Friday, 31 Jul 2026 | 09:22 AM

Trending :

किचन में रखी इस चीज में भरे करोड़ों बैक्टीरिया, आप रोज करते हैं इस्तेमाल, 90% लोगों को कुछ पता ही नहीं !

authorimg

Last Updated:

Kitchen Sponges Danger: रसोई में इस्तेमाल होने वाला स्पंज आपको बीमार कर सकता है, क्योंकि इसमें लाखों बैक्टीरिया हो सकते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार स्पंज में मौजूद नमी और खाने के कण इसे कीटाणुओं के पनपने के लिए एक अनुकूल जगह बनाते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. स्पंज को नियमित रूप से डिसइन्फेक्ट करना बेहद जरूरी होता है.

Zoom

किचन के स्पंज में लाखों की संख्या में बैक्टीरिया इकट्ठा हो सकते हैं.

Is Your Sponge Making You Sick: किचन और बर्तनों की साफ-सफाई में स्पंज सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है. यह छोटा सा स्पंज बड़े काम की चीज है. अधिकतर लोग बर्तन या किचन साफ करने के लिए स्पंज को धोकर रख देते हैं और कई महीनों तक इसे इस्तेमाल करते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो यही छोटा सा स्पंज हमारे स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा भी बन सकता है. हाल ही में न्यूट्रिशन कोच रयान फर्नांडो ने सोशल मीडिया पर किचन स्पंज को साइलेंट किलर करार दिया है. उनका दावा है कि बर्तनों को चमकाने वाला यह उपकरण असल में लाखों खतरनाक बैक्टीरिया का ठिकाना हो सकता है, जिसे हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. इससे हमारी सेहत के लिए गंभीर खतरे पैदा हो सकते हैं.

रयान फर्नांडो के अनुसार किचन स्पंज की बनावट ऐसी होती है कि वह तरल पदार्थों और सूक्ष्म कणों को आसानी से सोख लेता है. जब हम कच्चा चिकन या कच्ची सब्जियों के संपर्क में आए बर्तनों को साफ करते हैं, तो उन पर मौजूद पैथोजन्स स्पंज के छिद्रों में फंस जाते हैं. अगर इसे ठीक से डिसइन्फेक्ट न किया जाए, तो वही स्पंज अगले बर्तन को साफ करने के बजाय उसे और भी ज्यादा संक्रमित कर देता है, जिससे किचन की अन्य सतहों पर भी बीमारियां फैलने का डर रहता है.

ISIC मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. विनीता सिंह टंडन ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि स्पंज में बैक्टीरिया का पनपना एक गंभीर समस्या है. स्पंज अधिकांश समय गीला रहता है और इसमें भोजन के छोटे-छोटे कण फंसे रह जाते हैं, इसलिए यह कीटाणुओं के विकास के लिए एक आदर्श वातावरण प्रदान करता है. नमी और रसोई की गर्माहट मिलकर बैक्टीरिया की संख्या को कुछ ही घंटों में लाखों तक पहुंचा सकती है, जो फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याओं का कारण बनते हैं. ऐसे में लोगों को स्पंज को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत होती है.
सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

डॉ. टंडन का कहना है कि समस्या केवल स्पंज का गंदा होना नहीं है, बल्कि हमारी आदतें भी हैं. हम दिन भर में कई बार स्पंज का उपयोग तो करते हैं, लेकिन उसे उतनी बार गहराई से साफ नहीं करते. लंबे समय तक एक ही पुराने स्पंज का इस्तेमाल करना उसे गंदगी फैलाने का एक जरिया बना देता है. उचित रख-रखाव के अभाव में यह बर्तनों के माध्यम से हमारे हाथों और आखिरकार हमारे खाने तक पहुंचकर इंफेक्शन का चक्र पूरा करता है. किचन को सुरक्षित रखने के लिए केवल बर्तनों को धोना काफी नहीं है, बल्कि सफाई के उपकरणों को भी साफ रखना अनिवार्य है.

