हरियाणा के कैथल पुलिस ने शादी के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी आर्मी मेजर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी युवक मुस्लिम है और जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले का रहने वाला है। उसके पास से आर्मी की वर्दी भी बरामद हुई है, जो चढ़ीगढ़ से खरीदी थी। वह मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर खुद को आर्मी मेजर बताकर हिंदू युवतियों को फंसाता था। गिरफ्तारी के वक्त वह हिसार की युवती से मिलने जा रहा था, जिससे वह शादी करने वाला था। कैथल पुलिस ने मामला हिसार से जुड़ा होने के कारण उसे वहां की पुलिस के हवाले कर दिया। हिसार पुलिस ने जब उसकी कुंडली खंगाली तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आई। पता चला कि अब तक वह 10 से ज्यादा युवतियों से मेजर बनकर ठगी कर चुका है। हिसार की रहने वाली युवती से 30 हजार रुपए भी ठग चुका था। इस मामले में रिपोर्ट भी दर्ज हुई है। फिलहाल, पुलिस उसे पूछताछ कर रही है। पता किया जा रहा है कि उसके अलावा इस अपराध में कौन-कौन शामिल है। उसका बैकग्राउंड क्या है और उसके परिवार में कौन है। इसके अलावा सबसे खास बात यह है कि कहीं ऐसा तो नहीं है कि टारगेटेड बेस क्राइम से जुड़ा हो। कौन है फर्जी मेजर और कैसे पकड़ा गया, सिलसिलेवार पढ़ें… नाम मेहराजुद्दीन, पुलवामा का रहने वाला: कैथल पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपी की पहचान मेहराजुद्दीन आजम निवासी गांव अवनीपुरा, जिला पुलवामा, जम्मू-कश्मीर के रूप में हुई है। कैथल में तितराम चौक पर पुलिस ने जांच के लिए के लिए एक ओला कैब को रोका। कैब में सवार युवक से पूछताछ की तो उसने अपना नाम निशांत सहारण बताया। आर्मी की वर्दी दिखाई तो पुलिस को शक हुआ: पुलिस के मुताबिक, जब युवक से पूछा गया कि वह क्या करता है तो उसने बैग से सेना की वर्दी दिखाते हुए कहा कि वह आर्मी में मेजर है। उसकी इसी बात पर पुलिसकर्मियों को शक हुआ। क्योंकि उसने बैग खोलकर वर्दी पहले दिखाई, पेशा बाद में बताया। सख्ती से पूछताछ में खुद का नाम आजम बताया : इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसे कैब से बाहर बुलाकर उसकी पोस्टिंग, रेजिमेंट और कागजात आदि के बारे में पूछताछ की तो वह कोई जवाब नहीं दे सका। पेशे से जुड़े कोई कागजात भी नहीं दिखा सका। सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने अपना नाम मेहराजुद्दीन आजम बताया। हिसार में युवती से मिलने की बात की तो खुली पोल : पुलिस ने यहां आने का कारण पूछा तो बताया कि वह हिसार में एक हिंदू लड़की से मिलने जा रहा था। उससे उसकी शादी की बात चल रही थी। युवती के स्वजन अपनी बेटी से युवक से शादी करवाने की तैयारी भी कर रहे थे। पुलिस ने युवती के परिवार से संपर्क किया तो उन्होंने भी निशांत से कॉन्टेक्ट होने की बात बताई, ना कि मेराजुद्दीन से। इसके बाद कैथल पुलिस ने उसे हिसार पुलिस को सौंप दिया। यहां जानिए कैसे करता था मेहराजुद्दीन ठगी…. निशांत सहारण नाम से बनाई फर्जी प्रोफाइल : हिसार पुलिस की पूछताछ में मेहराजुद्दीन ने बताया कि उसने शादी डॉट कॉम पर फर्जी आईडी बना रखी है। इसमें उसने खुद का नाम निशांत सहारण और पेशा आर्मी मेजर बताया हुआ है। वर्दी में कुछ फोटो भी लगा रखे थे। इसी वेबसाइट पर वह हिंदू लड़कियों को फंसाता था। हिसार सहित कई जगह की युवतियों को ठग चुका : पुलिस के मुताबिक, मेहराजुद्दीन ने बताया कि हिसार की युवती को भी उसने शादी डॉट कॉम पर ही कॉन्टेक्ट किया था। खुद को मेजर बताकर उसे विश्वास में लिया और करीब 30 हजार रुपए ठग लिए। इसके अलावा वह करीब दस से ज्यादा युवतियों को भी ऐसे ही ठग चुका है। खरड़ में वेटर, चंडीगढ़ से खरीदी वर्दी : मेहराजुद्दीन ने बताया कि वह 2021 में मोहाली के खरड़ में वेटर का काम करता था। दो साल तक यहां काम करने के बाद वह गांव लौट गया। इसके बाद 2025 में फिर से खरड़ आया। इस बार उसे काम नहीं मिला तो उसने शादी डॉट कॉम पर फर्जी आईडी बनाकर खुद को सेना का अधिकारी बताया। चंडीगढ़ से ही उसने आर्मी की वर्दी भी खरीदी थी। खरड़ से ही वह कैब करके हिसार आ रहा था। युवती के परिवार ने भी दर्ज कराई शिकायत उधर, मामला सामने आने के बाद हिसार की युवती ने भी मेहराजुद्दीन के खिलाफ थाना आजाद नगर में ठगी मामला दर्ज कराया है। इसमें धर्म बदलकर और शादी का झांसा देकर रुपए ठगने का आरोप लगाया गया है। फिलहाल, हिसार पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। मेहराजुद्दीन से पूछताछ भी की जा रही है। पता किया जा रहा है कि किन लड़कियों से वह ठगी कर चुका है। ठगी से बचने के लिए पुलिस की आमजन से अपील हिसार पुलिस प्रवक्ता दीपक कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए आमजन से अपील की कि ऑनलाइन वैवाहिक साइटों पर मिलने वाले किसी भी व्यक्ति पर बिना पूर्ण सत्यापन के विश्वास न करें। अपनी निजी जानकारी और धनराशि साझा करने से पहले सामने वाले व्यक्ति की पहचान की अच्छी तरह जांच अवश्य करें।












































