Sunday, 12 Jul 2026 | 10:18 AM

Trending :

EXCLUSIVE

Indias Miracle Archer Payal Wins Gold

Indias Miracle Archer Payal Wins Gold
  • Hindi News
  • Career
  • Indias Miracle Archer Payal Wins Gold | Asian Championship Champ

5 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

18 साल की पैरा आर्चर पायल नाग ने पहले ही इंटरनेशनल टूर्नामेंट में गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया। वे दुनिया की पहली क्वाड्रपल एम्प्युटी आर्चर हैं यानी बिना हाथ और पैर की आर्चर पायल मुंह से पकड़कर धनुष चलाती हैं। मुंह‍ से पेंटिंग के लिए वायरल हुईं पायल अब आर्चरी में नए रिकॉर्ड बना रही हैं। जानते हैं उनके जुनून और जज्बे की पूरी कहानी…

4 अप्रैल को पायल ने बैंकॉक में आयोजित वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज में अपनी आइडल वर्ल्ड चैंपियन शीतल देवी को 139-136 से हराकर गोल्ड जीता और वर्ल्ड चैंपियन बनीं। अपने पहले ही नेशनल और इंटरनेशनल टूर्नामेंट्स में गोल्ड जीतने वाली पायल का तीरंदाजी में निशाना जितनी आसानी से लगता है, तीरंदाजी तक का उनका सफर उतना ही मुश्किल रहा है।

बचपन में हुए हादसे में दोनों हाथ-पैर गंवाए

अप्रैल 2015 की बात है। माता-पिता काम पर थे। तीसरी क्लास में पढ़ रही पायल जब रायपुर में अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग की पांचवीं मंजिल पर छोटे भाई के साथ खेल रही थीं, तभी एक 11 हजार वोल्ट के तार पर उनका पैर पड़ गया। इलेक्ट्रिक शॉक से वे बुरी तरह झुलस गईं। डॉक्टर्स को उनकी जान बचाने के लिए उनके दोनों हाथ और पैर काटने पड़े।

मां ने मुंह में पेन पकड़ाकर कहा, ‘अब यही तुम्हारा हाथ है’

हादसे के पांच महीने बाद परिवार वापस अपने गांव जमुनाबहाल, ओडिशा लौटा। पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने मां जनता और पिता बिजय नाग से कहा, ‘अब ये बच्ची क्या ही कर पाएगी। इसे जहर देकर मार क्यों नहीं देती!’ इन कड़वी बातों ने पायल को तोड़ने की बजाय उन्हें और मजबूत बना दिया, उनमें कुछ कर दिखाने का जुनून भर दिया।

उनका पढ़ने में मन लगता तो मां ने एक दिन मुंह में पेन पकड़ाकर कहा, ‘अब यही तुम्हारा हाथ है।’ उनके पिता ने एक इंटरव्यू में बताया कि पायल घर पर ही पढ़ती और अपने गांव के नदी-पहाड़ तो कभी सीनरी बनाती। ऐसे उन्होंने स्केचिंग सीखी।

जब स्थानीय प्रशासन को घटना की जानकारी मिली, तो उन्होंने परिवार को मुआवजा दिया। पायल घर पर रहकर पढ़तीं, पर परिवार के लिए पायल की देखरेख करना मुश्किल होता जा रहा था।

पेंटिंग के लिए स्टेट लेवल गोल्ड जीता

2019 में बलांगिर प्रशासन ने पायल को परबतीगिरी बालनिकेतन अनाथालय में भेज दिया, ताकि उसकी पढ़ाई और देखभाल अच्छे से हो सके। अनाथालय में काफी समय स्केचिंग करती बिताती। उन्हें रंगों से और लगाव हो गया। वे अपनी जिंदगी के खाली कैनवास में रंग भरने लगीं।

