मुरैना जिला अस्पताल के नवीन प्रसूति गृह के बाहर 15 मार्च की रात कैलारस से आई एक प्रसूता को अपने-अपने अस्पताल ले जाने की होड़ में निजी अस्पतालों के दो एजेंटों के बीच फायरिंग हो गई। घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। पुलिस अस्पताल प्रबंधन की ओर से शिकायत दर्ज कराने का इंतजार कर रही है। 15 मार्च की रात लगभग 2:17 बजे एक निजी एंबुलेंस से प्रसूता डिलेवरी के लिए कैलारस से मुरैना जिला अस्पताल आई थी। जैसे ही एंबुलेंस नवीन बिल्डिंग के मुख्य गेट पर पहुंची, वहां शिवाय हॉस्पिटल और सिटी हॉस्पिटल के एजेंट पहले से मौजूद थे। महिला को अपने-अपने अस्पताल ले जाने की होड़ में दोनों एंबुलेंस धारी एजेंटों के बीच विवाद हो गया और गोलियां चल गईं। फायरिंग करने के बाद दोनों एजेंट मौके से फरार हो गए और प्रसूता भी जिला अस्पताल के बजाय इलाज के लिए कहीं और चली गई। पुलिस को शिकायत का इंतजार जिला अस्पताल परिसर में निजी अस्पतालों का हस्तक्षेप बढ़ता जा रहा है, जिससे मरीजों और स्टाफ में दहशत का माहौल है। शनिवार रात दोनों एजेंटों के बीच हुई इस फायरिंग की पूरी घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी अमित भदौरिया ने कहा, “जिला अस्पताल परिसर में मरीज ले जाने को लेकर गोली चली है दो लोग चिन्हित किए है।” उन्होंने आगे कहा, “अब अस्पताल प्रबंधन कोई फरियादी भेजे तब मामला दर्ज किया जाए।” सिविल सर्जन बोले- रात में मरीजों को आने ही नहीं दिया जाता सिविल सर्जन डॉ. गजेंद्र सिंह तोमर ने कहा, “एजेंटो के द्वारा गोली चलाकर दहशत फैलाने की पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी घटना घटित हुई है।” उन्होंने कहा, “अब बदमाशों से दुश्मनी कौन ले असुरक्षा का माहौल है। निजी नर्सिंग होम के द्वारा बदमाश एजेंट एंबुलेंस देकर जिला अस्पताल के पास छोड़ दिए है।” उन्होंने आरोप लगाया, “मरीजों को अस्पताल में आने ही नहीं दिया जाता। यह सब रात में अधिक होता है दिन में मैं खुद राउंड लगता हूं।” डॉ. तोमर ने कहा, “15 की रात में भी यही हुआ। उस महिला मरीज का अभी तक नहीं पता कहां इलाज लिया होगा।” उन्होंने चिंता जताते हुए कहा, “जिला अस्पताल में कभी भी कोई बड़ी अनहोनी घट सकती है स्टाफ और मरीज के साथ। कई बार लिखित में भी शिकायत की है।” उन्होंने स्पष्ट किया, “अभी नेत्र शिविर में व्यस्त थे पुलिस को कार्रवाई हेतु पत्र लिखा गया था।”












