एक्सपर्ट्स की सलाह है कि स्पंज को इस्तेमाल के बाद गर्म पानी या एंटीबैक्टीरियल सॉल्यूशन से धोएं और उसे पूरी तरह सूखने दें. इसके अलावा हर एक से दो सप्ताह में पुराना स्पंज बदलकर नया इस्तेमाल करना स्वास्थ्य की दृष्टि से सबसे बेहतर है. सफाई का यह छोटा सा बदलाव आपके परिवार को कई गंभीर संक्रमणों से सुरक्षित रख सकता है. अगर आप भी महीनों से एक ही स्पंज इस्तेमाल कर रहे हैं, तो जल्द से जल्द उसे फेंककर नया स्पंज लें और उसकी साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें.

About the Author

authorimg

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
सर्वे में देरी:सैटेलाइट सर्वे में उलझा 3 लाख किसानों का पंजीयन, मंडी के बजाय तहसीलों के चक्कर

April 17, 2026/
5:53 am

मप्र के किसान गेहूं बेचने के लिए मंडी के बजाय तहसीलों के चक्कर लगा रहे हैं। वे वे किसान हैं,...

अमेरिका ने एच-1बी वीजा देने की प्रक्रिया में बदलाव किया:अब सैलरी के आधार पर होगा चयन; 1 अप्रैल से नया फार्म I-129 लागू होगा

March 13, 2026/
4:16 am

अमेरिका ने एच-1बी वीजा प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब लाभार्थियों का चयन रैंडम लॉटरी के बजाय वेतन के...

ट्रोलर्स को सिंगर मामे खान का राजस्थानी भाषा में जवाब:कहा- म्हैं राजस्थानी सूं, म्हानै घणो गर्व है; जयपुर पहुंची अभिनेत्री मृणाल ठाकुर

March 1, 2026/
3:33 pm

जयपुर एयरपोर्ट पर अंग्रेजी में बातचीत को लेकर सिंगर मामे खान को ट्रोल किया गया था। रविवार को एयरपोर्ट पर...

सोनीपत की महिला के खाते से उड़ाए 6.62 लाख रुपए:पुलिस ने एमपी से दबोचे साइबर ठग; खाते में होल्ड कराए ढ़ाई लाख रुपए

April 28, 2026/
9:15 pm

सोनीपत पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मध्य प्रदेश के मुरैना से गिरोह...

ओडिशा में युवक-युवती को सरेआम लाठियों से पीटा:हमलावरों ने बाइक रोकी, सड़क पर घसीटा; दोस्त को बचाने उसके ऊपर लेट गई लड़की

May 19, 2026/
6:34 pm

ओडिशा के बेरहामपुर शहर में सड़क पर सरेआम एक युवक और उसकी महिला मित्र पर डंडों से हमले का मामला...

यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ की रिलीज टली:19 मार्च की जगह अब 4 जून को आएगी मूवी, 8 मार्च का ट्रेलर लॉन्च इवेंट भी कैंसल

March 4, 2026/
4:44 pm

यश की फिल्म टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन अप्स का ग्रैंड ट्रेलर लॉन्च इवेंट, जो पहले 8 मार्च को बेंगलुरु...

लोकसभा अध्यक्ष ने 64 पार्लियामेंट्री फ्रेंडशिप ग्रुप्स बनाए:हर ग्रुप में एक लीडर समेत 11 सांसद; फ्रांस में थरूर, जापान में अखिलेश यादव नेतृत्व करेंगे

February 24, 2026/
5:53 pm

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने मंगलवार को 64 देशों के साथ पार्लियामेंट्री फ्रेंडशिप ग्रुप्स (PFG) का गठन किया है। इन...

मध्यप्रदेश पुलिस में सरकारी नौकरी का मौका:679 पदों पर हो रही भर्ती , 19 अप्रैल हैं आवेदन की आखिरी तारीख

April 11, 2026/
7:32 am

शुक्रवार रात निवाड़ी जिले की ऐतिहासिक नगरी ओरछा का रामराजा सरकार मंदिर प्रांगण मध्य प्रदेश पुलिस बैंड की प्रस्तुति से...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

किचन में रखी इस चीज में भरे करोड़ों बैक्टीरिया, आप रोज करते हैं इस्तेमाल, 90% लोगों को कुछ पता ही नहीं !

authorimg

Last Updated:

Kitchen Sponges Danger: रसोई में इस्तेमाल होने वाला स्पंज आपको बीमार कर सकता है, क्योंकि इसमें लाखों बैक्टीरिया हो सकते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार स्पंज में मौजूद नमी और खाने के कण इसे कीटाणुओं के पनपने के लिए एक अनुकूल जगह बनाते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. स्पंज को नियमित रूप से डिसइन्फेक्ट करना बेहद जरूरी होता है.

