SC Reserves Verdict | Sabarimala Women Entry Hearing Concludes

नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमला मंदिर समेत विभिन्न धार्मिक स्थलों पर महिलाओं की एंट्री और उनकी धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े मामलों की सुनवाई गुरुवार को पूरी कर ली है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता में 9 जजों वाली बेंच ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट ने 16 दिन तक केंद्र, धार्मिक संगठनों और याचिकाकर्ताओं की दलीलें सुनीं। कोर्ट धार्मिक स्वतंत्रता, अनुच्छेद 25 और 26 के दायरे, संवैधानिक नैतिकता और धार्मिक प्रथाओं में न्यायिक हस्तक्षेप की सीमा जैसे कई अहम संवैधानिक सवालों पर फैसला देगी। इनमें सबसे अहम मासिक धर्म के उम्र वाली 10 से 50 साल की महिलाओं की सबरीमाला मंदिर में एंट्री का विवाद है। सितंबर 2018 में सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों वाली बेंच ने महिलाओं के सबरीमला मंदिर में एंट्री पर लगे प्रतिबंध को असंवैधानिक बताते हुए हटा दिया था। बाद में 2019 में इस मुद्दे को बड़ी बेंच को भेजा गया। 16 दिनों की सुनवाई के दौरान 7 संवैधानिक सवालों पर बहस हुई। महिलाओं की एंट्री के विरोध में केंद्र सरकार केंद्र सरकार महिलाओं की एंट्री के विरोध में है। सबरीमाला मामले के साथ मुस्लिम महिलाओं के मस्जिद और दरगाहों में प्रवेश और पारसी महिलाओं के अगियारी में प्रवेश से जुड़े मुद्दे भी बड़ी बेंच को भेजे गए थे। मामले की सुनवाई कर रही 9 जजों की बेंच में CJI जस्टिस बी.वी. नागरत्ना, एम.एम. सुंदरेश, अहसानुद्दीन अमानुल्लाह, अरविंद कुमार, ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह, प्रसन्ना बी. वराले, आर. महादेवन और जॉयमाल्य बागची भी शामिल हैं। केंद्र सरकार ने अदालत में कहा कि सबरीमला मंदिर में मासिक धर्म आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध धार्मिक आस्था और संप्रदायिक स्वायत्तता का विषय है। केंद्र के मुताबिक, यह मामला न्यायिक समीक्षा के दायरे से बाहर है। सबरीमाला मामले पर 7 अप्रैल से शुरू हुई सुनवाई सबरीमाला मंदिर मामले पर 7 अप्रैल से सुनवाई शुरू हुई है। पहले 3 दिन, 9 अप्रैल तक सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र सरकार ने महिलाओं की एंट्री के विरोध में दलीलें रखीं। सरकार ने कहा था कि देश के कई देवी मंदिरों में पुरुषों की एंट्री भी बैन है, इसलिए धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए। पिछली 15 सुनवाई में क्या हुआ, पढ़िए… 7 अप्रैल : केंद्र की दलील- मंदिर में महिलाओं की एंट्री का फैसला गलत 8 अप्रैल- जो भक्त नहीं, वो धार्मिक परंपरा को चुनौती कैसे दे रहा 9 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- मंदिरों में एंट्री रोकने से समाज बंटेगा 15 अप्रैल- सबरीमाला मैनेजमेंट बोला- अयप्पा मंदिर रेस्टोरेंट नहीं, यहां ब्रह्मचारी देवता 17 अप्रैल- SC बोला- संविधान सबसे ऊपर, निजी धार्मिक मान्यताओं से उठकर फैसला जरूरी 21 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट ने पूछा-छूने से देवता अपवित्र कैसे होते हैं 22 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- हिंदू एकजुट रहें, संप्रदायों में बंटे नहीं 23 अप्रैल- इस्लाम में महिलाओं के मस्जिद आने पर रोक नहीं 28 अप्रैल- धार्मिक प्रथाओं के नाम पर सड़कें ब्लॉक नहीं कर सकते 29 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- धर्म के विनाश का हिस्सा नहीं बनेंगे 5 मई- सबरीमाला केस में वकीलों ने याचिका लगाई; जज ने कहा- अपने लोगों के लिए काम करें 6 मई- सबरीमाला केस, सुप्रीम कोर्ट बोला बार-बार रुख नहीं बदल सकते 7 मई- सबरीमाला केस, सुप्रीम कोर्ट बोला-हर धार्मिक प्रथा को चुनौती गलत 12 मई- सुधार के नाम पर धर्म की आजादी नहीं छीन सकते 13 मई- SC बोला- हिंदू बने रहने के लिए मंदिर जाना जरूरी नहीं, घर में दीया जलाना भी काफी दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Punjab Chandigarh Big News; SIR Call Center Youths Nabbed

