Wednesday, 08 Apr 2026 | 10:28 AM

Trending :

ग्वालियर में मां की लाश के साथ 5दिन रहे भाई-बहन:डेढ़ माह बाद भी कह रहे- मां हमें लेने जरूर आएगी; कीड़े पड़ने पर पुलिस ने बीमार कहकर उठाया था शव रेपो रेट में बदलाव नहीं, लोन महंगे नहीं होंगे:RBI ने ब्याज दर 5.25% पर बरकरार रखी; 2025 में चार बार में 1.25% की कटौती दिन में 4 बार खाना खाया, फिर भी 2 महीने में घटा लिया 12 किलो वजन ! शख्स ने बताया अनोखा वेट लॉस प्लान तरबूज के बीज के फायदे: तरबूज खाने के बाद कैसे देते हैं बीज? कई सौ रुपये किलो बिकती हैं ये सीड्स, जानें फायदे और सेवन का सही तरीका 'फेक रिफंड स्कैम' से ठगी के दो मामले दर्ज:मंडला में अपराधी फर्जी SMS भेजकर पैसे वापस मंगाकर कर रहे धोखाधड़ी Indian Stock Market Surges | Nifty, Banks, Realty, Auto Shares Rally
EXCLUSIVE

ग्रामीण इलाकों में आम सा दिखने वाला मकोय का पौधा, पेट की गंभीर बीमारियों में फायदेमंद, एक्सपर्ट की सलाह पर करें उपयोग

ask search icon

Last Updated:

वैद्य वेद प्रकाश पांडेय बताते हैं कि मकोय का पौधा लीवर से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद माना जाता है. पीलिया के मरीजों को इसका उपयोग करने की सलाह दी जाती है. इसके अलावा यह पेट से जुड़ी दिक्कतों जैसे गैस, अपच और कब्ज में भी राहत देता है. यह पौधा आमतौर पर गांव में नजर आता है. मकोय को कई जगह काकमाची भी कहा जाता है. इसके छोटे-छोटे काले फल और हरे पत्ते होते हैं. आयुर्वेद में इस पौधे का खास महत्व बताया गया है.

खेतों और आसपास के इलाकों में आसानी से मिलने वाला मकोय का पौधा देखने में भले ही साधारण लगता हो, लेकिन इसके औषधीय गुण इसे खास बनाते हैं. ग्रामीण इलाकों में लोग इसे लंबे समय से घरेलू इलाज के रूप में इस्तेमाल करते आ रहे हैं. मकोय को कई जगह काकमाची भी कहा जाता है. इसके छोटे-छोटे काले फल और हरे पत्ते होते हैं. आयुर्वेद में इस पौधे का खास महत्व बताया गया है.

मकोय का पौधा

मकोय लीवर के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है. खासकर पीलिया (जॉन्डिस) जैसी बीमारी में इसका इस्तेमाल पुराने समय से घरेलू इलाज के रूप में किया जाता रहा है. ग्रामीण इलाकों में लोग इसके पत्तों का रस या काढ़ा बनाकर पीते हैं, जिससे लीवर को साफ करने और उसकी कार्यक्षमता बेहतर करने में मदद मिलती है. मकोय में ऐसे प्राकृतिक गुण पाए जाते हैं, जो शरीर से विषैले तत्व (टॉक्सिन) बाहर निकालने में सहायक होते हैं.

मकोय

 मकोय पेट से जुड़ी समस्याओं में भी काफी लाभकारी माना जाता है. आजकल बदलती खानपान की आदतों की वजह से गैस, अपच और कब्ज जैसी दिक्कतें आम हो गई है, ऐसे में मकोय एक आसान घरेलू उपाय बन सकता है. लोग इसके पत्तों का साग बनाकर खाते हैं, जो पाचन तंत्र को मजबूत करने में मदद करता है. यह पेट को साफ रखने में सहायक होता है और कब्ज की समस्या को धीरे-धीरे कम कर सकता है.वेद प्रकाश पांडेय बताते है कि मकोय का पौधा बुखार में भी उपयोगी माना जाता है. जब किसी व्यक्ति को बुखार होता है, तो शरीर में कमजोरी और थकान महसूस होने लगती है. ऐसे में मकोय के पत्तों का काढ़ा पीना पारंपरिक रूप से लाभकारी माना जाता है. लोग इसके पत्तों को उबालकर काढ़ा तैयार करते हैं और इसका सेवन करते हैं. यह शरीर का तापमान नियंत्रित करने में मदद कर सकता है और बुखार के दौरान होने वाली कमजोरी को कम करने में सहायक होता है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

