Monday, 06 Apr 2026 | 02:51 AM

Trending :

EXCLUSIVE

Russia, China, N. Korea; Pakistan Missiles to Reach US

Russia, China, N. Korea; Pakistan Missiles to Reach US

वॉशिंगटन डीसी26 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी की वैश्विक खतरे से संबंधित सुनवाई में तुलसी गबार्ड ने जवाब दिया।

अमेरिका की खुफिया एजेंसी की प्रमुख तुलसी गबार्ड ने कहा है कि पाकिस्तान ऐसी लंबी दूरी की मिसाइलें बना रहा है जो भविष्य में अमेरिका तक हमला कर सकती हैं।

उन्होंने वॉशिंगटन DC में एक मीटिंग के दौरान बताया कि आने वाले समय में दुनिया में खतरनाक मिसाइलों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ सकती है।

इंटेलिजेंस कम्यूनिटी (IC) का आंकलन है कि अभी करीब 3,000 मिसाइलें ऐसी हैं जो अमेरिका तक हमला कर सकती हैं, लेकिन 2035 तक ये बढ़कर 16,000 से ज्यादा हो सकती हैं।

गबार्ड के मुताबिक, रूस, चीन, नॉर्थ कोरिया, ईरान और पाकिस्तान जैसे देश नई-नई मिसाइल तकनीक और हथियार बना रहे हैं।

उन्होंने ये भी कहा कि पाकिस्तान ऐसी इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) बना सकता है, जो बहुत दूर तक मार कर सकती है। वहीं ईरान भी 2035 से पहले ऐसी मिसाइल बना सकता है।

गबार्ड बोलीं- रूस और चीन अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम भेद सकते हैं

गबार्ड ने चीन और रूस को सबसे बड़ा और लगातार खतरा बताया। उनके मुताबिक, ये देश ऐसी उन्नत तकनीक विकसित कर रहे हैं जो अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम को भेद सकती हैं।

उन्होंने उत्तर कोरिया के साइबर खतरे का भी जिक्र किया और कहा कि 2025 में उसने क्रिप्टोकरेंसी चोरी के जरिए करीब 2 बिलियन डॉलर जुटाए, जिससे उसके हथियार कार्यक्रम को फंड मिला।

सुनवाई के दौरान ईरान के साथ संभावित युद्ध और पहले दी गई खुफिया जानकारी पर गबार्ड ने सवालों का सीधा जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे आंतरिक चर्चाओं का खुलासा नहीं कर सकतीं।

साथ ही यह भी चिंता जताई गई कि अगर ईरान पर हमला होता है तो वह होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर सकता है, जो वैश्विक तेल और गैस सप्लाई का अहम मार्ग है।

गबार्ड के जवाब से डेमोक्रेट नाराज

तुलसी गबार्ड ने रिपब्लिकन राष्ट्रपति को दी गई खुफिया जानकारी के बारे में पूछे गए सवालों को बार-बार टाल दिया। इससे डेमोक्रेट नाराज हो गए।

सीनेट खुफिया समिति के शीर्ष डेमोक्रेट, वर्जीनिया के सीनेटर मार्क वार्नर ने गबार्ड से पूछा कि क्या उन्होंने ट्रंप को सलाह दी थी कि अगर ईरान को अमेरिकी हमलों का निशाना बनाया गया तो वह खाड़ी देशों पर हमला करेगा और होर्मूज स्ट्रेट को बंद कर देगा। इस सवाल का भी गबार्ड ने सीधा जवाब नहीं दिया।

उन्होंने कहा- मैंने आंतरिक बातचीत का खुलासा नहीं किया है और न ही करूंगी। उन्होंने कहा, मैं यह कहना चाहूंगी कि खुफिया समुदाय में हम सभी राष्ट्रपति को उनके फैसलों में मदद करने के लिए उपलब्ध सभी बेहतरीन वस्तुनिष्ठ खुफिया जानकारी प्रदान करते रहते हैं।

भारत-पाकिस्तान संबंधों से परमाणु युद्ध का खतरा बना हुआ है: अमेरिकी खुफिया एजेंसियां