. पंजाब में आज की सबसे बड़ी खबर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़ी रही। चुनाव आयोग ने 15 जून से SIR शुरू करने का ऐलान किया है। इसके तहत घर-घर जाकर वोटर्स का वेरिफिकेशन होगा। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें… इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. 15 जून से होगी SIR, घर-घर जाकर वोटरों का वेरिफिकेशन पंजाब और चंडीगढ़ में चुनाव आयोग ने 15 जून से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) शुरू करने का ऐलान किया है। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं और राज्य में करीब 2.14 करोड़ मतदाता हैं। SIR के तीसरी चरण के तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इस दौरान नए वोटरों के नाम जोड़े जाएंगे, जबकि गलत, फर्जी या दोहराए गए नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाएंगे। पंजाब की मुख्य चुनाव अधिकारी अनंदिता मिश्रा ने कहा कि SIR के लिए दो फॉर्म भरे जाएंगे। एक कॉपी मतदाता को दी जाएगी। अगर दरवाजा बंद रहा या घर में नहीं है, तो BLO फॉर्म दरवाजे के अंदर डालेगा। इसके बाद भी अगर वो नहीं मिलते हैं, तो BLO महीने में तीन बार जाएगा। 2025 को जिसका नाम मतदाता सूची में है, उसे फॉर्म भरना होगा। (पढ़ें पूरी खबर) 2. युवराज के पिता पर FIR, महिलाओं पर आपत्तिजनक डायलॉग का दावा पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता एवं एक्टर योगराज सिंह के खिलाफ चंडीगढ़ में केस दर्ज किया गया है। उनके खिलाफ चंडीगढ़ के 2 एडवोकेट ने पुलिस को शिकायत दी थी। एडवोकेट ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो क्लिप को इसका आधार बनाया है। उनका आरोप है कि वीडियो में महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया है। इसमें योगराज सिंह कह रहे हैं- जनानी दिन में चूल्हे पे, रात को @#$% पे। शिकायतकर्ताओं ने एसससपी से मांग की थी कि योगराज सिंह और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि इससे लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। यह महिलाओं के सम्मान और अधिकारों का हनन है। जिसके बाद गुरुवार को पुलिस स्टेशन 36 में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई। गुरुवार को इस मामले में पंजाब महिला आयोग की भी एंट्री हुई। आयोग ने पंजाब पुलिस को लेटर लिखकर सीनियर अधिकारी से जांच करवाने के लिए कहा। यह वीडियो क्लिप अमेजन प्राइम वीडियो पर 8 मई 2026 को रिलीज हुई हिंदी वेब सीरीज लुक्खे के एक एपिसोड से काटी गई है। इसे सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है और इसी वेब सीरीज में बोले गए डायलॉग को आधार बनाकर दोनों एडवोकेट ने योगराज सिंह और अन्य के खिलाफ शिकायत दी है। इस पर अभी योगराज सिंह ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। (पढ़ें पूरी खबर) 3. CM भगवंत मान बोले- आपके दिए टैक्स से दे रहा सुविधाएं संत त्रिलोचन दास जी महाराज के 38वें गुरु गद्दी दिवस को समर्पित विशेष धार्मिक समागम आज बटाला में हुआ। इस मौके पर CM भगवंत मान भी पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की धरती बहुत उपजाऊ है, यहां दाल, मक्का, गेहूं सब उगता है। लेकिन नफरत का बीज यहां कभी नहीं उग सकता। सरकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार लोगों को 10 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स का पैसा जनता की भलाई पर खर्च होना चाहिए और यह सरकार का फर्ज है, कोई एहसान नहीं। जनता के दिए टैक्स के पैसे से ये सुविधाएं मिलती हैं। सरकार ने चंडीगढ़ में पैसा छापने की मशीन नहीं लगाई। लोगों का पैसा ही सुविधाओं के तौर पर वापिस किया जाता है। धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी पर उन्होंने कहा कि सरकार ने कठोर कानून बनाया है, जिसके तहत दोषियों को उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की मर्यादा और सम्मान की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। (पढ़ें पूरी खबर) 4. कन्हैया मित्तल के प्रोग्राम से पहले बवाल, पुलिस ने तैयारियां रुकवाईं जालंधर में श्री कष्ट निवारण बालाजी मंदिर कमेटी द्वारा आयोजित होने वाले बालाजी की चौकी प्रोग्राम को लेकर बवाल हो गया। बुधवार शाम को पुलिस ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर इसकी तैयारियां रुकवा दीं। लोगों के डेकोरेशन, टेंट और लाइट का काम करने से रोका। इसमें प्रसिद्ध गायक कन्हैया मित्तल को बुलाया गया है। इसकी जानकारी मिलने के बाद मौके पर भाजपा नेता शीतल अंगुराल और मंदिर कमेटी के लोग मौके पर पहुंच गए। उन्होंने सरकार और पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान शीतल अंगुराल ने आरोप लगाया कि अपने चहेते नेताओं को खुश करने के लिए यह कार्यक्रम रोका जा रहा है। आज सुबह भाजपा नेताओं और स्थानीय लोगों ने साईं दास स्कूल ग्राउंड के बाहर सड़क पर धरना लगा दिया। इस बारे में ADCP-1 आकृषि जैन ने कहा कि परमिशन न होने की वजह से बालाजी की चौकी का कार्यक्रम करने से मना किया जा रहा है। हालांकि, बाद में पुलिस ने कहा कि परमिशन दे दी गई है। चौकी का कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से किया जाएगा। उधर, इस प्रोग्राम को करवाने वाले जालंधर से आम आदमी पार्टी के MLA रमन अरोड़ा ने अपनी सरकारी सुरक्षा लौटा दी। उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट डालकर लिखा- जो पंजाब पुलिस उनके धार्मिक कार्यक्रम में बाधा डालेगी, उन्हें उस पुलिस की सुरक्षा नहीं चाहिए। (पढ़ें पूरी खबर) 5. अमृतसर के कॉलेज में भाषा को लेकर भिड़े छात्र, 6 से अधिक घायल अमृतसर के खालसा कॉलेज में छात्रों के दो गुटों में भोजपुरी बोलने को लेकर विवाद हो गया। बात इतनी बढ़ गई कि छात्रों में मारपीट हो गई। जिससे करीब 6 से अधिक छात्र घायल हुए हैं। इसमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच की है। कॉलेज परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। वहीं बिहार के
