श्योपुर में जिले में शनिवार को हुई तेज ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। मानपुर क्षेत्र सहित कई गांवों में गेहूं की तैयार फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कई गांवों में 100% तक नुकसान
मानपुर क्षेत्र के बगडुआ, चिमल्का, भोगीका, जावदेश्वर, सोंठवा, रामबड़ोदा, इच्छाखेड़ी और जैनी गांवों में ओलों की मार से गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई। किसानों का कहना है कि फसल कटाई के लिए पूरी तरह तैयार थी, लेकिन ओलावृष्टि ने सब कुछ नष्ट कर दिया। कई किसानों ने 100 प्रतिशत तक नुकसान होने की बात कही है। जल्द सर्वे कराकर मुआवजे का दिया आश्वासन
घटना के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष शशांक भूषण ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और हालात का जायजा लिया।
शशांक भूषण ने किसानों को भरोसा दिलाया कि नुकसान का जल्द सर्वे कराया जाएगा और उन्हें उचित मुआवजा दिलाने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसान पहले ही कई समस्याओं से जूझ रहे हैं, ऐसे में यह आपदा उनके लिए और कठिनाई लेकर आई है। पूर्व जिलाध्यक्ष ने खेतों में जाकर देखी फसल
नायब तहसीलदार टी.एस. लकड़ा ने बताया कि फसल के पूरी तरह सूखने का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद विधिवत सर्वे शुरू किया जाएगा और रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र जाट और पूर्व विधायक ब्रजराज सिंह चौहान भी मौजूद रहे। उन्होंने खेतों में जाकर फसल की स्थिति देखी और किसानों को हर संभव मदद का भरोसा दिया।
ओलावृष्टि से हुए भारी नुकसान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजर प्रशासन पर है कि सर्वे और मुआवजे की प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी होती है।


















































