Sunday, 23 Aug 2026 | 10:37 AM

Trending :

EXCLUSIVE

शरीर में चुपके-चुपके पनपती रहती हैं किडनी की बीमारियां ! हाई बीपी और डायबिटीज सबसे बड़े कारण

authorimg

Tips to Prevent Kidney Diseases: डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों की तादाद करोड़ों में पहुंच गई हैं. ये दोनों ही बीमारियां तेजी से फैल रही हैं और हर उम्र के लोग इनकी चपेट में आ रहे हैं. आजकल लाइफस्टाइल और खानपान भी बिगड़ गया है, जिसका बुरा असर सेहत पर पड़ रहा है. कई गलत आदतों ने हमें गंभीर बीमारियों के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है, जिनमें किडनी डिजीज सबसे ज्यादा चिंताजनक है. किडनी की बीमारियां अक्सर साइलेंट किलर की तरह शरीर में चुपके-चुपके पनपती रहती हैं और इनके लक्षण तब स्पष्ट होते हैं, जब समस्या काफी गंभीर हो चुकी होती है. ऐसे में लोगों को अगर हाई बीपी और डायबिटीज की शिकायत हो, तो किडनी की जांच कराते रहना चाहिए, ताकि बीमारियों से बचाव हो सके.

नोएडा एक्सटेंशन के यथार्थ हॉस्पिटल के नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. उपेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले 2-3 साल में किडनी से जुड़ी ओपीडी में मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि अब 30 से 45 वर्ष के लोगों में भी किडनी की बीमारियां बढ़ रही हैं. इसका मुख्य कारण सेडेंटरी लाइफस्टाइल, अत्यधिक तनाव, शरीर में पानी की कमी और प्रोसेस्ड फूड का ज्यादा सेवन है. क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) और किडनी स्टोन के मामले सबसे ज्यादा देखे जा रहे हैं. CKD इसलिए भी खतरनाक है, क्योंकि यह बिना किसी शोर के धीरे-धीरे बढ़ती है और शुरुआती चरणों में मरीज को इसका आभास नहीं होता है. कई मरीज अस्पताल तब पहुंचते हैं, जब क्रॉनिक किडनी डिजीज सीवियर हो जाती है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

डॉक्टर उपेंद्र के मुताबिक डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर आज भी किडनी डिजीज के सबसे बड़े रिस्क फैक्टर हैं और नेफ्रोलॉजी ओपीडी में आने वाले अधिकांश मरीजों में इनमें से एक या दोनों समस्याएं होती हैं. पेनकिलर्स का ज्यादा या गलत उपयोग, बिना डॉक्टर की सलाह के जिम सप्लीमेंट या स्टेरॉयड लेना, डिहाइड्रेशन और खराब लाइफस्टाइल भी किडनी को नुकसान पहुंचाने के बड़े कारण बन रहे हैं. देर से पहचान होने के कारण डायलिसिस की जरूरत वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है, जिससे परिवारों पर आर्थिक और मानसिक दबाव भी बढ़ता है. हालांकि किडनी रोग से काफी हद तक बचाव संभव है.

नई दिल्ली के मॉडल टाउन स्थित यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर एंड एचओडी डॉ. बीएस सोलंकी ने बताया कि डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर किडनी की खराबी के सबसे बड़े कारण हैं. लगभग 60 से 70% क्रॉनिक किडनी डिजीज के मामलों के लिए यही दो बीमारियां जिम्मेदार होती हैं. जब शरीर में ब्लड शुगर या ब्लड प्रेशर अनकंट्रोल रहता है, तो यह किडनी की सूक्ष्म रक्त वाहिकाओं को स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त कर देता है. अधिकांश मरीज अस्पताल तब पहुंचते हैं, जब बीमारी स्टेज 3, 4 या 5 तक पहुंच चुकी होती है, जिससे डायलिसिस या ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ती है. अगर वक्त रहते इसका पता लग जाए, तो इलाज आसान होता है और ट्रांसप्लांट की जरूरत नहीं पड़ती है.