विपक्षी बेंच से लेकर क्लिफ हाउस तक: केरल के नए सीएम वीडी सतीसन के बारे में सब कुछ

एक वकील जिन्होंने छात्र सक्रियता के माध्यम से राजनीति में प्रवेश किया: 31 मई, 1964 को कोच्चि के पास नेट्टूर में जन्मे सतीसन ने कानून की पढ़ाई की और बाद में पूर्णकालिक राजनीति में प्रवेश करने से पहले लगभग एक दशक तक केरल उच्च न्यायालय में अभ्यास किया। उनका उदय छात्र और युवा राजनीति में शुरू हुआ: सतीसन ने केरल छात्र संघ (केएसयू) से शुरुआत की और बाद में युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के साथ काम किया। उन्होंने 1980 के दशक के अंत में महात्मा गांधी विश्वविद्यालय संघ के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। गढ़ बनाने से पहले वह अपना पहला चुनाव हार गए: उनकी चुनावी शुरुआत 1996 में हुई, जब वह परवूर से हार गए, जिसे उस समय वामपंथियों का गढ़ माना जाता था। वह 2001 में इस सीट पर जीत हासिल करने के लिए लौटे और तब से इस सीट पर काबिज हैं। परवूर से छह बार विधायक: सतीसन ने 2001 से लगातार केरल विधानसभा में परवूर का प्रतिनिधित्व किया है, लगातार छह बार जीत हासिल की और केरल की राजनीति में कांग्रेस के सबसे प्रमुख चेहरों में से एक बनकर उभरे। 2021 के बाद वह विपक्ष का चेहरा बन गए: 2021 में, सतीसन ने केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में रमेश चेन्निथला की जगह ली। पिछले पांच वर्षों में, उन्होंने शासन और भ्रष्टाचार से लेकर कानून-व्यवस्था तक के मुद्दों पर वामपंथी सरकार पर यूडीएफ के हमलों का नेतृत्व किया।
केरल के मुख्यमंत्री की घोषणा: जब वीडियो में केरल के नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की गई, तो क्या कह रहे हैं कांग्रेस नेता

केरल के मुख्यमंत्री पद के लिए कांग्रेस द्वारा वी. डी. श्रीशन के नाम की घोषणा के बाद संप्रदाय के नेताओं और नवनिर्वाचित नामों ने उन्हें बधाई दी। केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष सनी जोसेफ ने फेसबुक पर शेरशान की एक तस्वीर साझा की और लिखा, ”केरल के 24 वें मुख्यमंत्री वी डी शेरशान को बहुत-बहुत बधाई।” कांग्रेस के नेता और नेता वी टी बलराम ने भी श्रीशन को बधाई देते हुए कहा कि यह जनता की इच्छा है। बलराम ने फेसबुक पर लिखा कि यह एक ऐसी घोषणा थी जिसका केरल इंतजार कर रहा था। उन्होंने उन लोगों की भावनाओं की पुष्टि करते हुए कहा कि पहले ही उन्हें अपना नेता मान लिया गया था। बलराम ने कहा, ”एक सच्ची लोकतांत्रिक पार्टी का सम्मान करके ही फैसला सुनाया जा सकता है और स्थायी जनभावनाओं को मंजूरी नहीं दी जा सकती।” उन्होंने कहा कि श्रीशेषन एक ऐसे ही विपरीत जन समर्थन के बीच कब्जा कर रहे हैं, जो किसी भी राजनीतिक नेता के लिए विरले ही देखा जा रहा है। बलराम ने कहा कि श्रीशथन की यह पार्टी केवल कांग्रेस या यूयू के मुख्यमंत्री के रूप में नहीं है, बल्कि केरल की जनता के मुख्यमंत्री के रूप में देखी जानी चाहिए। अपने पोस्ट के समापन में उन्होंने कहा, ”हम ऐसा कर सकते हैं, क्योंकि यह केरल है।” यह भी पढ़ें: जब सम्मान का समर्थन नहीं किया तो कांग्रेस ने कैसे बनाया केरल का नया मुख्यमंत्री? वीडी शेरेशन ने खुद बताया यू.एफ.ई.सी. वी.आई.टी. को बताया गया दार्शनिक की मेहनत कांग्रेस से राष्ट्रीय नेता राहुल ममकूटाथिल ने भी श्रीशरण को बधाई दी। उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा कि यू-फॉल्क की जीत पार्टी पार्टियों के राजनीतिक संघर्ष और बलिदान का प्रतीक है। उनके अनुसार, कैथोलिक पुरा के सिद्धांत अब एक जन हितैषी सरकार के रूप में सामने आए हैं और अलाकमान ने श्रीशेन को इसके नेतृत्व की जिम्मेदारी दी है। सतीशन को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि नई सरकार के लोगों के विचार काम करने के लिए काम करेंगे। पुथुपल्ली से फिर से विधायक विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चंडी के बेटे चंडी ओमन ने भी श्रीशेषन की तस्वीर साझा कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। IUML ने श्रीशेषन के नाम का स्वागत किया मुवत्तुपुझा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मैथ्यू कुझालदान ने कहा कि केरल शासन का एक नया चेहरा और नई शैली दिखेगा। यूएफओ के दूसरे सबसे बड़े घटक दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने कांग्रेस के फैसले का पूरी तरह से समर्थन किया। केरल की जनता के साथ-साथ हम भी इसका समर्थन करते हैं। ”शेषन सुशासन देने में सक्षम होगा.” यह भी पढ़ें: क्वेंच-जिनपिंग बैठक से खुलागा होर्मुज का प्रस्थान? ईरान वॉर के बीच व्हाइट हाउस का बड़ा बयान