पायल को गुड़ीघाट हाई स्कूल में दाखिला मिला था, जहां उन्हें स्कूल जाने-आने में परेशानी होती थी। इसलिए 2021 में स्कूल से ड्रॉपआउट लेना पड़ा। बाद में सादेईपाली पल्लीश्री हाई स्कूल में 9वीं क्लास में दाखिला मिला। वे स्कूल में पेंटिंग कॉम्पिटिशंस में पार्टिसिपेट करने लगीं। धीरे-धीरे उन कॉम्पिटिशंस में जीतने लगीं। 2022 में उन्होंने स्वच्छता और शिक्षा थीम पर ब्लॉक लेवल पेंटिंग कॉम्पिटिशन में फर्स्ट प्राइज जीता। वहीं डिस्ट्रिक्ट लेवल कॉम्पिटिशन में सेकेंड प्राइज जीतीं। पेंटिंग कॉम्पिटिशन में स्टेट लेवल पर गोल्ड जीत चुकीं हैं।

पायल माउथ-पेंटिंग में स्टेट लेवल पर गोल्ड जीत चुकी हैं।

पायल माउथ-पेंटिंग में स्टेट लेवल पर गोल्ड जीत चुकी हैं।

तस्वीर वायरल हुई तो कोच कुलदीप वेदवान ने ढूंढ़ा

पेंटिंग के प्रति पायल के लगाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने उनके हुनर को निखारने के लिए एक आर्ट ट्यूटर भी दिया। अप्रैल 2023 में उन्होंने तब डेवलपमेंट कमीश्नर रहीं अनु अग्रवाल की पेंटिंग बनाकर उन्हें गिफ्ट की थी।

इसी साल सोशल मीडिया पर पायल की मुंह से पेंटिंग करती हुई तस्वीर वायरल हुई थी। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर पैरा आर्चरी कोच कुलदीप वेदवान ने देखी, उन्हें पायल में पोटेंशियल दिखा। कुलदीप वेदवान पायल को ट्रेनिंग के लिए अपने एकेडमी श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB), कटरा, जम्मू ले आए। ये वही एकेडमी और कोच है जहां से शीतल ने तीरंदाजी की ट्रेनिंग ली थी।

शीतल के वीडियो देख अपना आइडल बनाया

पायल को इससे पहले आर्चरी के बारे में कुछ भी नहीं पता था। उन्होंने पैरा आर्चर शीतल की आर्चरी की कई वीडियोज देखी थीं। उनकी आर्चरी में दिलचस्पी बढ़ी तो शीतल उनकी आइडल बन गईं। शीतल को देख उनमें आत्मविश्वास जगा और कोच कुलदीप ने भी भरोसा दिलाया कि वो कर सकती हैं।

पायल ने एक इंटरव्यू में बताया, ‘जब मैं पहला बार एकेडमी गई तो मैंने देखा सबके हाथ-पैर थे। बच्चे हाथ से धनुष पकड़ रहे थे। मुझे लगा मैं ये कैसे कर पाउंगी। पर मेरे गुरु ने भरोसा दिलाया कि मैं ये कर सकती हूं।’

पहले भी नेशनल में शीतल को हराकर नेशनल चैंपियन बनी थी

पायल ने कुछ वक्त तक SMVDSB एकेडमी में शीतल के साथ ट्रेनिंग की। दो साल की ट्रेनिंग के बाद 2025 में पहले नेशनल आर्चरी टूर्नामेंट में भाग लिया। अपने पहले ही नेशनल टूर्नामेंट में वर्ल्ड नंबर वन पैरा आर्चर शीतल देवी और पैरालंपियन ज्योति बालियान जैसे पैरा आर्चरी के दिग्गजों को हराकर गोल्ड जीतीं।

तो ये पहली बार नहीं जब उन्होंने अपनी आइडल को हराया है। इससे पहले भी वे जयपुर में आयोजित नेशनल पैरा ओलंपिक में शीतल देवी को हराकर नेशनल चैंपियन बनी थीं।

इससे पहले वे दो बार शीतल से हार भी चुकी हैं। मार्च 2025 में खेलो इंडिया पैरा गेम्स (KIPG) और जनवरी-फरवरी 2026 NTPC पैरा आर्चरी नेशनल चैंपियनशिप में उन्होंने सिल्वर जीता था।