बुधवार को अमेरिकी सीनेट में पेश की गई अमेरिकी इंटेलिजेंस कम्यूनिटी की ‘ऐनुअल थ्रेट असेसमेंट’ रिपोर्ट के मुताबिक भारत और पाकिस्तान के संबंधों में परमाणु युद्ध का खतरा बना हुआ है।

34 पन्नों की इस रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि भारत और पाकिस्तान खुलकर युद्ध नहीं चाहते, लेकिन ऐसी परिस्थितियां मौजूद हैं जिनमें आतंकवादी तत्व लगातार संकट पैदा करने वाले हालात बना सकते हैं।

भारत-पाकिस्तान संबंधों में परमाणु युद्ध का खतरा इसलिए बना हुआ है, क्योंकि अतीत में जब भी ये दोनों परमाणु-सशस्त्र देश आमने-सामने आए हैं, तो तनाव बढ़ने का खतरा पैदा हो गया था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल भारत के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के पास हुए आतंकवादी हमले ने यह दिखा दिया था कि आतंकवादी हमले किस तरह युद्ध की चिंगारी भड़का सकते हैं रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप के हस्तक्षेप से हालिया परमाणु तनाव कम हुआ था।

रिपोर्ट में और क्या…

  • दक्षिण एशिया में ISIS-K अभी भी सक्रिय है और बाहर हमले करने की योजना बना रहा है। तालिबान अपनी सुरक्षा मजबूत कर रहा है और ISIS-K के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है।
  • अफगानिस्तान में पाकिस्तान-विरोधी आतंकवादी समूहों की मौजूदगी है। 26 फरवरी को तालिबान ने पाकिस्तानी ठिकानों पर हमला किया, यह पाकिस्तान के पहले हमलों का बदला बताया गया।
  • जवाब में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों और काबुल (राजधानी) पर बमबारी की। यह पहली बार था जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के शहरों को सीधे निशाना बनाया

19 फरवरी: पाकिस्तानी पीएम ने ट्रम्प को ‘दक्षिण एशिया का रक्षक’ बताया था

फरवरी में बोर्ड ऑफ पीस मीटिंग के दौरान ट्रम्प ने कहा था कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने उनके चीफ ऑफ स्टाफ के सामने यह बात मानी थी कि उनकी पहल से भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध टल गया।

ट्रम्प के मुताबिक, अगर यह टकराव नहीं रुकता तो करीब 2.5 करोड़ लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी। उन्होंने दावा किया कि उनकी वजह से दोनों देशों के बीच हालात काबू में आए और बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान टल गया।

इस दौरान ट्रम्प ने शहबाज शरीफ से खड़े होने के लिए कहा वो खड़े हो गए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इस दौरान शहबाज शरीफ ने ट्रम्प को दक्षिण एशिया की हिफाजत करने वाला बताया। पूरी खबर पढ़ें…

————

ये खबर भी पढ़ें…

ट्रम्प की तारीफ करने पर पाकिस्तानी-PM अपने देश में ट्रोल:लोग बोले- शरीफ को चापलूसी का नोबेल दो, हमारे नेता इतने चाटुकार क्यों

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को उनके ही देश में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प का चापलूस और चाटुकार बताकर ट्रोल किया गया। कुछ सोशल मीडिया यूजर ने कहा कि अगर चापलूसी के लिए नोबेल होता, तो शरीफ सबसे बड़े दावेदार होते। दरअसल, 19 फरवरी को मिस्र में गाजा पीस समिट के दौरान शरीफ ने ट्रम्प के भारत-पाकिस्तान संघर्ष रुकवाने के दावे का समर्थन किया था। शरीफ ने ट्रम्प को नोबेल देने की मांग की थी। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Rashmika Mandanna-Vijay Deverakonda Wedding Reception: Allu Arjun, Kriti Sanon, Ram Charan and others attend.

March 4, 2026/
8:48 pm

आखरी अपडेट:मार्च 04, 2026, 20:48 IST चर्चा है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए चुने जाने के...

2 साल की बच्ची का शव उठाकर रो पड़े लोग:छोटे बच्चों को लेकर बंकर में छिपीं महिलाएं; अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग की 20 PHOTOS

March 7, 2026/
6:39 am

ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल हमले का शनिवार को आठवां दिन है। US-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर...