Dewas Firecracker Factory Blast | 3 Dead, 25 Injured

“इन्हें उठाओ…जल्दी बाहर लेकर चलो…कोई एंबुलेंस वाले को कॉल करो… इतने लोगों की यहां मौत हो गई…” देवास जिले के टोंककलां इलाके में गुरुवार सुबह पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद घटनास्थल पर यही चीख-पुकार सुनाई दे रही थी। . आगरा-मुंबई हाईवे किनारे स्थित इस फैक्ट्री में हुआ विस्फोट इतना भीषण था कि 5 मजदूरों के शरीर के चीथड़े उड़कर 20-25 फीट दूर जा गिरे। टुकड़ों को बोरे में समेटना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि 72 बार कॉल करने के बाद एम्बुलेंस मौके पर पहुंची थीं। घायलों को कंधे पर ढोकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया था। हादसे में धीरज, सनी, सुमित, अमर और गुड्डू की मौत हो गई, जबकि 25 मजदूर घायल हुए हैं। इनमें 13 की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को देवास और इंदौर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और घायलों के मुफ्त इलाज की घोषणा की है। काले चश्मे में सुमित। उसके साथ ही धीरज की फोटो। दोनों की हादसे में जान चली गई। फैक्ट्री मालिक पर रासुका की कार्रवाई घटना के बाद प्रशासन ने फैक्ट्री को सील कर दिया। कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने आरोपी अनिल मालवीय के विरुद्ध रासुका की कार्रवाई की है। आरोपी अनिल मालवीय को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसपी की रिपोर्ट पर पटाखा लाइसेंस का गलत तरीके से उपयोग करने एवं नियम शर्तों का पालन नहीं करने पर की गई है। मामले में पुलिस चार लोगों पर प्रकरण दर्ज करने की तैयारी कर रही है, जिसमें तीन फैक्ट्री के ठेकेदार शामिल है। कलेक्टर ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। दैनिक भास्कर टीम जब आगरा-मुंबई हाईवे किनारे स्थित फैक्ट्री पहुंची, तब तक परिसर से धुआं उठ रहा था। चारों तरफ अफरा-तफरी थी। बारूद से झुलसे मजदूरों को बाहर निकालने की कोशिशें जारी थीं। कई घायल बिना कपड़ों के तपती जमीन पर पड़े थे। उनके शरीर की चमड़ी तक झुलस चुकी थी और दर्द से उनकी चीखें निकल रही थीं। मजदूरों ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद एंबुलेंस मौके तक नहीं पहुंच सकी। साथी मजदूर ही घायलों को कंधों पर उठाकर हाईवे तक लेकर आए। कुछ लोग गत्तों से हवा कर झुलसे लोगों को राहत देने की कोशिश करते रहे। पढ़िए रिपोर्ट… फैक्ट्री के अंदर पटाखों और पैकिंग सामग्री के बीच बैठे कर्मचारी बदहवास थे। कपड़ों को उठाकर बोरे में भरती टीम। मृतकों में दो बिहार, एक यूपी का 10 मीटर दूर हुआ ब्लास्ट, पूरा जल गया सुमित शशि कुमार पासवान ने बताया कि हादसे में उनके दोस्त सुमित कुमार पासवान की मौत हुई है। सुमित उनसे करीब 10 मीटर की दूरी पर काम कर रहा था। शशि ने कहा, “ब्लास्ट होते ही मैं जान बचाकर भागा। कुछ देर बाद लौटा तो सुमित जला हुआ पड़ा था। उसे और अन्य लोगों को बाहर निकाला। अंदर का मंजर इतना भयावह था कि शवों को देखना भी मुश्किल था।” उन्होंने बताया कि सुमित फैक्ट्री में केमिकल बनाने का काम करता था। “हम खाना खाने के बाद वापस काम पर बैठे ही थे कि धमाका हो गया। विस्फोट इतना तेज था कि लोगों के कपड़े तक जल गए।” सुमित के परिवार में माता-पिता और पत्नी हैं। चचेरे भाई धीरज ने आंखों के सामने दम तोड़ा अंजेश कुमार ने बताया कि हादसे में उनके चचेरे भाई धीरज कुमार की मौत हो गई। दोनों साथ में रहते थे। घटना के समय अंजेश फैक्ट्री के दूसरे सेगमेंट में काम कर रहे थे, जबकि धीरज पास के कमरे में था। अंजेश ने बताया, “ब्लास्ट में धीरज बुरी तरह झुलस गया था। लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं बच सका।” दोस्त ने कहा-सुबह साथ में खाया था खाना बिहार के अररिया निवासी नीरज कुमार ने बताया कि वह भी कुछ दूरी पर दूसरे सेगमेंट में काम कर रहा था। सुबह दोनों साथ में फैक्ट्री पहुंचे थे और साथ बैठकर खाना खाया था। नीरज ने कहा, “हम अपने काम पर लौटे ही थे कि जोरदार धमाका हुआ। धुआं हटने के बाद देखा तो सबकुछ खत्म हो चुका था। धीरज बुरी तरह झुलस चुका था और उसकी सांसें थम चुकी थीं।” नीरज ने बताया कि धीरज की शादी हो चुकी थी। उसकी पत्नी और माता-पिता गांव में रहते हैं। वह करीब एक माह पहले ही दोस्तों के साथ यहां काम करने आया था। धमाके के बाद मजदूर बुरी तरह झुलस गए। कपड़े तक चमड़ी में चिपक गए। यूपी का रहने वाला था शनि हादसे में शनि नाम के युवक की भी मौत हुई है, जो उत्तर प्रदेश का रहने वाला था। उसके दोस्त विपिन कुमार ने बताया, “मैं मशीन चला रहा था। हम दोनों लंबे समय से साथ रह रहे थे। सुबह 9 बजे की शिफ्ट में साथ फैक्ट्री पहुंचे थे। हंसते हुए काम पर आए थे, नहीं पता था कि यह आखिरी मुलाकात होगी।” विपिन ने बताया कि ब्लास्ट के बाद शनि पूरी तरह झुलस गया था। 