मकोय

मकोय का पौधा त्वचा से जुड़ी समस्याओं में भी काफी असरदार माना जाता है. खुजली, दाद, जलन या एलर्जी जैसी दिक्कतों में इसका उपयोग पुराने समय से घरेलू उपचार के रूप में किया जाता रहा है. मकोय के ताजे पत्तों को पीसकर उसका लेप प्रभावित जगह पर लगाते हैं. इससे त्वचा को ठंडक मिलती है और जलन व खुजली में राहत महसूस होती है. मकोय का पौधा मुंह के छालों में भी राहत देने वाला माना जाता है. मुंह में छाले होना आम समस्या है, लेकिन इससे खाने-पीने और बोलने में काफी परेशानी होती है. ऐसे में मकोय के पत्तों का रस उपयोगी माना जाता है. मकोय के ताजे पत्तों का रस निकालकर छालों पर लगाते हैं, जिससे जलन और दर्द में राहत मिलती है. यह छालों को जल्दी भरने में भी मदद कर सकता है.

मकोय

वैद्य वेद प्रकाश पांडेय बताते है कि मकोय के कई फायदे हैं, लेकिन इसका इस्तेमाल सही मात्रा में करना बहुत जरूरी है. ज्यादा मात्रा में सेवन करने से नुकसान भी हो सकता है. इसलिए किसी भी बीमारी में इसका उपयोग करने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
मिराए-एसेट का नाम एशिया और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में:फाइनेंशियल लिटरेसी कैंपेन से 39,833 महिलाओं को किया जागरूक, 320 कॉलेजों तक पहुंचा

March 17, 2026/
10:14 am

विमेंस डे के मौके पर मिराए एसेट म्यूचुअल फंड ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी का नाम ‘एशिया...

Ali Fazal & Sonali Bendre Rakh First Look

March 19, 2026/
8:18 pm

15 मिनट पहले कॉपी लिंक मुंबई में आयोजित ‘प्राइम वीडियो 2026’ कार्यक्रम में सस्पेंस-थ्रिलर वेब सीरीज ‘राख’ का फर्स्ट लुक...

छवि अपलोड की गई

April 4, 2026/
2:40 pm

खरबूजा कैसे खरीदें: फल हम सभी को खाना पसंद करते हैं। वहीं गर्मियों में खरबूजा खाना हर किसी को पसंद...

फतेहगढ़ साहिब के वकील की कनाडा में मौत:कार चलाते समय आया हार्ट अटैक, तीन साल पहले परिवार के साथ विदेश गए

March 24, 2026/
2:28 pm

फतेहगढ़ साहिब के 42 वर्षीय वकील हर्षविंदर सिंह चीमा का कनाडा में निधन हो गया है। उनकी मृत्यु दिल का...

इंश्योरेंस विज्ञापन में कम दाम, पेमेंट के वक्त वसूली ज्यादा:82% यूजर्स ने झेला धोखा; पॉलिसीबाजार जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स शामिल

March 20, 2026/
1:42 pm

डिजिटल दौर में इंश्योरेंस खरीदना आसान तो हुआ है, लेकिन डार्क पैटर्न्स का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ा है। लोकलसर्किल...

RBSE 12th Result 2026 Date Live: Scorecards soon at rajeduboard.rajasthan.gov.in.

March 30, 2026/
10:45 am

आखरी अपडेट:30 मार्च, 2026, 10:45 IST न्यूज18 राज्यसभा चुनाव के बाद नीतीश कुमार ने बिहार विधान परिषद से इस्तीफा दे...

जॉब - शिक्षा

ग्रामीण इलाकों में आम सा दिखने वाला मकोय का पौधा, पेट की गंभीर बीमारियों में फायदेमंद, एक्सपर्ट की सलाह पर करें उपयोग

ask search icon

Last Updated:

वैद्य वेद प्रकाश पांडेय बताते हैं कि मकोय का पौधा लीवर से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद माना जाता है. पीलिया के मरीजों को इसका उपयोग करने की सलाह दी जाती है. इसके अलावा यह पेट से जुड़ी दिक्कतों जैसे गैस, अपच और कब्ज में भी राहत देता है. यह पौधा आमतौर पर गांव में नजर आता है. मकोय को कई जगह काकमाची भी कहा जाता है. इसके छोटे-छोटे काले फल और हरे पत्ते होते हैं. आयुर्वेद में इस पौधे का खास महत्व बताया गया है.