बंगाली एक्टर राहुल बनर्जी की समुद्र में डूबने से मौत:शूटिंग के दौरान हुआ हादसा, पुलिस का दावा- बिना इजाजत हुई शूटिंग; ममता बनर्जी ने दी श्रद्धांजलि

March 30, 2026/
12:25 pm

बंगाली सिनेमा के एक्टर राहुल अरुणोदय बनर्जी की कल हादसे में मौत हो गई। वह ओडिशा के तलसरी समुद्र तट...

राजनीति

Russia, China, N. Korea; Pakistan Missiles to Reach US

Russia, China, N. Korea; Pakistan Missiles to Reach US

वॉशिंगटन डीसी26 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी की वैश्विक खतरे से संबंधित सुनवाई में तुलसी गबार्ड ने जवाब दिया।

अमेरिका की खुफिया एजेंसी की प्रमुख तुलसी गबार्ड ने कहा है कि पाकिस्तान ऐसी लंबी दूरी की मिसाइलें बना रहा है जो भविष्य में अमेरिका तक हमला कर सकती हैं।

उन्होंने वॉशिंगटन DC में एक मीटिंग के दौरान बताया कि आने वाले समय में दुनिया में खतरनाक मिसाइलों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ सकती है।

इंटेलिजेंस कम्यूनिटी (IC) का आंकलन है कि अभी करीब 3,000 मिसाइलें ऐसी हैं जो अमेरिका तक हमला कर सकती हैं, लेकिन 2035 तक ये बढ़कर 16,000 से ज्यादा हो सकती हैं।

गबार्ड के मुताबिक, रूस, चीन, नॉर्थ कोरिया, ईरान और पाकिस्तान जैसे देश नई-नई मिसाइल तकनीक और हथियार बना रहे हैं।

उन्होंने ये भी कहा कि पाकिस्तान ऐसी इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) बना सकता है, जो बहुत दूर तक मार कर सकती है। वहीं ईरान भी 2035 से पहले ऐसी मिसाइल बना सकता है।

गबार्ड बोलीं- रूस और चीन अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम भेद सकते हैं

गबार्ड ने चीन और रूस को सबसे बड़ा और लगातार खतरा बताया। उनके मुताबिक, ये देश ऐसी उन्नत तकनीक विकसित कर रहे हैं जो अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम को भेद सकती हैं।

उन्होंने उत्तर कोरिया के साइबर खतरे का भी जिक्र किया और कहा कि 2025 में उसने क्रिप्टोकरेंसी चोरी के जरिए करीब 2 बिलियन डॉलर जुटाए, जिससे उसके हथियार कार्यक्रम को फंड मिला।

सुनवाई के दौरान ईरान के साथ संभावित युद्ध और पहले दी गई खुफिया जानकारी पर गबार्ड ने सवालों का सीधा जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे आंतरिक चर्चाओं का खुलासा नहीं कर सकतीं।

साथ ही यह भी चिंता जताई गई कि अगर ईरान पर हमला होता है तो वह होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर सकता है, जो वैश्विक तेल और गैस सप्लाई का अहम मार्ग है।

गबार्ड के जवाब से डेमोक्रेट नाराज

तुलसी गबार्ड ने रिपब्लिकन राष्ट्रपति को दी गई खुफिया जानकारी के बारे में पूछे गए सवालों को बार-बार टाल दिया। इससे डेमोक्रेट नाराज हो गए।

सीनेट खुफिया समिति के शीर्ष डेमोक्रेट, वर्जीनिया के सीनेटर मार्क वार्नर ने गबार्ड से पूछा कि क्या उन्होंने ट्रंप को सलाह दी थी कि अगर ईरान को अमेरिकी हमलों का निशाना बनाया गया तो वह खाड़ी देशों पर हमला करेगा और होर्मूज स्ट्रेट को बंद कर देगा। इस सवाल का भी गबार्ड ने सीधा जवाब नहीं दिया।