2 किमी दूर गांव तक सुनाई दी धमाके की आवाज प्रत्यक्षदर्शी राकेश मंडलोई ने बताया कि उनका घर फैक्ट्री से कुछ दूरी पर है। “सुबह करीब 11 बजे अचानक जोरदार धमाका हुआ। बाहर निकला तो फैक्ट्री से धुआं उठ रहा था। टीन शेड हवा में उड़ते दिखे। पास जाकर देखा तो हाईवे तक शरीर के टुकड़े पड़े थे।” ग्रामीणों के मुताबिक, धमाके की आवाज करीब 2 किलोमीटर दूर गांवों तक सुनाई दी। टोंककलां और कलमा गांव सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। कई घरों में धमाके से बर्तन तक हिल गए। धमाका इतना तेज था कि मजदूरों के शरीर के चीथड़े हाईवे तक जा गिरे। हाईवे तक पहुंचे शरीर के अवशेष ब्लास्ट इतना तेज था कि फैक्ट्री का टीन शेड उड़कर हाईवे पर जा गिरा। विस्फोट वाली इमारत पूरी तरह ढह गई। मौके पर मलबे के बीच बारूद और केमिकल दबे दिखाई दिए। ग्रामीणों ने बताया कि हादसे के बाद शवों के अवशेष 20 से 25 फीट दूर तक बिखरे पड़े थे। कुछ हिस्से हाईवे पर मिले, जबकि कुछ फैक्ट्री परिसर के आसपास। राहत टीम ने उन्हें समेटकर बोरे में भरा। हादसे में झुलसे लोगों को इस तरह से बाहर निकाला। जहां बारूद बनता था, वहां अब सिर्फ मलबा फैक्ट्री
कुछ पेनिकलर दवाओं में कैफीन क्यों मिलाया जाता है? क्या यह भी मेडिसिन का तत्व, यहां समझ लीजिए

Last Updated:May 14, 2026, 17:10 IST Caffeine in Pain Relief Medicines: कई पेनकिलर दवाओं में कैफीन इसलिए मिलाया जाता है, क्योंकि यह दवा के असर को बढ़ाने और दर्द से जल्दी राहत दिलाने में मदद कर सकता है. खासकर सिरदर्द और माइग्रेन की दवाओं में इसका इस्तेमाल ज्यादा होता है. हालांकि ज्यादा कैफीन कुछ लोगों के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है. ऐसे में सावधानी बरतनी चाहिए. पेनकिलर दवाओं में कैफीन मिलाने से उनका असर तेज और बेहतर तरीके से होता है. Caffeine in Headache Medicines: कैफीन एक नेचुरल तत्व होता है, जो चाय-कॉफी और चॉकलेट से लेकर कई खाने-पीने की चीजों में पाया जाता है. कई एनर्जी ड्रिंक्स और शुगरी ड्रिंक्स में भी कैफीन मिलाया जाता है. यह एक स्टिम्युलेंट है, जो हमारे शरीर के सेंट्रल नर्वस सिस्टम को एक्टिव कर सतर्कता और एनर्जी बढ़ाता है. जब भी लोग सिरदर्द, माइग्रेन या बदन दर्द की दवा लेते हैं, तो कई बार दवा के पैकेट पर कैफीन लिखा होता है. अक्सर सवाल उठता है कि दर्द की दवा में कैफीन क्यों मिलाया जाता है? क्या यह सिर्फ जागने या नींद भगाने के लिए होता है या फिर इसका दर्द कम करने में भी कोई रोल है? US के क्लीवलैंड क्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक कैफीन सिर्फ चाय-कॉफी में पाया जाने वाला तत्व नहीं है, बल्कि कई पेनकिलर दवाओं में इसे एक एनाल्जेसिक एडजुवेंट यानी दवा का असर बढ़ाने वाले तत्व के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. कैफीन खुद बहुत मजबूत पेनकिलर नहीं होता, लेकिन यह पैरासिटामोल, आइबुप्रोफेन और एस्पिरिन जैसी दवाओं के असर को बढ़ाने में मदद कर सकता है. कई रिसर्च में पाया गया है कि पेनकिलर के साथ कैफीन मिलाने से दर्द से राहत थोड़ी तेजी से और बेहतर मिल सकती है. खासकर सिरदर्द और माइग्रेन जैसी परेशानियों में कैफीन वाली दवाएं ज्यादा यूज की जाती हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि कैफीन शरीर में कुछ ऐसे रिसेप्टर्स को ब्लॉक करता है, जो दर्द महसूस कराने में भूमिका निभाते हैं. इसके अलावा यह दवा के अवशोषण को तेज कर सकता है, जिससे दवा जल्दी असर दिखा सकती है. कुछ मामलों में कैफीन ब्रेन की ब्लड वेसल्स को संकरा करने में भी मदद करता है, जो माइग्रेन या सिरदर्द में राहत देने में उपयोगी माना जाता है. एक मेडिकल रिव्यू में पाया गया कि लगभग 100 मिलीग्राम या उससे अधिक कैफीन को सामान्य पेनकिलर के साथ मिलाने पर 5% से 10% ज्यादा लोगों को बेहतर दर्द से राहत मिली, जबकि सामान्य पेनिकलर वालों को कम राहत मिली. हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि ज्यादा कैफीन वाली दवाएं हमेशा बेहतर होती हैं, ऐसा नहीं है. कुछ लोगों को कैफीन से घबराहट, नींद न आना, दिल की धड़कन तेज होना या एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. जो लोग पहले से ज्यादा चाय-कॉफी पीते हैं या कैफीन के प्रति संवेदनशील हैं, उन्हें ऐसी दवाएं डॉक्टर की सलाह से ही लेनी चाहिए. हाई ब्लड प्रेशर, एंजायटी या नींद की समस्या वाले लोगों को भी सावधानी बरतने की जरूरत होती है. किसी भी दवा का लगातार या जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए बिना एक्सपर्ट की सलाह के लंबे समय तक दवा का सेवन नहीं करना चाहिए. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें
