सतना जिले के उचेहरा थाना क्षेत्र के इचौल गांव में 4 साल की नातिन की बेरहमी से पिटाई कर उसे खेत में फेंकने के आरोप में पुलिस ने सोमवार को 48 वर्षीय नाना आशाराम कुशवाहा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी 4 अप्रैल की शाम बच्ची को खेत में ले गया था और मारपीट कर उसे बेहोशी की हालत में छोड़कर खुद थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। लगभग 12 घंटे बाद खेत में मिली बच्ची ने अस्पताल में इलाज के बाद कोर्ट में दिए बयान में नाना की करतूत का खुलासा किया। वर्तमान में बच्ची का जिला अस्पताल में इलाज जारी है और पुलिस ने दर्ज प्रकरण में हत्या के प्रयास की धाराएं बढ़ा दी हैं। मां की मौत और पिता के जेल जाने के बाद ननिहाल में रह रही थी पुलिस के अनुसार, मासूम नायरा उर्फ पलक की मां ने एक साल पहले ससुराल में प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद बच्ची के सौतेले पिता को दहेज हत्या के आरोप में जेल भेज दिया गया था। माता-पिता के न होने के कारण नायरा अपने नाना-नानी के साथ इचौल गांव स्थित ननिहाल में ही रह रही थी। खेत में ले जाकर पीटा, फिर थाने में दर्ज कराई झूठी रिपोर्ट 4 अप्रैल की शाम को आरोपी नाना आशाराम कुशवाहा किसी बात से नाराज होकर बच्ची को बहाने से खेत पर ले गया। वहां उसने जान लेने के इरादे से नायरा की बेरहमी से पिटाई की और उसे बेहोशी की हालत में खेत में छोड़कर घर लौट आया। जब परिजनों ने बच्ची के बारे में पूछा, तो उसने अनभिज्ञता जताई। इसके बाद वह अपनी पत्नी के साथ थाने पहुंचा और बच्ची के गायब होने की झूठी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर तलाश शुरू की थी। 12 घंटे बाद खेत में मिली, कोर्ट में नाना की करतूत का खुलासा शिकायत के लगभग 12 घंटे बाद बच्ची खेत में पड़ी मिली। उसे तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। हालत में सुधार होने पर काउंसलिंग के बाद न्यायालय में बच्ची के बयान दर्ज कराए गए, जहां उसने नाना द्वारा पिटाई किए जाने का खुलासा किया। इसके बाद मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने अपहरण के प्रकरण में हत्या के प्रयास की धाराएं जोड़ीं और आरोपी नाना को गिरफ्तार कर पूछताछ की। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पीड़ित बच्ची का अस्पताल में इलाज जारी है।












































