सागर में 15 लाख रुपए के बिलों का भुगतान कराने के एवज में 20 हजार रुपए की रिश्वत लेने वाले लोक निर्माण विभाग (PWD) पीआईयू के तत्कालीन परियोजना यंत्री मुलायम प्रसाद अहिरवार (64) को अदालत ने 4 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मकरोनिया के गौरनगर निवासी आरोपी यंत्री को 10 जनवरी 2022 को लोकायुक्त ने रंगेहाथों पकड़ा था। वर्तमान में विशेष न्यायाधीश शहाबुद्दीन हाशमी की कोर्ट ने अभियोजन के साक्ष्यों को सही मानते हुए आरोपी पर 40 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। 90 लाख का था टेंडर, बिल निकालने के मांगे थे 1.5% अभियोजन के अनुसार, ठेकेदार और फरियादी नीलेश कुमार दीक्षित ने लोकायुक्त एसपी कार्यालय सागर में शिकायत दर्ज कराई थी। नीलेश ने बताया था कि उसने पीआईयू सागर द्वारा जारी निविदा के माध्यम से वर्ष 2016-17 में 90 लाख रुपए की लागत से इंडोर स्टेडियम खुरई का ठेका लिया था। इस कार्य के चल देयक भुगतान के करीब 15 लाख रुपए के बिलों को निकालने के एवज में तत्कालीन परियोजना यंत्री मुलायम प्रसाद 1.5 प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहा था। लोकायुक्त ने 20 हजार रुपए लेते रंगेहाथों किया था ट्रैप फरियादी की शिकायत के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले की जांच की, जो सही पाई गई। इसके बाद योजना बनाकर 10 जनवरी 2022 को फरियादी को 20 हजार रुपए रिश्वत लेकर भेजा गया। जैसे ही फरियादी ने तत्कालीन यंत्री मुलायम प्रसाद को रिश्वत की राशि दी, तभी लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच पूरी होने के बाद कोर्ट में चालान पेश किया गया था। साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सुनाया फैसला इस प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी एडीपीओ एलपी कुर्मी ने की। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने मामले से जुड़े सभी साक्ष्य और दस्तावेज कोर्ट में पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पेश किए गए ठोस साक्ष्यों के आधार पर विशेष कोर्ट ने आरोपी मुलायम प्रसाद अहिरवार को दोषी माना और सजा सुनाई।















































