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स्पेन में पिता से कानूनी लड़ाई के बाद इच्छामृत्यु मिली:रेप के बाद आत्महत्या की कोशिश की थी, तीन साल से व्हीलचेयर पर थी

स्पेन में पिता से कानूनी लड़ाई के बाद इच्छामृत्यु मिली:रेप के बाद आत्महत्या की कोशिश की थी, तीन साल से व्हीलचेयर पर थी

स्पेन में 25 साल की नोएलिया कास्तिलो ने लंबी कानूनी लड़ाई के बाद इच्छामृत्यु के जरिए गुरुवार को अपना जीवन खत्म कर लिया। नोएलिया को इच्छामृत्यु के लिए अपने पिता से भी कानूनी लड़ाई लड़ना पड़ी क्योंकि वे इसके विरोध में थे। बार्सिलोना की रहने वाली नोएलिया का 2022 में एक फैसिलिटी सेंटर में 3 युवकों ने रेप किया था। इसके बाद नोएलिया ने आत्महत्या की कोशिश की और पांचवीं मंजिल से छलांग लगा दी। हालांकि वह इस घटना में बच गईं, लेकिन उन्हें रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगी, जिसके कारण वह कमर के नीचे से लकवाग्रस्त हो गईं। इसके बाद से वह लगातार शारीरिक दर्द और मानसिक तनाव से जूझ रही थीं। नोएलिया ने 2024 में इच्छामृत्यु के लिए आवेदन किया था, जिसे कैटेलोनिया सरकार ने मंजूरी भी दे दी थी। लेकिन आखिरी समय में उसके पिता ने अदालत में आपत्ति दर्ज कराई और प्रक्रिया रुकवा दी थी। फोस्टर होम में कई बार यौन शोषण हुआ नोएलिया बचपन में अपने माता-पिता के साथ ठीक से नहीं रह पा रही थीं। उसे मानसिक दिक्कतें थी और उनके माता-पिता का तलाक भी हो गया था। परिवार में समस्याएं होने की वजह से सरकार ने उन्हें 13 साल की उम्र में एक देखभाल केंद्र (फोस्टर होम) में रख दिया, ताकि उनकी देखभाल हो सके। इसके बाद वह उसी देखभाल केंद्र में रहने लगीं, जहां उन्होंने कई बार दुर्व्यवहार होने का आरोप लगाया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वहां उनके साथ कई बार यौन शोषण हुआ और आखिरी बार 2022 में तीन लड़कों ने उनके साथ गैंगरेप किया। इच्छामृत्यु की इजाजत मिली, पिता ने विरोध किया रेप की घटना के बाद नोएलिया की मानसिक हालत और बिगड़ गई। इससे परेशान होकर उसने पांचवीं मंजिल से छलांग लगा दी, लेकिन वह बच गईं। इस कोशिश के बाद वह हमेशा दर्द में रहने लगीं और व्हीलचेयर पर आ गईं। करीब 18 महीने बाद उन्होंने 2021 में लागू हुए स्पेन के इच्छामृत्यु कानून के तहत अपनी जिंदगी खत्म करने की अनुमति हासिल की। लेकिन इच्छामृत्यु पाने की उनकी कोशिश का उनके पिता और एक अल्ट्रा कंसरवेटिव ग्रुप ‘क्रिश्चियन लॉयर्स’ ने विरोध किया। उनका कहना था कि नोएलिया की मानसिक हालत ऐसी नहीं है कि वह अपनी जिंदगी खत्म करने का सही फैसला ले सकें। डेढ़ साल तक अदालत में चलता रहा केस नोएलिया की इच्छामृत्यु का मामला कोर्ट में चला गया और कानूनी लड़ाई शुरू हो गई। करीब डेढ़ साल तक यह केस अलग-अलग अदालतों में चलता रहा। इस दौरान डॉक्टरों और मेडिकल विशेषज्ञों ने भी अपनी राय दी। उन्होंने बताया कि नोएलिया की हालत बेहद गंभीर है, उन्हें लगातार तेज दर्द रहता है और उनके ठीक होने की संभावना बहुत कम है। सरकार से जुड़ी एजेंसी ने