Saturday, 29 Aug 2026 | 02:47 PM

Trending :

Mig-21 Documentary The Last Salute कंगना रनोट-बाबा रामदेव की सुलह की इनसाइड स्टोरी:तोहफे-मिठाई लेकर घर पहुंचे प्रवक्ता, कॉल पर हुई बातचीत; बयानबाजी से बचने पर सहमति जताई कंगना रनोट-बाबा रामदेव की सुलह की इनसाइड स्टोरी:तोहफे-मिठाई लेकर घर पहुंचे प्रवक्ता, कॉल पर हुई बातचीत; बयानबाजी से बचने पर सहमति जताई अमेरिका ने वेनेजुएला का 65 अरब बैरल तेल कब्जाया:यह भारत की 40 साल की जरूरत के बराबर; ट्रम्प बोले- इतिहास की सबसे बड़ी डील अमेरिका का वेनेजुएला के 65 अरब बैरल तेल पर कब्जा:प्राइवेट कंपनी के साथ करार, ट्रम्प बोले- यह इतिहास की सबसे बड़ी ऑयल डील मर्दों की मर्दानगी नारी की रक्षा करने में है:रामायण एक्टर सुनील लहरी ने कृति के विवादित रक्षाबंधन एड के बहिष्कार का समर्थन किया,
EXCLUSIVE

Iran War Impact: Household Expenses Rise

Iran War Impact: Household Expenses Rise
  • Hindi News
  • Business
  • Iran War Impact: Household Expenses Rise | Kitchen Appliances Cost Up 15%

मुंबई11 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

ईरान समेत पूरे पश्चिम एशिया में तनाव से जो हालात पैदा हुए हैं, उसके चलते आम भारतीयों का घरेलू खर्च बढ़ रहा है। रसोई से लेकर कपड़े और घरेलू उपकरणों तक, हर चीज या तो महंगी हो गई है या उनके दाम बढ़ने की आशंका गहरा रही है।

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने एक साथ कई मोर्चों पर दबाव बनाया है। ईवाई इंडिया का विश्लेषण कहता है कि यह असर अगले दो साल तक बना रह सकता है। खाने के तेल के दाम 7% से ज्यादा बढ़ गए हैं। भारत जरूरत का 57% खाद्य तेल आयात करता है। इनमें पाम ऑयल, सोयाबीन और सूरजमुखी तेल शामिल है।

इस बीच पैकेजिंग, ढुलाई और कच्चे माल की लागत बढ़ने से साबुन, पेस्ट, बिस्किट जैसे FMCG प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनियां या तो दाम बढ़ाएंगी या पैकेट छोटे करेंगी। इसे ‘श्रिंकफ्लेशन’ कहा जाता है। पेंट, टेक्सटाइल और पर्सनल केयर कंपनियां भी लागत बढ़ने का हवाला देकर कीमतें बढ़ाने की तैयारी में हैं।

FMCG: साबुन, शैंपू, बिस्किट जैसे प्रोडक्ट्स की सप्लाई भी बाधित हो रही

पश्चिम एशिया संकट पर ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत विफल होने से कच्चे तेल की आपूर्ति घटी है। इसके चलते सोमवार को क्रूड के दाम 8% से ज्यादा बढ़कर 104 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर निकल गए। इससे सर्फैक्टेंट और पेट्रोकेमिकल डेरिवेटिव की किल्लत हो गई। नतीजतन शैंपू, साबुन जैसे उत्पादों की आपूर्ति बाधित हुई है। ऐसे में कंपनियां दाम बढ़ाने से बचने के लिए इनके पैकेट छोटे कर रही हैं।

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स: लागत 10-15% तक बढ़ गई घरेलू उपकरणों की मैन्युफैक्चरिंग लागत 10-15% तक बढ़ चुकी है। इसका 70% हिस्सा कंपनियां पहले ही ग्राहकों पर डाल चुकी हैं। वॉशिंग मशीन, फ्रिज, पंखे और एलईडी सब के दाम बढ़े हैं। अब भीषण गर्मी की आशंका से वोल्टास और ब्लू स्टार जैसी एसी कंपनियों के शेयर चढ़ने लगे हैं क्योंकि इनकी बिक्री तेजी से बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है।

कपड़ा-पेंट: इस साल दाम 5% तक बढ़ सकते हैं क्रूड के दाम बढ़ने से प्लास्टिक की उत्पादन लागत करीब 50% बढ़ गई है। टेक्सटाइल सेक्टर में पॉलिएस्टर, नायलॉन और कलर-केमिकल्स 20-25% महंगे हो गए हैं। भारत के कपड़ा उत्पादन में 60% हिस्सा सिंथेटिक फाइबर का है। ईवाई की रिपोर्ट के मुताबिक, इसके चलते 1 अप्रैल से शुरू वित्त वर्ष 2026-27 में कपड़े और पेंट के दाम 2-5% तक बढ़ने की संभावना हैं।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
राजनीति और टैक्स से परेशान अरबपति छोड़ रहे अपना देश:ब्रिटेन-अमेरिका से मोहभंग; इटली, पुर्तगाल और सिंगापुर नए ठिकाने बने, 2018 में 1.08 लाख और 2025 में 1.42 लाख अमीरों ने देश छोड़ा

March 10, 2026/
1:07 pm

दुनिया के सबसे अमीर परिवारों के बीच इन दिनों अपना देश छोड़कर दूसरे देशों में बसने की लहर सी चल...

