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वॉटरवेज लीजर टूरिज्म का IPO आज से खुला:फ्रेश इश्यू से ₹585 करोड़ जुटाएगी, IPO से पहले एंकर इनवेस्टर्स ने ₹263 करोड़ के शेयर्स खरीदे

वॉटरवेज लीजर टूरिज्म का IPO आज से खुला:फ्रेश इश्यू से ₹585 करोड़ जुटाएगी, IPO से पहले एंकर इनवेस्टर्स ने ₹263 करोड़ के शेयर्स खरीदे

कॉर्डेलिया क्रूजेस ब्रांड नाम से देश की दिग्गज डोमेस्टिक ओशन क्रूज कंपनी चलाने वाली ‘वॉटरवेज लीजर टूरिज्म’ का IPO आज यानी मंगलवार, 23 जून से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। निवेशक इस पब्लिक इश्यू में गुरुवार, 25 जून तक बोली लगा सकेंगे। कंपनी ने इस IPO के लिए ₹769 से ₹808 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। यह पूरा इश्यू ₹585 करोड़ का फ्रेश इश्यू है, यानी इसमें कोई ऑफर फॉर सेल (OFS) कंपोनेंट शामिल नहीं है। IPO के खुलने से पहले ही कंपनी ने एंकर इनवेस्टर्स के जरिए ₹263.25 करोड़ जुटा लिए हैं, जो इसमें इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की मजबूत दिलचस्पी को दिखाता है। एंकर इनवेस्टर्स को 32.58 लाख इक्विटी शेयर अलॉट किए BSE के सर्कुलर के मुताबिक, वॉटरवेज लीजर टूरिज्म ने प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर यानी ₹808 प्रति शेयर पर 8 एंकर इनवेस्टर्स को 32.58 लाख इक्विटी शेयर अलॉट किए हैं। इस एंकर बुक में बड़ौदा बीएनपी पारिबा म्यूचुअल फंड, क्युलिनन अपॉर्चुनिटीज फंड, जील ग्लोबल अपॉर्चुनिटीज फंड, M7 ग्लोबल फंड, नोवा ग्लोबल अपॉर्चुनिटीज फंड, स्टेलर ग्रोथ फंड, ASAS ग्लोबल फंड और मेबैंक सिक्योरिटीज शामिल हैं। मिनिमम इन्वेस्टमेंट ₹14,544, रिटेलर्स के लिए 10% हिस्सा रिजर्व इस IPO के लिए लॉट साइज 18 इक्विटी शेयर्स का तय किया गया है, यानी निवेशकों को कम से कम 18 शेयरों के लिए अप्लाई करना होगा। अपर प्राइस बैंड ₹808 के हिसाब से रिटेल निवेशकों को मिनिमम ₹14,544 का निवेश करना होगा। कंपनी ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के लिए मैक्सिमम 75%, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NIIs) के लिए मिनिमम 15% और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए मिनिमम 10% हिस्सा रिजर्व रखा है। 1 जुलाई को हो सकती है लिस्टिंग, यह है पूरी टाइमलाइन टेंटेटिव शेड्यूल के मुताबिक, IPO के तहत शेयरों का अलॉटमेंट सोमवार, 29 जून को फाइनल किया जाएगा। जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिलेंगे, उन्हें मंगलवार, 30 जून से रिफंड मिलना शुरू हो जाएगा, जबकि अलॉट होने वाले निवेशकों के डीमैट अकाउंट में इसी दिन शेयर क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग बुधवार, 1 जुलाई को BSE और NSE पर होने की संभावना है। ग्रे मार्केट में ठंडा रिस्पॉन्स, GMP में गिरावट का ट्रेंड ग्रे मार्केट में वॉटरवेज लीजर टूरिज्म के IPO को लेकर बहुत उत्साह नहीं दिख रहा है। आज इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) +₹12 चल रहा है। