सत्तू बनाम छाछ बनाम निम्बू पानी: मार्च का महीना अब ख़त्म होने वाला है। ऐसे में शरीर को डॉक्टरी सलाह देना अत्यंत आवश्यक है। जब प्यास गले को लगती है, तो अक्सर हमारा हैंड कोल्ड ड्रिंक्स की ओर जाना जाता है, लेकिन क्या आप सत्तू, छाछ और पानी के बाजार में मिल रहे कोल्ड ड्रिंक और सोडा से ज्यादा खराब हैं। आइए आपको इस लेख में विस्तार से बताते हैं कि गर्मी में सत्तू, छाछ या फिर नींबू का पानी क्या है?
सत्तू सिर्फ एक ड्रिंक नहीं, बल्कि एक पूरा भोजन है। उत्तर भारत, खासकर बिहार और यूपी में इसे बड़े ही शौक से खाया-पिया जाता है। इसमें प्रचुर मात्रा में प्रोटीन और हरा होता है। यह पेट लंबे समय तक बना रहता है। जो लोग धूप में बाहर काम करते हैं या जिनमें तुरंत एनर्जी की जरूरत होती है। यह रामबाण में लू से बच गया है। अगर आपको गैस या ब्लोटिंग की समस्या है तो सत्तू का सेवन सीमित मात्रा में करें।
दो के खाने के बाद एक टैंकर छाछ अमृत के समान है। यह न केवल शरीर को ठंडा करता है, बल्कि पाचन तंत्र को भी मापता है। लैक्टिक एसिड और प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो पेट की जलन को शांत करते हैं। यह कैल्शियम और विटामिन का भी अच्छा स्रोत है। जिसमें एसिडिटी, अपच या भारी भोजन के बाद बुरा महसूस होता है। उनके लिए यह सबसे बड़ा कमाल है। साथ ही वजन के लिए भी प्रभावशाली है।
गर्म में थर्मल पानी पीने के फायदे
नींबू पानी सबसे आसान ड्रिंक है। इसमें विटामिन सी से भरपूर पेय पदार्थ आपकी को मिनटों में पिलाया जा सकता है। यह शरीर के इलेक्ट्रोलाइट्स को बनाए रखता है। अगर आप इसमें काला नमक और इसके अलावा जीरा मिलाते हैं, तो यह और भी गुणकारी हो जाता है। यह शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद करता है।












