‘इंडियाज मिरेकल आर्चर’ नाम मिला

वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज 2026 में भी शीतल और पायल पहले एक साथ टीम में खेलीं, फिर एक-दूसरे के खिलाफ। पहले उन्होंने टीम में साथ जीता फिर शीतल को हराकर पायल ने गोल्ड जीता। पायल के इस जज्बे और उनकी परफॉर्मेंस को देखते शीतल देवी ने उन्हें ‘इंडियाज मिरेकल आर्चर’ उपनाम दिया।

पायल प्रोस्थेटिक लेग्स से धनुष को पकड़कर, कंधे के सहारे तीर रखकर मुंह से स्ट्रिंग खिंचती हैं।

पायल प्रोस्थेटिक लेग्स से धनुष को पकड़कर, कंधे के सहारे तीर रखकर मुंह से स्ट्रिंग खिंचती हैं।

कोच के स्पेशल डिवाइस ने गोल्ड जिताया

पायल पहले धनुष को दोनों पैरों से पकड़कर ही तीर छोड़ती थीं। हालांकि इंटरनेशनल आर्चरी के नॉर्म के हिसाब से आप दोनों पैर की मदद से तीर नहीं छोड़ सकते। इसलिए कोच कुलदीप ने पायल के लिए स्पेशल धनुष बनाया। कुलदीप बताते हैं, ‘मैंने एक दूसरा डिवाइस बनाया जिसे पायल एक पैर से इस्तेमाल करती है। अब वो दाहिने पैर से धनुष उठाती है और दाहिने कंधे की मदद से तीर से निशाना लगाती है।’ ऐसे पायल ने गोल्ड जीता है।

पैरालंपिक 2028 में गोल्ड जीतने का सपना है

इस शानदार जीत के बाद पायल बोलीं, ‘मन में था कि अपना बेस्ट दूंगी।’ इसके बाद अब वे टोक्यो पैरा एशियन गेम्स के लिए तैयारी में जुटी हैं। हालांकि, उनका सपना पैरालंपिक 2028 में भारत के लिए गोल्ड जीतने का है।

स्टोरी – सोनाली राय

—————————- ये खबर भी पढ़ें…

स्‍कूल में अपना सरनेम छिपाती थीं अनन्‍या बिड़ला:बिजनेस-म्‍यूजिक स्विच करने को कपड़े बदलती हैं, स्‍टाफ के लिए मेंटल हेल्‍थ लीव; जानें प्रोफाइल

इंडियन प्रीमियर लीग के पहले मैच से ही अनन्या बिड़ला ट्रेंड कर रही हैं। क्रिकेट फैंस ऑनलाइन उन्हें रॉयल चैलेंजर्स बैंगलॉर की ‘लकी चार्म’ कह रहे हैं तो कभी उन्हें ‘नेशनल क्रश’ बता रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
India-Russia Urea Plant to Cut Mideast Dependence

April 28, 2026/
3:34 pm

नई दिल्ली26 मिनट पहले कॉपी लिंक यूरिया संकट के बीच भारत और रूस ने जॉइंट वेंचर में फर्टिलाइजर प्लांट लगाने...

जबलपुर में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद बैठक में हंगामा:ऑनलाइन सेंटर प्रभारी और सदस्य में नोकझोंक, सदस्यों ने वॉकआउट भी किया

February 21, 2026/
12:05 am

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (रादुविवि) की कार्यपरिषद बैठक शुक्रवार को हंगामे की भेंट चढ़ गई। इस दौरान ऑनलाइन सेंटर प्रभारी आरके...

माफी मांगने के लिए पैरों पर गिर गई थीं कश्मीरा:सुनीता आहूजा सुलह पर बोलीं- रो-रोकर माफी मांगी, कृष्णा बोले- हमारे बारे में बातें हो रही हैं

July 1, 2026/
10:34 am

इन दिनों रियलिटी शो लॉक अप में नजर आ रहीं गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने कृष्णा अभिषेक और कश्मीरा...