खेतों और आसपास के इलाकों में आसानी से मिलने वाला मकोय का पौधा देखने में भले ही साधारण लगता हो, लेकिन इसके औषधीय गुण इसे खास बनाते हैं. ग्रामीण इलाकों में लोग इसे लंबे समय से घरेलू इलाज के रूप में इस्तेमाल करते आ रहे हैं. मकोय को कई जगह काकमाची भी कहा जाता है. इसके छोटे-छोटे काले फल और हरे पत्ते होते हैं. आयुर्वेद में इस पौधे का खास महत्व बताया गया है.

मकोय का पौधा

मकोय लीवर के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है. खासकर पीलिया (जॉन्डिस) जैसी बीमारी में इसका इस्तेमाल पुराने समय से घरेलू इलाज के रूप में किया जाता रहा है. ग्रामीण इलाकों में लोग इसके पत्तों का रस या काढ़ा बनाकर पीते हैं, जिससे लीवर को साफ करने और उसकी कार्यक्षमता बेहतर करने में मदद मिलती है. मकोय में ऐसे प्राकृतिक गुण पाए जाते हैं, जो शरीर से विषैले तत्व (टॉक्सिन) बाहर निकालने में सहायक होते हैं.

मकोय

 मकोय पेट से जुड़ी समस्याओं में भी काफी लाभकारी माना जाता है. आजकल बदलती खानपान की आदतों की वजह से गैस, अपच और कब्ज जैसी दिक्कतें आम हो गई है, ऐसे में मकोय एक आसान घरेलू उपाय बन सकता है. लोग इसके पत्तों का साग बनाकर खाते हैं, जो पाचन तंत्र को मजबूत करने में मदद करता है. यह पेट को साफ रखने में सहायक होता है और कब्ज की समस्या को धीरे-धीरे कम कर सकता है.वेद प्रकाश पांडेय बताते है कि मकोय का पौधा बुखार में भी उपयोगी माना जाता है. जब किसी व्यक्ति को बुखार होता है, तो शरीर में कमजोरी और थकान महसूस होने लगती है. ऐसे में मकोय के पत्तों का काढ़ा पीना पारंपरिक रूप से लाभकारी माना जाता है. लोग इसके पत्तों को उबालकर काढ़ा तैयार करते हैं और इसका सेवन करते हैं. यह शरीर का तापमान नियंत्रित करने में मदद कर सकता है और बुखार के दौरान होने वाली कमजोरी को कम करने में सहायक होता है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

मकोय

मकोय का पौधा त्वचा से जुड़ी समस्याओं में भी काफी असरदार माना जाता है. खुजली, दाद, जलन या एलर्जी जैसी दिक्कतों में इसका उपयोग पुराने समय से घरेलू उपचार के रूप में किया जाता रहा है. मकोय के ताजे पत्तों को पीसकर उसका लेप प्रभावित जगह पर लगाते हैं. इससे त्वचा को ठंडक मिलती है और जलन व खुजली में राहत महसूस होती है. मकोय का पौधा मुंह के छालों में भी राहत देने वाला माना जाता है. मुंह में छाले होना आम समस्या है, लेकिन इससे खाने-पीने और बोलने में काफी परेशानी होती है. ऐसे में मकोय के पत्तों का रस उपयोगी माना जाता है. मकोय के ताजे पत्तों का रस निकालकर छालों पर लगाते हैं, जिससे जलन और दर्द में राहत मिलती है. यह छालों को जल्दी भरने में भी मदद कर सकता है.

मकोय

वैद्य वेद प्रकाश पांडेय बताते है कि मकोय के कई फायदे हैं, लेकिन इसका इस्तेमाल सही मात्रा में करना बहुत जरूरी है. ज्यादा मात्रा में सेवन करने से नुकसान भी हो सकता है. इसलिए किसी भी बीमारी में इसका उपयोग करने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.