भी उनकी मांग को सही माना और इच्छामृत्यु की अनुमति दे दी। इसके बावजूद उनके पिता ने फैसले को चुनौती दी, जिससे मामला आगे बढ़ता गया। आखिरकार यह मामला यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय तक पहुंचा। वहां यह देखा गया कि क्या नोएलिया मानसिक रूप से अपने फैसले लेने में सक्षम हैं, क्या उन पर किसी तरह का दबाव है और क्या उनकी मांग कानून के तहत सही है। अदालत ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद यह माना कि नोएलिया को अपने जीवन के बारे में फैसला लेने का अधिकार है। इस फैसले के बाद उनकी इच्छामृत्यु का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया और तय प्रक्रिया के तहत इसे अंजाम दिया गया। पिता का तर्क- बेटी मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं नोएलिया की इच्छानुसार उन्हें ‘असिस्टेड डेथ’ दी गई। इच्छामृत्यु की प्रक्रिया में तीन इंजेक्शन दिए गए। पहले दो से गहरी बेहोशी लाई गई और तीसरे इंजेक्शन से दिल की धड़कन रुक गई। नोएलिया ने कहा था कि वह अपनी मौत के समय अकेली रहना चाहती हैं और नहीं चाहती थीं कि कोई उन्हें अंतिम समय में देखे। 3 साल में 1,123 लोगों को इच्छामृत्यु स्पेन के स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जून 2021 (जब यह कानून लागू हुआ) से लेकर 2024 के अंत तक 1,123 लोगों ने असिस्टेड डेथ ली है। नोएलिया का मामला इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि पहली बार किसी व्यक्ति के इच्छामृत्यु के अधिकार को लेकर इतनी लंबी और बड़ी कानूनी लड़ाई देखने को मिली। मौत से कुछ दिन पहले रिकॉर्ड किए गए एक टीवी इंटरव्यू में नोएलिया ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि यह उसका अपना फैसला है। स्पेन में किसे मिल सकती है इच्छामृत्यु, क्या है पूरी प्रक्रिया स्पेन में इच्छामृत्यु का अधिकार केवल उन वयस्क लोगों को दिया जाता है, जो ‘गंभीर और लाइलाज बीमारी’ या ‘गंभीर, पुरानी और अक्षम करने वाली स्थिति’ से जूझ रहे हों। इसके साथ यह भी जरूरी है कि आवेदन करते समय व्यक्ति ‘सचेत और सक्षम’ हो, यानी वह खुद फैसला लेने की स्थिति में हो। कानून के अनुसार ‘गंभीर और लाइलाज बीमारी’ वह मानी जाती है, जिसमें मरीज को लगातार और असहनीय शारीरिक या मानसिक दर्द हो, जिसका कोई प्रभावी इलाज संभव न हो। साथ ही यह भी देखा जाता है कि बीमारी के कारण व्यक्ति की हालत लगातार बिगड़ रही हो और उसके जीवन की अवधि सीमित हो। इच्छामृत्यु की प्रक्रिया को सख्त रखा गया है। आवेदक को दो बार लिखित में आवेदन देना होता है। इसके बाद ऐसे स्वतंत्र डॉक्टरों से राय ली जाती है, जो पहले इस मामले से जुड़े न रहे हों, ताकि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष बनी रहे। अंत में विशेषज्ञों की एक क्षेत्रीय समिति पूरे मामले की समीक्षा करती है और अंतिम मंजूरी देती है। स्पेन में कानून के तहत इच्छामृत्यु के दो तरीके हैं:
1. अधिकृत स्वास्थ्यकर्मी द्वारा सीधे जानलेवा दवा देना