तरबूज़ मोजिटो रेसिपी

May 4, 2026/
1:12 pm

4 मई 2026 को 13:18 IST पर अद्यतन किया गया वॉटरमेलन मोजिटो रेसिपी: गर्मी का मौसम आते ही शरीर को...

जन्मदिन पर फैंस से मिले अजय देवगन:घर के बाहर एक्टर के हमशक्ल भी पहुंचे; रोहित शेट्टी ने शेयर किया 90 के दशक का वीडियो

April 2, 2026/
3:25 pm

बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन आज यानी 2 अप्रैल को अपना 57वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर उन्होंने...

रायसेन में विहिप-बजरंग दल का प्रदर्शन, SDM को सौंपा ज्ञापन:लव जिहाद-धर्मांतरण रोकने सख्त कानून की मांग, सुरक्षा मुद्दों पर जताई चिंता

April 18, 2026/
6:49 pm

विश्व हिन्दू परिषद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शनिवार शाम 5 बजे रायसेन में एसडीएम कार्यालय पहुंचकर एसडीएम मनीष शर्मा...

राजनीति

Indias Miracle Archer Payal Wins Gold

Indias Miracle Archer Payal Wins Gold
  • Hindi News
  • Career
  • Indias Miracle Archer Payal Wins Gold | Asian Championship Champ

5 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

18 साल की पैरा आर्चर पायल नाग ने पहले ही इंटरनेशनल टूर्नामेंट में गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया। वे दुनिया की पहली क्वाड्रपल एम्प्युटी आर्चर हैं यानी बिना हाथ और पैर की आर्चर पायल मुंह से पकड़कर धनुष चलाती हैं। मुंह‍ से पेंटिंग के लिए वायरल हुईं पायल अब आर्चरी में नए रिकॉर्ड बना रही हैं। जानते हैं उनके जुनून और जज्बे की पूरी कहानी…

4 अप्रैल को पायल ने बैंकॉक में आयोजित वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज में अपनी आइडल वर्ल्ड चैंपियन शीतल देवी को 139-136 से हराकर गोल्ड जीता और वर्ल्ड चैंपियन बनीं। अपने पहले ही नेशनल और इंटरनेशनल टूर्नामेंट्स में गोल्ड जीतने वाली पायल का तीरंदाजी में निशाना जितनी आसानी से लगता है, तीरंदाजी तक का उनका सफर उतना ही मुश्किल रहा है।

बचपन में हुए हादसे में दोनों हाथ-पैर गंवाए

अप्रैल 2015 की बात है। माता-पिता काम पर थे। तीसरी क्लास में पढ़ रही पायल जब रायपुर में अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग की पांचवीं मंजिल पर छोटे भाई के साथ खेल रही थीं, तभी एक 11 हजार वोल्ट के तार पर उनका पैर पड़ गया। इलेक्ट्रिक शॉक से वे बुरी तरह झुलस गईं। डॉक्टर्स को उनकी जान बचाने के लिए उनके दोनों हाथ और पैर काटने पड़े।

मां ने मुंह में पेन पकड़ाकर कहा, ‘अब यही तुम्हारा हाथ है’

हादसे के पांच महीने बाद परिवार वापस अपने गांव जमुनाबहाल, ओडिशा लौटा। पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने मां जनता और पिता बिजय नाग से कहा, ‘अब ये बच्ची क्या ही कर पाएगी। इसे जहर देकर मार क्यों नहीं देती!’ इन कड़वी बातों ने पायल को तोड़ने की बजाय उन्हें और मजबूत बना दिया, उनमें कुछ कर दिखाने का जुनून भर दिया।

उनका पढ़ने में मन लगता तो मां ने एक दिन मुंह में पेन पकड़ाकर कहा, ‘अब यही तुम्हारा हाथ है।’ उनके पिता ने एक इंटरव्यू में बताया कि पायल घर पर ही पढ़ती और अपने गांव के नदी-पहाड़ तो कभी सीनरी बनाती। ऐसे उन्होंने स्केचिंग सीखी।

