2010-11 से लेकर 2025-26 तक की अवधि से जुड़ी है। लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण निगम की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। विकास कार्यों पर पड़ रहा असर निगम अधिकारियों का कहना है कि बकाया राशि के चलते शहर के जरूरी विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सड़कों की मरम्मत, नालियों की सफाई, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था और पार्कों के रखरखाव जैसे कामों के लिए पर्याप्त फंड नहीं मिल पा रहा है। जब संबंधित विभागों से संपर्क किया जाता है तो वे बजट की कमी का हवाला देकर भुगतान टाल देते हैं। 56 विभागों पर बकाया, पांच बड़े देनदार निगम की सूची में कुल 56 सरकारी विभाग शामिल हैं जिन पर सेवा कर बकाया है। इनमें पांच प्रमुख बकायादार इस प्रकार हैं: सचिव, कृषि उपज मंडी- 86 लाख 21 हजार 263 रुपए जिला अस्पताल- 53 लाख 32 हजार 035 रुपए शासकीय तिलक महाविद्यालय-37 लाख 62 हजार 719 रुपए शासकीय औद्योगिक संस्थान (आईटीआई) – 30 लाख 58 हजार 260 रुपए कलेक्टर कार्यालय (जिला दण्डाधिकारी)-14 लाख 79 हजार 653 रुपए अधिकारियों ने जारी किया नोटिस वित्तीय साल की समाप्ति नजदीक आते ही निगम ने वसूली अभियान तेज कर दिया है। राजस्व अधिकारी जागेश्वर प्रसाद पाठक ने बिलैया तलैया स्थित निगम की 15 दुकानों के आवंटियों को तीन दिन में किराया जमा करने का नोटिस दिया है। समय पर भुगतान नहीं होने पर लीज निरस्त कर दुकानों में ताला लगाने की चेतावनी दी गई है। आम नागरिकों के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं और बकाया न चुकाने वालों के नल कनेक्शन भी काटे जा रहे हैं। समयसीमा में वसूली का प्रयास नगर निगम आयुक्त तपस्या परिहार ने बताया कि कर वसूली के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। शासकीय विभागों को पत्र भेजकर समयसीमा में भुगतान करने को कहा गया है। उनका कहना है कि प्रयास है कि वसूली पूरी हो, ताकि शहर की मूलभूत सुविधाएं प्रभावित न हों।











