Kunar University Attack | Pakistan Denies Afghanistan Strike

April 28, 2026/
11:40 am

काबुल/इस्लामाबाद4 मिनट पहले कॉपी लिंक अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांत कुनार में सोमवार को हुए हमलों में कम से कम 7...

ईरान के पहाड़ों में छिपा था अमेरिकी पायलट:24 घंटे में दुश्मन के बीच से बचाया, ट्रम्प बोले- यह इतिहास का सबसे साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन

April 5, 2026/
11:35 am

अमेरिका के एक F-15 फाइटर जेट को ईरान के ऊपर मार गिराए जाने के बाद उसके दोनों क्रू मेंबर्स को...

कश्मीर में राजेश खन्ना ने तेज सप्रू को गालियां दीं:अगले दिन माफी मांगी, फिर दोनों रातभर बैठकर पीते रहे, सप्रू ने घटना सुनाई

August 10, 2026/
5:30 am

एक्टर तेज सप्रू ने हाल ही में बताया कि राजेश खन्ना ने कश्मीर में फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें...

रिपोर्ट- ईरान का कुवैत में अमेरिकी सैन्य बेस पर हमला:ओमान तट के पास जहाज पर अटैक; ट्रम्प बोले- ईरान के पास समझौते का आखिरी मौका

August 4, 2026/
7:31 am

अमेरिका-ईरान वार्ता से पहले खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। द यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की...

Follow RR vs DC live scorecard, commentary and updates.(Creimas, PTI)

May 1, 2026/
5:47 pm

आखरी अपडेट:01 मई, 2026, 17:47 IST अखिलेश यादव की तारीफ, बीजेपी के अंदरुनी असंतोष और बैकचैनल चर्चाओं के बीच बृजभूषण...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Iran War Impact: Household Expenses Rise

Iran War Impact: Household Expenses Rise
  • Hindi News
  • Business
  • Iran War Impact: Household Expenses Rise | Kitchen Appliances Cost Up 15%

मुंबई11 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

ईरान समेत पूरे पश्चिम एशिया में तनाव से जो हालात पैदा हुए हैं, उसके चलते आम भारतीयों का घरेलू खर्च बढ़ रहा है। रसोई से लेकर कपड़े और घरेलू उपकरणों तक, हर चीज या तो महंगी हो गई है या उनके दाम बढ़ने की आशंका गहरा रही है।

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने एक साथ कई मोर्चों पर दबाव बनाया है। ईवाई इंडिया का विश्लेषण कहता है कि यह असर अगले दो साल तक बना रह सकता है। खाने के तेल के दाम 7% से ज्यादा बढ़ गए हैं। भारत जरूरत का 57% खाद्य तेल आयात करता है। इनमें पाम ऑयल, सोयाबीन और सूरजमुखी तेल शामिल है।

इस बीच पैकेजिंग, ढुलाई और कच्चे माल की लागत बढ़ने से साबुन, पेस्ट, बिस्किट जैसे FMCG प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनियां या तो दाम बढ़ाएंगी या पैकेट छोटे करेंगी। इसे ‘श्रिंकफ्लेशन’ कहा जाता है। पेंट, टेक्सटाइल और पर्सनल केयर कंपनियां भी लागत बढ़ने का हवाला देकर कीमतें बढ़ाने की तैयारी में हैं।

FMCG: साबुन, शैंपू, बिस्किट जैसे प्रोडक्ट्स की सप्लाई भी बाधित हो रही

पश्चिम एशिया संकट पर ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत विफल होने से कच्चे तेल की आपूर्ति घटी है। इसके चलते सोमवार को क्रूड के दाम 8% से ज्यादा बढ़कर 104 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर निकल गए। इससे सर्फैक्टेंट और पेट्रोकेमिकल डेरिवेटिव की किल्लत हो गई। नतीजतन शैंपू, साबुन जैसे उत्पादों की आपूर्ति बाधित हुई है। ऐसे में कंपनियां दाम बढ़ाने से बचने के लिए इनके पैकेट छोटे कर रही हैं।

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स: लागत 10-15% तक बढ़ गई घरेलू उपकरणों की मैन्युफैक्चरिंग लागत 10-15% तक बढ़ चुकी है। इसका 70% हिस्सा कंपनियां पहले ही ग्राहकों पर डाल चुकी हैं। वॉशिंग मशीन, फ्रिज, पंखे और एलईडी सब के दाम बढ़े हैं। अब भीषण गर्मी की आशंका से वोल्टास और ब्लू स्टार जैसी एसी कंपनियों के शेयर चढ़ने लगे हैं क्योंकि इनकी बिक्री तेजी से बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है।

कपड़ा-पेंट: इस साल दाम 5% तक बढ़ सकते हैं क्रूड के दाम बढ़ने से प्लास्टिक की उत्पादन लागत करीब 50% बढ़ गई है। टेक्सटाइल सेक्टर में पॉलिएस्टर, नायलॉन और कलर-केमिकल्स 20-25% महंगे हो गए हैं। भारत के कपड़ा उत्पादन में 60% हिस्सा सिंथेटिक फाइबर का है। ईवाई की रिपोर्ट के मुताबिक, इसके चलते 1 अप्रैल से शुरू वित्त वर्ष 2026-27 में कपड़े और पेंट के दाम 2-5% तक बढ़ने की संभावना हैं।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.