जब स्थानीय प्रशासन को घटना की जानकारी मिली, तो उन्होंने परिवार को मुआवजा दिया। पायल घर पर रहकर पढ़तीं, पर परिवार के लिए पायल की देखरेख करना मुश्किल होता जा रहा था।

पेंटिंग के लिए स्टेट लेवल गोल्ड जीता

2019 में बलांगिर प्रशासन ने पायल को परबतीगिरी बालनिकेतन अनाथालय में भेज दिया, ताकि उसकी पढ़ाई और देखभाल अच्छे से हो सके। अनाथालय में काफी समय स्केचिंग करती बिताती। उन्हें रंगों से और लगाव हो गया। वे अपनी जिंदगी के खाली कैनवास में रंग भरने लगीं।

पायल को गुड़ीघाट हाई स्कूल में दाखिला मिला था, जहां उन्हें स्कूल जाने-आने में परेशानी होती थी। इसलिए 2021 में स्कूल से ड्रॉपआउट लेना पड़ा। बाद में सादेईपाली पल्लीश्री हाई स्कूल में 9वीं क्लास में दाखिला मिला। वे स्कूल में पेंटिंग कॉम्पिटिशंस में पार्टिसिपेट करने लगीं। धीरे-धीरे उन कॉम्पिटिशंस में जीतने लगीं। 2022 में उन्होंने स्वच्छता और शिक्षा थीम पर ब्लॉक लेवल पेंटिंग कॉम्पिटिशन में फर्स्ट प्राइज जीता। वहीं डिस्ट्रिक्ट लेवल कॉम्पिटिशन में सेकेंड प्राइज जीतीं। पेंटिंग कॉम्पिटिशन में स्टेट लेवल पर गोल्ड जीत चुकीं हैं।

पायल माउथ-पेंटिंग में स्टेट लेवल पर गोल्ड जीत चुकी हैं।

पायल माउथ-पेंटिंग में स्टेट लेवल पर गोल्ड जीत चुकी हैं।

तस्वीर वायरल हुई तो कोच कुलदीप वेदवान ने ढूंढ़ा

पेंटिंग के प्रति पायल के लगाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने उनके हुनर को निखारने के लिए एक आर्ट ट्यूटर भी दिया। अप्रैल 2023 में उन्होंने तब डेवलपमेंट कमीश्नर रहीं अनु अग्रवाल की पेंटिंग बनाकर उन्हें गिफ्ट की थी।

इसी साल सोशल मीडिया पर पायल की मुंह से पेंटिंग करती हुई तस्वीर वायरल हुई थी। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर पैरा आर्चरी कोच कुलदीप वेदवान ने देखी, उन्हें पायल में पोटेंशियल दिखा। कुलदीप वेदवान पायल को ट्रेनिंग के लिए अपने एकेडमी श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB), कटरा, जम्मू ले आए। ये वही एकेडमी और कोच है जहां से शीतल ने तीरंदाजी की ट्रेनिंग ली थी।

शीतल के वीडियो देख अपना आइडल बनाया

पायल को इससे पहले आर्चरी के बारे में कुछ भी नहीं पता था। उन्होंने पैरा आर्चर शीतल की आर्चरी की कई वीडियोज देखी थीं। उनकी आर्चरी में दिलचस्पी बढ़ी तो शीतल उनकी आइडल बन गईं। शीतल को देख उनमें आत्मविश्वास जगा और कोच कुलदीप ने भी भरोसा दिलाया कि वो कर सकती हैं।

पायल ने एक इंटरव्यू में बताया, ‘जब मैं पहला बार एकेडमी गई तो मैंने देखा सबके हाथ-पैर थे। बच्चे हाथ से धनुष पकड़ रहे थे। मुझे लगा मैं ये कैसे कर पाउंगी। पर मेरे गुरु ने भरोसा दिलाया कि मैं ये कर सकती हूं।’