Zoom

किचन के स्पंज में लाखों की संख्या में बैक्टीरिया इकट्ठा हो सकते हैं.

Is Your Sponge Making You Sick: किचन और बर्तनों की साफ-सफाई में स्पंज सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है. यह छोटा सा स्पंज बड़े काम की चीज है. अधिकतर लोग बर्तन या किचन साफ करने के लिए स्पंज को धोकर रख देते हैं और कई महीनों तक इसे इस्तेमाल करते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो यही छोटा सा स्पंज हमारे स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा भी बन सकता है. हाल ही में न्यूट्रिशन कोच रयान फर्नांडो ने सोशल मीडिया पर किचन स्पंज को साइलेंट किलर करार दिया है. उनका दावा है कि बर्तनों को चमकाने वाला यह उपकरण असल में लाखों खतरनाक बैक्टीरिया का ठिकाना हो सकता है, जिसे हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. इससे हमारी सेहत के लिए गंभीर खतरे पैदा हो सकते हैं.

रयान फर्नांडो के अनुसार किचन स्पंज की बनावट ऐसी होती है कि वह तरल पदार्थों और सूक्ष्म कणों को आसानी से सोख लेता है. जब हम कच्चा चिकन या कच्ची सब्जियों के संपर्क में आए बर्तनों को साफ करते हैं, तो उन पर मौजूद पैथोजन्स स्पंज के छिद्रों में फंस जाते हैं. अगर इसे ठीक से डिसइन्फेक्ट न किया जाए, तो वही स्पंज अगले बर्तन को साफ करने के बजाय उसे और भी ज्यादा संक्रमित कर देता है, जिससे किचन की अन्य सतहों पर भी बीमारियां फैलने का डर रहता है.

ISIC मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. विनीता सिंह टंडन ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि स्पंज में बैक्टीरिया का पनपना एक गंभीर समस्या है. स्पंज अधिकांश समय गीला रहता है और इसमें भोजन के छोटे-छोटे कण फंसे रह जाते हैं, इसलिए यह कीटाणुओं के विकास के लिए एक आदर्श वातावरण प्रदान करता है. नमी और रसोई की गर्माहट मिलकर बैक्टीरिया की संख्या को कुछ ही घंटों में लाखों तक पहुंचा सकती है, जो फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याओं का कारण बनते हैं. ऐसे में लोगों को स्पंज को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत होती है.
सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

डॉ. टंडन का कहना है कि समस्या केवल स्पंज का गंदा होना नहीं है, बल्कि हमारी आदतें भी हैं. हम दिन भर में कई बार स्पंज का उपयोग तो करते हैं, लेकिन उसे उतनी बार गहराई से साफ नहीं करते. लंबे समय तक एक ही पुराने स्पंज का इस्तेमाल करना उसे गंदगी फैलाने का एक जरिया बना देता है. उचित रख-रखाव के अभाव में यह बर्तनों के माध्यम से हमारे हाथों और आखिरकार हमारे खाने तक पहुंचकर इंफेक्शन का चक्र पूरा करता है. किचन को सुरक्षित रखने के लिए केवल बर्तनों को धोना काफी नहीं है, बल्कि सफाई के उपकरणों को भी साफ रखना अनिवार्य है.

एक्सपर्ट्स की सलाह है कि स्पंज को इस्तेमाल के बाद गर्म पानी या एंटीबैक्टीरियल सॉल्यूशन से धोएं और उसे पूरी तरह सूखने दें. इसके अलावा हर एक से दो सप्ताह में पुराना स्पंज बदलकर नया इस्तेमाल करना स्वास्थ्य की दृष्टि से सबसे बेहतर है. सफाई का यह छोटा सा बदलाव आपके परिवार को कई गंभीर संक्रमणों से सुरक्षित रख सकता है. अगर आप भी महीनों से एक ही स्पंज इस्तेमाल कर रहे हैं, तो जल्द से जल्द उसे फेंककर नया स्पंज लें और उसकी साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें.

About the Author

authorimg

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.