छतरपुर जिले के बकस्वाहा में छतरपुर-दमोह नेशनल हाईवे पर बन रहा डिवाइडर हादसों का कारण बन रहा है। नगर परिषद द्वारा यातायात सुधार के लिए शुरू किया गया यह निर्माण कार्य अधूरा है और सुरक्षा इंतजामों की कमी के चलते लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। छोटी पुलिया से पुराने बस स्टैंड तक लाखों की लागत से बन रहे इस डिवाइडर के कारण अब तक 8 से 10 वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। रविवार सुबह आगरा से जबलपुर जा रहा एक पत्थर से लदा ट्रक डिवाइडर में घुस गया और क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन ट्रक को भारी नुकसान पहुंचा। ट्रक चालक गोविंद कुशवाहा ने बताया कि रात के समय रोशनी की कमी के कारण डिवाइडर स्पष्ट दिखाई नहीं देता। उन्होंने कहा कि वे सड़क समझकर आगे बढ़ रहे थे, तभी अचानक ट्रक डिवाइडर से टकराकर फंस गया। न तो रेडियम, न ही रिफ्लेक्टर
स्थानीय निवासियों के अनुसार, डिवाइडर पर न तो रेडियम, न ही रिफ्लेक्टर और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। सड़क का निर्माण भी पूरी तरह से अधूरा है, जिससे वाहन चालकों को आगे डिवाइडर होने का अनुमान नहीं लग पाता। कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष संजय दुबे ने इस स्थिति को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक डिवाइडर आ जाने से दुर्घटनाएं हो रही हैं। दुबे ने इसे ‘मौत का डिवाइडर’ करार देते हुए चेतावनी दी कि किसी भी बड़ी दुर्घटना की पूरी जिम्मेदारी नगर परिषद की होगी। इंजीनियर बोले- ठेकेदार को नोटिस जारी करेंगे
इस संबंध में तहसीलदार भरत पांडे ने बताया कि डिवाइडर का निर्माण पिछले चार महीनों से अधूरा पड़ा है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर काम पूरा नहीं हुआ या इससे यातायात बाधित होता रहा, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं नगर परिषद के सब इंजीनियर श्रीकांत खरे ने बताया कि ठेकेदार को नोटिस जारी कर जल्द कार्य पूर्ण करने, साइन बोर्ड लगाने और सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। लगातार हो रहे हादसों के बाद नगरवासियों में आक्रोश है और उन्होंने जल्द समाधान की मांग की है।














