डॉ. सोलंकी ने बताया कि किडनी की बीमारी अक्सर बिना लक्षणों के बढ़ती है, इसलिए शरीर के संकेतों को समझना बेहद जरूरी है. अगर किसी व्यक्ति को पैरों या चेहरे पर सूजन महसूस हो, पेशाब में बार-बार बदलाव आए या झाग दिखाई दे, तो यह किडनी में गड़बड़ी का संकेत हो सकता है. इसके अलावा लगातार थकान, भूख में कमी, जी मिचलाना, उल्टी आना या अचानक ब्लड प्रेशर का अनकंट्रोल हो जाना भी किडनी रोग के लक्षण हो सकते हैं. ऐसी स्थिति में तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है. डायबिटीज और बीपी के मरीजों को नियमित रूप से किडनी फंक्शन टेस्ट, क्रिएटिनिन और यूरिन टेस्ट करवाते रहना चाहिए. बचाव के लिए दिन में कम से कम 2 से 3 लीटर पानी पिएं, नमक का सेवन कम करें, धूम्रपान छोड़ें और वजन को नियंत्रित रखें. संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के जरिए किडनी फेलियर जैसी गंभीर स्थिति और डायलिसिस की नौबत को काफी हद तक टाला जा सकता है.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Adani Defence Delivers 2000 Prahar LMGs to Indian Army

March 28, 2026/
8:58 pm

अडाणी डिफेंस ने इंडियान आर्मी को 2000 मशीन गन सौंपी है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस...

Ricky Martin will perform at the ICC Men's T20 World Cup closing ceremony before the final match between India and New Zealand (PTI)

March 8, 2026/
4:42 pm

आखरी अपडेट:मार्च 08, 2026, 16:42 IST अंतर्राष्ट्रीय संथाल परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष नरेश मुर्मू ने कहा कि इस कार्यक्रम की...

Aamir Khan Statement on Sonam Wangchuk

July 17, 2026/
9:23 am

16 मिनट पहले कॉपी लिंक करीब तीन हफ्तों से जारी सोनम वांगचुक के आमरण अनशन के बीच आमिर खान ने...

तस्वीर का विवरण

May 14, 2026/
4:36 pm

पकौड़ों के लिए: 1 कप बेसन, 1 इलेक्ट्रोनिक कटा प्याज, 1 हरी मिर्च, थोड़ा हरा धनिया, नमक का स्वाद, तेल...

इंदौर अक्षय हत्याकांड के आरोपी जबलपुर में छिपे थे:पुलिस ने दबिश देकर तीन को पकड़ा; 100km दूर ले जाकर वारदात को अंजाम दिया था

March 20, 2026/
12:05 am

इंदौर में अक्षय शर्मा की हत्या को अंजाम देकर फरार हुए तीन आरोपियों को जबलपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर इंदौर...

BJP releases manifesto ahead of Assam Assembly elections 2026. (Image: ANI)

March 31, 2026/
11:22 am

आखरी अपडेट:मार्च 31, 2026, 11:22 IST पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026: उनकी सरल जीवनशैली और जन कल्याण पर जोर के कारण...

शबाना आजमी के घर सजी सितारों वाली होली:कैटरीना, रणबीर, वरुण धवन, एकता कपूर जैसे सेलेब्स ने मनाया रंगों भरा जश्न

March 3, 2026/
7:27 pm

मुंबई में इस बार होली का जश्न खास रहा, जब दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी ने अपने घर पर रंगों की...

Sai Sudharsan departs for a golden duck (Picture credit: PTI)

April 20, 2026/
9:42 pm

आखरी अपडेट:20 अप्रैल, 2026, 21:42 IST पश्चिम बंगाल में अपने प्रचार अभियान के दौरान झालमुड़ी की दुकान पर पीएम मोदी...

राजनीति

शरीर में चुपके-चुपके पनपती रहती हैं किडनी की बीमारियां ! हाई बीपी और डायबिटीज सबसे बड़े कारण

authorimg

Tips to Prevent Kidney Diseases: डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों की तादाद करोड़ों में पहुंच गई हैं. ये दोनों ही बीमारियां तेजी से फैल रही हैं और हर उम्र के लोग इनकी चपेट में आ रहे हैं. आजकल लाइफस्टाइल और खानपान भी बिगड़ गया है, जिसका बुरा असर सेहत पर पड़ रहा है. कई गलत आदतों ने हमें गंभीर बीमारियों के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है, जिनमें किडनी डिजीज सबसे ज्यादा चिंताजनक है. किडनी की बीमारियां अक्सर साइलेंट किलर की तरह शरीर में चुपके-चुपके पनपती रहती हैं और इनके लक्षण तब स्पष्ट होते हैं, जब समस्या काफी गंभीर हो चुकी होती है. ऐसे में लोगों को अगर हाई बीपी और डायबिटीज की शिकायत हो, तो किडनी की जांच कराते रहना चाहिए, ताकि बीमारियों से बचाव हो सके.

