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अगर आप बिना ज्यादा मेहनत के अपनी सेहत सुधारना चाहते हैं, तो यह आसान योगासन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है. इसे रोज करने से शरीर में लचीलापन बढ़ता है, पाचन बेहतर होता है और तनाव भी कम होने लगता है. खास बात यह है कि इसे करना बेहद आसान है.
उपविष्ठ कोणासन के फायदे.
योग एक स्वस्थ जीवनशैली का अहम हिस्सा है, जो शरीर और मन दोनों को संतुलित रखने में मदद करता है. नियमित योग करने से न सिर्फ शरीर फिट रहता है, बल्कि मानसिक तनाव भी कम होता है. हठ योग के कई आसन ऐसे होते हैं, जो शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर एक साथ काम करते हैं. इन्हीं में से एक है उपविष्ठ कोणासन, जो दिखने में आसान लगता है लेकिन सही तरीके से करने पर इसके कई फायदे मिलते हैं.
उपविष्ठ कोणासन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले जमीन पर सीधे बैठ जाएं और दोनों पैरों को सामने की ओर फैला लें. इसके बाद धीरे-धीरे पैरों को जितना आराम से हो सके उतना चौड़ा करें. अब सांस को सामान्य रखते हुए शरीर को धीरे-धीरे आगे की ओर झुकाएं. कोशिश करें कि पीठ सीधी रहे और हाथों को आगे बढ़ाकर पैरों की ओर ले जाएं. इस स्थिति में कुछ समय रुकें और सामान्य सांस लेते रहें, फिर धीरे-धीरे वापस सीधी स्थिति में आ जाएं.
मांसपेशियों को बनाता है मजबूत और लचीला
इस आसन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है. जब आप पैरों को फैलाकर आगे झुकते हैं, तो जांघों, हैमस्ट्रिंग और पीठ की मांसपेशियों में अच्छा खिंचाव आता है. इससे शरीर में लचीलापन बढ़ता है और अकड़न धीरे-धीरे कम होने लगती है. नियमित अभ्यास से बैठने और उठने में भी आसानी महसूस होती है.
पाचन तंत्र को करता है बेहतर
उपविष्ठ कोणासन पेट के अंदर मौजूद अंगों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. जब आप आगे झुकते हैं, तो पेट पर हल्का दबाव पड़ता है, जिससे पाचन तंत्र सक्रिय होता है. इससे भोजन सही तरीके से पचता है और गैस, कब्ज जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है. यह आसन पेट को स्वस्थ रखने में मदद करता है.
वजन घटाने में करता है मदद
यह आसन शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी को कम करने में भी सहायक हो सकता है. खासकर पेट और जांघों के आसपास की मांसपेशियां इस दौरान एक्टिव होती हैं. नियमित रूप से करने पर इन हिस्सों में फैट कम होने लगता है और शरीर ज्यादा टोन दिखने लगता है.
रीढ़ की हड्डी के लिए फायदेमंद
इस आसन के दौरान जब आप आगे झुकते हैं, तो रीढ़ की हड्डी पर हल्का स्ट्रेच आता है. इससे स्पाइन मजबूत होती है और उसका लचीलापन बढ़ता है. जो लोग लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं, उनके लिए यह आसन खासतौर पर उपयोगी होता है, क्योंकि यह पीठ के दर्द को कम करने में मदद करता है.
सांस और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार
उपविष्ठ कोणासन करते समय सांस पर ध्यान देना बहुत जरूरी होता है. इससे फेफड़ों में ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर होता है और सांस लेने की क्षमता मजबूत होती है. साथ ही जब आप इस आसन में कुछ देर शांत रहते हैं, तो मन भी धीरे-धीरे शांत होने लगता है. इससे तनाव, चिंता और बेचैनी कम होती है और आप ज्यादा रिलैक्स महसूस करते हैं.
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विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें















