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर ₹808 और मौजूदा प्रीमियम को जोड़कर देखें तो इसकी अनुमानित लिस्टिंग ₹820 प्रति शेयर पर हो सकती है, जो इसके इश्यू प्राइस से सिर्फ 1.49% ज्यादा है। पिछले 6 सत्रों के ट्रेंड के मुताबिक, मैक्सिमम GMP ₹24 और मिनिमम ₹10 रिकॉर्ड किया गया है, जो कि निगेटिव लिस्टिंग का संकेत दे रहा है। स्वस्तिका इनवेस्टमार्ट ने दी ‘न्यूट्रल’ रेटिंग ब्रोकरेज फर्म स्वस्तिका इनवेस्टमार्ट ने इस IPO को ‘न्यूट्रल’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी ने भारत के उभरते क्रूज टूरिज्म इंडस्ट्री में कॉर्डेलिया क्रूजेस ब्रांड के जरिए मजबूत पकड़ बनाई है। कंपनी की ऑक्यूपेंसी लेवल और पैसेंजर्स की डिमांड लगातार बेहतर रही है और अनुकूल इंडस्ट्री सेंटिमेंट्स की वजह से कंपनी अब मुनाफे में भी आ चुकी है। हालांकि, ब्रोकरेज ने कुछ रिस्क फैक्टर्स को लेकर आगाह भी किया है। इसमें ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव, ऑक्यूपेंसी लेवल्स और क्रूज़ ऑपरेशन्स में रुकावट की आशंका जैसे ऑपरेशनल रिस्क शामिल हैं। हाल के समय में कंपनी का EBITDA मार्जिन भी कम हुआ है। वैल्युएशन महंगा, लिस्टिंग गेन की उम्मीद कम वैल्युएशन के लिहाज से स्वस्तिका इनवेस्टमार्ट का मानना है कि IPO की प्राइसिंग काफी एग्रेसिव है। यह अपने अर्निंग्स के करीब 101 गुना वैल्युएशन पर आ रहा है, जिससे निवेशकों के लिए ‘मार्जिन ऑफ सेफ्टी’ बहुत कम रह जाता है। लॉन्ग टर्म के लिहाज से भले ही कंपनी की ग्रोथ अच्छी दिख रही हो, लेकिन शॉर्ट टर्म में इसमें ज्यादा बढ़त की गुंजाइश नहीं दिखती। ब्रोकरेज के मुताबिक, यह इश्यू उन लॉन्ग टर्म इनवेस्टर्स के लिए ठीक है जो क्रूज टूरिज्म सेक्टर में बने रहना चाहते हैं, लेकिन लिस्टिंग गेन चाहने वालों के लिए इसमें बहुत आकर्षण नहीं है। इश्यू से जुटाए फंड का इस्तेमाल कहां करेगी कंपनी? इस पब्लिक इश्यू के जरिए मिलने वाले ₹585 करोड़ के फंड का इस्तेमाल कंपनी अपनी स्टेप-डाउन सब्सिडियरी कंपनी ‘बेक्रूज शिपिंग एंड लीजिंग (IFSC) प्राइवेट लिमिटेड’ के लीज पेमेंट्स का पेमेंट करने के लिए करेगी। इसके अलावा इस फंड का एक हिस्सा जनरल कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए भी उपयोग किया जाएगा। इस इश्यू के लिए सेंट्रम ब्रोकिंग एकमात्र बुक-रनिंग लीड मैनेजर है, जबकि MUFG इनटाइम इंडिया को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है। देश की दिग्गज क्रूज कंपनी है वॉटरवेज लीजर टूरिज्म यह कंपनी भारत के तेजी से बढ़ते क्रूज टूरिज्म सेक्टर की एक बड़ी प्लेयर है। यह ‘कॉर्डेलिया क्रूजेस’ नाम से भारत का प्रमुख डोमेस्टिक ओशन क्रूज ब्रांड ऑपरेट करती है। कंपनी अपने इस फ्लैगशिप बिजनेस के जरिए घरेलू रूट्स के साथ-साथ चुनिंदा इंटरनेशनल डेस्टिनेशन्स पर भी लग्जरी क्रूज एक्सपीरियंस ऑफर करती है। ‘ग्रे मार्केट प्रीमियम’ (GMP) क्या होता है? ग्रे मार्केट एक अनऑफिशियल मार्केट होता है जहां IPO के शेयरों की ट्रेडिंग लिस्टिंग से पहले होती है। GMP यह संकेत देता है कि निवेशक कंपनी के ऑफिशियल इश्यू प्राइस से कितना ज्यादा पैसा देने को तैयार हैं। फ्रेश इश्यू और OFS में अंतर ‘फ्रेश इश्यू’ का मतलब कंपनी नए शेयर जारी कर रही है और इसका पूरा पैसा सीधे कंपनी के पास बिजनेस बढ़ाने या कर्ज चुकाने के लिए जाता है। जबकि ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) में पुराने प्रमोटर्स या निवेशक अपने शेयर बेचते हैं और पैसा सीधे उनके पास जाता है, कंपनी के पास नहीं।

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