Saudi Arabia T20 League Launches Oct

स्पोर्ट्स डेस्क9 मिनट पहले कॉपी लिंक सऊदी क्रिकेट बोर्ड का लोगो। सऊदी अरब इस साल अक्टूबर में अपनी पहली फ्रेंचाइजी क्रिकेट लीग शुरू करने जा रहा है। ड्यून्स लीग टी-20 नाम की यह लीग 6 टीमों के साथ खेली जाएगी। ESPNcricinfo की रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें ऐसे खिलाड़ी हिस्सा ले सकते हैं, जिन्होंने हाल में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लिया है, लेकिन अब भी दुनिया भर की फ्रेंचाइजी लीग्स में खेल रहे हैं। SACF ने मंजूरी दी लीग को सऊदी अरब क्रिकेट फेडरेशन (SACF) की मंजूरी मिल चुकी है। मुकाबले जेद्दा के पास ताइफ शहर में खेले जाएंगे। इस लीग को स्पोर्ट्स एशियन नेटवर्क और दो टैलेंट एजेंसियों के साथ मिलकर तैयार किया गया है। इनमें यूनिक स्पोर्ट्स क्लब और प्रोलिथिक शामिल हैं। यूनिक स्पोर्ट्स इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर जैसे खिलाड़ियों को मैनेज करता है, जबकि प्रोलिथिक भारतीय बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के साथ काम करता है। युवराज एम्बेसडर बने पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह को लीग का एम्बेसडर बनाया गया है। SACF ने पिछले साल इस लीग की शुरुआती योजना का ऐलान किया था। बोर्ड का कहना था कि इसका मकसद सऊदी अरब को ग्लोबल क्रिकेट मैप पर लाना और स्थानीय खिलाड़ियों को आगे बढ़ाना है। युवराज सिंह लीग के एम्बेसडर होंगे। 4 बाहरी खिलाड़ी खेल सकेंगे रिपोर्ट के मुताबिक, लीग में अधिकतम चार ऐसे खिलाड़ी खेल सकेंगे, जिन्होंने पिछले दो साल में किसी फुल-मेंबर देश के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेला हो। इससे लीग ICC की उस सीमा के भीतर रहेगी, जहां अलग से मंजूरी की जरूरत नहीं पड़ती। खिलाड़ियों की सबसे बड़ी सैलरी करीब एक लाख डॉलर तक जा सकती है। सऊदी ने स्पोर्ट्स के बड़े टूर्नामेंट कराए पिछले 5 साल में सऊदी अरब ने खेलों में बड़े निवेश किए हैं। फुटबॉल, टेनिस और बॉक्सिंग जैसे खेलों में बड़े टूर्नामेंट कराए गए हैं। क्रिकेट में सऊदी अरब की एंट्री को लेकर पिछले तीन साल से चर्चा चल रही थी। ऐसी अटकलें भी थीं कि वह IPL को टक्कर देने वाली टी-20 लीग ला सकता है। पिछले साल ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटर्स एसोसिएशन की तरफ से ग्रैंड स्लैम मॉडल की टी-20 लीग्स में निवेश की चर्चाएं भी सामने आई थीं। हालांकि, सऊदी अरब ने क्रिकेट में धीरे-धीरे कदम बढ़ाए हैं। ICC के साथ स्पॉन्सरशिप डील, 2024 IPL ऑक्शन की मेजबानी और UAE की ILT20 लीग के साथ साझेदारी इसके उदाहरण हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Saudi Arabia T20 League Launches Oct

स्पोर्ट्स डेस्क3 घंटे पहले कॉपी लिंक सऊदी क्रिकेट बोर्ड का लोगो। सऊदी अरब इस साल अक्टूबर में अपनी पहली फ्रेंचाइजी क्रिकेट लीग शुरू करने जा रहा है। ड्यून्स लीग टी-20 नाम की यह लीग 6 टीमों के साथ खेली जाएगी। ESPNcricinfo की रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें ऐसे खिलाड़ी हिस्सा ले सकते हैं, जिन्होंने हाल में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लिया है, लेकिन अब भी दुनिया भर की फ्रेंचाइजी लीग्स में खेल रहे हैं। SACF ने मंजूरी दी लीग को सऊदी अरब क्रिकेट फेडरेशन (SACF) की मंजूरी मिल चुकी है। मुकाबले जेद्दा के पास ताइफ शहर में खेले जाएंगे। इस लीग को स्पोर्ट्स एशियन नेटवर्क और दो टैलेंट एजेंसियों के साथ मिलकर तैयार किया गया है। इनमें यूनिक स्पोर्ट्स क्लब और प्रोलिथिक शामिल हैं। यूनिक स्पोर्ट्स इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर जैसे खिलाड़ियों को मैनेज करता है, जबकि प्रोलिथिक भारतीय बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के साथ काम करता है। युवराज एम्बेसडर बने पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह को लीग का एम्बेसडर बनाया गया है। SACF ने पिछले साल इस लीग की शुरुआती योजना का ऐलान किया था। बोर्ड का कहना था कि इसका मकसद सऊदी अरब को ग्लोबल क्रिकेट मैप पर लाना और स्थानीय खिलाड़ियों को आगे बढ़ाना है। युवराज सिंह लीग के एम्बेसडर होंगे। 