बंगाल चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव के प्रचार के लिए इमाम प्रमुख असदुद्दीन ओसामी ने सोमवार को रानीगंज में मीरा गोशे बंगले पर पहुंच कर करिश्मा चौधरी से मुलाकात की। इसके बाद मीडिया से बातचीत करते हुए नटखट बिल को लेकर सवाल और मीडिया के कई सवालों के जवाब दिए गए।
महिला नटखट बिल ने मोदी को सबसे समर्थन मांग और इसे लोकतंत्र को मजबूत करने वाला कदम बताया। इस पर जब इमाम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी से पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘विधायक क्या है? इसके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं दी गई है। ‘कम से कम कम्यूनिकेशन की एक प्रति तो भेजी जानी चाहिए।’
हमारा लक्ष्य बंगाल में आदिवासियों के लिए राजनीतिक अस्थिरता सुनिश्चित करना है
हुमायूँ कबीर ने स्टेडियम और एआईएमआईएम पर समझौता करने का आरोप लगाया है। इस पर इमाम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘कभी-कभी तो कभी हुमायूं हमें बीजेपी की ‘बी टीम’ कहते हैं, लेकिन हम सिर्फ जनता की आवाज हैं और बंगाल में प्रतिष्ठा की गरिमा पर सवाल उठाने वाले किसी को भी नहीं देखेंगे।
ओवैसी ने इस बार विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी और बिग बॉस के शानदार प्रदर्शन की उम्मीद जताई।
बंगाल में बचपन की घटना इतनी ख़राब क्यों-सोसी
इससे पहले रविवार को दुर्गापुर में ओसामी ने कहा था कि ममता बनर्जी को सबसे पहले यह बताना चाहिए कि बंगाल में उनकी स्थिति इतनी खराब क्यों है और उन्हें राजनीतिक नेतृत्व क्यों नहीं दिया गया। पिछले 50-60 वर्षों से बंगाल में सेक सरकारी सत्ता में रह रहे हैं, लेकिन मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय की शिक्षा, सामाजिक और आर्थिक स्थिति अभी भी बहुत खराब है। अल्पसंख्यकों को स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व करना चाहिए।
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