Sunday, 23 Aug 2026 | 02:00 AM

Trending :

मेंटनेंस घोटाले को किया गया शामिल, टीवी खरीदी को छोड़ा:स्कूलों के लिए 3 साल में आई राशि की जांच करेंगे कलेक्टर

मेंटनेंस घोटाले को किया गया शामिल, टीवी खरीदी को छोड़ा:स्कूलों के लिए 3 साल में आई राशि की जांच करेंगे कलेक्टर

मप्र के स्कूल शिक्षा विभाग में कंप्यूटर खरीदी और मेंटनेंस के नाम पर बड़ा घोटाला हुआ है। विभागीय मंत्री ने इस मामले को लेकर नाराजगी जाहिर की है। इसके बाद आयुक्त लोक शिक्षण शिल्पा गुप्ता ने एक पत्र सभी जिलों के कलेक्टर को लिखा है कि वे बीते 3 साल में हुए कामों की जांच करके प्रति​वेदन भेजें। इसमें तीन साल के भीतर जो भी बजट आवंटित हुआ है और उसमें जो निर्माण कार्य हुए हैं, उनकी पूरी जांच करना है। हालांकि इसमें इंटरएक्टिव पैनल के मामले को शामिल नहीं किया है, जबकि इसको लेकर भी कई शिकायतें विभागीय मंत्री और अफसरों को हो चुकी हैं।
जांच के लिए कोई समय सीमा तय नहीं की गई है। उधर, जिलों में इस पत्र के बाद कलेक्टरों की तरफ से जांच कमेटी बनाई जा रही है, जो कि कलेक्टरों की निगरानी में ही पूरे मामले की जांच करेगी। हालांकि इस पूरे मामले में मंत्री उदय प्रताप सिंह के निर्देश के बाद तीन अफसरों को हटाने की कार्रवाई कर दी गई है। इनमें डीएस कुशवाह संचालक लोक शिक्षण को सीमेट (राज्य शैक्षिक प्रबंधन प्रशिक्षण संस्थान) का संचालक बनाकर भेजा गया है। वहीं प्रमोद कुमार सिंह सीमेट को लोक शिक्षण में संचालक बनाया गया है। साथ ही विभाग में उप सचिव बनाया गया है। इसके अलावा पीके सिंह बघेल जो कि उप संचालक लोक शिक्षण थे को राज्य शिक्षा केंद्र में पदस्थ किया गया है। यह मामले हैं जांच की जद में मप्र में तीन साल में स्कूलों में जमकर मेंटनेंस काम हुआ है। बीते साल ही करीब 149 करोड़ रुपए स्कूलों में मेंटनेंस के लिए भेजे गए थे, लेकिन इसके लिए भोपाल की ही फर्म को ​काम दे दिया गया। जिला शिक्षा अधिकारी को बायपास करके बीईओ और प्राचार्य स्तर पर काम कराया गया। रीवा, मैहर और सतना जिले में बिना काम के भुगतान करने का मामला सामने आया। जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद यह मामला विधानसभा में उठाया गया और मंत्री ने इसमें जांच के निर्देश दिए। IAS अफसर की निगरानी वाली कमेटी अभी होल्ड विभागीय मंत्री ने आईएएएस अफसर की निगरानी में कमेटी बनाकर जांच के आदेश दिए थे, लेकिन फिलहाल इस समिति को बनाने का मामला होल्ड हो गया है। कमाल की बात यह है ​कि इस पूरे मामले में वित्तीय स्वीकृति देने वाले ​लोक शिक्षण संचालनालय के वित्त अधिकारी राजेश मोर्य व उन फर्म से सवाल-जवाब नहीं हुए, जिनके ऊपर बिना काम किए भुगतान लेने के आरोप हैं। विभागीय अफसरों ने बताया कि कलेक्टरों की रिपोर्ट आने के बाद ही मामले में कुछ आगे होगा।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
World News Updates; Iran Israel War | Cuba Earthquake

June 9, 2026/
8:45 am

13 मिनट पहले कॉपी लिंक क्यूबा के उत्तर-पश्चिमी तट के पास सोमवार को 6.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। अमेरिकी...

होर्मुज रूट खुलने के बाद कच्चा तेल 13% सस्ता:एक बैरल का दाम 99.39 से घटकर 86 डॉलर हुआ; अमेरिकी शेयर बाजार 2% चढ़ा

April 17, 2026/
8:38 pm

ईरान के होर्मुज रूट को कॉमर्शियल जहाजों के लिए पूरी तरह खोलने के ऐलान के बाद क्रूड ऑयल (कच्चा तेल)...