उन्होंने कहा- मैंने आंतरिक बातचीत का खुलासा नहीं किया है और न ही करूंगी। उन्होंने कहा, मैं यह कहना चाहूंगी कि खुफिया समुदाय में हम सभी राष्ट्रपति को उनके फैसलों में मदद करने के लिए उपलब्ध सभी बेहतरीन वस्तुनिष्ठ खुफिया जानकारी प्रदान करते रहते हैं।

भारत-पाकिस्तान संबंधों से परमाणु युद्ध का खतरा बना हुआ है: अमेरिकी खुफिया एजेंसियां

बुधवार को अमेरिकी सीनेट में पेश की गई अमेरिकी इंटेलिजेंस कम्यूनिटी की ‘ऐनुअल थ्रेट असेसमेंट’ रिपोर्ट के मुताबिक भारत और पाकिस्तान के संबंधों में परमाणु युद्ध का खतरा बना हुआ है।

34 पन्नों की इस रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि भारत और पाकिस्तान खुलकर युद्ध नहीं चाहते, लेकिन ऐसी परिस्थितियां मौजूद हैं जिनमें आतंकवादी तत्व लगातार संकट पैदा करने वाले हालात बना सकते हैं।

भारत-पाकिस्तान संबंधों में परमाणु युद्ध का खतरा इसलिए बना हुआ है, क्योंकि अतीत में जब भी ये दोनों परमाणु-सशस्त्र देश आमने-सामने आए हैं, तो तनाव बढ़ने का खतरा पैदा हो गया था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल भारत के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के पास हुए आतंकवादी हमले ने यह दिखा दिया था कि आतंकवादी हमले किस तरह युद्ध की चिंगारी भड़का सकते हैं रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप के हस्तक्षेप से हालिया परमाणु तनाव कम हुआ था।

रिपोर्ट में और क्या…

  • दक्षिण एशिया में ISIS-K अभी भी सक्रिय है और बाहर हमले करने की योजना बना रहा है। तालिबान अपनी सुरक्षा मजबूत कर रहा है और ISIS-K के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है।
  • अफगानिस्तान में पाकिस्तान-विरोधी आतंकवादी समूहों की मौजूदगी है। 26 फरवरी को तालिबान ने पाकिस्तानी ठिकानों पर हमला किया, यह पाकिस्तान के पहले हमलों का बदला बताया गया।
  • जवाब में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों और काबुल (राजधानी) पर बमबारी की। यह पहली बार था जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के शहरों को सीधे निशाना बनाया

19 फरवरी: पाकिस्तानी पीएम ने ट्रम्प को ‘दक्षिण एशिया का रक्षक’ बताया था

फरवरी में बोर्ड ऑफ पीस मीटिंग के दौरान ट्रम्प ने कहा था कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने उनके चीफ ऑफ स्टाफ के सामने यह बात मानी थी कि उनकी पहल से भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध टल गया।

ट्रम्प के मुताबिक, अगर यह टकराव नहीं रुकता तो करीब 2.5 करोड़ लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी। उन्होंने दावा किया कि उनकी वजह से दोनों देशों के बीच हालात काबू में आए और बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान टल गया।

इस दौरान ट्रम्प ने शहबाज शरीफ से खड़े होने के लिए कहा वो खड़े हो गए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इस दौरान शहबाज शरीफ ने ट्रम्प को दक्षिण एशिया की हिफाजत करने वाला बताया। पूरी खबर पढ़ें…

————

ये खबर भी पढ़ें…

ट्रम्प की तारीफ करने पर पाकिस्तानी-PM अपने देश में ट्रोल:लोग बोले- शरीफ को चापलूसी का नोबेल दो, हमारे नेता इतने चाटुकार क्यों

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को उनके ही देश में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प का चापलूस और चाटुकार बताकर ट्रोल किया गया। कुछ सोशल मीडिया यूजर ने कहा कि अगर चापलूसी के लिए नोबेल होता, तो शरीफ सबसे बड़े दावेदार होते। दरअसल, 19 फरवरी को मिस्र में गाजा पीस समिट के दौरान शरीफ ने ट्रम्प के भारत-पाकिस्तान संघर्ष रुकवाने के दावे का समर्थन किया था। शरीफ ने ट्रम्प को नोबेल देने की मांग की थी। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.