भारत से पाकिस्तान जाकर मुस्लिम व्यक्ति से निकाह करने वाली पंजाबी महिला सरबजीत कौर के फैसले में लाहौर हाई कोर्ट में आज एक अहम सुनवाई होने जा रही है, जिसमें भारतीय पति करनैल सिंह द्वारा दायर याचिका पर विचार किया जाएगा। यह मामला काफी समय से चर्चा में बना हुआ है और अब आज यानी 7 अप्रैल 2026 को इसकी सुनवाई तय की गई है। इस याचिका पर न्यायमूर्ति फारूक हैदर सुनवाई करेंगे। पिछली सुनवाई 2 मार्च 2026 को हुई थी, जिसमें अदालत ने इस मामले से जुड़े सभी पुराने और लंबित रिकॉर्ड को अगली तारीख तक पेश करने के निर्देश दिए थे, ताकि पूरे मामले का सही तरीके से आकलन किया जा सके। याचिकाकर्ता के वकील अली चंगेजी संधू ने अदालत में सभी जरूरी दस्तावेज, पुराने केसों की प्रतियां और अन्य संबंधित सामग्री प्रस्तुत करेगे । इन दस्तावेजों के आधार पर अदालत इस मामले की गहराई से जांच करेगी। गौरतलब है कि पिछली सुनवाई में केस में देरी पर जस्टिस फारूक हैदर ने सख्त नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने असिस्टेंट एडवोकेट जनरल को तलब किया और कड़े निर्देश दिए थे। करनैल सिंह ने अदालत से लगाई है न्याय की गुहार सरबजीत कौर का मामला मानवीय और कानूनी दोनों दृष्टिकोण से काफी संवेदनशील माना जा रहा है। उनके भारतीय पति करनैल सिंह का कहना है कि उन्हें उनकी पत्नी को वापस लाने का अधिकार मिलना चाहिए और इसके लिए उन्होंने अदालत से न्याय की गुहार लगाई है। अब सभी की निगाहें इस सुनवाई पर टिकी हुई हैं, जहां अदालत उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर फैसला लेगी। सिख श्रद्धालुओं के साथ गई, वापस नहीं आई सरबजीत कौर 4 नवंबर 2025 को श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर 1932 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ अटारी बॉर्डर के जरिए पाकिस्तान गई थी। जत्था 10 दिनों तक विभिन्न गुरुधामों के दर्शन करने के बाद भारत लौट आया। लेकिन वापसी के समय 1922 श्रद्धालु ही लौटे। सरबजीत कौर जत्थे में शामिल नहीं मिलीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित भारतीय एजेंसियों ने सरबजीत कौर की तलाश शुरू की।
















































