राजस्थानी केरी अचार रेसिपी: राजस्थान में लोग अक्सर चटपटा और तीखा खाना पसंद करते हैं। इतना ही नहीं, राजस्थानी थाली का स्वाद तब तक अधूरा है, जब तक केरी का अचार न हो। राजस्थान में इस अचार को बनाने का तरीका थोड़ा सा अलग और खट्टा है। खास बात यह है कि आप इस आचार्य को पिछले साल तक बता सकते हैं। यह बुरा नहीं है. आइये आपको राजस्थान की केरी अचार बनाने के तरीके के बारे में बताते हैं।
राजस्थानी केरी अचार बनाने की सामग्री के लिए
कच्ची आम केरी
हल्दी का तेल
सौंफ
मेथी दाना
कलौंजी
हल्दी पाउडर
लाल मिर्च पाउडर
हींग
नमक
सबसे पहले केरी को अच्छी तरह धोकर सुखा लें। अब ऐसे ही छोटे नमूने में कट लें। एक बड़ी पोथी में कटी हुई केरी, हल्की हल्दी और नमक लगभग 5-6 घंटे के लिए छोड़ दें। इससे केरी अपना पानी छोड़ो देवी। इसके बाद पानी अच्छा लें और केरी के मिश्रण को पंजाब के नीचे या हल्की धूप में 2-3 घंटे के लिए सुखाएं। ध्यान रहे, बिल्कुल नहीं रहना चाहिए।
एक मिठाई में मेथी दाना और सौंफ को पेंटिंग सा भून लें। अब एक बड़े पोयस्टोर में दरदरी सौंफ, मेथी, कलौंजी, हल्दी, लाल मिर्च, हींग और नमक को एक साथ मिला लें।
सरसों के तेल को एक कड़ाही में तब तक गर्म करें जब तक इसमें से धुआं ना निकले। इसके बाद गैस बंद हो गई और तेल में खराबी आ गई। बिल्कुल गर्म तेल में मोनोजल हो सकता है।
जब तेल गुनगुना हो जाए, तो इसमें तैयार किए गए मूल उत्पाद शामिल हैं। अब इस मिश्रण में सुखी हुई केरी के टुकड़े शामिल हैं और अच्छी तरह से बनाए गए हैं ताकि हर टुकड़े पर ठोस की कोटिंग हो जाए।
1 साल से ज्यादा की कीमत ‘सीक्रेट टिप्स’
अचार को कांच या चीनी मिट्टी के जार में भरें। जार में अचार को दबा-दबा कर भरा और ऊपर से इतना उपयोग तेल डाला कि अचार पूरी तरह डूब जाए। तेल आचार्य के लिए ‘सुरक्षा कवच’ का काम करता है।
आचार रखने के लिए प्लास्टिक का उपयोग न करें। जार को गर्म पानी से धोकर धूप में सुखाना चाहिए ताकि कोई खरीदारी न हो।
आचार विचार समय हमेशा आकर्षक का उपयोग करें। सिद्धांत ही है आचार्य के सबसे बड़े दुश्मन।
अचार के विज्ञापन के बाद जार के मुंह पर सूती फैब्रिक के टुकड़े उसे 4-5 दिन से लेकर रोज 2-3 घंटे की धूप तक सुनाते हैं। इसी प्रकार अच्छे प्रकार के पाक मिलते हैं।














