4 बाहरी खिलाड़ी खेल सकेंगे रिपोर्ट के मुताबिक, लीग में अधिकतम चार ऐसे खिलाड़ी खेल सकेंगे, जिन्होंने पिछले दो साल में किसी फुल-मेंबर देश के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेला हो। इससे लीग ICC की उस सीमा के भीतर रहेगी, जहां अलग से मंजूरी की जरूरत नहीं पड़ती। खिलाड़ियों की सबसे बड़ी सैलरी करीब एक लाख डॉलर तक जा सकती है। सऊदी ने स्पोर्ट्स के बड़े टूर्नामेंट कराए पिछले 5 साल में सऊदी अरब ने खेलों में बड़े निवेश किए हैं। फुटबॉल, टेनिस और बॉक्सिंग जैसे खेलों में बड़े टूर्नामेंट कराए गए हैं। क्रिकेट में सऊदी अरब की एंट्री को लेकर पिछले तीन साल से चर्चा चल रही थी। ऐसी अटकलें भी थीं कि वह IPL को टक्कर देने वाली टी-20 लीग ला सकता है। पिछले साल ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटर्स एसोसिएशन की तरफ से ग्रैंड स्लैम मॉडल की टी-20 लीग्स में निवेश की चर्चाएं भी सामने आई थीं। हालांकि, सऊदी अरब ने क्रिकेट में धीरे-धीरे कदम बढ़ाए हैं। ICC के साथ स्पॉन्सरशिप डील, 2024 IPL ऑक्शन की मेजबानी और UAE की ILT20 लीग के साथ साझेदारी इसके उदाहरण हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Justice Swarnkantha Sharma Threatens Contempt Action

नई दिल्ली2 मिनट पहले कॉपी लिंक 13 अप्रैल को शराब नीति घोटाला मामले अरविंद केजरीवाल ने सुनवाई के दौरान कोर्ट में अपनी दलील खुद रखी थी। दिल्ली हाईकोर्ट की जज जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी के छह नेताओं के खिलाफ अवमानना (कंटेम्प्ट) की कार्रवाई शुरू करने का फैसला किया है। मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक, सौरभ भारद्वाज, संजय सिंह और विनय मिश्रा पर भी अवमानना की कार्रवाई होगी। जस्टिस शर्मा ने कहा कि उनके और कोर्ट के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और बदनाम करने वाली बातें पोस्ट की गईं। ऐसे में वह चुप नहीं रह सकतीं। केजरीवाल का व्यवहार क्रिमिनल कंटेम्प्ट के बराबर है और अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो इससे अराजकता फैल जाएगी। उन्होंने खुद को शराब नीति घोटाला मामले की सुनवाई से अलग करते हुए कहा- ये केस कोई और बेंच सुनेगी। क्योंकि कानून के मुताबिक जो जज कंटेम्प्ट प्रोसिडिंग्स ड्रॉ करते हैं वो मेन केस को नहीं सुन सकते हैं। मैं इस मामले को CJ के सामने लिस्ट करूंगी ताकि केस की सुनवाई कोई दूसरा जज कर सके। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शराब घोटाला केस से जस्टिस शर्मा को हटाने की मांग की थी। केजरीवाल का आरोप था कि जस्टिस शर्मा RSS के कार्यक्रम में 4 बार शामिल हो चुकी हैं। उनसे न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। 27 अप्रैल को अरविंद केजरीवाल ने वीडियो जारी कर जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा पर कई आरोप लगाए थे। 27 अप्रैल: केजरीवाल बोले- हाईकोर्ट में पेश नहीं होऊंगा अरविंद केजरीवाल ने वीडियो जारी कर कहा था- ‘शराब नीति घोटाला मामले में मैं हाईकोर्ट में न खुद पेश होऊंगा और न ही कोई मेरी तरफ से दलीलें रखेगा। हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। केजरीवाल ने आरोप लगाया था- सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता दोनों बच्चों को केस देते हैं। उनके बेटे को 2023 से 2025 के बीच करीब 5904 केस मिले। अगर जज के बच्चों का भविष्य सॉलिसिटर जनरल तय कर रहे हैं तो क्या जज साहिबा उनके खिलाफ फैसला सुना पाएंगी। अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी के नेता दुर्गेश पाठक ने जस्टिस शर्मा की कोर्ट में पेश होना बंद कर दिया है। उन्होंने न तो व्यक्तिगत रूप से और न ही वकील के जरिए अदालत में उपस्थित होने का फैसला किया। 20 अप्रैल: AAP नेताओं ने जज से हटने की मांग की थी दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने शराब नीति केस से जुड़े पूर्व CM अरविंद केजरीवाल की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें जज के केस से हटने की मांग की गई थी। जस्टिस स्वर्णकांता ने कहा था- मैं इस मामले से खुद को अलग नहीं करूंगी। मैं सुनवाई करूंगी। मैं हट गई तो संदेश जाएगा कि दबाव डालकर किसी भी केस से जज हटा सकते हैं। दरअसल, केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता पर पक्षपात और हितों के टकराव का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि जज RSS से जुड़े संगठन के कार्यक्रम में कई बार गई हैं। उनके बच्चे केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के साथ काम करते हैं। जस्टिस शर्मा ने केजरीवाल के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा था- अगर कोई जज पद की शपथ लेता है तो इसका मतलब यह नहीं है कि उसका परिवार