2. मरीज को ऐसी दवा उपलब्ध कराना, जिसे वह खुद लेकर अपनी जिंदगी खत्म कर सके

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स्पेन में पिता से कानूनी लड़ाई के बाद इच्छामृत्यु मिली:रेप के बाद आत्महत्या की कोशिश की थी, तीन साल से व्हीलचेयर पर थी

स्पेन में पिता से कानूनी लड़ाई के बाद इच्छामृत्यु मिली:रेप के बाद आत्महत्या की कोशिश की थी, तीन साल से व्हीलचेयर पर थी

स्पेन में 25 साल की नोएलिया कास्तिलो ने लंबी कानूनी लड़ाई के बाद इच्छामृत्यु के जरिए गुरुवार को अपना जीवन खत्म कर लिया। नोएलिया को इच्छामृत्यु के लिए अपने पिता से भी कानूनी लड़ाई लड़ना पड़ी क्योंकि वे इसके विरोध में थे। बार्सिलोना की रहने वाली नोएलिया का 2022 में एक फैसिलिटी सेंटर में 3 युवकों ने रेप किया था। इसके बाद नोएलिया ने आत्महत्या की कोशिश की और पांचवीं मंजिल से छलांग लगा दी। हालांकि वह इस घटना में बच गईं, लेकिन उन्हें रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगी, जिसके कारण वह कमर के नीचे से लकवाग्रस्त हो गईं। इसके बाद से वह लगातार शारीरिक दर्द और मानसिक तनाव से जूझ रही थीं। नोएलिया ने 2024 में इच्छामृत्यु के लिए आवेदन किया था, जिसे कैटेलोनिया सरकार ने मंजूरी भी दे दी थी। लेकिन आखिरी समय में उसके पिता ने अदालत में आपत्ति दर्ज कराई और प्रक्रिया रुकवा दी थी। फोस्टर होम में कई बार यौन शोषण हुआ नोएलिया बचपन में अपने माता-पिता के साथ ठीक से नहीं रह पा रही थीं। उसे मानसिक दिक्कतें थी और उनके माता-पिता का तलाक भी हो गया था। परिवार में समस्याएं होने की वजह से सरकार ने उन्हें 13 साल की उम्र में एक देखभाल केंद्र (फोस्टर होम) में रख दिया, ताकि उनकी देखभाल हो सके। इसके बाद वह उसी देखभाल केंद्र में रहने लगीं, जहां उन्होंने कई बार दुर्व्यवहार होने का आरोप लगाया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वहां उनके साथ कई बार यौन शोषण हुआ और आखिरी बार 2022 में तीन लड़कों ने उनके साथ गैंगरेप किया। इच्छामृत्यु की इजाजत मिली, पिता ने विरोध किया रेप की घटना के बाद नोएलिया की मानसिक हालत और बिगड़ गई। इससे परेशान होकर उसने पांचवीं मंजिल से छलांग लगा दी, लेकिन वह बच गईं। इस कोशिश के बाद वह हमेशा दर्द में रहने लगीं और व्हीलचेयर पर आ गईं। करीब 18 महीने बाद उन्होंने 2021 में लागू हुए स्पेन के इच्छामृत्यु कानून के तहत अपनी जिंदगी खत्म करने की अनुमति हासिल की। लेकिन इच्छामृत्यु पाने की उनकी कोशिश का उनके पिता और एक अल्ट्रा कंसरवेटिव ग्रुप ‘क्रिश्चियन लॉयर्स’ ने विरोध किया। उनका कहना था कि नोएलिया की मानसिक हालत ऐसी नहीं है कि वह अपनी जिंदगी खत्म करने का सही फैसला ले सकें। डेढ़ साल तक अदालत में चलता रहा केस नोएलिया की इच्छामृत्यु का मामला कोर्ट में चला गया और कानूनी लड़ाई शुरू हो गई। करीब डेढ़ साल तक यह केस अलग-अलग अदालतों में चलता रहा। इस दौरान डॉक्टरों और मेडिकल विशेषज्ञों ने भी अपनी राय दी। उन्होंने बताया कि नोएलिया की हालत बेहद गंभीर है, उन्हें लगातार तेज दर्द रहता है और उनके ठीक होने की संभावना