विदिशा में किसान ट्रेन के सामने कूदा, मौत:वीडियो में पूर्व विधायक पर केंद्रीय कृषि मंत्री की सुपारी देने का आरोप लगाया

April 27, 2026/
10:53 pm

विदिशा में सोमवार को किसान ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। ट्रेन के सामने कूदने से पहले उसने...

Karoline Leavitt Resigns as White House Press Secretary

August 17, 2026/
10:55 am

11 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट के पद छोड़ने पर मजाक...

Xi Jinping Statement on Tiananmen Protest

August 17, 2026/
4:28 pm

बीजिंग44 मिनट पहले कॉपी लिंक चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सोमवार को बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में...

राजनीति

मेंटनेंस घोटाले को किया गया शामिल, टीवी खरीदी को छोड़ा:स्कूलों के लिए 3 साल में आई राशि की जांच करेंगे कलेक्टर

मेंटनेंस घोटाले को किया गया शामिल, टीवी खरीदी को छोड़ा:स्कूलों के लिए 3 साल में आई राशि की जांच करेंगे कलेक्टर

मप्र के स्कूल शिक्षा विभाग में कंप्यूटर खरीदी और मेंटनेंस के नाम पर बड़ा घोटाला हुआ है। विभागीय मंत्री ने इस मामले को लेकर नाराजगी जाहिर की है। इसके बाद आयुक्त लोक शिक्षण शिल्पा गुप्ता ने एक पत्र सभी जिलों के कलेक्टर को लिखा है कि वे बीते 3 साल में हुए कामों की जांच करके प्रति​वेदन भेजें। इसमें तीन साल के भीतर जो भी बजट आवंटित हुआ है और उसमें जो निर्माण कार्य हुए हैं, उनकी पूरी जांच करना है। हालांकि इसमें इंटरएक्टिव पैनल के मामले को शामिल नहीं किया है, जबकि इसको लेकर भी कई शिकायतें विभागीय मंत्री और अफसरों को हो चुकी हैं।
जांच के लिए कोई समय सीमा तय नहीं की गई है। उधर, जिलों में इस पत्र के बाद कलेक्टरों की तरफ से जांच कमेटी बनाई जा रही है, जो कि कलेक्टरों की निगरानी में ही पूरे मामले की जांच करेगी। हालांकि इस पूरे मामले में मंत्री उदय प्रताप सिंह के निर्देश के बाद तीन अफसरों को हटाने की कार्रवाई कर दी गई है। इनमें डीएस कुशवाह संचालक लोक शिक्षण को सीमेट (राज्य शैक्षिक प्रबंधन प्रशिक्षण संस्थान) का संचालक बनाकर भेजा गया है। वहीं प्रमोद कुमार सिंह सीमेट को लोक शिक्षण में संचालक बनाया गया है। साथ ही विभाग में उप सचिव बनाया गया है। इसके अलावा पीके सिंह बघेल जो कि उप संचालक लोक शिक्षण थे को राज्य शिक्षा केंद्र में पदस्थ किया गया है। यह मामले हैं जांच की जद में मप्र में तीन साल में स्कूलों में जमकर मेंटनेंस काम हुआ है। बीते साल ही करीब 149 करोड़ रुपए स्कूलों में मेंटनेंस के लिए भेजे गए थे, लेकिन इसके लिए भोपाल की ही फर्म को ​काम दे दिया गया। जिला शिक्षा अधिकारी को बायपास करके बीईओ और प्राचार्य स्तर पर काम कराया गया। रीवा, मैहर और सतना जिले में बिना काम के भुगतान करने का मामला सामने आया। जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद यह मामला विधानसभा में उठाया गया और मंत्री ने इसमें जांच के निर्देश दिए। IAS अफसर की निगरानी वाली कमेटी अभी होल्ड विभागीय मंत्री ने आईएएएस अफसर की निगरानी में कमेटी बनाकर जांच के आदेश दिए थे, लेकिन फिलहाल इस समिति को बनाने का मामला होल्ड हो गया है। कमाल की बात यह है ​कि इस पूरे मामले में वित्तीय स्वीकृति देने वाले ​लोक शिक्षण संचालनालय के वित्त अधिकारी राजेश मोर्य व उन फर्म से सवाल-जवाब नहीं हुए, जिनके ऊपर बिना काम किए भुगतान लेने के आरोप हैं। विभागीय अफसरों ने बताया कि कलेक्टरों की रिपोर्ट आने के बाद ही मामले में कुछ आगे होगा।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.