भी इस पेशे में न आने की शपथ ले। जज के बच्चे या परिवार अपनी जिंदगी कैसे जिएंगे, यह कोई भी तय नहीं कर सकता। एमिकस क्यूरी नियुक्त करने की तैयारी AAP नेताओं की ओर से कोई वकील पेश नहीं हो रहा था, इसलिए हाईकोर्ट ने सीनीयर एडवोकेट को ‘एमिकस क्यूरी’ यानी कोर्ट की सहायता के लिए नियुक्त करने का फैसला किया था। जस्टिस शर्मा ने कहा कि कुछ वरिष्ठ वकीलों ने इसके लिए सहमति भी दे दी है। इस बीच कोर्ट ने कहा कि सुनवाई के दौरान उसे सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर अदालत व जज के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री की जानकारी मिली, जिसके बाद अवमानना कार्रवाई का फैसला लिया गया। CBI ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी दरअसल हाईकोर्ट में सीबीआई की उस याचिका पर सुनवाई हो रही है जिसमें ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है। ट्रायल कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और 21 अन्य आरोपियों को शराब नीति मामले में डिस्चार्ज कर दिया था। 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट ने कहा था कि यह मामला न्यायिक जांच में टिक नहीं पाया और पूरी तरह कमजोर साबित हुआ। इसी आधार पर कोर्ट ने केजरीवाल, सिसोदिया समेत 21 लोगों को राहत दी थी। केजरीवाल 156 दिन, सिसोदिया 530 दिन तक जेल में रहे दिल्ली सरकार ने 2021 में राजस्व बढ़ाने और शराब व्यापार में सुधार के लिए आबकारी नीति बनाई थी, जिसे बाद में अनियमितताओं के आरोप लगने के बाद वापस ले लिया गया। इसके बाद उपराज्यपाल विनय सक्सेना ने CBI जांच के आदेश दिए थे। CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि इस नीति के जरिए निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया और इसमें भ्रष्टाचार हुआ। इस मामले में केजरीवाल को 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान गिरफ्तार कर हिरासत में भेजा गया था। उन्हें 156 दिन की हिरासत के बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली। वहीं सिसोदिया इस मामले में 530 दिन तक जेल में रहे। ————————————- ये खबर भी पढ़ें… जज से बहस वाले वीडियो पर केजरीवाल को नोटिस, हाईकोर्ट ने पूछा- सबसे पहले अपलोड किसने किया दिल्ली हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पूर्व CM अरविंद केजरीवाल को नोटिस जारी किया। याचिका बिना इजाजत कोर्ट की कार्यवाही रिकॉर्ड करने और उसे सोशल मीडिया पर सर्कुलेट करने को लेकर है। कोर्ट ने सभी वीडियो डिलीट करने और लिंक हटाने के निर्देश दिए हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
सत्तू की कुल्फी रेसिपी: लू और गर्मी से बचाएगी सत्तू की यह ताज़गी भरी कुल्फी, सिर्फ 3 साल पहले बनेगी तैयार, नोट करें विधि

14 मई 2026 को 16:58 IST पर अद्यतन किया गया सत्तू की कुल्फी रेसिपी: गर्मियों में कुल्फी खाना किसे पसंद नहीं आता। लेकिन बाजार में मिलने वाली कुल्फी कई बार स्वास्थ्य के लिए उपयुक्त नहीं होती। ऐसे में हम दादी-नानी वाले नुस्खे का इस्तेमाल करके घर पर ही सेहतमंद प्रोटीन वाली सत्तू की कलौंजी बना सकते हैं। शामिल हैं सत्तू की कुल्फी बनाने का रहस्य। अनुसरण करना : सत्तू की कुल्फी बनाने के लिए आवश्यक सामग्री 1 कप सत्तू आधा लीटर दूध स्वाद यात्री गुड़ या चीनी स्वाद के लिए इलायची छवि: एआई इस कुल्फी को तैयार करने के लिए सबसे पहले ठंडे दूध में सत्तू और गुड़ डालें। अब इसे अच्छी तरह से फेंट लें ताकि बैटर एसेट फ़्लोट्स बनकर तैयार हो जाए। छवि: एआई इस मिक्चर को लाइट- लाइट लॉन्च पर 7-10 मिनट तक अच्छे से पकाएंगे। सत्तू का गोंद जब तक डायनासोर न हो जाए तब तक वापस पकाना है। छवि: एआई अब इस मिक्चर को ठंडा करें, फिर इसे कुल्फी मोल्ड्स या फिर छोटे-छोटे होने वाले ग्लासों में भर दें। इसके ऊपर से डॉयचेल्स स्प्रिंकल करें। छवि: एआई तैयार किए गए कुल्फी के मोल्ड्स को 7 से 8 घंटे तक या फिर पूरी रात इसे रेफ्रीजिरेटर में जमने के लिए रख लें। जमने के बाद कुल्फी सख्त हो जाती है, और बेहद स्वादिष्ट भी लगती है। छवि: एआई जमी हुई सुपर प्लाजा सत्तू की कुल्फी को मोल्ड से बाहर निकाले गए प्लेट में गुड से सजाएं। इस कुल्फी को और भी स्वस्थ बनाने के लिए चीनी स्थान पर खजूर के पेस्ट का उपयोग करें। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 14 मई 2026 16:58 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)सत्तू आइसक्रीम रेसिपी(टी)सत्तू कुल्फी रेसिपी(टी)ग्रीष्मकालीन विशेष सत्तू रेसिपी(टी)स्वस्थ कुल्फी रेसिपी(टी)गर्मियों में सत्तू के फायदे(टी)घर पर सत्तू आइसक्रीम कैसे बनाएं(टी)देसी कुल्फी रेसिपी(टी)सत्तू रेसिपी इन हिंदी(टी)हाई प्रोटीन समर डेजर्ट(टी)त्वरित सत्तू रेसिपी