बहुत कम है। सरकार से जुड़ी एजेंसी ने भी उनकी मांग को सही माना और इच्छामृत्यु की अनुमति दे दी। इसके बावजूद उनके पिता ने फैसले को चुनौती दी, जिससे मामला आगे बढ़ता गया। आखिरकार यह मामला यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय तक पहुंचा। वहां यह देखा गया कि क्या नोएलिया मानसिक रूप से अपने फैसले लेने में सक्षम हैं, क्या उन पर किसी तरह का दबाव है और क्या उनकी मांग कानून के तहत सही है। अदालत ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद यह माना कि नोएलिया को अपने जीवन के बारे में फैसला लेने का अधिकार है। इस फैसले के बाद उनकी इच्छामृत्यु का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया और तय प्रक्रिया के तहत इसे अंजाम दिया गया। पिता का तर्क- बेटी मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं नोएलिया की इच्छानुसार उन्हें ‘असिस्टेड डेथ’ दी गई। इच्छामृत्यु की प्रक्रिया में तीन इंजेक्शन दिए गए। पहले दो से गहरी बेहोशी लाई गई और तीसरे इंजेक्शन से दिल की धड़कन रुक गई। नोएलिया ने कहा था कि वह अपनी मौत के समय अकेली रहना चाहती हैं और नहीं चाहती थीं कि कोई उन्हें अंतिम समय में देखे। 3 साल में 1,123 लोगों को इच्छामृत्यु स्पेन के स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जून 2021 (जब यह कानून लागू हुआ) से लेकर 2024 के अंत तक 1,123 लोगों ने असिस्टेड डेथ ली है। नोएलिया का मामला इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि पहली बार किसी व्यक्ति के इच्छामृत्यु के अधिकार को लेकर इतनी लंबी और बड़ी कानूनी लड़ाई देखने को मिली। मौत से कुछ दिन पहले रिकॉर्ड किए गए एक टीवी इंटरव्यू में नोएलिया ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि यह उसका अपना फैसला है। स्पेन में किसे मिल सकती है इच्छामृत्यु, क्या है पूरी प्रक्रिया स्पेन में इच्छामृत्यु का अधिकार केवल उन वयस्क लोगों को दिया जाता है, जो ‘गंभीर और लाइलाज बीमारी’ या ‘गंभीर, पुरानी और अक्षम करने वाली स्थिति’ से जूझ रहे हों। इसके साथ यह भी जरूरी है कि आवेदन करते समय व्यक्ति ‘सचेत और सक्षम’ हो, यानी वह खुद फैसला लेने की स्थिति में हो। कानून के अनुसार ‘गंभीर और लाइलाज बीमारी’ वह मानी जाती है, जिसमें मरीज को लगातार और असहनीय शारीरिक या मानसिक दर्द हो, जिसका कोई प्रभावी इलाज संभव न हो। साथ ही यह भी देखा जाता है कि बीमारी के कारण व्यक्ति की हालत लगातार बिगड़ रही हो और उसके जीवन की अवधि सीमित हो। इच्छामृत्यु की प्रक्रिया को सख्त रखा गया है। आवेदक को दो बार लिखित में आवेदन देना होता है। इसके बाद ऐसे स्वतंत्र डॉक्टरों से राय ली जाती है, जो पहले इस मामले से जुड़े न रहे हों, ताकि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष बनी रहे। अंत में विशेषज्ञों की एक क्षेत्रीय समिति पूरे मामले की समीक्षा करती है और अंतिम मंजूरी देती है। स्पेन में कानून के तहत इच्छामृत्यु के दो तरीके हैं:
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