पहले भी नेशनल में शीतल को हराकर नेशनल चैंपियन बनी थी

पायल ने कुछ वक्त तक SMVDSB एकेडमी में शीतल के साथ ट्रेनिंग की। दो साल की ट्रेनिंग के बाद 2025 में पहले नेशनल आर्चरी टूर्नामेंट में भाग लिया। अपने पहले ही नेशनल टूर्नामेंट में वर्ल्ड नंबर वन पैरा आर्चर शीतल देवी और पैरालंपियन ज्योति बालियान जैसे पैरा आर्चरी के दिग्गजों को हराकर गोल्ड जीतीं।

तो ये पहली बार नहीं जब उन्होंने अपनी आइडल को हराया है। इससे पहले भी वे जयपुर में आयोजित नेशनल पैरा ओलंपिक में शीतल देवी को हराकर नेशनल चैंपियन बनी थीं।

इससे पहले वे दो बार शीतल से हार भी चुकी हैं। मार्च 2025 में खेलो इंडिया पैरा गेम्स (KIPG) और जनवरी-फरवरी 2026 NTPC पैरा आर्चरी नेशनल चैंपियनशिप में उन्होंने सिल्वर जीता था।

‘इंडियाज मिरेकल आर्चर’ नाम मिला

वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज 2026 में भी शीतल और पायल पहले एक साथ टीम में खेलीं, फिर एक-दूसरे के खिलाफ। पहले उन्होंने टीम में साथ जीता फिर शीतल को हराकर पायल ने गोल्ड जीता। पायल के इस जज्बे और उनकी परफॉर्मेंस को देखते शीतल देवी ने उन्हें ‘इंडियाज मिरेकल आर्चर’ उपनाम दिया।

पायल प्रोस्थेटिक लेग्स से धनुष को पकड़कर, कंधे के सहारे तीर रखकर मुंह से स्ट्रिंग खिंचती हैं।

पायल प्रोस्थेटिक लेग्स से धनुष को पकड़कर, कंधे के सहारे तीर रखकर मुंह से स्ट्रिंग खिंचती हैं।

कोच के स्पेशल डिवाइस ने गोल्ड जिताया

पायल पहले धनुष को दोनों पैरों से पकड़कर ही तीर छोड़ती थीं। हालांकि इंटरनेशनल आर्चरी के नॉर्म के हिसाब से आप दोनों पैर की मदद से तीर नहीं छोड़ सकते। इसलिए कोच कुलदीप ने पायल के लिए स्पेशल धनुष बनाया। कुलदीप बताते हैं, ‘मैंने एक दूसरा डिवाइस बनाया जिसे पायल एक पैर से इस्तेमाल करती है। अब वो दाहिने पैर से धनुष उठाती है और दाहिने कंधे की मदद से तीर से निशाना लगाती है।’ ऐसे पायल ने गोल्ड जीता है।

पैरालंपिक 2028 में गोल्ड जीतने का सपना है

इस शानदार जीत के बाद पायल बोलीं, ‘मन में था कि अपना बेस्ट दूंगी।’ इसके बाद अब वे टोक्यो पैरा एशियन गेम्स के लिए तैयारी में जुटी हैं। हालांकि, उनका सपना पैरालंपिक 2028 में भारत के लिए गोल्ड जीतने का है।

स्टोरी – सोनाली राय

—————————- ये खबर भी पढ़ें…

स्‍कूल में अपना सरनेम छिपाती थीं अनन्‍या बिड़ला:बिजनेस-म्‍यूजिक स्विच करने को कपड़े बदलती हैं, स्‍टाफ के लिए मेंटल हेल्‍थ लीव; जानें प्रोफाइल

इंडियन प्रीमियर लीग के पहले मैच से ही अनन्या बिड़ला ट्रेंड कर रही हैं। क्रिकेट फैंस ऑनलाइन उन्हें रॉयल चैलेंजर्स बैंगलॉर की ‘लकी चार्म’ कह रहे हैं तो कभी उन्हें ‘नेशनल क्रश’ बता रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.