नोएडा एक्सटेंशन के यथार्थ हॉस्पिटल के नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. उपेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले 2-3 साल में किडनी से जुड़ी ओपीडी में मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि अब 30 से 45 वर्ष के लोगों में भी किडनी की बीमारियां बढ़ रही हैं. इसका मुख्य कारण सेडेंटरी लाइफस्टाइल, अत्यधिक तनाव, शरीर में पानी की कमी और प्रोसेस्ड फूड का ज्यादा सेवन है. क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) और किडनी स्टोन के मामले सबसे ज्यादा देखे जा रहे हैं. CKD इसलिए भी खतरनाक है, क्योंकि यह बिना किसी शोर के धीरे-धीरे बढ़ती है और शुरुआती चरणों में मरीज को इसका आभास नहीं होता है. कई मरीज अस्पताल तब पहुंचते हैं, जब क्रॉनिक किडनी डिजीज सीवियर हो जाती है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

डॉक्टर उपेंद्र के मुताबिक डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर आज भी किडनी डिजीज के सबसे बड़े रिस्क फैक्टर हैं और नेफ्रोलॉजी ओपीडी में आने वाले अधिकांश मरीजों में इनमें से एक या दोनों समस्याएं होती हैं. पेनकिलर्स का ज्यादा या गलत उपयोग, बिना डॉक्टर की सलाह के जिम सप्लीमेंट या स्टेरॉयड लेना, डिहाइड्रेशन और खराब लाइफस्टाइल भी किडनी को नुकसान पहुंचाने के बड़े कारण बन रहे हैं. देर से पहचान होने के कारण डायलिसिस की जरूरत वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है, जिससे परिवारों पर आर्थिक और मानसिक दबाव भी बढ़ता है. हालांकि किडनी रोग से काफी हद तक बचाव संभव है.

नई दिल्ली के मॉडल टाउन स्थित यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर एंड एचओडी डॉ. बीएस सोलंकी ने बताया कि डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर किडनी की खराबी के सबसे बड़े कारण हैं. लगभग 60 से 70% क्रॉनिक किडनी डिजीज के मामलों के लिए यही दो बीमारियां जिम्मेदार होती हैं. जब शरीर में ब्लड शुगर या ब्लड प्रेशर अनकंट्रोल रहता है, तो यह किडनी की सूक्ष्म रक्त वाहिकाओं को स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त कर देता है. अधिकांश मरीज अस्पताल तब पहुंचते हैं, जब बीमारी स्टेज 3, 4 या 5 तक पहुंच चुकी होती है, जिससे डायलिसिस या ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ती है. अगर वक्त रहते इसका पता लग जाए, तो इलाज आसान होता है और ट्रांसप्लांट की जरूरत नहीं पड़ती है.

डॉ. सोलंकी ने बताया कि किडनी की बीमारी अक्सर बिना लक्षणों के बढ़ती है, इसलिए शरीर के संकेतों को समझना बेहद जरूरी है. अगर किसी व्यक्ति को पैरों या चेहरे पर सूजन महसूस हो, पेशाब में बार-बार बदलाव आए या झाग दिखाई दे, तो यह किडनी में गड़बड़ी का संकेत हो सकता है. इसके अलावा लगातार थकान, भूख में कमी, जी मिचलाना, उल्टी आना या अचानक ब्लड प्रेशर का अनकंट्रोल हो जाना भी किडनी रोग के लक्षण हो सकते हैं. ऐसी स्थिति में तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है. डायबिटीज और बीपी के मरीजों को नियमित रूप से किडनी फंक्शन टेस्ट, क्रिएटिनिन और यूरिन टेस्ट करवाते रहना चाहिए. बचाव के लिए दिन में कम से कम 2 से 3 लीटर पानी पिएं, नमक का सेवन कम करें, धूम्रपान छोड़ें और वजन को नियंत्रित रखें. संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के जरिए किडनी फेलियर जैसी गंभीर स्थिति और डायलिसिस की नौबत को काफी हद तक टाला जा सकता है.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.